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Thursday, April 30, 2015

अद्भुत प्रस्ताव


   प्रतिदिन ई-मेल द्वारा मुझे धन देने के लिए मिलने वाले अविश्वसनीय प्रस्तावों से मैं चकित हूँ। हाल ही में मैंने एक सप्ताह में मुफ्त मिलने वाले धन के इन प्रस्तावों का योग किया तो पाया कि वह 260 लाख अमरीकी डॉलर की राशि बनती है। लेकिन इन में से प्रत्येक प्रस्ताव, चाहे वह मेरे द्वारा 10 लाख डॉलर का ईनाम जीते जाने का प्रस्ताव हो या 70 लाख डॉलर प्राप्त कर पाने की प्रस्तावना हो, सब झूठे और बेईमान लोगों द्वारा मेरी कमाई को ठगने और मुझे नुकसान पहुँचाने के लिए थे; कोई भी वास्तविक और मेरे लाभ के लिए नहीं था। हम सब, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे ही अद्भुत प्रस्तावों द्वारा अलग अलग तरह से ठगे जाने का सामना करते हैं। हमें झूठी आशा और काल्पनिक कथाओं के द्वारा एसी बातों पर विश्वास करने के लिए उकसाया जाता है जिनका कोई यथार्त नहीं है और जिनका अन्त केवल टूटे सपने और दुख ही होता है।

   लेकिन एक प्रस्ताव है जो अद्भुत और अविश्वसनीय होने के बावजूद खरा और बिलकुल सच्चा है - परमेश्वर का, प्रभु यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस पर किए गए कार्य द्वारा मिलने वाली पापों की क्षमा, उद्धार और अनन्त जीवन का प्रस्ताव: "उन्होंने कहा, प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा" (प्रेरितों 16:31)। यह ऐसा प्रस्ताव है, जो आज मेरे और आपके लिए तो मुफ्त उपलब्ध है, किंतु इसे मेरे और आपके लिए कार्यकारी बनाने के लिए प्रभु यीशु को एक बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी; अर्थात किसी दूसरे द्वारा चुकाई गई कीमत का लाभ आज संसार के प्रत्येक जन के लिए उपलब्ध किया गया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में रोम के मसीही विश्वासियों के नाम लिखी अपनी पत्री में प्रेरित पौलुस प्रभु यीशु के विषय में कहता है, "वह हमारे अपराधों के लिये पकड़वाया गया, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाया भी गया" (रोमियों 4:25)।

   परमेश्वर के इस प्रस्ताव को स्वीकृति देने और अपनाने से हमें केवल उद्धार ही नहीं वरन उसके साथ आशा (तीतुस 1:2), शान्ति (रोमियों 5:1), क्षमा (इफिसियों 1:7), असीम अलौकिक धन (इफिसियों 2:7) और संसार की बातों से छुटकारा (इफिसियों 4:30) भी मिलता है। यही वास्तविक और खरा सौदा है; प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान इसकी पुष्टि करते हैं, इसे प्रमाणित करते हैं। संसार की मन-गढ़न्त बातों और धोखों पर नहीं वरन परमेश्वर के अद्भुत प्रस्ताव पर विश्वास कीजिए, उसे परख कर देखिए और तब ही अपनाइए, और उस से अपने जीवन को सार्थक बनाईए। - डेव ब्रैनन


हमारा उद्धार परमेश्वर के लिए बहुत महंगा था, परन्तु उसने उसे हमारे लिए मुफ्त दे दिया है।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 8-9
  • लूका 21:1-19



