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Sunday, October 22, 2017

आराधना


   वेस्टमिनिस्टर के विश्वास वचन में लिखा है कि "मनुष्य का प्रमुख उद्देश्य सर्वदा परमेश्वर की महिमा करना और उसमें आनन्दित रहना है।" परमेश्वर के वचन बाइबल में बहुधा यह बात आई है कि एकमात्र जीवते सच्चे प्रभु परमेश्वर के प्रति आनन्द के साथ कृतज्ञ रहें और उसकी आराधना करें। जब हम परमेश्वर को आदर देते हैं, तो हम इस बात का आनन्द मनाते हैं कि वही प्रत्येक भलाई का स्त्रोत है। जब हम हृदय से उसकी स्तुति करते हैं, तब हम अपने आप को उस आनन्दमय अवस्था में पाते हैं जिसके लिए हमारी सृष्टि की गई।

   जैसे सूर्यास्त का एक सुन्दर दृश्य, या कोई अन्य मनोरम प्राकृतिक दृश्य हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर की महिमा की ओर संकेत करता है, उसी प्रकार आराधना हमें उसके साथ एक निकटता के संबंध में ले आती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने कहा, "यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है" (भजन 145:3); और "जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है" (भजन145:18)।

   परमेश्वर को हमारी आराधना की आवश्यकता नहीं है, परन्तु हमें परमेश्वर की आराधना करते रहने की आवश्यकता है। जब हम आराधना में उसकी उपस्थिति में होते हैं, तब हम उसके असीम प्रेम के आनन्द का अनुभव करते हैं, और उस प्रभु परमेश्वर में प्रफुल्लित तथा उत्साहित होते हैं जो हमें पापों से छुड़ाने के लिए स्वर्ग का वैभव और महिमा को छोड़कर पृथ्वी पर आ गया, और हमें पापों से छुड़ाकर अनन्तकाल के लिए अपने साथ परमानन्द में रखना चाहता है। उस प्रभु परमेश्वर के लिए भजनकार कहता है, "तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है" (भजन 16:11)। - डेनिस फिशर


आराधना धन्यवाद और कृतज्ञता से उमड़ते हुए हृदय से निकली स्तुति है।

क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भय योग्य है। - भजन 96:4

बाइबल पाठ: भजन 145
Psalms 145:1 हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा। 
Psalms 145:2 प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा। 
Psalms 145:3 यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।
Psalms 145:4 तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा। 
Psalms 145:5 मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा। 
Psalms 145:6 लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा। 
Psalms 145:7 लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।
Psalms 145:8 यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है। 
Psalms 145:9 यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
Psalms 145:10 हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे! 
Psalms 145:11 वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे; 
Psalms 145:12 कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें। 
Psalms 145:13 तेरा राज्य युग युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी।
Psalms 145:14 यहोवा सब गिरते हुओं को संभालता है, और सब झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है। 
Psalms 145:15 सभों की आंखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उन को आहार समय पर देता है। 
Psalms 145:16 तू अपनी मुट्ठी खोल कर, सब प्राणियों को आहार से तृप्त करता है। 
Psalms 145:17 यहोवा अपनी सब गति में धर्मी और अपने सब कामों में करूणामय है। 
Psalms 145:18 जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है। 
Psalms 145:19 वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, और उनकी दोहाई सुन कर उनका उद्धार करता है। 
Psalms 145:20 यहोवा अपने सब प्रेमियों की तो रक्षा करता, परन्तु सब दुष्टों को सत्यानाश करता है।
Psalms 145:21 मैं यहोवा की स्तुति करूंगा, और सारे प्राणी उसके पवित्र नाम को सदा सर्वदा धन्य कहते रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 65-66
  • 1 तिमुथियुस 2


