बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Saturday, September 10, 2016

प्रेम-पत्र


   मैं और मेरी पत्नी जब अपनी डाक का डब्बा खोलते हैं तो यदा-कदा हमें एक पत्र मिलता है जिसमें कोई शब्द नहीं लिखे होते हैं; जब हम लिफाफे से उस पत्र को निकालते हैं तो वह केवल एक कागज़ होता है जिस पर रंगीन स्केच-पेन से कुछ निशान बने होते हैं। ये पत्र हमारे हृदयों को हर्षित करते हैं क्योंकि वे हमारी पोती केटी द्वारा हमें लिखे गए संदेश हैं; केटी हम से दूर एक अलग प्रांत में रहती है और उसकी आयु अभी स्कूल जाने लायक नहीं हुई है। बिना कोई शब्द लिखे, केटी हम तक यह सन्देश पहुँचा देती है कि वह हम से प्रेम करती है और हमारे बारे में सोचती है।

   अपने प्रीय जनों से आने वाले पत्र हम सभी को पसंद होते हैं, और हम में से अनेक लोग उन्हें संजो कर भी रखते हैं तथा बार-बार उन्हें देखते-पढ़ते हैं। इसीलिए यह तथ्य कि हमारे परमेश्वर पिता ने हमें एक प्रेम-पत्र लिखा है, जिसका नाम बाइबल है, इतना उत्साहवर्धक है। परमेश्वर के इस वचन, बाइबल, का मूल्य उसके सामर्थ, चुनौती तथा समझदारी से भरे वचनों से बढ़कर है; वह जीवते वचन - प्रभु यीशु मसीह का प्रतिरूप है, जो परमेश्वर के साथ था और परमेश्वर है (यूहन्ना 1:1)।

   बाइबल की अनेकों घटनाओं और बातों में, उसकी शिक्षाओं और मार्गदर्शन में, जो एक बात बारंबार हमारे सामने आती है, वह है कि परमेश्वर हम से प्रेम करता है और उसने हमें पापों के दुषप्रभावों से बचाने की योजना बनाकर कार्यान्वित कर रखी है। बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर की नज़र हमारे अस्तित्व पर हमारे जन्म लेने से पूर्व से ही लगातार बनी हुई है (भजन 139); वह हमारी प्रत्येक आवश्यकता को जानता है और उसे पूरा करता है (मत्ती 6:25-34); वह हमें शान्ति तथा सांत्वना देता है (2 कुरिन्थियों 1:3-4) और अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के द्वारा उसने हमें बचाया है (रोमियों 1:16-17)।

   परमेश्वर ने अपने इस प्रेम-पत्र बाइबल द्वारा समस्त मानव-जाति को यह जता दिया है कि जितना प्रेम वह आपसे करता है वह हमारी कलपना से भी कहीं बढ़कर है। इसीलिए, कोई अचरज की बात नहीं कि भजनकार ने इस अद्भुत प्रेम-पत्र के संबंध में लिखा है, "मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा" (भजन 119:16)।


परमेश्वर का प्रेम, हमारे लिए लिखे गए उसके पत्र बाइबल में प्रगट है।

आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। यही आदि में परमेश्वर के साथ था। सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। 
 - यूहन्ना 1:1-3

बाइबल पाठ: भजन 119:9-16
Psalms 119:9 जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से। 
Psalms 119:10 मैं पूरे मन से तेरी खोज में लगा हूं; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे! 
Psalms 119:11 मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। 
Psalms 119:12 हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियां सिखा! 
Psalms 119:13 तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैं ने अपने मुंह से किया है। 
Psalms 119:14 मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं। 
Psalms 119:15 मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा। 
Psalms 119:16 मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 8-9
  • 2 कुरिन्थियों 3