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Saturday, June 24, 2017

जोखिम


   जब मैं नाव चलाना सीख रहा था तो मुझे नाव तक पहुँचने के लिए पानी पर तैरते हुए एक बहुत अस्थिर तखते से होकर उस नाव तक पहुँचना होता था जिसमें हम नाव चलाना सीख रहे थे, और मुझे इससे बहुत घबराहट होती थी, मुझे यह कदापि पसंद नहीं था। मेरा संतुलन कमज़ोर है, और इसलिए मुझे सदा यही भय सताता था कि कहीं मैं उस अस्थिर तखते और नाव के बीच में पानी में न गिर जाऊँ। अपने भय के कारण मैं नाव चलाना सीखना लगभग छोड़ ही बैठा था; परन्तु मेरे प्रशिक्षक ने मेरा उत्साह बढ़ाया, और मुझ से कहा, "अपनी दृष्टि बस मुझ पर लगाए रखो; यदि तुम गिरे भी, तो भी तुम्हें थामने और बचाने के लिए मैं हूँ।" मैंने वही किया जो उसने मुझे करने को कहा था, और आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि मेरे पास पाल-नौका चला लेने का बुनियादी स्तर का प्रमाण-पत्र है।

   क्या आप भी जोखिम उठाने से घबराते हैं? हम में से अनेकों अपनी आरामदायक स्थिति से हटने का जोखिम इसलिए नहीं उठाते कि कहीं हमें कोई चोट न लग जाए, कहीं हम असफल न हो जाएं. कहीं किसी के सामने हमारा मज़ाक न बन जाए। परन्तु यदि हम भय को अपने ऊपर हावी हो लेने देंगे, तो बस उसी से बंध कर रह जाएंगे और कभी कुछ नहीं कर पाएंगे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में पतरस के पानी पर चलने की रोमाँचक कहानी, और क्यों पानी पर कुछ कदम चलकर भी पतरस फिर भी डूबने लगा (मत्ती 14:22-33) प्रचारकों के लिए प्रचार का एक लोकप्रीय मुद्दा रही है। परन्तु मुझे ध्यान नहीं आता कि मैंने कभी किसी को उन शेष शिष्यों का उल्लेख करते सुना है, जिन्होंने पतरस के समान जोखिम उठाने का प्रयास किया ही नहीं। मेरी राय में, सफल होने वाला एकमात्र शिष्य पतरस ही था, क्योंकि उसने प्रभु की बात पर विश्वास किया और उसके अनुसार प्रयास भी किया। असफल तो वे थे जिन्होंने कभी प्रयास ही नहीं किया, जिन्होंने प्रभु के कथन को स्वीकार करने का जोखिम उठाना उचित ही नहीं समझा।

   प्रभु यीशु ने हमारे लिए सब कुछ दाँव पर लगा दिया, अपना बलिदान दे दिया। क्या आज हम उसके लिए, उसकी आज्ञाकारिता में कुछ जोखिम उठाने के लिए तैयार हैं? - मेरियन स्ट्राउड


जीवन या तो निर्भीक रोमांच है, या फिर कुछ भी नहीं। - हेलेन कैलर

तब यीशु ने अपने चेलों से कहा; यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप का इन्कार करे और अपना क्रूस उठाए, और मेरे पीछे हो ले। क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा। यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा? - मत्ती 16:24-26

बाइबल पाठ: मत्ती 14:22-33
Matthew 14:22 और उसने तुरन्त अपने चेलों को बरबस नाव पर चढ़ाया, कि वे उस से पहिले पार चले जाएं, जब तक कि वह लोगों को विदा करे। 
Matthew 14:23 वह लोगों को विदा कर के, प्रार्थना करने को अलग पहाड़ पर चढ़ गया; और सांझ को वहां अकेला था। 
Matthew 14:24 उस समय नाव झील के बीच लहरों से डगमगा रही थी, क्योंकि हवा साम्हने की थी। 
Matthew 14:25 और वह रात के चौथे पहर झील पर चलते हुए उन के पास आया। 
Matthew 14:26 चेले उसको झील पर चलते हुए देखकर घबरा गए! और कहने लगे, वह भूत है; और डर के मारे चिल्ला उठे। 
Matthew 14:27 यीशु ने तुरन्त उन से बातें की, और कहा; ढाढ़स बान्‍धो; मैं हूं; डरो मत। 
Matthew 14:28 पतरस ने उसको उत्तर दिया, हे प्रभु, यदि तू ही है, तो मुझे अपने पास पानी पर चलकर आने की आज्ञा दे। 
Matthew 14:29 उसने कहा, आ: तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के पास जाने को पानी पर चलने लगा। 
Matthew 14:30 पर हवा को देखकर डर गया, और जब डूबने लगा, तो चिल्लाकर कहा; हे प्रभु, मुझे बचा। 
Matthew 14:31 यीशु ने तुरन्त हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया, और उस से कहा, हे अल्प-विश्वासी, तू ने क्यों सन्‍देह किया? 
Matthew 14:32 जब वे नाव पर चढ़ गए, तो हवा थम गई। 
Matthew 14:33 इस पर जो नाव पर थे, उन्होंने उसे दण्‍डवत कर के कहा; सचमुच तू परमेश्वर का पुत्र है। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 1-2
  • प्रेरितों 7:22-43