बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Wednesday, June 28, 2017

कार्य तथा कार्यरत


   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 134 केवल तीन ही पद का भजन है; परन्तु यह छोटा सा भजन दिखाता है कि छोटी बातों में भी बड़े अर्थ होते हैं; छोटी चीज़ें भी बहुत महत्वपूर्ण हो सकती हैं। इस भजन के पहले दो पद परमेश्वर के भवन में प्रति रात्रि कार्यरत सेवकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। संध्या होने के बाद वह भवन अंधेरा और अकेला हो जाता था; और ऐसा प्रतीत होता था कि वहाँ कोई कार्यवाही नहीं चल रही है। परन्तु इन सेवकों को प्रोत्साहित किया गया कि, "अपने हाथ पवित्र स्थान में उठा कर, यहोवा को धन्य कहो" (पद 2)। इस भजन का तीसरा पद उन सेवकों के लिए उनके प्रतिफल से संबंधित रात्रि के अंधकार और एकाकीपन में से आने वाली एक आवाज़ है, "यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन में से तुझे आशीष देवे" (पद 3)।

   मैं अनेकों स्थानों पर कार्यरत परमेश्वर के अनेकों सेवकों के बारे में सोचता हूँ, छोटे-छोटे स्थान और वहाँ के छोटे-छोटे चर्च तथा मसीही मण्डलियाँ। संभव है कि कभी-कभी वे अपने आप को अकेला अनुभव करते हों, अपनी परिस्थितियों और अकेलेपन के कारण निराश होते हों। उन्हें प्रतीत हो सकता है कि उनके कार्यों, कठिनाईयों, आवश्यकताओं को कोई देख ही नहीं रहा है, किसी को भी न तो उनका बोध है और न ही उनकी चिंता है। क्या कोई उनके बारे में सोचता है, उनके लिए प्रार्थना करता है, उन्हें अपने जीवन का अंग मानता है?

   जो भी अपने आप को अकेला या महत्वहीन समझ रहे हैं, मैं उन सब से यह कहना चाहता हूँ: चाहे आपका निवास अथवा कार्य स्थान छोटा है, किंतु वह पवित्र-स्थान है। वह जिसने स्वर्ग और पृथ्वी को बनाया है, आपको संभालता और चलाता है, वही परमेश्वर आपका भी ध्यान रखता है और आप में होकर औरों के भले के लिए वह कार्यरत भी है। इसलिए आप जहाँ कहीं भी हों, अपने हाथ उठाएं और प्रभु परमेश्वर का, उसके कार्यों तथा कार्यरत रहने के लिए स्तुतिगान करें। - डेविड रोपर


जो भी परमेश्वर का कार्य, 
परमेश्वर के अनुसार करता है, 
वह परमेश्वर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें! हम स्वर्गवासी परमेश्वर की ओर मन लगाएं और हाथ फैलाएं - विलापगीत 3:40-41

बाइबल पाठ: भजन 134
Psalms 134:1 हे यहोवा के सब सेवकों, सुनो, तुम जो रात रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो, यहोवा को धन्य कहो। 
Psalms 134:2 अपने हाथ पवित्र स्थान में उठा कर, यहोवा को धन्य कहो। 
Psalms 134:3 यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन में से तुझे आशीष देवे।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21


No comments:

Post a Comment