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Monday, August 21, 2017

साथ


   बचपन में, ग्रीष्मावकाश का मेरा सबसे पसन्दीदा सप्ताह वह होता था जिसमें मैं एक मसीही ग्रीष्म कैंप में जाता था। कैंप की अन्तिम रात्रि को हम सभी लोग एक साथ आग के चारों ओर बैठते थे और मसीही गाने गाते तथा उस सप्ताह हमने प्रभु परमेश्वर तथा परमेश्वर के वचन बाइबल के बारे में जो सीखा था उसके बारे में अपने विचार बताते थे। वहाँ गाए जाने वाले गानों में से एक, जिसे मैं अभी भी स्मरण करता हूँ, था वह गीत जो मसीह यीशु के पीछे चलने का निर्णय लेने और उससे होने वाली कठिन परिस्थितियों पर आधारित था। उस गीत के कोरस में बारंबार आता था, "न लौटूँगा, न लौटूँगा।"

   जब बाइबल के एक प्रमुख पात्र और परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता एलीशा ने अपने से वरिष्ठ भविष्यद्वक्ता एलिय्याह का अनुसरण करने का निर्णय लिया, तो एलीशा ने कुछ विलक्षण किया, जिससे उसका वापस अपने पुराने किसान होने के जीवन में लौटना बहुत कठिन हो गया। एलिय्याह द्वारा उसके पीछे चलने के लिए बुलाए जाने पर एलीशा ने जाकर अपने घर वालों से विदा लेनी चाही तो एलिय्याह ने इस पर अपनी असहमति जताई (1 राजा 19:20)। अपने किसान होने के जीवन को छोड़ते समय, एलीशा ने खेती करने के अपने साधनों को जला डाला, बैलों का बलिदान कर दिया और सब कुछ छोड़कर वह एलिय्याह के साथ हो लिया (पद 21)।

   अपने आप को परमेश्वर को, जो हमारे समर्पण और भक्ति का योग्य पात्र है, समर्पित कर देना बहुधा कीमत माँगता है। ऐसा करने के लिए अपनी रिश्तेदारियों, धन-संपत्ति, रहन-सहन आदि के बारे में कठिन निर्णय लेने होते हैं। लेकिन प्रभु यीशु के साथ रहने और चलने से जो मिलता है, वह इन सब से कहीं अधिक बेशकीमती और आशीषमय होता है। प्रभु यीशु ने कहा है, "क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा" (मत्ती 16:25)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


यीशु को उसके प्रति पूर्णतः समर्पित लोगों की आवश्यकता है।

उसने सब से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। - लूका 9:23

बाइबल पाठ: 1 राजा 19:19-21
1 Kings 19:19 तब वह वहां से चल दिया, और शापात का पुत्र एलीशा उसे मिला जो बारह जोड़ी बैल अपने आगे किए हुए आप बारहवीं के साथ हो कर हल जोत रहा था। उसके पास जा कर एलिय्याह ने अपनी चद्दर उस पर डाल दी। 
1 Kings 19:20 तब वह बैलों को छोड़ कर एलिय्याह के पीछे दौड़ा, और कहने लगा, मुझे अपने माता-पिता को चूमने दे, तब मैं तेरे पीछे चलूंगा। उसने कहा, लौट जा, मैं ने तुझ से क्या किया है? 
1 Kings 19:21 तब वह उसके पीछे से लौट गया, और एक जोड़ी बैल ले कर बलि किए, और बैलों का सामान जलाकर उनका मांस पका के अपने लोगों को दे दिया, और उन्होंने खाया; तब वह कमर बान्धकर एलिय्याह के पीछे चला, और उसकी सेवा टहल करने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4


