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Saturday, April 29, 2017

तत्पर और तैयार


   तकनीकी से हमें बहुत सुविधाएं एवं आशीषें हैं। किसी स्वास्थ्य संबंधित समस्या के बारे में जानकारी चाहिए, तो इंटरनैट पर जाएं, और वहाँ आपको जानकारी प्राप्त करने के अनेकों विकल्प मिल जाएंगे। किसी मित्र से संपर्क करना है, तो उसे टेक्स्ट लिखकर, ईमेल भेजकर, या उसके फेसबुक पृष्ठ पर सन्देश लिखकर आप अपनी बात उस तक तुरंत पहुँचा सकते हैं। परन्तु तकनीकी कभी-कभी कुंठित कर देने वाली भी हो सकती है। कुछ समय पहले मुझे अपने बैंक खाते से संबंधित कुछ जानकारी लेनी थी, जिसे पाने के लिए मुझे अनेकों सुरक्षा-प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। क्योंकि उन प्रश्नों में से कुछ के उत्तर मैं सही नहीं दे पाया इसलिए मुझे अपने ही खाते की जानकारी पाने से रोक दिया गया। या फिर किसी ऐसे समय के बारे में विचार कीजिए जब आप अपने सेल-फोन पर कोई महत्वपूर्ण वार्तालाप कर रहे हैं और फोन की बैट्री समाप्त हो जाए; ऐसा होते ही आपकी बातचीत कट जाएगी और जब तक आप फोन को चार्ज होने के लिए लगा नहीं देंगे, बातचीत पुनः आरंभ करने का कोई तरीका सम्भव नहीं है।

   इस सब के कारण मुझे इस सत्य से बहुत आनन्द होता है कि परमेश्वर के साथ संपर्क करने के लिए मुझे किसी तकनीकी यंत्र की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं चाहे जब, किसी भी स्थान या परिस्थिति में परमेश्वर पिता के साथ प्रार्थना द्वारा संपर्क कर सकता हूँ। ना किसी सुरक्षा-प्रश्न का उत्तर देने की आवश्यकता है और ना ही बैट्री को चार्ज रखने का ध्यान रखने की। मुझे वह आश्वासन बहुत प्रीय है जो परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना ने दिया है, "और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है" (1 यूहन्ना 5:14)।

   परमेश्वर पिता अपने बच्चों को सदा उपलब्ध रहता है; वह ना कभी ऊँघता है और न ही कभी सोता है (भजन 121:4)। और हमारे प्रति उसका प्रेम इतना गहरा है कि वह हमारी हर बात सुनने के लिए सदा तत्पर और तैयार रहता है। - जो स्टोवैल


हमारी प्रत्येक आवश्यकता में परमेश्वर सदा उपलब्ध रहता है।

सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा। - भजन 121:4

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 5:5-15
1 John 5:5 संसार पर जय पाने वाला कौन है केवल वह जिस का यह विश्वास है, कि यीशु, परमेश्वर का पुत्र है। 
1 John 5:6 यही है वह, जो पानी और लोहू के द्वारा आया था; अर्थात यीशु मसीह: वह न केवल पानी के द्वारा, वरन पानी और लोहू दोनों के द्वारा आया था। 
1 John 5:7 और जो गवाही देता है, वह आत्मा है; क्योंकि आत्मा सत्य है। 
1 John 5:8 और गवाही देने वाले तीन हैं; आत्मा, और पानी, और लोहू; और तीनों एक ही बात पर सहमत हैं। 
1 John 5:9 जब हम मनुष्यों की गवाही मान लेते हैं, तो परमेश्वर की गवाही तो उस से बढ़कर है; और परमेश्वर की गवाही यह है, कि उसने अपने पुत्र के विषय में गवाही दी है। 
1 John 5:10 जो परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करता है, वह अपने ही में गवाही रखता है; जिसने परमेश्वर को प्रतीति नहीं की, उसने उसे झूठा ठहराया; क्योंकि उसने उस गवाही पर विश्वास नहीं किया, जो परमेश्वर ने अपने पुत्र के विषय में दी है। 
1 John 5:11 और वह गवाही यह है, कि परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है: और यह जीवन उसके पुत्र में है। 
1 John 5:12 जिस के पास पुत्र है, उसके पास जीवन है; और जिस के पास परमेश्वर का पुत्र नहीं, उसके पास जीवन भी नहीं है।
1 John 5:13 मैं ने तुम्हें, जो परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास करते हो, इसलिये लिखा है; कि तुम जानो, कि अनन्त जीवन तुम्हारा है। 
1 John 5:14 और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है। 
1 John 5:15 और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उस से मांगा, वह पाया है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 6-7
  • लूका 20:27-47


Friday, April 28, 2017

भय


   जब सैलिनियों से भरा पानी का जहाज़ किनारे पहुँचा तो यात्री जितना शीघ्र हो सका जहाज़ से उतरने लगे। उन्होंने पिछले कुछ दिन जहाज़ में एक जीवाणु के संक्रमण के साथ बिताए थे, जिससे सैंकड़ों यात्री बीमार पड़ गए थे। उतरते हुए यात्रियों से उनके अनुभवों के बारे में पूछताछ कर रहे समाचार संवाददाता द्वारा पूछे जाने पर एक यात्री ने कहा, "मैं शिकायत तो नहीं करना चाहता; क्योंकि हम सभी एक ही नाव पर सवार थे।" यात्री की यह बात सुनकर वह संवाददाता मुस्कुरा उठा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 8 में हम एक अन्य जल यात्रा के बारे में पढ़ते हैं (पद 23-27)। प्रभु यीशु एक नाव में चढ़े और चेले भी उनके पीछे उसी नाव में चढ़ गए। वे झील के पार जा रहे थे कि एक बड़े तूफान ने उन्हें घेर लिया, नाव बुरी तरह से डगमगाने लगी और चेलों को भय लगने लगा कि नाव अब डूब ही जाएगी। उन्होंने घबरा कर प्रभु यीशु को उठाया, यह समझकर कि वह उनपर मंडरा रहे खतरे से अनभिज्ञ है।

   प्रभु यीशु उन चेलों के साथ उसी नाव में तो था परन्तु चेलों के समान वह तूफान से भयभीत नहीं था। सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता होने के नाते उसे इन बातों का कोई भय नहीं था; "...तब उसने उठ कर आन्‍धी और पानी को डांटा, और सब शान्‍त हो गया" (मत्ती 8:26)।

   परन्तु हम प्रभु यीशु के समान सामर्थी नहीं हैं, इसीलिए परिस्थितियों द्वारा हम भयभीत हो जाते हैं। जब हमारे जीवन परिस्थितियों के तूफानों में घिरने लगें तो हमें क्या करना चाहिए? वे तूफान चाहे जल्दी से निकल जाएं या फिर लंबे समय तक बने रहें, हम एक बात को लेकर आश्वस्त रह सकते हैं, हमारा उध्दारकर्ता प्रभु यीशु सदा हमारे साथ बना रहता है; हम उसके साथ एक ही नाव में सवार हैं जिसकी बात हर तूफान और परिस्थिति मानती है। इसलिए जिसका उसे भय नहीं है, उसे लेकर हमें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। - सिंडी हैस कैस्पर


एक मसीही विश्वासी के जितना निकट प्रभु परमेश्वर रहता है, 
उतना निकट कोई तूफान कभी नहीं आ सकता है।

और उन्होंने निकलकर हर जगह प्रचार किया, और प्रभु उन के साथ काम करता रहा, और उन चिन्‍हों के द्वारा जो साथ साथ होते थे वचन को, दृढ़ करता रहा। आमीन। - मरकुस 16:20

बाइबल पाठ: मत्ती 8:23-27
Matthew 8:23 जब वह नाव पर चढ़ा, तो उसके चेले उसके पीछे हो लिए। 
Matthew 8:24 और देखो, झील में एक ऐसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था।
Matthew 8:25 तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं। 
Matthew 8:26 उसने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उसने उठ कर आन्‍धी और पानी को डांटा, और सब शान्‍त हो गया। 
Matthew 8:27 और लोग अचम्भा कर के कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 3-5
  • लूका 20:1-26