Saturday, October 21, 2017

पश्चाताप


   मेरे एक मित्र ने हमारे एक अन्य मसीही सह-विश्वासी के लिए अपना आँकलन बताया, "वह समझता है कि वह कुछ है!" हमने माना कि उसमें घमण्ड का आत्मा था। कुछ समय के बाद हमें यह जानकर दुःख हुआ कि वह व्यक्ति  गंभीर दुष्कर्मों के कारण गिरिफ्तार किया गया है। अपने आप को ऊँचा बनाने के कारण उसे समस्याओं के अतिरिक्त और कुछ नहीं मिला। हम ने यह भी एहसास किया कि ऐसा हमारे साथ भी हो सकता है। अपने हृदय में छिपे घमण्ड के भयानक पाप को हलका आँकना बहुत सरल होता है। हम जितना अधिक सीखते हैं और जितनी अधिक सफलता हमें मिलती है, उतनी ही अधिक इस बात की संभावना बढ़ती जाती है कि हम अपने आप को कुछ समझने लगें, बड़ा मानने लगें। घमण्ड हमारे स्वभाव के मूल में है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एज़्रा नबी के लिए लिखा गया है कि "यही एज्रा मूसा की व्यवस्था के विषय जिसे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने दी थी, निपुण शास्त्री था। और उसके परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो उस पर रही, इसके कारण राजा ने उसका मुंह मांगा वर दे दिया" (एज़्रा 7:6)। राजा अर्तक्षत्र ने उसे यरुशलेम का पुनर्निमाण करने के लिए जाने वाले यहूदी निर्वासितों के दल का अगुवा बनाया। एज़्रा के घमण्ड के पाप में पड़ जाने की बहुत अधिक संभावना थी; परन्तु ऐसा हुआ नहीं। एज़्रा न केवल परमेश्वर की व्यवस्था की जानकारी रखता था, वरन वह उसे व्यवहार में भी लाता था।

   यरुशलेम आने के पश्चात उसने जाना कि वहाँ रहने वाले यहूदियों में से अनेकों ने ऐसी स्त्रियों से विवाह कर लिए थे जो अन्य देवी-देवताओं की उपासना किया करती थीं, जो परमेश्वर के स्पष्ट निर्देशों के विरुध्द था (एज़्रा 9:1-2)। यह जानकर उसने दुःख में अपने वस्त्र फाड़े, और हृदय से पश्चाताप की प्रार्थना की (एज़्रा 9:5-15)। एज़्रा के ज्ञान और ओहदे को एक उच्च उद्देश्य निर्देशित कर रहा था: परमेश्वर और उसके लोगों के प्रति प्रेम। एज़्रा ने प्रार्थना की "हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! तू तो धमीं है, हम बचकर मुक्त हुए हैं जैसे कि आज वर्तमान हैं। देख, हम तेरे साम्हने दोषी हैं, इस कारण कोई तेरे साम्हने खड़ा नहीं रह सकता" (एज़्रा 9:15)।

   एज़्रा ने अपने लोगों के पापों की गंभीरता को समझा, परन्तु उसने नम्र होकर पश्चाताप किया और क्षमा करने वाले परमेश्वर की भलाईयों पर भरोसा रखा। पश्चाताप ही परमेश्वर से क्षमा की आशीष लेकर आता है। - टिम गुस्टाफसन


घमण्ड अन्य प्रत्येक दुराचार की ओर ले जाता है; 
यह परमेश्वर के विरुध्द होने की मनःस्थिति है। - सी. एस. ल्युईस

विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है। - नीतिवचन 16:18

बाइबल पाठ: एज़्रा 9:1-9
Ezra 9:1 जब ये काम हो चुके, तब हाकिम मेरे पास आकर कहने लगे, न तो इस्राएली लोग, न याजक, न लेवीय इस ओर के देशों के लोगों से अलग हुए; वरन उनके से, अर्थात कनानियों, हित्तियों, परिज्जियों, यबूसियों, अम्मोनियों, मोआबियों, मिस्रियों और एमोरियों के से घिनौने काम करते हैं। 
Ezra 9:2 क्योंकि उन्होंने उनकी बेटियों में से अपने और अपने बेटों के लिये स्त्रियां कर ली हैं; और पवित्र वंश इस ओर के देशों के लोगों में मिल गया है। वरन हाकिम और सरदार इस विश्वासघात में मुख्य हुए हैं। 
Ezra 9:3 यह बात सुन कर मैं ने अपने वस्त्र और बागे को फाड़ा, और अपने सिर और दाढ़ी के बाल नोचे, और विस्मित हो कर बैठा रहा। 
Ezra 9:4 तब जितने लोग इस्राएल के परमेश्वर के वचन सुनकर बन्धुआई से आए हुए लोगों के विश्वासघात के कारण थरथराते थे, सब मेरे पास इकट्ठे हुए, और मैं सांझ की भेंट के समय तक विस्मित हो कर बैठा रहा। 
Ezra 9:5 परन्तु सांझ की भेंट के समय मैं वस्त्र और बागा फाड़े हुए उपवास की दशा में उठा, फिर घुटनों के बल झुका, और अपने हाथ अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फैला कर कहा, 
Ezra 9:6 हे मेरे परमेश्वर! मुझे तेरी ओर अपना मुंह उठाते लाज आती है, और हे मेरे परमेश्वर! मेरा मुंह काला है; क्योंकि हम लोगों के अधर्म के काम हमारे सिर पर बढ़ गए हैं, और हमारा दोष बढ़ते बढ़ते आकाश तक पहुंचा है 
Ezra 9:7 अपने पुरखाओं के दिनों से ले कर आज के दिन तक हम बड़े दोषी हैं, और अपने अधर्म के कामों के कारण हम अपने राजाओं और याजकों समेत देश देश के राजाओं के हाथ में किए गए कि तलवार, बन्धुआई, लूटे जाने, और मुंह काला हो जाने की विपत्तियों में पड़ें जैसे कि आज हमारी दशा है। 
Ezra 9:8 और अब थोड़े दिन से हमारे परमेश्वर यहोवा का अनुग्रह हम पर हुआ है, कि हम में से कोई कोई बच निकले, और हम को उसके पवित्र स्थान में एक खूंटी मिले, और हमारा परमेश्वर हमारी आंखों में जयोति आने दे, और दासत्व में हम को कुछ विश्रान्ति मिले। 
Ezra 9:9 हम दास तो हैं ही, परन्तु हमारे दासत्व में हमारे परमेश्वर ने हम को नहीं छोड़ दिया, वरन फारस के राजाओं को हम पर ऐसे कृपालु किया, कि हम नया जीवन पाकर अपने परमेश्वर के भवन को उठाने, और इसके खंडहरों को सुधारने पाए, और हमें यहूदा और यरूशलेम में आड़ मिली।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 62-64
  • 1 तिमुथियुस 1


Friday, October 20, 2017

अन्दर का दृश्य


   सेवा निवृत भौतिक शास्त्री, अरे वेन्ट रीट, बहुत ही असामान्य विधि से कलाकृतियाँ बनाते हैं। वे पौधों और मरे हुए पशुओं को अलग-अलग प्रकार से रखकर उनका एक्स-रे उतारते हैं। फिर उन एक्स-रे फिल्मों को स्कैन करके उन्हें अपने कंप्यूटर में ले लेते हैं, और कंप्यूटर से उन चित्रों के कुछ भागों में रंग भरते हैं। उनकी ये कलाकृतियाँ फूलों, मछलियों, पक्षियों, रेंगने वाले जन्तुओं, बन्दरों आदि की रचना की भीतरी जटलिताओं को दिखाता है।