Sunday, August 20, 2017

पड़ौसी


   मेरी को सप्ताह के मध्य में होने वाली चर्च समूह की सभा में भाग लेना अच्छा लगता था। उस सभा में वह और उसके मित्र मिलकर प्रार्थना करते, परमेश्वर की आराधना करते और पिछले इतवार के सन्देश पर चर्चा करते, एक दूसरे के प्रश्नों के उत्तर देते थे। इस बार की सभा में उनकी चर्चा का विषय था चर्च "जाना" और दुःखी संसार के समक्ष प्रभु यीशु मसीह का चर्च "होना"। मेरी अपने मित्रों से मिलने और उनके साथ चर्चा में भाग लेने के लिए आतुर थी।

   मेरी ने सभा के लिए निकलने के लिए अपनी कार की चाबियाँ उठाई ही थीं कि दरवाज़े की घंटी बजी। दरवाज़े पर उसकी पड़ौसन सू खड़ी थी, जिससे मेरी की औपचारिकता मात्र ही की पहचान भर थी। सू ने कहा, "आपको कष्ट दे रही हूँ, क्षमा कीजिए, परन्तु क्या आपके पास अभी कुछ समय है?" मेरी कहने ही वाली थी कि वह अपने काम से बाहर जा रही है, कि इतने में सू ने आगे कहा, "मुझे अपनी कार मरम्मत करवाने के लिए ले जाकर उसे वहाँ छोड़ कर आना है। सामान्यतः ऐसा होने पर मैं वहाँ से या तो साइकल चला कर या फिर पैदल ही लौट आती हूँ, परन्तु मेरी पीठ में चोट आई है और मैं न चल पा रही हूँ, और न ही साइकल चला पा रही हूँ। क्या आप मेरे साथ चलकर, मुझे वापस घर छोड़ देंगी?" मेरी को थोड़ी सी हिचकिचाहट हुई, परन्तु उसने मुस्कुराते हुए कहा, "अवश्य", और उसके साथ चल पड़ी।

   उस दिन मेरी अपने मित्रों के साथ चर्चा में बैठने नहीं जा सकी। जब वह अपनी पड़ौसन को वापस घर ला रही थी तो उसे मालुम पड़ा कि कैसे सू अपने पति की देखभाल कर रही है, जिन्हें मानसिक रोग है, और बहुत देखभाल की आवश्यकता रहती है। इस गहन देखभाल के कारण सू कैसे कठिन संघर्ष से होकर निकल रही है। मेरी ने सहानुभूति के साथ सू की बात को सुना, उसे सांत्वना दी और उसके लिए प्रार्थना करने का वायदा किया, और साथ ही कभी भी किसी भी प्रकार से सू की सहायता करने के लिए उपलब्ध होने का आश्वासन दिया।

   मेरी जो उस दिन की सैध्दान्तिक चर्चा में नहीं कर पाई, वह उसने व्यावाहरिक जीवन में करा। उसने अपने पड़ौसी तक, उसकी कठिन परिस्थिति में, मसीह यीशु का प्रेम और सांत्वना को पहुँचाया; मसीही विश्वासी होने की अपनी ज़िम्मेदारी को निभाया। - मेरियन स्ट्राउड


हमारा मसीही विश्वास का प्रमाण हमारा व्यावाहरिक मसीही जीवन है।

हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले? - मीका 6:8

बाइबल पाठ: लूका 10:29-37
Luke 10:29 परन्तु उसने अपने आप को धर्मी ठहराने की इच्छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है? 
Luke 10:30 यीशु ने उत्तर दिया; कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेरकर उसके कपड़े उतार लिये, और मार पीट कर उसे अधमूआ छोड़कर चले गए। 
Luke 10:31 और ऐसा हुआ; कि उसी मार्ग से एक याजक[पुरोहित, धर्मोपदेशक] जा रहा था: परन्तु उसे देख के कतरा कर चला गया। 
Luke 10:32 इसी रीति से एक लेवी[मंदिर में सेवादार] उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतरा कर चला गया। 
Luke 10:33 परन्तु एक सामरी[नीच जाती का समझा जाने वाला] यात्री वहां आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया। 
Luke 10:34 और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियां बान्‍धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की। 
Luke 10:35 दूसरे दिन उसने दो दिनार निकाल कर भटियारे को दिए, और कहा; इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा। 
Luke 10:36 अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा? 
Luke 10:37 उसने कहा, वही जिसने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1 कुरिन्थियों 3