Thursday, April 27, 2017

पालनहार


   मेरे मित्र ग्रीष्म ऋतु के लिए सब्ज़ियाँ उगाने की योजनाएं बना रहे हैं, उन्हें लागू कर रहे हैं। कुछ ने शीघ्र आरंभ के लिए घरों के अन्दर ही बीज बो कर पौध उगाना आरंभ कर दिया है, जहाँ बीजों के अंकुरित होने के लिए वे सबसे उपयुक्त वातावरण को बना तथा नियंत्रित कर सकते हैं। जब शरद ऋतु के पाले द्वारा अंकुरों को हानि का खतरा टल जाएगा तब वे उन पौधों को बाहर ज़मीन में बनी क्यारियों में लगा देंगे। एक बार पौधे उगने लगें, फिर उनकी देखभाल करने, समय से उन्हें पर्याप्त रीति से सींचने, खाद डालने, जंगली पौधों को निकालने, कीट तथा जानवरों से उनका बचाव करने, आदि का समय आरंभ हो जाता है। भोजन वस्तु को उगाना बड़ी मेहनत का कार्य है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि मूसा के द्वारा परमेश्वर ने इस्त्राएलियों को इस बात का स्मरण दिलाया। जब वे इस्त्राएली मिस्त्र में दासत्व में थे तो उन्हें अपने हाथों से फसल की सींचाई करनी पड़ती थी (व्यवस्थाविवरण 11:10)। परन्तु परमेश्वर जिस स्थान पर बसाने के लिए उन्हें लेकर जा रहा था, वहाँ के लिए उसने उनसे वायदा किया था कि उनके इस परिश्रम को हलका करेगा, उन्हें समयानुसार वर्षा देगा: "मैं तुम्हारे देश में बरसात के आदि और अन्त दोनों समयों की वर्षा को अपने अपने समय पर बरसाऊंगा, जिस से तू अपना अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल संचय कर सकेगा" (व्यवस्थाविवरण 11:14)। परमेश्वर ने ऐसा करने के लिए केवल एक ही शर्त रखी थी, "और यदि तुम मेरी आज्ञाओं को जो आज मैं तुम्हें सुनाता हूं ध्यान से सुनकर, अपने सम्पूर्ण मन और सारे प्राण के साथ, अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम रखो और उसकी सेवा करते रहो" (व्यवस्थाविवरण 11:13)। प्रभु परमेश्वर अपने लोगों को एक ऐसे स्थान पर ले जा रहा था जहाँ उनकी आज्ञाकारिता और परमेश्वर की आशीष मिलकर अन्य लोगों के लिए जीवन का प्रकाश बन जाएंगे।

   आज भी परमेश्वर हम मसीही विश्वासियों के द्वारा यही प्रयोजन रखता है; वह चाहता है कि उसके प्रति हमारा प्रेम, उसके वचन के प्रति हमारी आज्ञाकारिता के द्वारा प्रगट हो, जिससे उसकी आशीषों से परिपूर्ण होकर हमारे जीवन औरों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करने वाली ज्योति बन जाएं। वह चाहता है कि संसार हमारे जीवनों से देखे कि वो हमारा सृष्टिकर्ता ही नहीं वरन पालनहार भी है, और हम सब के लिए अनन्त आनन्द के जीवन की ज्योति तथा मार्ग भी। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर से प्रेम करने से जीवन सरल नहीं हो जाता; 
परन्तु उसकी सामर्थ्य से सहज अवश्य हो जाता है।

यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे। - यूहन्ना 14:23

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 11:8-15
Deuteronomy 11:8 इस कारण जितनी आज्ञाएं मैं आज तुम्हें सुनाता हूं उन सभों को माना करना, इसलिये कि तुम सामर्थी हो कर उस देश में जिसके अधिकारी होने के लिये तुम पार जा रहे हो प्रवेश कर के उसके अधिकारी हो जाओ, 
Deuteronomy 11:9 और उस देश में बहुत दिन रहने पाओ, जिसे तुम्हें और तुम्हारे वंश को देने की शपथ यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों से खाई थी, और उस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं। 
Deuteronomy 11:10 देखो, जिस देश के अधिकारी होने को तुम जा रहे हो वह मिस्र देश के समान नहीं है, जहां से निकलकर आए हो, जहां तुम बीज बोते थे और हरे साग के खेत की रीति के अनुसार अपने पांव की नलियां बनाकर सींचते थे; 
Deuteronomy 11:11 परन्तु जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो वह पहाड़ों और तराईयों का देश है, और आकाश की वर्षा के जल से सिंचता है; 
Deuteronomy 11:12 वह ऐसा देश है जिसकी तेरे परमेश्वर यहोवा को सुधि रहती है; और वर्ष के आदि से ले कर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है।
Deuteronomy 11:13 और यदि तुम मेरी आज्ञाओं को जो आज मैं तुम्हें सुनाता हूं ध्यान से सुनकर, अपने सम्पूर्ण मन और सारे प्राण के साथ, अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम रखो और उसकी सेवा करते रहो, 
Deuteronomy 11:14 तो मैं तुम्हारे देश में बरसात के आदि और अन्त दोनों समयों की वर्षा को अपने अपने समय पर बरसाऊंगा, जिस से तू अपना अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल संचय कर सकेगा। 
Deuteronomy 11:15 और मैं तेरे पशुओं के लिये तेरे मैदान में घास उपजाऊंगा, और तू पेट भर खाएगा और सन्तुष्ट रहेगा।

