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Saturday, December 31, 2016

भरोसा


   मेरी छोटी बेटी तैराकी के ताल के किनारे पर आशंकित होकर खड़ी थी। उसे तैरना नहीं आता था, वह अभी पानी में जाने के भय से निकलने के प्रयास कर रही थी। उसके सामने ताल में पानी के अन्दर उसका प्रशिक्षक अपनी बाहें फैलाए खड़ा था, कि जब वह पानी में कूदे तो उसे पकड़ ले। मेरी बेटी की हिचकिचाहट में मुझे उसकी आँखों में प्रशिक्षक को लेकर उसके अन्दर के प्रश्न दिखाई दे रहे थे: क्या वह मुझे पकड़ लेगा? यदि मेरा सिर पानी के अन्दर चला गया तो क्या होगा?

   इसी प्रकार परमेश्वर के लोगों, इस्त्राएलियों के मन भी शंका उठ रही होगी - क्या होगा जब वे यरदन पार कर के कनान देश में प्रवेश करेंगे? क्या वे परमेश्वर पर भरोसा रख सकते हैं कि उनके पार उतर जाने के लिए वह यरदन नदी के जल को रोक कर वहाँ सूखी भूमि और मार्ग प्रदान करेगा? जैसा परमेश्वर ने मूसा में होकर उनकी अगुवाई की थी, क्या वैसे ही उनके नए अगुवे यहोशू में होकर भी करेगा? क्या परमेश्वर अपने लोगों की सहायता करेगा कि वे उन कनानियों को पराजित कर सके जो यरदन के पार रहते थे?

   इन प्रश्नों का उत्तर पाने का एक ही तरीका था, इस्त्राएलियों को विश्वास की परीक्षा से होकर निकलना था - उन्हें कहे गए कार्य को करना था। इसलिए "सो जब प्रजा के लोगों ने अपने डेरों से यरदन पार जाने को कूच किया, और याजक वाचा का सन्दूक उठाए हुए प्रजा के आगे आगे चले" (यहोशू 3:14)। अपने विश्वास को कार्यान्वित करने के द्वारा वे अनुभव से जान सके कि परमेश्वर उनके साथ है; वह यहोशू में होकर उनकी अगुवाई कर रहा है, और कनान में बस जाने में उनकी सहायता करेगा (पद 7, 10, 17)।

   यदि आज आप अपने विश्वास की परीक्षा लेने वाली परिस्थिति में हैं, तो परमेश्वर के कभी ना बदलने वाले चरित्र और कभी ना टलने वाली प्रतिज्ञाओं पर भरोसा करके, उन इस्त्राएलियों के समान आप भी आगे बढ़ सकते हैं। परमेश्वर पर भरोसा रख कर, उसके मार्गदर्शन में आगे बढ़ने से, वह आपको जहाँ आप हैं वहाँ से उस स्थान पर ले जाएगा जहाँ वह आपको पहुँचाना चाहता है। - जेनिफ़र बेन्सन शुल्ट


जब हम अपने पिता परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं तो भय जाता रहता है।

अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है। - इब्रानियों 11:1

बाइबल पाठ: यहोशू 3:9-17
Joshua 3:9 तब यहोशू ने इस्राएलियों से कहा, कि पास आकर अपने परमेश्वर यहोवा के वचन सुनो। 
Joshua 3:10 और यहोशू कहने लगा, कि इस से तुम जान लोगे कि जीवित ईश्वर तुम्हारे मध्य में है, और वह तुम्हारे सामहने से नि:सन्देह कनानियों, हित्तियों, हिव्वियों, परिज्जियों, गिर्गाशियों, एमोरियों, और यबूसियों को उनके देश में से निकाल देगा। 
Joshua 3:11 सुनो, पृथ्वी भर के प्रभु की वाचा का सन्दूक तुम्हारे आगे आगे यरदन में जाने पर है। 
Joshua 3:12 इसलिये अब इस्राएल के गोत्रों में से बारह पुरूषों को चुन लो, वे एक एक गोत्र में से एक पुरूष हो। 
Joshua 3:13 और जिस समय पृथ्वी भर के प्रभु यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाने वाले याजकों के पांव यरदन के जल में पड़ेंगे, उस समय यरदन का ऊपर से बहता हुआ जल थम जाएगा, और ढेर हो कर ठहरा रहेगा। 
Joshua 3:14 सो जब प्रजा के लोगों ने अपने डेरों से यरदन पार जाने को कूच किया, और याजक वाचा का सन्दूक उठाए हुए प्रजा के आगे आगे चले, 
Joshua 3:15 और सन्दूक के उठाने वाले यरदन पर पहुंचे, और सन्दूक के उठाने वाले याजकों के पांव यरदन के तीर के जल में डूब गए (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन कड़ारों के ऊपर ऊपर बहा करता है), 
Joshua 3:16 तब जो जल ऊपर की ओर से बहा आता था वह बहुत दूर, अर्थात आदाम नगर के पास जो सारतान के निकट है रूककर एक ढेर हो गया, और दीवार सा उठा रहा, और जो जल अराबा का ताल, जो खारा ताल भी कहलाता है, उसकी ओर बहा जाता था, वह पूरी रीति से सूख गया; और प्रजा के लाग यरीहो के साम्हने पार उतर गए। 
Joshua 3:17 और याजक यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाए हुए यरदन के बीचोंबीच पहुंचकर स्थल पर स्थिर खड़े रहे, और सब इस्राएली स्थल ही स्थल पार उतरते रहे, निदान उस सारी जाति के लोग यरदन पार हो गए।

एक साल में बाइबल: 
  • मलाकी 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 22



Friday, December 30, 2016

अगुवा


   टर्की के इस्तानबुल शहर में, सन 2005 में एक भेड़ खाई में कूद गई, और देखते ही देखते, उसके पीछे-पीछे लगभग 1500 और भेड़ें भी खाई में कूद गईं! अन्ततः उन में से लगभग एक तिहाई की मृत्यु हो गई। ना जानते हुए कि सही मार्ग कौन सा है, भेड़ बिना सूझ-बूझ के झुण्ड के अन्य सदस्यों के पीछे चल पड़ती हैं।

   भेड़ को छोड़ कोई और शब्द, सही अगुवे की हमारी आवश्यकता को नहीं जता सकता है। परमेश्वर के वचन में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने हम मनुष्यों के लिए लिखा कि "हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया" (यशायाह 53:6)। हमारी प्रवृत्ति है कि हम अपनी ही मार्ग पर चल निकलते हैं, इसीलिए हमें एक अच्छे चरवाहे का मार्गदर्शन चाहिए जो हमें सही राह दिखाए तथा उस पर हमें बनाए भी रखे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 23 हमारे अच्छे और विश्वासयोग्य चरवाहे का वर्णन करता है। यह चरवाहा हमारी चिन्ता करता है (पद 1); हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति करता है (पद 2); वह हमें पवित्रता का जीवन जीना सिखाता है (पद 3); वह हमें प्रफुलित करता है, सान्तवना देता है, चंगाई देता है और बहुतायत से आशीषें देता है (पद 3-5); वह सदा हमारे साथ बना रहता है (पद 6)।

   यह जानना कितनी दिलासा देता है कि हमारा प्रभु परमेश्वर ही हमारा अच्छा चरवाहा है जो हमें कोमलता परन्तु दृढ़ता के साथ जीवन के सही मार्ग पर लिए चलता है। वह ऐसा हमें अपने पवित्र आत्मा की प्रेरणा, अपने वचन के अध्ययन, और प्रार्थना के द्वारा करता है। परमेश्वर ही वह विश्वासयोग्य अगुवा है जिस की हमें आवश्यकता है।

   प्रभु परमेश्वर पर हमारी निर्भरता का, और उसकी सदा उपलब्ध अगुवाई का अंगीकार करते हुए हम भी भजनकार के साथ कह सकते हैं, "यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है"। - डेव एग्नर


वह मेमना जो हमें बचाने के लिए बलिदान हुआ, 
वही हमारा चरवाहा भी है जो हमारे मार्गदर्शन के लिए हमारे साथ चलता है।

चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। - यूहन्ना 10:10-11

बाइबल पाठ: भजन 23
Psalms 23:1 यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। 
Psalms 23:2 वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; 
Psalms 23:3 वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है। 
Psalms 23:4 चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
Psalms 23:5 तू मेरे सताने वालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है। 
Psalms 23:6 निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 13-14
  • प्रकाशितवाक्य 21