   किसी वस्तु के अन्दर का दृश्य बहुधा उसके बाहरी रूप से अधिक रोचक, सार्थक और महत्वपूर्ण होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भी परमेश्वर ने इस बात को बताया है कि परमेश्वर हमारे बाहरी स्वरूप का नहीं वरन हमारे मन का आँकलन करता है। जब परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता शमूएल को यिशै के घर भेजा कि अपनी प्रजा इसत्राएल के नए राजा का अभिषेक करे, तो वहाँ पहुँच कर जब शमूएल ने एलियाब को देखा तो उसे लगा कि इस्त्राएल का नया राजा वह ही होगा (1 शमूएल 16:6)। परन्तु परमेश्वर ने शमूएल को चिताया कि वह एलियाब के शारीरिक गुणों को ना देखे; परमेश्वर ने कहा, "...क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है" (1 शमूएल 16:7)। फिर परमेश्वर ने एलियाब को नहीं वरन दाउद को इस्त्राएल का नया राजा होने के लिए नियुक्त किया।

   जब परमेश्वर हमें देखता है तो वह हमारे डील-डौल की अपेक्षा हमारे हृदय की दशा में, हमारे चेहरे की बनावट की अपेक्षा हमारी आत्मा की दशा में अधिक रुचि रखता है। अपने कार्यों के लिए वह हमें आयु में बहुत वृद्ध या बहुत कम, आकार में बहुत बड़ा या बहुत छोटा करके नहीं देखता है। वह केवल उस मुख्य बात पर अपना ध्यान केंद्रित करता है जो सबसे महत्वपूर्ण है - उसके प्रेम के प्रति हमारा प्रत्युत्तर और उसके लोगों के प्रति हमारी चिन्ता (मत्ती 22:37-39)। बाइबल में 2 इतिहास 6:30 में लिखा है कि मनुष्य के हृदय की दशा को केवल परमेश्वर ही जानता है।

   जब प्रभु परमेश्वर, जिसने हमारे लिए इतना कुछ किया है, हमारे हृदय के अन्दर देखता है तो उसे क्या दृश्य दिखाई देता है? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


व्यक्ति के सही आँकलन का माप उसके हृदय की दशा है।

तो तू अपने स्वगींय निवासस्थान से सुन कर क्षमा करना, और एक एक के मन की जानकर, उसकी चाल के अनुसार उसे फल देना; (तू ही तो आदमियों के मन का जानने वाला है); - 2 इतिहास 6:30 

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 16:1-7
1 Samuel 16:1 और यहोवा ने शमूएल से कहा, मैं ने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर के चल; मैं तुझ को बेतलेहेमी यिशै के पास भेजता हूं, क्योंकि मैं ने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है। 
1 Samuel 16:2 शमूएल बोला, मैं क्योंकर जा सकता हूं? यदि शाऊल सुन लेगा, तो मुझे घात करेगा। यहोवा ने कहा, एक बछिया साथ ले जा कर कहना, कि मैं यहोवा के लिये यज्ञ करने को आया हूं। 
1 Samuel 16:3 और यज्ञ पर यिशै को न्योता देना, तब मैं तुझे जता दूंगा कि तुझ को क्या करना है; और जिस को मैं तुझे बताऊं उसी को मेरी ओर से अभिषेक करना। 
1 Samuel 16:4 तब शमूएल ने यहोवा के कहने के अनुसार किया, और बेतलहेम को गया। उस नगर के पुरनिये थरथराते हुए उस से मिलने को गए, और कहने लगे, क्या तू मित्रभाव से आया है कि नहीं? 
1 Samuel 16:5 उसने कहा, हां, मित्रभाव से आया हूं; मैं यहोवा के लिये यज्ञ करने को आया हूं; तुम अपने अपने को पवित्र कर के मेरे साथ यज्ञ में आओ। तब उसने यिशै और उसके पुत्रों को पवित्र कर के यज्ञ में आने का न्योता दिया। 
1 Samuel 16:6 जब वे आए, तब उसने एलीआब पर दृष्टि कर के सोचा, कि निश्चय जो यहोवा के साम्हने है वही उसका अभिषिक्त होगा। 
1 Samuel 16:7 परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 3