एक साल में बाइबल:

  • 1 राजा 1-2
  • लूका 19:28-48


Wednesday, April 26, 2017

पुस्तक


   सारे संसार भर में लाखों लोगों ने "Gone With the Wind" फिल्म को देखा है। इस फिल्म का पहला प्रदर्शन अमेरिका में 15 दिसंबर 1939 को हुआ था। इस फिल्म ने 10 एकैडमी पुरुस्कार जीते थे, और यह अब तक की हॉलीवुड की आर्थिक रीति से सबसे सफल फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 1936 में प्रकाशित मारग्रेट मिचल के इसी नाम उपन्यास पर बनी है; इस उपन्यास की, उसके प्रकाशन के छः माह में ही 10लाख प्रतियाँ बिक गई थीं, उसे लेखन के लिए पुलिट्ज़र पुरुस्कार भी मिला और इस उपन्यास का 40 से अधिक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। एक महान फिल्म अकसर एक महान और समय के प्रभाव से रहित कहानी पर ही बन सकती है।

   मसीही विश्वास का आधार भी एक सत्य, अटल और शाश्वत पुस्तक है - परमेश्वर का वचन बाइबल, जो 66 भिन्न पुस्तकों, पत्रियों, ऐतिहासिक वर्णनों, कविताओं, भविष्यवाणियों और शिक्षा के सदवचनों का संकलन है। इस संकलन की प्रथम पुस्तक, उत्पत्ति से लेकर उसकी अन्तिम पुस्तक, प्रकाशितवाक्य तक, बाइबल में परमेश्वर ने अपनी सृष्टि तथा अपने लोगों के लिए अपनी योजना को प्रगट किया है। इस पुस्तक में भजन संहिता का एक भजन - भजन 119, परमेश्वर के वचन की हमारे जीवनों में सामर्थ्य तथा अवश्यकता का वर्णन है। इस भजन में भजनकार परमेश्वर के वचन से मिलने वाले अनेकों लाभों को लिखता है, जैसे कि, यह वचन हमारे पथ के लिए उजियाला है (पद 105), हमारी आत्मा को तरोताज़ा करता है (पद 107), हमारे कदमों की रक्षा करता है (पद 110)। परमेश्वर की प्रेरर्णा से लिखे गए इस पवित्रशास्त्र से हम बुध्दि, मार्गदर्शन, जीवन और आनन्द पाते हैं (पद 111)।

   हमारा तथा सारे जगत का उध्दारकर्ता प्रभु यीशु हमारा आहवान करता है कि हम अपने जीवन उसके वचन पर बनाएं, और उसे जानने के आनन्द को उन लोगों के साथ बाँटें जो परमेश्वर के साथ सच्चे आनन्द का जीवन बिताने की खोज में हैं। बाइबल अनुपम तथा अद्भुत पुस्तक है, उसका नायक तथा विषय-वस्तु, प्रभु यीशु मसीह, अनुपम तथा अद्भुत उध्दारकर्ता है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


परमेश्वर के शाश्वत सत्य वचन बाइबल पर आज भी भरोसा किया जा सकता है।

इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य के समान ठहरेगा जिसने अपना घर चट्टान पर बनाया। और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आन्‍धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं, परन्तु वह नहीं गिरा, क्योंकि उस की नेव चट्टान पर डाली गई थी। परन्तु जो कोई मेरी ये बातें सुनता है और उन पर नहीं चलता वह उस निर्बुद्धि मनुष्य के समान ठहरेगा जिसने अपना घर बालू पर बनाया। और मेंह बरसा, और बाढ़ें आईं, और आन्‍धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं और वह गिरकर सत्यानाश हो गया। - मत्ती 7:24-27

