ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शनिवार, 9 मई 2015

निश्चिंत


   पिछली गर्मियों में मेरे पति और मैंने मिलकर एक संगीत समारोह आयोजित किया जो कैंसर से पीड़ित बच्चों के इलाज संबंधी अनुसन्धान में सहायता राशि जमा करने के लिए था। हमने उस समारोह को अपने घर के पीछे के आंगन में आयोजित किया था किंतु बिगड़ते मौसम ने ऐन मौके पर हमें हमारी योजना बदलने पर मजबूर कर दिया और समारोह से कुछ घंटे पहले ही हमें आयोजन से संबंधित सब कुछ अपने चर्च प्रांगण में बनी व्यायामशाला में ले जाना पड़ा। आयोजन के स्थानांतरण के कार्य में हमारे मित्र और परिवार के लोग सहायता करने लगे, कोई खाने-पीने के सामान को तो कोई सजावट की चीज़ों को तो कोई अन्य संगीत संबंधित सामान को नए स्थान पर ले जाने लगा, तो कोई अन्य निमंत्रित 100 से भी अधिक मेहमानों को फोन करके आयोजन के नए स्थल के बारे में बताने लगा। इस व्यस्तता में मेरे पति के चिंतित चेहरे को देख, हमारी बेटी रोज़ी ने अपने पिता को गले लगाते हुए उनसे कहा, "पापा चिंता मत करो; हम सब आपके साथ हैं!"

   किसी परेशानी के समय ऐसा सुनना बहुत शान्तिदायक होता है, हमें स्मरण दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं; कोई और भी हमारे साथ है जो हमें आश्वस्त कर रहा है, "मत घबराओ, मैं तुम्हारे लिए यहीं हूँ, उपलब्ध हूँ, और जहाँ कहीं कुछ रह जाएगा, मैं उसे संभाल लूँगा। मैं तुम्हारे लिए आँखों और हाथों का एक और जोड़ा बन जाऊँगा।" 

   जब इस्त्राएली मिस्त्र के दास्तव से निकल कर वाचा किए हुए कनान देश की स्वतंत्रता की ओर जा रहे थे तो उन्हें वापस दास्तव में खींच लाने के लिए मिस्त्र के राजा फिरौन ने अपनी सेना और रथों को उनके पीछे भेजा (निर्गमन 14:17); परन्तु "तब परमेश्वर का दूत जो इस्राएली सेना के आगे आगे चला करता था जा कर उनके पीछे हो गया; और बादल का खम्भा उनके आगे से हटकर उनके पीछे जा ठहरा" (निर्गमन 14:19)। परमेश्वर ने इस प्रकार उनकी रात भर रक्षा और अगुवाई करी तथा उन्हें लाल समुद्र को दो भाग करके सुरक्षित दूसरे छोर पर ले गया।

   आज भी हमारा परमेश्वर पिता हमें आश्वस्त करता है, निश्चिंत रहो, मैं सर्वदा तुम्हारे साथ हूँ (इब्रानियों 13:5); इसीलिए प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें समझाया, "सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?" (रोमियों 8:31) - सिंडी हैस कैस्पर


हमारी ज़िम्मेदारी है अपनी चिंताओं को उतार देना, परमेश्वर की ज़िम्मेदारी है उन चिंताओं को समाधान के लिए उठा लेना।

तब तेरा प्रकाश पौ फटने की नाईं चमकेगा, और तू शीघ्र चंगा हो जाएगा; तेरा धर्म तेरे आगे आगे चलेगा, यहोवा का तेज तेरे पीछे रक्षा करते चलेगा। - यशायाह 58:8

बाइबल पाठ: निर्गमन 14:19-25
Exodus 14:19 तब परमेश्वर का दूत जो इस्राएली सेना के आगे आगे चला करता था जा कर उनके पीछे हो गया; और बादल का खम्भा उनके आगे से हटकर उनके पीछे जा ठहरा। 
Exodus 14:20 इस प्रकार वह मिस्रियों की सेना और इस्राएलियों की सेना के बीच में आ गया; और बादल और अन्धकार तो हुआ, तौभी उस से रात को उन्हें प्रकाश मिलता रहा; और वे रात भर एक दूसरे के पास न आए। 
Exodus 14:21 और मूसा ने अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ाया; और यहोवा ने रात भर प्रचण्ड पुरवाई चलाई, और समुद्र को दो भाग कर के जल ऐसा हटा दिया, जिससे कि उसके बीच सूखी भूमि हो गई। 
Exodus 14:22 तब इस्राएली समुद्र के बीच स्थल ही स्थल पर हो कर चले, और जल उनकी दाहिनी और बाईं ओर दीवार का काम देता था। 
Exodus 14:23 तब मिस्री, अर्थात फिरौन के सब घोड़े, रथ, और सवार उनका पीछा किए हुए समुद्र के बीच में चले गए। 
Exodus 14:24 और रात के पिछले पहर में यहोवा ने बादल और आग के खम्भे में से मिस्रियों की सेना पर दृष्टि कर के उन्हें घबरा दिया। 
Exodus 14:25 और उसने उनके रथों के पहियों को निकाल डाला, जिससे उनका चलना कठिन हो गया; तब मिस्री आपस में कहने लगे, आओ, हम इस्राएलियों के साम्हने से भागें; क्योंकि यहोवा उनकी ओर से मिस्रियों के विरुद्ध युद्ध कर रहा है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 7-9
  • यूहन्ना 1:1-28



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें