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Monday, April 4, 2016

रख-रखाव


   मैं जब अपनी बेटियों को कार चलाना सिखा रहा था तो मैंने उन्हें कार के रख-रखाव से संबंधित कुछ बुनियादी बातों पर भी ध्यान देना सिखाया। हम एक स्थानीय सर्विस स्टेशन पर गए जहाँ उन्होंने देखा और सीखा कि जब भी कार में पैट्रोल डलवाएं तो साथ ही इंजन में तेल भी कैसे जाँच लें। इसके महत्व को समझाने के लिए मैंने उन से कहा, "तेल सस्ता होता है; लेकिन इंजन बहुत महंगा है"; अर्थात इंजन में तेल डालने का, इंजन के रख-रखाव का, खर्च तो थोड़ा सा ही है लेकिन तेल या रख-रखाव के अभाव में खराब हो जाने वाले इंजन को बदलना बहुत महंगा होता है। आज, कई सालों बाद भी उन्हें वह बात याद है, और वे मुझे यह बताती रहती हैं।

   ऐसे ही रख-रखाव हमारे आत्मिक जीवनों के लिए भी बहुत आवश्यक है। प्रति-दिन समय निकाल कर परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ने और प्रार्थना के द्वारा परमेश्वर की आवाज़ को सुनना, उसके अनुसार अपने जीवन को सुधारना, सुचारू रीति से चलाना हमारे व्यक्तिगत जीवन के रख-रखाव का बहुत महत्वपूर्ण भाग है। दाऊद ने भजन 5 में लिखा: "हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना कर के तेरी बाट जोहूंगा" (भजन 5:3), और इसके बाद के पदों में उसने अपने हृदय से परमेश्वर की आराधना, धन्यवाद और प्रार्थना के निवेदन करे।

   बहुत से लोगों का नियम है कि वे अपना दिन परमेश्वर के साथ संगति के साथ करके आरंभ करते हैं। अपनी निज किसी भी बात को करने से पहले, वह चाहे खबरें जानना हो या प्रातः का नाश्ता करना हो या फिर ईमेल देखना हो, वे कुछ समय परमेश्वर के वचन बाइबल का एक भाग पढ़ने, परमेश्वर के प्रति उसके प्रेम तथा महानता के लिए धनयवादी होने, आराधना और प्रार्थना करके उससे दिन भर के लिए मार्गदर्शन लेने के द्वारा करते हैं। तो अन्य कुछ लोग दिन के भिन्न समयों में जब अवसर मिलता है परमेश्वर के वचन को पढ़ने और प्रार्थना करने के द्वारा उससे संगति बनाए रखते हैं।

   यह सब ना तो कोई रीति-रिवाज़ है और ना ही किसी धार्मिक रिवाज़ की पूर्ति मात्र है; यह आत्मिक रख-रखाव है - हम प्रतिदिन अपने प्रभु परमेश्वर को स्मरण करते हैं, उसका धन्यवाद करते हैं और उससे आग्रह करते हैं कि वह हमारे हृदयों में, हमारे साथ-साथ बना रहे, हमारा सहायक और मार्गदर्शक हो तथा प्रत्येक अनुचित बात और बुराई से हमें बचाए रखे। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर के वचन और प्रार्थना में जीवन की जड़ें जमा लेने से ही परिस्थित्यों का सामना करने की स्थिरता आती है।

और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं। आमीन। - मत्ती 6:13

बाइबल पाठ: भजन 5
Psalms 5:1 हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा; मेरे ध्यान करने की ओर मन लगा। 
Psalms 5:2 हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं। 
Psalms 5:3 हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना कर के तेरी बाट जोहूंगा। 
Psalms 5:4 क्योंकि तू ऐसा ईश्वर नहीं जो दुष्टता से प्रसन्न हो; बुराई तेरे साथ नहीं रह सकती। 
Psalms 5:5 घमंडी तेरे सम्मुख खड़े होने न पांएगे; तुझे सब अनर्थकारियों से घृणा है। 
Psalms 5:6 तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है। 
Psalms 5:7 परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूंगा। 
Psalms 5:8 हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगुवाई कर; मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा। 
Psalms 5:9 क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं। 
Psalms 5:10 हे परमेश्वर तू उन को दोषी ठहरा; वे अपनी ही युक्तियों से आप ही गिर जाएं; उन को उनके अपराधों की अधिकाई के कारण निकाल बाहर कर, क्योंकि उन्होंने तुझ से बलवा किया है। 
Psalms 5:11 परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों। 
Psalms 5:12 क्योंकि तू धर्मी को आशीष देगा; हे यहोवा, तू उसको अपने अनुग्रहरूपी ढाल से घेरे रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25