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Thursday, June 11, 2015

स्वाद लेकर


   मेरी पत्नि मार्टी को धीरे धीरे भोजन के स्वाद का आनन्द लेते हुए खाना अच्छा लगता है। क्योंकि सामन्यतः भोजन करते हुए मैं मार्टी से बहुत पहले ही अपना भोजन समप्त कर लेता हूँ इसलिए वह अकसर मुझ से कहती है, "जो, तुम बहुत जल्दबाज़ी में खाते हो! धीमे होकर और भोजन का स्वाद लेते हुए खाओ।"

   मैं सोचता हूँ, हम में से कितने ऐसे हैं जो परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखी परमेश्वर की बातों का भरपूर स्वाद लिए बिना उसको जल्दबाज़ी के साथ पढ़ते हैं। भजनकार ने लिखा, "तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं" (भजन 119:103)। बाइबल की यह बात मुझे अच्छी प्रतीत होती है!

   परमेश्वर के वचन में भरपूरी से उपलब्ध इस पौष्टिक आत्मिक भोजन से क्या लाभ हैं? परमेश्वर के वचन से लिया गया यह दैनिक भोजन हमारे कमज़ोर मन को चिंता, घमंड, भय और प्रलोभन के दुषप्रभावों से बचाए रखता है और जयवंत जीवन मार्ग पर अग्रसर रखता है। यह वचन हमें समझ-बूझ और बुद्धिमता प्रदान करता है (पद 98-100) और हमारे कदमों को बुरे मार्गों पर चलने से रोके रहता है (पद 101)। जैसे जब शारीरिक भोजन हमारे पाचन तंत्र से होकर निकलता है तो उसके पौष्टिक तत्व शरीर के सभी अंगों तक पहुँचते हैं और उन्हें विकसित करते हैं, उसी प्रकार जब परमेश्वर का वचन हमारे अन्दर पचाया जाता है तो वह हमारे मन, भावनाओं और इच्छा-शक्ति को स्वस्थ रीति से पोषित तथा विकसित करता है।

   जल्दबाज़ी में परमेश्वर के वचन को लेकर बाहर संसार में भागने की बजाए, उसे ऐसे समय और स्थान में पढ़ना चाहिए जब हम उसके साथ समय बिता सकें, उस में होकर हम परमेश्वर के साथ संगति कर सकें। परमेश्वर के वचन बाइबल को स्वाद लेकर, समय लगाकर नियमित रूप से पढ़ें; यह आपके जीवन के लिए बहुत लाभदायक रहेगा। - जो स्टोवैल


आत्मिक विकास के लिए आवश्यक सभी तत्वों को बाइबल भरपूरी से उपलब्ध करती है।

यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है। - भजन 19:9-11

बाइबल पाठ: भजन 119:97-104
Psalms 119:97 अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है। 
Psalms 119:98 तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं। 
Psalms 119:99 मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है। 
Psalms 119:100 मैं पुरनियों से भी समझदार हूं, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूं। 
Psalms 119:101 मैं ने अपने पांवों को हर एक बुरे रास्ते से रोक रखा है, जिस से मैं तेरे वचन के अनुसार चलूं। 
Psalms 119:102 मैं तेरे नियमों से नहीं हटा, क्योंकि तू ही ने मुझे शिक्षा दी है। 
Psalms 119:103 तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं! 
Psalms 119:104 तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूं, इसलिये मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • एज़्रा 1-2
  • यूहन्ना 19:23-42