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Tuesday, September 6, 2016

गीत-संगीत


   मैंने अपने एक मित्र से उसकी माँ की हालत के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि बुढ़ापे ने उनकी स्मरण-शक्ति क्षीण कर दी है, और उन्हें कई लोगों के नाम और बीते समय की अनेकों घटनाएं अब याद नहीं रहती हैं। उसने आगे बताया कि, फिर भी, वे आज भी प्यानो पर बैठकर, बिना किसी छपी हुई हुए गीत-संगीत पुस्तक के, अनेकों भजन अपनी स्मरण-शक्ति से गा लेती हैं।

   प्राचीन दार्शनिकों, प्लेटो और अरस्तु ने संगीत के चँगाई देने वाले गुण के बारे में 2500 वर्ष पूर्व लिखा था। लेकिन उन से भी सदियों पहले, परमेश्वर के वचन बाइबल की पुस्तकों में गीत-संगीत की भरपूरी थी। बाइबल की प्रथम पुस्तक उत्पत्ति में यूबाल जो "...वीणा और बांसुरी आदि बाजों के बजाने की सारी रीति का उत्पादक हुआ" (उत्पत्ति 4:21) के उल्लेख से लेकर, बाइबल की अन्तिम पुस्तक प्रकाशितवाक्य तक जहाँ परमेश्वर के लोगों को दिखाया गया है कि, "और वे परमेश्वर के दास मूसा का गीत, और मेम्ने का गीत गा गाकर कहते थे, कि हे र्स्‍वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर, तेरे कार्य बड़े, और अद्भुत हैं, हे युग युग के राजा, तेरी चाल ठीक और सच्ची है" (प्रकाशितवाक्य 15:3), बाइबल के पन्ने गीत-संगीत की गूंज से भरे पड़े हैं। भजन संहिता बाइबल की गीत-संगीत की पुस्तक है जिसके भजन हमें परमेश्वर की विश्वासयोग्यता और प्रेम के बारे में बताते हैं; और इस पुस्तक का अन्त होता है इस आहावहन से: "जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो" (भजन 150:6)।

   आज हमें अपने हृदयों में परमेश्वर की इस गीत-संगीत की सेवकाई की आवश्यकता इतिहास के किसी भी काल में रही आवश्यकता से बढ़कर है। दिन में हमारी चाहे जो भी परिस्थिति रही हो, संध्या के समय हम यही गाते हुए पाए जाएं: "हे मेरे बल, मैं तेरा भजन गाऊँगा, क्योंकि हे परमेश्वर, तू मेरा ऊँचा गढ़, और मेरा करुणामय परमेश्वर है" (भजन 59:17)। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब आप अपनी आशीषों को गिनने लगते हैं, 
तो परमेश्वर कि स्तुति और आराधना स्वतः ही निकलने लगती है।

आओ हम यहोवा के लिये ऊंचे स्वर से गाएं, अपने उद्धार की चट्टान का जयजयकार करें! - भजन 95:1

बाइबल पाठ: भजन 150
Psalms 150:1 याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रस्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो! 
Psalms 150:2 उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:3 नरसिंगा फूंकते हुए उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:4 डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तार वाले बाजे और बांसुली बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:5 ऊंचे शब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:6 जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58