बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Tuesday, February 3, 2015

दावत



   आज के इस द्रुत गति के जीवन में बहुत कम लोगों के पास आराम से मित्रों के साथ बैठकर भोजन करने का समय रह गया है। किसी ने इस बात पर व्यंग्य करते हुए कहा, आज के समय में विविध व्यंजनों वाले भोज का स्वाद लेने का एक ही तरीका है; उन सारे व्यंजनों को डबलरोटी के दो स्लाईसों के बीच में एक साथ लगाओ और खाओ!

   इस्त्राएल के बहुत से लोगों के बाबुल की बन्धुवाई से यरुशलेम के मन्दिर और शहरपनाह के पुनःनिर्माण के लिए वापस लौट कर आने के पश्चात एज़्रा ने उन्हें मूसा में होकर मिली परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक को पढ़कर सुनाया (नहेम्याह 8:1)। वे लोग घंटों तक परमेश्वर के वचन को सुनते थे और वहाँ ऐसे शिक्षक थे जो उन्हें उस पढ़े गए वचन को समझाते थे। जब परमेश्वर के उन वचनों को सुन-समझकर उन लोगों को अपनी कमियों का बोध हुआ, तो वे पश्चाताप और ग्लानि में रोने लगे। तब एज़्रा तथा उस समय के उनके अधिपति नहेम्याह ने उन्हें समझाया कि यह समय रोने का नहीं वरन आनन्दित होने का है; और उन से कहा कि वे एक बड़े भोज की तैयारी करें और उन लोगों के साथ बाँटें जिनके पास कुछ नहीं है, "...क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है। तब सब लोग खाने, पीने, बैना भेजने और बड़ा आनन्द मनाने को चले गए, क्योंकि जो वचन उन को समझाए गए थे, उन्हें वे समझ गए थे" (नहेम्याह 8:10, 12)।

   परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में जो आत्मिक भोजन की दावत हमारे लिए तैयार करके दी है, वह हमारे लिए बड़े आनन्द की बात है। समय निकालकर इस दावत का आनन्द लेना सीखें क्योंकि इस दावत की वस्तुएं स्वादिष्ट भी हैं तथा पौष्टिक भी, और हमें हर परिस्थिति के लिए हृष्ट-पुष्ट बनाती हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु जो जीवन की रोटी है, अपने जीवते वचन से हमारी आत्मिक भूख-प्यास तृप्त करता है।

यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। - यूहन्ना 6:35

बाइबल पाठ: नहेम्याह 8:1-12
Nehemiah 8:1 जब सातवां महीना निकट आया, उस समय सब इस्राएली अपने अपने नगर में थे। तब उन सब लोगों ने एक मन हो कर, जलफाटक के साम्हने के चौक में इकट्ठे हो कर, एज्रा शास्त्री से कहा, कि मूसा की जो व्यवस्था यहोवा ने इस्राएल को दी थी, उसकी पुस्तक ले आ। 
Nehemiah 8:2 तब एज्रा याजक सातवें महीने के पहिले दिन को क्या स्त्री, क्या पुरुष, जितने सुनकर समझ सकते थे, उन सभों के साम्हने व्यवस्था को ले आया। 
Nehemiah 8:3 और वह उसकी बातें भोर से दो पहर तक उस चौक के साम्हने जो जलफाटक के साम्हने था, क्या स्त्री, क्या पुरुष और सब समझने वालों को पढ़कर सुनाता रहा; और लोग व्यवस्था की पुस्तक पर कान लगाए रहे। 
Nehemiah 8:4 एज्रा शास्त्री, काठ के एक मचान पर जो इसी काम के लिये बना था, खड़ा हो गया; और उसकी दाहिनी अलंग मत्तित्याह, शेमा, अनायाह, ऊरिय्याह, हिल्किय्याह और मासेयाह; और बाई अलंग, पदायाह, मीशाएल, मल्किय्याह, हाशूम, हश्बद्दाना,जकर्याह और मशुल्लाम खड़े हुए। 
Nehemiah 8:5 तब एज्रा ने जो सब लोगों से ऊंचे पर था, सभों के देखते उस पुस्तक को खोल दिया; और जब उसने उसको खोला, तब सब लोग उठ खड़े हुए। 
Nehemiah 8:6 तब एज्रा ने महान परमेश्वर यहोवा को धन्य कहा; और सब लोगों ने अपने अपने हाथ उठा कर आमेन, आमेन, कहा; और सिर झुका कर अपना अपना माथा भूमि पर टेक कर यहोवा को दण्डवत किया। 
Nehemiah 8:7 और येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिय्याह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नाम लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे। 
Nehemiah 8:8 और उन्होंने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया। 
Nehemiah 8:9 तब नहेम्याह जो अधिपति था, और एज्रा जो याजक और शास्त्री था, और जो लेवीय लोगों को समझा रहे थे, उन्होंने सब लोगों से कहा, आज का दिन तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के लिये पवित्र है; इसलिये विलाप न करो और न रोओ। क्योंकि सब लोग व्यवस्था के वचन सुनकर रोते रहे। 
Nehemiah 8:10 फिर उसने उन से कहा, कि जा कर चिकना चिकना भोजन करो और मीठा मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास बैना भेजो; क्योंकि आज का