Thursday, December 29, 2016

आश्चर्यकर्म


   मेरे बेटों एन्गस और डेविड के जन्मदिन दिसंबर माह में आते हैं। अपनी बाल्यावस्था में ही उन्होंने अपने अनुभवों से सीख लिया था कि यदि एन्गस को दिसंबर माह के आरंभ में अपने जन्म दिन के अवसर पर उसकी पसन्द का खिलौना नहीं मिला है तो वह उसके क्रिसमस के उपहार में होगा। और डेविड को जो उसके क्रिसमिस के उपहार में नहीं मिला, वह 4 दिन बाद आने वाले उसके जन्म दिन के अवसर पर आ जाएगा। विलंब का अर्थ इन्कार नहीं था।

   जब मार्था और मरियम का भाई लाज़र, जिससे प्रभु यीशु प्रेम करते थे, गंभीर रूप से बीमार हुआ, तो उन्होंने प्रभु यीशु को आने का सन्देश भेजा (यूहन्ना 11:1-3)। संभवतः वे आशा और आशंका के साथ मार्ग की ओर प्रभु यीशु के आने की आँखें लगाए उसकी बाट जोहते रहे होंगे, परन्तु प्रभु यीशु नहीं आए। अन्तिम क्रियाकर्म को हुए भी 4 दिन बीत गए थे जब अन्ततः यीशु नगर में आए (पद 17)।

   मार्था उनसे मिलने गई और कुण्ठित होकर कहा, "...हे प्रभु, यदि तू यहां होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता" (पद 21), और फिर उसका विश्वास पुनः जागृत हुआ और वह आगे बोली, "और अब भी मैं जानती हूं, कि जो कुछ तू परमेश्वर से मांगेगा, परमेश्वर तुझे देगा" (पद 22)। मैं सोचता हूँ कि उसने किस आशा के साथ यह कहा होगा? लाज़र अब मर चुका था, और वह उसकी कब्र को खोलने के लिए राज़ी नहीं थी (पद 39)। परन्तु फिर भी, प्रभु यीशु के एक कहने पर लाज़र की आत्मा उसके सड़ते हुए शरीर में वापस आ गई (पद 41-44)। प्रभु यीशु ने अपने बीमार मित्र को केवल चँगा कर देने की बजाए उससे भी बड़ा आश्चर्यकर्म करने के लिए विलंब किया था, कि उसे मृतकों में से वापस ला सके। उसके इस विलंब का परिणाम यह भी हुआ कि इस आश्चर्यकर्म के कारण अनेकों यहूदियों ने उस पर विश्वास किया (पद 45)।

   परमेश्वर के समय और विधि की धैर्य के साथ प्रतीक्षा करना, हमारे जीवनों में भी हमारी आशा से कहीं बढ़कर आश्चर्यकर्म ला सकता है। - मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर के लिए प्रतीक्षा में लगाया गया समय कभी गँवाया हुआ नहीं होता।

वरन जितने तेरी बाट जोहते हैं उन में से कोई लज्जित न होगा; परन्तु जो अकारण विश्वासघाती हैं वे ही लज्जित होंगे। हे यहोवा अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे। मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे, क्योंकि तू मेरा उद्धार करने वाला परमेश्वर है; मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूं। - भजन 25:3-5

