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गुरुवार, 7 अप्रैल 2016

गड़बड़ी


   मैं और मेरे पति ने हाल ही में एक नए घर में आकर रहना आरंभ किया था, जो बाहर से सफेद रंग का था। एक दिन कोई व्यक्ति हमारे घर के सामने स्ट्रॉबेरियों से भरा एक डब्बा रख कर चला गया, और उस पर पर्चा लगा गया कि हमें उन्हें अपने पड़ौसियों के साथ बाँटना है। हमारे तथा हमारे पड़ौसियों के लिए उसकी इच्छा तो भली थी, किंतु डब्बे के हमारे हाथों में आने से पहले, वह पड़ौस के बच्चों के हाथ लग गया और उन्होंने उन स्ट्रौबेरियों को हमारे सफेद घर की दिवारों पर फेंकने का आनन्द लिया। हम जब घर लौट कर आए, तो वे बच्चे हमारे घर की चहारदिवारी के पीछे से छिपकर अपनी करतूत की प्रतिक्रिया देखने को आ गए। हम उनके द्वारा करी गई इस गड़बड़ और गन्दगी को स्वयं भी साफ कर सकते थे, लेकिन इस घटना से बिगड़ सकने वाले संबंधों का ध्यान करके हमने यह आवश्यक समझा कि हम उनसे बातचीत करें और सफाई करने में उनकी सहायता लें।

   परस्पर संबंधों में गड़बड़ी आ जाने से परेशानियां आ सकती हैं; और यही बात फिलिप्पी की मसीही विश्वासियों की मण्डली में दिखाई दे रही थी। उस मण्डली की दो विश्वासयोग्य और प्रमुख सेविकाएं, युओदिया और सुन्तुखे, के बीच में परस्पर गहरा मतभेद आ गया था। प्रेरित पौलुस ने उन्हें और मण्डली को लिखा कि अपने मतभेदों को सुलझा लें (फिलिप्पियों 4:2)। साथ ही पौलुस ने मण्डली के एक अन्य सदस्य से चाहा कि वह भी नम्रता के साथ उनके साथ मिलकर समाधान ढूँढ़ने में सहायता करे: "हे सच्चे सहकर्मी मैं तुझ से भी बिनती करता हूं, कि तू उन स्‍त्रियों की सहयता कर..." (फिलिप्पियों 4:3)।

   ऐसा होना कोई अनोखी या कभी-कभार होने वाली बात नहीं है। हम सबके जीवनों का यह अनुभव है कि हमारे द्वारा भी गड़बड़ियां हुई हैं, हमारे भी औरों के साथ मतभेद गुए हैं, हमने भी अपने प्रीय जनों के मध्य मतभेदों को होते देखा है। पौलुस द्वारा परमेश्वर के वचन बाइबल में कही गई यह बात इस परिस्थिति के समाधान के लिए हमारा मार्गदर्शन करती है - नम्रता के साथ, परस्पर बातचीत से और अपने किसी परिपक्व और निशपक्ष साथी की सहायता तथा प्रभु और उसके वचन से मिलने वाले मार्गदर्शन से यह समाधान संभव है। - ऐनी सेटास


सच्चा प्रेम सामना भी करता है और यथावत भी कर देता है।

हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्तु एक ही मन और एक ही मत हो कर मिले रहो। - 1 कुरिन्थियों 1:10

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:1-9
Philippians 4:1 इसलिये हे मेरे प्रिय भाइयों, जिन में मेरा जी लगा रहता है जो मेरे आनन्द और मुकुट हो, हे प्रिय भाइयो, प्रभु में इसी प्रकार स्थिर रहो। 
Philippians 4:2 मैं यूओदिया को भी समझाता हूं, और सुन्‍तुखे को भी, कि वे प्रभु में एक मन रहें। 
Philippians 4:3 और हे सच्चे सहकर्मी मैं तुझ से भी बिनती करता हूं, कि तू उन स्‍त्रियों की सहयता कर, क्योंकि उन्होंने मेरे साथ सुसमाचार फैलाने में, क्‍लेमेंस और मेरे उन और सहकिर्मयों समेत परिश्रम किया, जिन के नाम जीवन की पुस्‍तक में लिखे हुए हैं। 
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो। 
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है। 
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। 
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। 
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो। 
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 7-9
  • लूका 9:18-36


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