बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Monday, April 10, 2017

सप्रेम भेंट


   किसी व्यवसायिक कार्य के कारण घर से बाहर रहने के बाद, टेरी वापस घर लौट रहा था और अपने बच्चों के लिए कुछ उपहार ले जाना चाहता था। हवाई अड्डे पर उपहारों की दुकान में वहाँ के एक कर्मचारी ने प्रयास किया कि उससे कुछ महंगे उपहार खरीदवाए। परन्तु टेडी उससे कहा, "मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं, मुझे कुछ कम कीमत के उपहार चाहिएं।" उस कर्मचारी ने फिर प्रयास किया कि उसे यह अनुभव करवाए कि कम कीमत के उपहार खरीद कर वह अपने बच्चों के साथ अपने संबंध के महत्व का आंकलन कमतर कर रहा है। परन्तु टेडी जानता था कि उसके बच्चे, जो कुछ भी वह उन्हें देगा, उससे प्रसन्न हो जाएंगे, क्योंकि वे देने में उसके प्रेम को देखेंगे ना कि उपहार की कीमत को। और यही हुआ; घर पहुँच कर जब टेडी ने बच्चों को वे उपहार दिए, वे उन उपहारों को पाकर बहुत आनन्दित हुए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले जब वे अन्तिम बार बैतेनिय्याह नगर में आए तो मरियम ने प्रभु के प्रति अपना आदर तथा श्रद्धापूर्ण प्रेम प्रकट करने के लिए, संगमरमर के पात्र में बहुमूल्य जटामासी का शुद्ध इत्र लाकर उनके सिर पर लगाया (मरकुस 14:3-9)। यह देखकर प्रभु के चेले मरियम के प्रति क्षुब्ध होकर कहने लगे कि यह बरबादी क्यों की गई (मत्ती 26:8)? परन्तु प्रभु ने अपने चेलों को समझाया और कहा कि वे मरियम को तंग करना बन्द करें क्योंकि ऐसा करके उसने उनके साथ एक सुन्दर कार्य किया है (मरकुस 14:6), क्योंकि मरियम ने प्रभु को एक सप्रेम भेंट अर्पित की थी। प्रभु यीशु के लिए प्रेम से किया गया यह कार्य, जिसे उन्होंने अपने बलिदान और दफनाए जाने से संबंधित कहा, सुन्दर था क्योंकि उसमें सच्चे हृदय से व्यक्त तथा अर्पित किया गया प्रेम था।

   आज आप प्रभु यीशु के प्रति अपने प्रेम की अभिव्यक्ति के लिए क्या भेंट अर्पित करने के लिए तैयार हैं? आपका समय, आपका कोई कौशल या कोई गुण, आपकी संपत्ति? इसका कोई महत्व नहीं है कि वह वस्तु सस्ती है या महंगी; दूसरे उसे समझने पाते हैं या नहीं; उस वस्तु की लोगों द्वारा सराहना होती है या आलोचना; महत्व केवल इस बात का है कि क्या आप उसे सच्चे मन और सच्चे प्रेम के साथ उसे प्रभु को अर्पित कर रहे हैं? सच्चे मन की कोई भी सप्रेम भेंट प्रभु को ग्रहण है, प्रभु के लिए बहुमूल्य है; परन्तु सबसे बढ़कर वह आपसे आपके जीवन का समर्पण चाहता है जिससे पाप क्षमा पाकर आप अनन्त काल तक उसके प्रेम में उसके साथ बने रह सकें। क्या यदि आपने अभी तक ऐसा नहीं किया है, तो क्या आप अभी अपने जीवन को प्रभु यीशु सप्रेम भेंट के रूप में देने को तैयार हैं? - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु के प्रेम के लिए धड़कने वाला हृदय स्वस्थ तथा निर्मल हृदय होता है।

हे मेरे पुत्र, अपना मन मेरी ओर लगा, और तेरी दृष्टि मेरे चाल चलन पर लगी रहे। - नीतिवचन 23:26

बाइबल पाठ: मरकुस 14:1-9
Mark 14:1 दो दिन के बाद फसह और अखमीरी रोटी का पर्व्‍व होनेवाला था: और महायाजक और शास्त्री इस बात की खोज में थे कि उसे क्योंकर छल से पकड़ कर मार डालें।
Mark 14:2 परन्तु कहते थे, कि पर्व्‍व के दिन नहीं, कहीं ऐसा न हो कि लोगों में बलवा मचे।
Mark 14:3 जब वह बैतनिय्याह में शमौन कोढ़ी के घर भोजन करने बैठा हुआ था तब एक स्त्री संगमरमर के पात्र में जटामांसी का बहुमूल्य शुद्ध इत्र ले कर आई; और पात्र तोड़ कर इत्र को उसके सिर पर उण्‍डेला। 
Mark 14:4 परन्तु कोई कोई अपने मन में रिसयाकर कहने लगे, इस इत्र को क्यों सत्यनाश किया गया? 
Mark 14:5 क्योंकि यह इत्र तो तीन सौ दीनार से अधिक मूल्य में बेचकर कंगालों को बांटा जा सकता था, ओर वे उसको झिड़कने लगे। 
Mark 14:6 यीशु ने कहा; उसे छोड़ दो; उसे क्यों सताते हो? उसने तो मेरे साथ भलाई की है।
Mark 14:7 कंगाल तुम्हारे साथ सदा रहते हैं: और तुम जब चाहो तब उन से भलाई कर सकते हो; पर मैं तुम्हारे साथ सदा न रहूंगा। 
Mark 14:8 जो कुछ वह कर सकी, उसने किया; उसने मेरे गाड़े जाने की तैयारी में पहिले से मेरी देह पर इत्र मला है। 
Mark 14:9 मैं तुम से सच कहता हूं, कि सारे जगत में जहां कहीं सुसमाचार प्रचार किया जाएगा, वहां उसके इस काम की चर्चा भी उसके स्मरण में की जाएगी।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42


No comments:

Post a Comment