बाइबल पाठ: भजन 119:105-112
Psalms 119:105 तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। 
Psalms 119:106 मैं ने शपथ खाई, और ठाना भी है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूंगा। 
Psalms 119:107 मैं अत्यन्त दु:ख में पड़ा हूं; हे यहोवा, अपने वचन के अनुसार मुझे जिला। 
Psalms 119:108 हे यहोवा, मेरे वचनों को स्वेच्छाबलि जान कर ग्रहण कर, और अपने नियमों को मुझे सिखा। 
Psalms 119:109 मेरा प्राण निरन्तर मेरी हथेली पर रहता है, तौभी मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया। 
Psalms 119:110 दुष्टों ने मेरे लिये फन्दा लगाया है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों के मार्ग से नहीं भटका। 
Psalms 119:111 मैं ने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भाग कर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण हैं। 
Psalms 119:112 मैं ने अपने मन को इस बात पर लगाया है, कि अन्त तक तेरी विधियों पर सदा चलता रहूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 23-24
  • लूका 19:1-27


Tuesday, April 25, 2017

सेवा


   अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने पर जॉन एफ़. केनेडी ने राष्ट्र को किए अपने प्रथम संबोधन में अमेरिका के नागरिकों के सामने एक चुनौती रखी, "यह मत पूछिए कि आपका राष्ट्र आपके लिए क्या कर सकता है; वरन यह पूछिए कि आप अपने राष्ट्र के लिए क्या कर सकते हैं?" यह नागरिकों के लिए पुनःसमर्पण का उनका आहवान था कि वे दूसरों की सेवा के लिए अपने जीवनों को समर्पित करें। उनके शब्दों ने विशेषकर उन लोगों के पुत्र और पुत्रियों को प्रेरित किया जिन्होंने युध्द में अपने देश की सेवा की थी।

   उनका तात्पर्य स्पष्ट था: जो आपके माता-पिता ने कमाया-बनाया है, बहुधा अपने जीवन की आहुति के द्वारा, उसे अब शांतिप्रीय साधनों द्वारा सुरक्षित रखो। उनके इस आहवान के प्रत्युत्तर में अनेकों स्व्यंसेवकों की सेना उठ खड़ी हुई जिसने दशकों से सारे संसार भर में मानवता की सेवा के लिए कार्य किया है।

   इससे भी कई शताबदी पहले, जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में दर्ज है, प्रेरित पौलुस ने भी मसीही विश्वासियों को एक चुनौति दी, आहवान किया, जो रोमियों 12 में हमें मिलता है। यहाँ पौलुस हमें अपने शरीरों को, उसकी सेवा के लिए जिसने अपने प्राण हमारे लिए बलिदान कर दिए, अर्थात प्रभु यीशु मसीह के लिए जीवते बलिदान कर के अर्पित करने को कहता है। हम मसीही विश्वासियों के लिए यह आत्मिक बलिदान मात्र शब्दों में नहीं होना चाहिए, वरन हमें अपने जीवनों को दूसरों की शारीरिक, भावनात्मक तथा आत्मिक भलाई के लिए निवेश करना है।

   सबसे उत्तम बात यह है कि यह बलिदान जहाँ हम अभी हैं, वहीं किया जा सकता है; जिनके बीच हम अभी हैं, उनके मध्य ही यह सेवा की जा सकती है। - रैंडी किलगोर


यीशु से यही नहीं कहें कि वह आपके लिए कुछ करे; 
उससे यह पूछें कि आप उसके लिए क्या कर सकते हैं?

मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास कर के सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास कर के सौंप दो। - रोमियों 6:19

बाइबल पाठ: रोमियों 12:1-8
Romans 12:1 इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। 
Romans 12:2 और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।
Romans 12:3 क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुध्दि के साथ अपने को समझे। 
Romans 12:4 क्योंकि जैसे हमारी एक देह में बहुत से अंग हैं, और सब अंगों का एक ही सा काम नहीं। 
Romans 12:5 वैसा ही हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह हो कर आपस में एक दूसरे के अंग हैं। 
Romans 12:6 और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न भिन्न वरदान मिले हैं, तो जिस को भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे। 
Romans 12:7 यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखाने वाला हो, तो सिखाने में लगा रहे। 
Romans 12:8 जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे; दान देनेवाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 21-22
  • लूका 18:24-43


Monday, April 24, 2017

परीक्षाएं


   जब बयान से बाहर त्रासदी लोगों के जीवनों को ध्वस्त करती है, तो वे उस परिस्थिति की दुविधा से संबंधित प्रश्न पूछते हैं। हाल ही में एक माँ ने, जिसके बेटे की किशोरावस्था में ही मृत्यु हो गई थी, मुझसे प्रश्न किया, "यह मेरी समझ के बाहर है। मैं नहीं जानती कि अब मैं और आगे विश्वास रखने पाऊँगी कि नहीं। मैं प्रयास तो करती हूँ, परन्तु अब परमेश्वर मुझे युक्तिसंगत प्रतीत नहीं होता है। इस सब का अर्थ क्या है?" ऐसे बड़ी चिन्ताओं के लिए कोई सरल उत्तर नहीं हैं। परन्तु हम, जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया है, हमारे लिए आशा है - चाहे हम आशीषों में आनन्दित हों अथवा दुःख में पिस रहे हों।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में पतरस ने अपनी प्रथम पत्री में इसे समझाया है। पतरस ने बड़े उत्साही शब्दों में पहले तो नए जन्म द्वारा जीवित आशा के विषय में लिखा (1 पतरस 1:3), जिस से त्रासदी में भी सांत्वना और आनन्द प्राप्त होता है। वह इस आशा के स्थाई होने के बारे में भी लिखता है (पद 4)। फिर वह हमें एक हृदय विदारक सत्य के सामने लाकर खड़ा करता है, कि हमें अनेकों प्रकार की परीक्षाओं के कारण दुःख उठाने पडेंगे। परन्तु पतरस द्वारा इससे आगे कहे गए शब्दों से उन्हें सांत्वना मिलेगी जिन्हें कोई हानि उठानी पड़ी है, क्योंकि पतरस आगे समझाता है कि यह सब इसलिए है ताकि प्रभु यीशु मसीह के प्रगट होने पर हम मसीही विश्वासियों का विश्वास प्रशंसा, महिमा और आदर का कारण ठहरे (पद 7)।

   जब दिखने में असंगत, निरुद्देश्य तथा समझ से बाहर परीक्षाओं को पतरस के इन वचनों के प्रकाश में देखा जाता है, तो उनका तात्पर्य भिन्न हो जाता है। परीक्षाओं और परेशानियों में भी हमारे मसीही विश्वास से मिले उध्दार की सामर्थ्य और मनोहरता, हमारे तथा सारे संसार के महान उध्दारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के कारण चमकती है। और उसकी इस चमक का प्रकाश किसी परेशान व्यक्ति के लिए उस दिन को बिताने के लिए पर्याप्त ज्योति हो सकता है।

   परीक्षाएं हमें तोड़ने के लिए नहीं, हमें निखारने और चमकाने के लिए आती हैं। - डेव ब्रैनन


गहरे अन्धकार में भी उध्दार की ज्योति स्पष्ट चमकती है।

केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। - रोमियों 5:3-5

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ्य से, विश्वास के द्वारा उस उध्दार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उध्दार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 19-20
  • लूका 18:1-23


Sunday, April 23, 2017

सदा साथ


   1986 में एम्सटरडैम के एक बहुत विशाल सभाघर में सारे संसार से आए 10,000 से अधिक सुसमाचार प्रचारक और मसीही अगुवे एकत्रित थे, और सारे विश्व में सुप्रसिध्द मसीही प्रचारक बिली ग्राहम के प्रवचन को सुन रहे थे। मैं भी उनमें बैठा था, और उनके अनुभवों को सुन रहा था। फिर, चकित होकर मैंने उन्हें कहते सुना, "मैं आप से कहना चाहता हूँ: जब भी मैं परमेश्वर के सेवकों की सभा के सामने प्रचार करने के लिए खड़ा होता हूँ, मुझें कंपकंपी होती है, मेरे घुटने थरथराने लगते हैं!"

