बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Monday, June 27, 2016

सिद्धांत


   यह माना जाता है कि युनानी चिकित्सक हिपोक्रेटिस वर्तमान एलोपैथिक चिकित्सा विज्ञान के जनक हैं। उन्होंने चिकित्सा में नैतिक मूल्यों का पालन करने के महत्व को समझा, और एक शपथ को लिखा जिसे आज भी चिकित्सकों के लिए नैतिक मार्गदर्शिका की तरह देखा जाता है। इस शपथ का मुख्य आधार है किसी का नुकसान नहीं करने का सिद्धांत; जिसका तात्पर्य है कि चिकित्सक केवल वही करेगा जिससे उसके मरीज़ों का भला हो।

   किसी का नुकसान ना करने का यह सिद्धांत हमारे दैनिक जीवन में भी लागू होता है। यही सिद्धांत परमेश्वर के वचन बाइबल की दूसरों से प्रेम करने की शिक्षा का आधार भी है। इस प्रकार प्रेम करने के परमेश्वर के इस नियम पर चिंतन करते हुए प्रेरित पौलुस ने पाया कि प्रेम का यह सिद्धांत कई अन्य शिक्षाओं का भी आधार है: "प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है" (रोमियों 13:10)।

   हमारे तथा समस्त जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के अनुसरण में हमें प्रतिदिन ऐसे चुनाव करने होते हैं जिनका प्रभाव दूसरों के जीवनों पर होता है। इसलिए जब हम कोई निर्णय लेने लगें तो ज़रा थम कर अपने आप से प्रश्न कर लें, "क्या यह प्रभु यीशु मसीह के दूसरों के प्रति चिंता को प्रतिबिंबित करता है, या मैं केवल अपने भले की ही चिंता के आधार पर ऐसा कर रहा हूँ?"

   दूसरों की भलाई के प्रति संवेदनशील होने का यह सिद्धांत, सारे जगत के प्रति प्रभु परमेश्वर के प्रेम को दिखाता है, जिसके अन्तर्गत परमेश्वर सबकी सहायता और सबका भला करना चाहता है (यूहन्ना 3:16)। - डेनिस फिशर


दूसरों के बोझों को उठाने में सहायक रहने की चिंता 
हमें अपने बोझों को भूलने में सहायक होती है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: रोमियों 13:8-14
Romans 13:8 आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदार न हो; क्योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है। 
Romans 13:9 क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। 
Romans 13:10 प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है। 
Romans 13:11 और समय को पहिचान कर ऐसा ही करो, इसलिये कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुंची है, क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उद्धार निकट है। 
Romans 13:12 रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें। 
Romans 13:13 जैसा दिन को सोहता है, वैसा ही हम सीधी चाल चलें; न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में। 
Romans 13:14 वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40


No comments:

Post a Comment