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:20-45
John 11:20 सो मारथा यीशु के आने का समचार सुनकर उस से भेंट करने को गई, परन्तु मरियम घर में बैठी रही। 
John 11:21 मारथा ने यीशु से कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता।
John 11:22 और अब भी मैं जानती हूं, कि जो कुछ तू परमेश्वर से मांगेगा, परमेश्वर तुझे देगा। 
John 11:23 यीशु ने उस से कहा, तेरा भाई जी उठेगा। 
John 11:24 मारथा ने उस से कहा, मैं जानती हूं, कि अन्‍तिम दिन में पुनरुत्थान के समय वह जी उठेगा। 
John 11:25 यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। 
John 11:26 और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है? 
John 11:27 उसने उस से कहा, हां हे प्रभु, मैं विश्वास कर चुकी हूं, कि परमेश्वर का पुत्र मसीह जो जगत में आनेवाला था, वह तू ही है। 
John 11:28 यह कहकर वह चली गई, और अपनी बहिन मरियम को चुपके से बुलाकर कहा, गुरू यहीं है, और तुझे बुलाता है। 
John 11:29 वह सुनते ही तुरन्त उठ कर उसके पास आई। 
John 11:30 (यीशु अभी गांव में नहीं पहुंचा था, परन्तु उसी स्थान में था जहां मारथा ने उस से भेंट की थी।) 
John 11:31 तब जो यहूदी उसके साथ घर में थे, और उसे शान्‍ति दे रहे थे, यह देखकर कि मरियम तुरन्त उठके बाहर गई है और यह समझकर कि वह कब्र पर रोने को जाती है, उसके पीछे हो लिये। 
John 11:32 जब मरियम वहां पहुंची जहां यीशु था, तो उसे देखते ही उसके पांवों पर गिर के कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता तो मेरा भाई न मरता। 
John 11:33 जब यीशु न उसको और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास हुआ, और घबरा कर कहा, तुम ने उसे कहां रखा है? 
John 11:34 उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, चलकर देख ले। 
John 11:35 यीशु के आंसू बहने लगे। 
John 11:36 तब यहूदी कहने लगे, देखो, वह उस से कैसी प्रीति रखता था। 
John 11:37 परन्तु उन में से कितनों ने कहा, क्या यह जिसने अन्धे की आंखें खोली, यह भी न कर सका कि यह मनुष्य न मरता?
John 11:38 यीशु मन में फिर बहुत ही उदास हो कर कब्र पर आया, वह एक गुफा थी, और एक पत्थर उस पर धरा था। 
John 11:39 यीशु ने कहा; पत्थर को उठाओ: उस मरे हुए की बहिन मारथा उस से कहने लगी, हे प्रभु, उस में से अब तो र्दुगंध आती है क्योंकि उसे मरे चार दिन हो गए। 
John 11:40 यीशु ने उस से कहा, क्या मैं ने तुझ से न कहा था कि यदि तू विश्वास करेगी, तो परमेश्वर की महिमा को देखेगी। 
John 11:41 तब उन्होंने उस पत्थर को हटाया, फिर यीशु ने आंखें उठा कर कहा, हे पिता, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं कि तू ने मेरी सुन ली है। 
John 11:42 और मैं जानता था, कि तू सदा मेरी सुनता है, परन्तु जो भीड़ आस पास खड़ी है, उन के कारण मैं ने यह कहा, जिस से कि वे विश्वास करें, कि तू ने मुझे भेजा है। 
John 11:43 यह कहकर उसने बड़े शब्द से पुकारा, कि हे लाजर, निकल आ। 
John 11:44 जो मर गया था, वह कफन से हाथ पांव बन्‍धे हुए निकल आया और उसका मुंह अंगोछे से लिपटा हुआ था। यीशु ने उन से कहा, उसे खोल कर जाने दो।
John 11:45 तब जो यहूदी मरियम के पास आए थे, और उसका यह काम देखा था, उन में से बहुतों ने उस पर विश्वास किया।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 9-12
  • प्रकाशितवाक्य 20


Wednesday, December 28, 2016

आशा


   कोलेराडो में स्थित टेड रॉबर्टसन का घर जून 2013 में जंगल में लगी भीष्ण आग में जल कर स्वाहा हो जाने वाले 500 से भी अधिक घरों में से एक था। जब उसे वापस लौट कर राख और मलबे में अपने सामान को तलाशने की अनुमति मिली, उसकी आशा एक बहुमूल्य पारीवारिक स्मारक, उसकी पत्नि द्वारा चीनी मिट्टी से बनाई गई शिशु यीशु की छोटी सी मूर्ति को पा लेने की थी। अपने घर के जले हुए अवशेषों को टटोलते हुए, वह सोचता रहा, "क्या वह शिशु यीशु अभी भी यहाँ है?"