Saturday, August 19, 2017

कला


   बारहवीं शताब्दी के चीनी कलाकार ली-टैंग ने लोगों, पक्षियों और मवेशियों को लेकर प्राकृतिक दृश्य बनाए। क्योंकि वे रेशम पर बारीक रेखाओं से रेखा-चित्र बनाने में प्रवीण थे इसलिए उन्हें प्राकृतिक दृश्यों की चीनी कला का उस्ताद माना जाता है। सदियों से संसार भर के विभिन्न कलाकारों ने परमेश्वर की सृष्टि में प्रदर्शित उसकी कलाकृतियों का चित्रण किया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार लिखता है: "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है" (भजन 19:1)। बाइबल हमें यह भी बताती है कि हम मनुष्यों के अन्दर कला की यह रचनात्मक प्रवृत्ति हमारे परमेश्वर के स्वरूप में सृजे जाने के कारण है (उत्पत्ति 1:27)।

   परमेश्वर ने अपने कार्यों के लिए अनेकों लोगों को चुना और उनमें काठ, सोना, चांदी, पीतल, और रतनों से कलाकृतियाँ बनाने की प्रवीणता दी जिससे कि वे उसके अराधनास्थल के लिए वस्तुओं को बना सकें (निर्गमन 31:1-11)। आत्मिक सच्चाईयों को दर्शाने वाली ये कलाकृतियाँ, परमेश्वर की अराधना के लिए पुरोहितों और लोगों को प्रोत्साहित करती थीं, उनका मार्गदर्शन और सहायता करती थीं।

   विभिन्न प्रकार की कला और कलाकृतियों के द्वारा हम सृष्टिकर्ता एवं मुक्तिदाता प्रभु परमेश्वर का गुणानुवाद करते हैं, उसकी सृष्टि की भवयता एवं महानता को प्रतिबिंबित करते हैं, और परमेश्वर का आदर तथा महिमा करते हैं। - डेनिस फिशर


हमें परमेश्वर की महिमा के लिए सृजा गया है।

तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। - उत्पत्ति 1:27

बाइबल पाठ: निर्गमन 31:1-11
Exodus 31:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Exodus 31:2 सुन, मैं ऊरी के पुत्र बसलेल को, जो हूर का पोता और यहूदा के गोत्र का है, नाम ले कर बुलाता हूं।
Exodus 31:3 और मैं उसको परमेश्वर की आत्मा से जो बुद्धि, प्रवीणता, ज्ञान, और सब प्रकार के कार्यों की समझ देनेवाली आत्मा है परिपूर्ण करता हूं, 
Exodus 31:4 जिस से वह कारीगरी के कार्य बुद्धि से निकाल निकाल कर सब भांति की बनावट में, अर्थात सोने, चांदी, और पीतल में, 
Exodus 31:5 और जड़ने के लिये मणि काटने में, और लकड़ी के खोदने में काम करे। 
Exodus 31:6 और सुन, मैं दान के गोत्र वाले अहीसामाक के पुत्र ओहोलीआब को उसके संग कर देता हूं; वरन जितने बुद्धिमान है उन सभों के हृदय में मैं बुद्धि देता हूं, जिस से जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं ने तुझे दी है उन सभों को वे बनाएं; 
Exodus 31:7 अर्थात मिलापवाला तम्बू, और साक्षीपत्र का सन्दूक, और उस पर का प्रायश्चित्तवाला ढकना, और तम्बू का सारा सामान, 
Exodus 31:8 और सामान सहित मेज़, और सारे सामान समेत चोखे सोने की दीवट, और धूपवेदी, 
Exodus 31:9 और सारे सामान सहित होमवेदी, और पाए समेत हौदी, 
Exodus 31:10 और काढ़े हुए वस्त्र, और हारून याजक के याजक वाले काम के पवित्र वस्त्र, और उसके पुत्रों के वस्त्र, 
Exodus 31:11 और अभिषेक का तेल, और पवित्र स्थान के लिये सुगन्धित धूप, इन सभों को वे उन सब आज्ञाओं के अनुसार बनाएं जो मैं ने तुझे दी हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2


