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Tuesday, November 3, 2015

शान्त हों


   फ्रांस के पैरिस शहर में सन 1924 में आयोजित ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले धावक एरिक लिडिल की जीवनी पर एक फिल्म Chariots of Fire बनी। स्वर्ण पदक जीतने के पश्चात एरिक मिशनरी होकर चीन चले गए। कुछ वर्षों के बाद जब दूसरा विश्व-युद्ध आरंभ हुआ तो एरिक ने अपने परिवार को सुरक्षा के लिए कैनडा भेज दिया, लेकिन वे स्वयं चीन में ही रह गए। शीघ्र ही एरिक और अन्य प्रवासी मिशनरियों को एक जापानी शिविर में कैद करके रख दिया गया। कई महीनों की बन्धुवाई के बाद एरिक बीमार पड़े और डॉक्टरों को लगा कि उन्हें दिमाग़ में रसौली हो गई है।

   जिस अस्पताल में एरिक को रखा गया उसके निकट प्रत्येक इतवार को एक बैन्ड कुछ धुनें बजाया करता था। एक दिन एरिक ने उन से आग्रह किया कि वे मसीही भजन Be Still My Soul (मेरे मन शान्त रह) बजाएं। इस भजन के बोल हैं, "मेरे मन शान्त रह, समय निकट आ रहा है / जब हम सदा काल के लिए प्रभु के साथ होंगे / जब सब निराशाएं, दुख और भय जाते रहेंगे, / शोक ना होगा, प्रेम का पवित्र आनन्द पुनःस्थापित होगा / मेरे मन शान्त रह; अब परिवर्तन और आँसुओं का समय जाता रहेगा / अन्ततः हम सब सुरक्षित और आशीशित होकर एक साथ मिलेंगे। मैं सोचता हूँ कि उन दिनों एरिक इस गीत को स्मरण कर रहे थे, इस पर मनन कर रहे थे। उस बीमारी में यह भजन उनके लिए बहुत शान्तिदायक था और इस घटना के तीन दिन पश्चात उनका देहांत हो गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने एक भजन में लिखा, "चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं..." (भजन 46:10)। अपने जीवन के गहन अन्धकार के समय में भी हम शान्त रह सकते हैं क्योंकि हमारे प्रभु यीशु ने हमारे लिए मृत्यु पर जय प्राप्त करी है, और आज उसमें आशीशित अनन्त जीवन उसपर विश्वास करने वाले सभी लोगों को सेंत-मेंत उपलब्ध है।

   इसलिए हम शान्त हों और प्रभु को हमारे हर भय का समाधान करने दें। - बिल क्राउडर


हमारे विचिलित मन का कोलाहल परमेश्वर की कोमल आवाज़ से शान्त हो जाता है।

परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे। - हबकुक 2:20

बाइबल पाठ: भजन 46:1-11
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। 
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; 
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।। 
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है। 
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है। 
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। 
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। 
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! 
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! 
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 30-31
  • फिलेमौन 1