   मैंने विचार किया, "क्या? इतना महान प्रचारक जिसने लाखों को अपने सामर्थी प्रचार से स्तब्ध किया है, वह कैसे कंपकंपा और थर्रा सकता है?" फिर बिली ग्राहम ने इस बात को समझाते हुए आगे कहा, ऐसा मंच पर खड़े होने के या अन्य किसी भय के कारण नहीं है, वरन उस अत्यन्त दीनता और नम्रता के कारण है जिसके अन्तर्गत वह अपने आप को उस चुनौतिपूर्ण कार्य के लिए अयोग्य अनुभव करते हैं जो परमेश्वर ने उन्हें सौंपा है। उन्हें अपनी वाकपटुता पर नहीं परन्तु परमेश्वर की सामर्थ्य पर निर्भर होना पड़ता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मूसा से जब परमेश्वर ने कहा कि वह जाकर इस्त्राएलियों को मिस्त्र के 400 वर्ष के दासत्व से छुड़ाए, तो मूसा ने बहुत आनाकनी की क्योंकि वह अपने आप को इस कार्य के लिए अनुप्युक्त समझता था। मूसा ने परमेश्वर से निवेदन किया कि यह कार्य करने के लिए वह किसी और को भेज दे, और एक बहाना यह दिया कि वह कभी भी अच्छा वक्ता नहीं रहा है (निर्गमन 4:10, 13)।

   जब परमेश्वर हमें कोई कार्य करने के लिए बुलाता है तो हमें भी ऐसे ही भय का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन परमेश्वर ने जैसे मूसा को तैयार और आश्वस्त करके भेजा, "अब जा, मैं तेरे मुख के संग हो कर जो तुझे कहना होगा वह तुझे सिखलाता जाऊंगा" (पद 12), वैसे ही वह हमारे लिए भी परिस्थितियों को और हमें तैयार करके भेजता है।

   उस दिन जैसे बिली ग्राहम ने उपस्थित श्रोताओं से कहा, "जब परमेश्वर बुलाता है और अपने कार्य को करने के लिए भेजता है, तो अपने कंपकंपाने और थर्राने से मत घबराएं, क्योंकि ऐसे में वह सदा साथ बना रहेगा।" - लॉरेंस दरमानी


परमेश्वर हमें कहीं भी भेजे, वह स्वयं सदा हमारे साथ बना रहेगा।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: निर्गमन 4:10-17
Exodus 4:10 मूसा ने यहोवा से कहा, हे मेरे प्रभु, मैं बोलने में निपुण नहीं, न तो पहिले था, और न जब से तू अपने दास से बातें करने लगा; मैं तो मुंह और जीभ का भद्दा हूं। 
Exodus 4:11 यहोवा ने उस से कहा, मनुष्य का मुंह किस ने बनाया है? और मनुष्य को गूंगा, वा बहिरा, वा देखने वाला, वा अन्धा, मुझ यहोवा को छोड़ कौन बनाता है? 
Exodus 4:12 अब जा, मैं तेरे मुख के संग हो कर जो तुझे कहना होगा वह तुझे सिखलाता जाऊंगा। 
Exodus 4:13 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, जिस को तू चाहे उसी के हाथ से भेज। 
Exodus 4:14 तब यहोवा का कोप मूसा पर भड़का और उसने कहा, क्या तेरा भाई लेवीय हारून नहीं है? मुझे तो निश्चय है कि वह बोलने में निपुण है, और वह तेरी भेंट के लिये निकला भी आता है, और तुझे देखकर मन में आनन्दित होगा। 
Exodus 4:15 इसलिये तू उसे ये बातें सिखाना; और मैं उसके मुख के संग और तेरे मुख के संग हो कर जो कुछ तुम्हें करना होगा वह तुम को सिखलाता जाऊंगा। 
Exodus 4:16 और वह तेरी ओर से लोगों से बातें किया करेगा; वह तेरे लिये मुंह और तू उसके लिये परमेश्वर ठहरेगा। 
Exodus 4:17 और तू इस लाठी को हाथ में लिये जा, और इसी से इन चिन्हों को दिखाना।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 16-18
  • लूका 17:20-37


Saturday, April 22, 2017

सुखद अन्त


   मेरे एक मित्र ने बहुत वर्ष पहले उसके साथ घटी एक घटना के बारे में बताया; वह ट