बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Thursday, April 14, 2016

कार्यरत


   विवियन और डॉन 90-100 के मध्य की आयु में हैं, और उनके वैवाहिक जीवन के 70 वर्ष पूरे हो चुके हैं। हाल ही में विवियन का कूल्हा टूट जाने से वे कठिनाई में आ गए; उनके लिए यह और भी अधिक दुःखी करने वाली बात इसलिए थी क्योंकि कई वर्षों से वे इस बात को लेकर दुःखी हैं कि अपनी उम्र के कारण वे नियमित चर्च नहीं जा पा रहे हैं और चर्च की गतिविधियों में भाग नहीं लेने पा रहे हैं।

   लेकिन फिर भी विवियन और डॉन प्रभु परमेश्वर के लिए सतत कार्यरत हैं; चाहे वे चर्च या अन्य स्थानों पर ना जा पाते हों किंतु वे प्रार्थना-योद्धा हैं। चर्च के तथा अन्य लोगों के लिए वे घर पर ही प्रार्थनाएं करते रहते हैं, अपनी प्रार्थनाओं में उनका ध्यान रखते हैं, उनके लिए परमेश्वर से सहायाता और आशीष जुटाते हैं। वे इस उम्र में भी, चाहे पृष्ठभूमि में ही सही, किंतु परमेश्वर के कार्य में कार्यरत हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती रचित सुसमाचार के 25वें अध्याय में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया ’तोड़ों’ का दृष्टांत है, जिसके द्वारा उन्होंने सिखाया कि जो भी गुण, आशीष और योग्यता परमेश्वए ने हमें प्रदान करी है, उसका सदुपयोग परमेश्वर के राज्य की बढ़ोतरी के लिए सबको बुद्धिमानी से करना है, ना कि उन्हें ऐसे ही दबा कर निषक्रीय रखना है; और परमेश्वर ने अपने प्रत्येक जन को कुछ-ना-कुछ दिया है।

   परमेश्वर हमें केवल हमारी सामर्थ के वर्षों ही में उपयोग नहीं करता; परन्तु यदि हम उसे करने दें तो वह हमारे बचपन, बुढ़ापे, हमारी कमज़ोरियों और बीमारियों में भी हमें अपने लिए इस्तेमाल करता है। विवियन और डॉन इस बात का सजीव उदाहरण हैं, जो अपनी उम्र और अस्वस्थता के बावजूद आज भी परमेश्वर के लिए कार्यरत हैं। उन के समान, अपने उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर की सेवकाई के लिए अपने गुणों, आशीषों और योग्यताओं का सदुपयोग करके हम परमेश्वर का आदर और उपासना करते हैं। - डेव ब्रैनन


यदि आप इच्छुक हैं, तो परमेश्वर किसी भी उम्र या परिस्थिति में आपका उपयोग कर सकता है।

जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4

बाइबल पाठ: मत्ती 25:14-21
Matthew 25:14 क्योंकि यह उस मनुष्य की सी दशा है जिसने परदेश को जाते समय अपने दासों को बुलाकर, अपनी संपत्ति उन को सौंप दी। 
Matthew 25:15 उसने एक को पांच तोड़े, दूसरे को दो, और तीसरे को एक; अर्थात हर एक को उस की सामर्थ के अनुसार दिया, और तब पर देश चला गया। 
Matthew 25:16 तब जिस को पांच तोड़े मिले थे, उसने तुरन्त जा कर उन से लेन देन किया, और पांच तोड़े और कमाए। 
Matthew 25:17 इसी रीति से जिस को दो मिले थे, उसने भी दो और कमाए। 
Matthew 25:18 परन्तु जिस को एक मिला था, उसने जा कर मिट्टी खोदी, और अपने स्‍वामी के रुपये छिपा दिए। 
Matthew 25:19 बहुत दिनों के बाद उन दासों का स्‍वामी आकर उन से लेखा लेने लगा। 
Matthew 25:20 जिस को पांच तोड़े मिले थे, उसने पांच तोड़े और लाकर कहा; हे स्‍वामी, तू ने मुझे पांच तोड़े सौंपे थे, देख मैं ने पांच तोड़े और कमाए हैं। 
Matthew 25:21 उसके स्‍वामी ने उस से कहा, धन्य हे अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्‍तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्‍वामी के आनन्द में संभागी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59