Friday, August 18, 2017

आवश्यकता


   बोसनिया के युद्ध (1992-1996) में, 10,000 से भी अधिक सैनिक और असैनिक लोग आस-पास की पहाड़ियों से राजधानी सारायेवो शहर पर की जा रही गोलाबारी और दाग़े जा रहे मौर्टारों से मारे गए। स्टीवन गैलोवे का रोमांचक उपन्यास, The Cellist of Sarajevo आधुनिक युद्ध स्थिति में किसी राजधानी की सबसे लंबी चली घेराबंदी की इसी पृष्ठभूमि पर आधारित है। इस उपन्यास में तीन काल्पनिक पात्र हैं, जिन्हें निर्णय करना है कि वे इस लड़ाई में जीवित रहने के संघर्ष में अपनी ही चिन्ता करने में खो जाएंगे, या, अपने आस-पास की जड़ कर देने वाली परिस्थितियों से किसी प्रकार ऊपर उठकर औरों की चिन्ता भी करेंगे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड के एक प्रमुख पात्र, प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को लिखा, "विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्‍ता करे" (फिलिप्पियों 2:3-4)। अपनी इस बात कि पुष्टि के लिए पौलुस ने दूसरों के प्रति निःस्वर्थ मनसा रखने के लिए प्रभु यीशु का उदाहरण दिया: "जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली" (फिलिप्पियों 2:5-8)।

   दूसरों से सहानुभूति या दया चाहने की अपेक्षा, प्रभु यीशु ने हमें पापों से छुड़ाने के लिए अपने आप को बलिदान कर दिया; हमारी आवश्यकता को अपनी ज़िम्मेदारी बना लिया। हम मसीही विश्वासियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि हम दूसरों की आवश्यकताओं को प्रभु यीशु के दृष्टिकोण से देखें, और अपने कठिन समयों में भी प्रभु की सामर्थ्य से प्रभु के समान ही अन्य लोगों की उन आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील तथा कार्यकारी बनें। - डेविड मैक्कैसलैंड


दूसरों के प्रति प्रेम रखने की कुँजी अपने प्रति प्रभु परमेश्वर के प्रेम को अपनाना है।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे। - मरकुस 10:45

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। 
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। 
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। 
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्‍ता करे। 
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। 
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। 
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। 
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली। 
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। 
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। 
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 100-102
  • 1 कुरिन्थियों 1


Thursday, August 17, 2017

दृष्टिकोण


   एक प्रातः जब लिलिया कार्य पर निकलने की तैयारी कर रही थी, उसकी 4 वर्षीय पुत्री, जेस, भी कुछ कार्य करने लगी। परिवार ने एक टोस्टर खरीदा था और उस टोस्टर को कार्य करते देखने से जेस रोमांचित होती थी। कुछ ही मिनिटों में लिलिया ने पाया कि उसके सामने मेज़ पर पूरा ब्रेड और आधा टोस्ट विद्यमान था; और जेस कह रही थी, "देखा, मैं कितनी अच्छी डबल रोटी बनाती हूँ"।