   जब हमारे जीवन निराशा तथा हानि के द्वारा झकझोरे जाते हैं, हमारे अन्दर यह विचार उत्पन्न हो सकता है कि क्या प्रभु यीशु अभी भी हमारे साथ विद्यमान है? परमेश्वर के वचन बाइबल का स्पष्ट तथा दृढ़ उत्तर है - हाँ! जैसा प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखकर उन्हें आशा बन्धाई: "क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई, न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी" (रोमियों 8:38-39)।

   अपने जले हुए घर के उस भाग के एक कोने में, जो कभी गैरेज हुआ करता था, टेड रॉबर्टसन को प्रभु यीशु के जन्म को दिखाने वाले दृश्य के जले हुए अवशेष मिले, और वहाँ उनको शिशु यीशु की वह छोटी मूर्ति भी मिली जिसे उस आग से कोई हानि नहीं हुई थी। टेड ने के.आर.डी.ओ. न्यूज़ चैनेल को बताया, उस मूर्ति को पा लेने से, "हम आशंका से आशा में गए...हमें लगने लगा कि हम अपने जीवनों के खोए हुए कुछ भाग को पुनः प्राप्त कर लेंगे।"

   क्या प्रभु यीशु अभी भी है? जी हाँ, वह सदा साथ बना रहता है! यही क्रिसमस की कभी समाप्त ना होने वाली आशा है। - डेविड मैक्कैसलैंड


यदि आप ने प्रभु यीशु के साथ अपना संबंध बना लिया है तो आप कभी अकेले नहीं रहेंगे।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-39
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है। 
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? 
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? 
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है। 
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है। 
Romans 8:35 कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? 
Romans 8:36 जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होने वाली भेंड़ों की नाईं गिने गए हैं। 
Romans 8:37 परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं। 
Romans 8:38 क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई, 
Romans 8:39 न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 19


Tuesday, December 27, 2016

निकल आना


   एक बार जब हमारा परिवार यात्रा में था, तो यात्रा के दौरान जिस स्थान पर जहाँ हम पहुँचे ही थे, वहाँ भीषण चक्रवादी तूफान आने की चेतावनी ज़ारी की गई। हमारे लिए अचानक ही सब कुछ बदल गया क्योंकि हमें लगा कि हमारे बच्चे खतरे में हैं।

   मैंने इस घटना का उल्लेख इसलिए किया है जिससे कि हम समझ सकें कि यूसुफ और मरियम के लिए कैसा रहा होगा जब वे अपने साथ छोटे बालक यीशु को लेकर मिस्त्र को गए। उन पर किसी चक्रवादी तूफान नहीं वरन राजा हेरोदेस का खतरा था, जो उनके बालक को मार डालना चाहता था। कल्पना कीजिए कि उनके लिए कितना भयावह रहा होगा, यह जानते हुए यात्रा करते जाना कि "...हेरोदेस इस बालक को ढूंढ़ने पर है कि उसे मरवा डाले" (मत्ती 2:13)।

   सामान्यतः हम क्रिसमस के समय का बड़ा साधारण और सुचारू दृष्टिकोण रखते हैं - शान्तिमय दृश्य में रंभाते हुए गाय-बैल, प्रभु यीशु की चरनी के पास दण्डवत करते हुए चरवाहे, आदि। परन्तु प्रभु यीशु के परिवार के लिए, हेरोदेस के भय से भागते हुए, ऐसी कोई शान्ति नहीं थी। जब तक स्वर्गदूत ने उन्हें सुरक्षित हो जाने तथा मिस्त्र से निकल आने के लिए नहीं कहा वे वापस अपने घर नासरत नहीं आ सके (पद 20-23)।

   प्रभु यीशु के देहधारण करने के लिए हमारे अन्दर कैसी श्रद्धा होनी चाहिए; वह प्रभु जो अपने पिता परमेश्वर के साथ स्वर्ग की महिमा का पात्र था, उस स्वर्गीय महिमा को छोड़कर पृथ्वी पर आ गया, उसने निर्धनता में जन्म लिया, यद्यपि वह सदा ही सच्चा, खरा और निर्दोष था और सबका भला करता था फिर भी उसने जीवन में अनेकों कठिन परिस्थितियों, झूठे दोषारोपणों और प्राण के खतरों का सामना किया, और अन्ततः हमारे पापों की क्षमा तथा उद्धार के लिए स्वेच्छा से क्रूस पर बलिदान हो गया।

   मिस्त्र से निकल आना तो एक बात है, परन्तु स्वर्ग की महिमा और आदर छोड़कर हम पापी मनुष्यों के लिए अपमानित होने और मारे जाने के लिए निकल आना और ही बात है - यही इस घटना का महान और विलक्षण भाग है। - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु हमारे लिए पृथ्वी पर आ गया जिससे हम उसके साथ स्वर्ग जा सकें।

किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। - रोमियों 5:7-8

बाइबल पाठ: मत्ती 2:13-23
Matthew 2:13 उन के चले जाने के बाद देखो, प्रभु के एक दूत ने स्‍वप्‍न में यूसुफ को दिखाई देकर कहा, उठ; उस बालक को और उस की माता को ले कर मिस्र देश को भाग जा; और जब तक मैं तुझ से न कहूं, तब तक वहीं रहना; क्योंकि हेरोदेस इस बालक को ढूंढ़ने पर है कि उसे मरवा डाले। 
Matthew 2:14 वह रात ही को उठ कर बालक और उस की माता को ले कर मिस्र को चल दिया। 
Matthew 2:15 और हेरोदेस के मरने तक वहीं रहा; इसलिये कि वह वचन जो प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था कि मैं ने अपने पुत्र को मिस्र से बुलाया पूरा हो। 
Matthew 2:16 जब हेरोदेस ने यह देखा, कि ज्योतिषियों ने मेरे साथ ठट्ठा किया है, तब वह क्रोध से भर गया; और लोगों को भेज कर ज्योतिषियों से ठीक ठीक पूछे हुए समय के अनुसार बैतलहम और उसके आस पास के सब लड़कों को जो दो वर्ष के, वा उस से छोटे थे, मरवा डाला। 
Matthew 2:17 तब जो वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हुआ, 
Matthew 2:18 कि रामाह में एक करूण-नाद सुनाई दिया, रोना और बड़ा विलाप, राहेल अपने बालकों के लिये रो रही थी, और शान्‍त होना न चाहती थी, क्योंकि वे हैं नहीं।
Matthew 2:19 हेरोदेस के मरने के बाद देखो, प्रभु के दूत ने मिस्र में यूसुफ को स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहा। 
Matthew 2:20 कि उठ, बालक और उस की माता को ले कर इस्राएल के देश में चला जा; क्योंकिं जो बालक के प्राण लेना चाहते थे, वे मर गए। 
Matthew 2:21 वह उठा, और बालक और उस की माता को साथ ले कर इस्राएल के देश में आया। 
Matthew 2:22 परन्तु यह सुनकर कि अरिखलाउस अपने पिता हेरोदेस की जगह यहूदिया पर राज्य कर रहा है, वहां जाने से डरा; और स्‍वप्‍न में चितौनी पाकर गलील देश में चला गया। 
Matthew 2:23 और नासरत नाम नगर में जा बसा; ताकि वह वचन पूरा हो, जो भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा कहा गया था, कि वह नासरी कहलाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 18


Monday, December 26, 2016

निवास स्थान


   हमारे पड़ौस में यह चर्चा का विषय हो गया था; एक प्रसिद्ध व्यवसायिक फुटबॉल खिलाड़ी हमारे पड़ौस में रहने के लिए आया था, उसका घर हमारे घर से बस दो घर छोड़कर था। हम ने उसे टेलिविज़न पर देखा था और खेल के मैदान पर उसके कौशल के बारे में पढ़ा था; परन्तु हमने कभी यह सोचा भी नहीं था कि वह हमारे पड़ौस में आकर रहने लगेगा। आरंभ में हमारी आशा थी कि अपने पड़ौस में हम उसका स्वागत करेंगे, और हम उसके साथ अच्छे मित्र हो जाएंगे। परन्तु उसकी दिनचर्या इतनी व्यस्त थी कि हम में से कोई भी उसे व्यक्तिगत रीति से जान भी नहीं पाया।

 अब ज़रा इस पर विचार कीजिए: प्रभु यीशु - इस सृष्टि के प्रभु और सृष्टिकर्ता - ने चुना कि वह हमारे मध्य निवास करेगा! वह स्वर्ग छोड़कर इस पृथ्वी पर आ गया। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना द्वारा लिखा गया, "और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा" (यूहन्ना 1:14)। प्रभु यीशु ने चुना कि प्रत्येक उस जन के साथ, जो उसमें लाए गए विश्वास के साथ उसके निकट आएगा, वह एक बहुत निकट का संबंध बनाएगा। और इससे भी बढ़कर, हम में से प्रत्येक के लिए, जिन्होंने पापों से मुक्ति देने वाले उसके प्रेम को स्वीकार कर लिया है, प्रभु यीशु का पवित्र आत्मा उनके हृदयों में अपना निवास स्थान बना लेता है जिससे कि हमें सांत्वना, परामर्श, मार्गदर्शन एवं शिक्षा दे सके और प्रत्येक बुराई के विषय सचेत तथा कायल कर सके।

