बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Wednesday, December 28, 2016

आशा


   कोलेराडो में स्थित टेड रॉबर्टसन का घर जून 2013 में जंगल में लगी भीष्ण आग में जल कर स्वाहा हो जाने वाले 500 से भी अधिक घरों में से एक था। जब उसे वापस लौट कर राख और मलबे में अपने सामान को तलाशने की अनुमति मिली, उसकी आशा एक बहुमूल्य पारीवारिक स्मारक, उसकी पत्नि द्वारा चीनी मिट्टी से बनाई गई शिशु यीशु की छोटी सी मूर्ति को पा लेने की थी। अपने घर के जले हुए अवशेषों को टटोलते हुए, वह सोचता रहा, "क्या वह शिशु यीशु अभी भी यहाँ है?"

   जब हमारे जीवन निराशा तथा हानि के द्वारा झकझोरे जाते हैं, हमारे अन्दर यह विचार उत्पन्न हो सकता है कि क्या प्रभु यीशु अभी भी हमारे साथ विद्यमान है? परमेश्वर के वचन बाइबल का स्पष्ट तथा दृढ़ उत्तर है - हाँ! जैसा प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखकर उन्हें आशा बन्धाई: "क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई, न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी" (रोमियों 8:38-39)।

   अपने जले हुए घर के उस भाग के एक कोने में, जो कभी गैरेज हुआ करता था, टेड रॉबर्टसन को प्रभु यीशु के जन्म को दिखाने वाले दृश्य के जले हुए अवशेष मिले, और वहाँ उनको शिशु यीशु की वह छोटी मूर्ति भी मिली जिसे उस आग से कोई हानि नहीं हुई थी। टेड ने के.आर.डी.ओ. न्यूज़ चैनेल को बताया, उस मूर्ति को पा लेने से, "हम आशंका से आशा में गए...हमें लगने लगा कि हम अपने जीवनों के खोए हुए कुछ भाग को पुनः प्राप्त कर लेंगे।"

   क्या प्रभु यीशु अभी भी है? जी हाँ, वह सदा साथ बना रहता है! यही क्रिसमस की कभी समाप्त ना होने वाली आशा है। - डेविड मैक्कैसलैंड


यदि आप ने प्रभु यीशु के साथ अपना संबंध बना लिया है तो आप कभी अकेले नहीं रहेंगे।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-39
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है। 
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? 
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? 
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है। 
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है। 
Romans 8:35 कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? 
Romans 8:36 जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होने वाली भेंड़ों की नाईं गिने गए हैं। 
Romans 8:37 परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं। 
Romans 8:38 क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई, 
Romans 8:39 न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 19