   एक जिज्ञासु लड़की द्वारा ब्रेड को टोस्ट में बदल देना कोई आश्चर्यकर्म नहीं था। परन्तु जब प्रभु यीशु ने एक लड़के की पाँच रोटियों और दो मछलियों को हज़ारों की भीड़ को भर-पेट खिलाने के लायक भोजन में बदल दिया, तो उस पहाड़ी पर एकत्रित भीड़ ने इस बात के आश्चर्यकर्म होने को समझा, और वे प्रभु को राजा बनाने की युक्ति करने लगे (देखिए यूहन्ना 6:1-15)।

   परन्तु प्रभु यीशु का राज्य इस संसार का राज्य नहीं है (यूहन्ना 18:36), इसलिए वह उनके मध्य में से निकल कर चला गया। अगले दिन जब लोगों ने उसे झील के पार पाया, और उससे इस के बारे में पूछने लगे, तो प्रभु यीशु ने उनके विचारों और उद्देश्यों में विद्यमान मूल त्रुटि को उनके सामने रखा; प्रभु यीशु ने उन से कहा: "...मैं तुम से सच सच कहता हूं, तुम मुझे इसलिये नहीं ढूंढ़ते हो कि तुम ने अचम्भित काम देखे, परन्तु इसलिये कि तुम रोटियां खाकर तृप्‍त हुए" (यूहन्ना 6:26)।

   उनका सोचना था कि "राजा" यीशु उन्हें मुफ्त में, बिना किसी परिश्रम के, भरपेट भोजन देता रहेगा और साथ ही रोमी शासन से स्वतंत्रता देगा; परन्तु उनकी यह सोच गलत थी। प्रभु यीशु ने उन्हें परामर्श दिया, "नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्र तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है" (पद 27)। सांसारिक दृष्टिकोण हमें प्रभु यीशु को सांसारिक आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम बनाकर दिखाएगा; परन्तु वह तो हमें सांसारिक वस्तुएं नहीं वरन पापों की क्षमा, स्वर्गीय आशीषें, और अनन्त जीवन का दान देने आया है। - टिम गस्टाफ्सन


पहले तुम परमेश्वर के राज्य और उसके धर्म की खोज करो
 तो यह सब वस्तुएं भी तुम्हें दे दी जाएंगी। - मत्ती 6:33

चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। - यूहन्ना 10:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:22-34
John 6:22 दूसरे दिन उस भीड़ ने, जो झील के पार खड़ी थी, यह देखा, कि यहां एक को छोड़कर और कोई छोटी नाव न थी, और यीशु अपने चेलों के साथ उस नाव पर न चढ़ा, परन्तु केवल उसके चेले चले गए थे। 
John 6:23 (तौभी और छोटी नावें तिबिरियास से उस जगह के निकट आई, जहां उन्होंने प्रभु के धन्यवाद करने के बाद रोटी खाई थी।) 
John 6:24 सो जब भीड़ ने देखा, कि यहां न यीशु है, और न उसके चेले, तो वे भी छोटी छोटी नावों पर चढ़ के यीशु को ढूंढ़ते हुए कफरनहूम को पहुंचे। 
John 6:25 और झील के पार उस से मिलकर कहा, हे रब्बी, तू यहां कब आया? 
John 6:26 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच सच कहता हूं, तुम मुझे इसलिये नहीं ढूंढ़ते हो कि तुम ने अचम्भित काम देखे, परन्तु इसलिये कि तुम रोटियां खाकर तृप्‍त हुए। 
John 6:27 नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्र तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है। 
John 6:28 उन्होंने उस से कहा, परमेश्वर के कार्य करने के लिये हम क्या करें? 
John 6:29 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया; परमेश्वर का कार्य यह है, कि तुम उस पर, जिसे उसने भेजा है, विश्वास करो।
John 6:30 तब उन्होंने उस से कहा, फिर तू कौन का चिन्ह दिखाता है कि हम उसे देखकर तेरी प्रतीति करें, तू कौन सा काम दिखाता है? 
John 6:31 हमारे बाप दादों ने जंगल में मन्ना खाया; जैसा लिखा है; कि उसने उन्हें खाने के लिये स्वर्ग से रोटी दी।