Wednesday, April 29, 2015

देखभाल


   परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद द्वारा लिखे एक भजन में उठाया गया एक प्रश्न, "...कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा?..." (भजन 4:6) आज के समय में भी उतना ही सार्थक है जितना दाऊद के लिए तब था। दाऊद द्वारा तब कही गई यह बात आज के संसार में व्याप्त निराशावादी परिस्थितियाँ तथा दृष्टिकोण का चित्रण भी है। अखबारों के प्रथम पृष्ठ पर दी गई खबरें और इंटरनैट तथा टेलिविज़न आदि पर दिए जाने वाले समाचार अधिकांशतः अपराधों, दुर्घटनाओं, राजनीति और उसकी बुराईयों, अर्थव्यवस्था और उस को लेकर हमारे सामने मंडरा रहे खतरों और समाज के प्रमुख लोगों के बुरे आचरण इत्यादि बातों पर ही केंद्रित होते हैं। जीवन के किसी भी क्षेत्र में देख लें, आज के समय में भलाई की बहुत कम और बुराई की चर्चा एवं उदाहरण बहुत अधिक पाए जाते हैं; इसलिए, दाऊद द्वारा उठाया गया यह प्रश्न, "...कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा?..." हमारे लिए भी समकालिक हो जाता है।

   इसी भजन में दाऊद हमें इस प्रश्न का उत्तर भी देता है। अपने इन कठिन समयों में दाऊद परमेश्वर की ओर मुड़ा और परमेश्वर ने उसके संकट को दूर किया (पद 1), उसकी प्रार्थना को सुना (पद 3)। परिस्थितियों के परिवर्तन से मिलने वाली अस्थायी भलाईयों की आशा करने की बजाए दाऊद ने परमेश्वर से स्थायी प्रोत्साहन प्राप्त किया जिसका प्रतिफल मन का ऐसा आनन्द था जो संसार से मिलने वाली किसी भी संपन्नता या सफलता से कहीं अधिक बढ़कर था (पद 6-7)।

   दाऊद के संपूर्ण जीवन भर, उसके इस्त्राएल का राजा बनने से पहले तथा बाद में भी, उसे सदा ही विरोधियों का सामना करते रहना पड़ा, लेकिन फिर भी वह कह सका, "मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है" (पद8)।

   परमेश्वर के वचन में दिए इस भजन पर मनन कीजिए, उसके सत्यों को अपनाईए और उनके साथ अपने दिन का आरंभ कीजिए; ये आपको आपके लिए परमेश्वर की देखभाल के विषय में आश्वस्त रखेंगे। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जीवन के तूफानों में परमेश्वर ही सुरक्षित शरणस्थल है।

हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा। - भजन 42:5

बाइबल पाठ: भजन 4:1-8
Psalms 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
Psalms 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे? 
Psalms 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा। 
Psalms 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो। 
Psalms 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो। 
Psalms 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका! 
Psalms 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था। 
Psalms 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 6-7
  • लूका 20:27-47


Tuesday, April 28, 2015

भय और शान्ति


   मेरे पहले बच्चे के जन्म के समय मेरी पत्नि मार्लीन 30 घंटे तक प्रसव पीड़ा में रही, जो उसके तथा बच्चे दोनों के लिए बहुत तनावपूर्ण और कठिन हो गया। जो चिकित्सक मेरी पत्नि के प्रसव के लिए आई थी वह उसकी नियमित चिकित्सक से भिन्न थी, मार्लीन और होने वाले बच्चे के बारे में अधिक नहीं जानती थी इसलिए उसके द्वारा मार्लीन का ऑपरेशन करके बच्चे को बाहर निकालने का निर्णय लेने में विलंब हुआ। इस विलंब के कारण जनम के समय बच्चे के प्राणों को खतरा हुआ और उसे जन्म के तुरंत बाद ही नवजात शिशुओं के सघन-चिकित्सा-इकाई में इलाज के लिए रखना पड़ा। वहाँ उस इकाई में उसे पालने में असहाय सा पड़ा देखना मेरे लिए बहुत भयानक और दुखःदायी था, मुझे नहीं याद कि मैं उस से बढ़कर भयानक या भयभीत कर देने वाली किसी अन्य स्थिति से कभी निकला हूँ। परमेश्वर के अनुग्रह से मेरा बेटा मैट, उस परिस्थिति से बिना किसी नुकसान के सुरक्षित निकल आया; लेकिन मैं यह भी जानता हूँ कि उस समय मै&