   जब आप चरनी में जन्में उस शिशु यीशु के बारे में विचार करें, तो इस बात पर भी विचार करें कि यह कितना विशेष है कि ना केवल वह हमारे "पड़ौस" में आया है, वरन यह कि वह इसलिए आया कि हमारे साथ निकट संबंध बना सके, हमें आशीषित कर सके, हमारे हृदयों के अन्दर अपना निवास स्थान पा सके। - जो स्टोवैल


परमेश्वर का निवास स्थान बन जाने के उपहार का लाभ अवश्य ही उठाएं।

द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। - यूहन्ना 10:9-10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-14
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। 
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था। 
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। 
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी। 
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया। 
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था। 
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं। 
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था। 
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी। 
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना। 
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया। 
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर की सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। 
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। 
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।

एक साल में बाइबल: 
  • हाग्गै 1-2
  • प्रकाशितवाक्य 17


Sunday, December 25, 2016

ज्योति


   एक गौशाला? भला जगत के मसीहा के जन्म के लिए यह कैसा स्थान? हमारे तथा समस्त संसार के उद्धारकर्ता, मुक्तिदाता का अपने मानवीय शरीर में पहला अनुभव गौशाला की गन्ध तथा ध्वनियाँ थीं। अन्य शिशुओं के समान ही, वहाँ के जानवरों की आवाज़ों तथा उसके अस्थायी पालने के आस-पास आने-जाने वाले अपरिचित लोगों के कारण संभव है कि, वह भी रोया होगा। यदि वह रोया था, तो आने वाले समय के साथ बहने वाले आँसुओं में उसके ये पहले आँसू थे। समय के साथ प्रभु यीशु ने मानवीय हानि और दुःख को, तथा उस सन्देह को जो उसके भाई और परिवार जन उसके प्रति रखते थे, अनुभव किया था। उन्होंने उस वेदना को भी देखा तथा अनुभव किया जो उनके सताए जाने तथा क्रूस पर बलिदान किए जाने के समय में उनकी माता ने अनुभव की थी।

   अपने जीवन की पहली रात्रि में सो जाने का प्रयास कर रहे उस शिशु के सामने उपरोक्त सभी तथा अनेक अन्य कठिनाईयाँ मुँह बाए खड़ी थीं। लेकिन फिर भी, अपने जन्म के पहले पल से ही, प्रभु यीशु समस्त मानव जाति के लिए "परमेश्वर हमारे साथ" (मत्ति 1:23) थे; और वे जानते थे कि मनुष्य होने का अर्थ क्या होता है। मनुष्य होने के उनके ये अनुभव तीन दशक से अधिक समय तक ज़ारी रहे, और क्रूस पर उनकी मृत्यु के साथ समाप्त हुए।

   मेरे और आपके प्रति उनके प्रेम के कारण ही प्रभु यीशु पूर्णतः मनुष्य बने। उनके मनुष्य होने के और मनुष्यों के सभी अनुभवों से होकर निकलने के कारण वे हमारी प्रत्येक परिस्थिति भली-भांति समझते हैं और उनके तथा हमारे मध्य एकात्मता संभव है। हम यह कभी नहीं कह सकते हैं कि कोई हमें तथा हमारी व्यथा को समझ नहीं सकता है; क्योंकि प्रभु यीशु सब जानते और समझते हैं।

   जीवन की वह ज्योति जो उस रात मानव रूप में अवतरित होकर संसार में आई, आपके जीवन के प्रत्येक स्थान, आत्मा के छिपे हुए गहरे से गहरे कोने को भी रौशन कर दे, अपनी शान्ति और प्रेम की ज्योति से भर दे, और वह शान्ति प्रदान करे जिस के बारे में उस रात स्वर्गदूतों ने कहा था। - रैंडी किलगोर


प्रभु यीशु सब जानता और समझता है

कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। - मत्ती 1:23

बाइबल पाठ: लूका 2:6-20
Luke 2:6 उन के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए