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Wednesday, August 2, 2017

विश्वास


   रॉजर को बहुत कुछ सहना पड़ा था। उसके हृदय का एक वाल्व ठीक से कार्य नहीं कर रहा था जिसके लिए उसे एक बड़े ऑपरेशन से निकलना पड़ा। इसके कुछ ही सप्ताह के बाद कुछ दिक्कतों के कारण उसका ऑपरेशन दोबारा करना पड़ गया। अभी वह पूरी तरह से ठीक भी नहीं हुआ था कि मोटर-साईकिल दुर्घटना के कारण उसकी हंसली टूट गई। इन परेशानियों के दौरान रॉजर को अपनी माँ का देहान्त होने के दुःख को भी सहना पड़ा। वह बहुत हताश हो गया। जब एक मित्र ने उससे पूछा कि क्या उसने परमेश्वर को कार्य करते हुए अनुभव किया है, किन्हीं छोटी बातों या रीति से ही सही। तो रॉजर ने स्वीकार किया कि उसने ऐसा कुछ भी अनुभव नहीं किया है।

   मैं रॉजर की इमानदारी की प्रशंसा करती हूँ। निराशा और संशय की भावनाएं मेरे जीवन का भी भाग हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में, रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में प्रेरित पौलुस ने लिखा, "केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है" (रोमियों 5:3-4)। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि हम सदा ही आनन्द का अनुभव करते रहेंगे। ऐसे भी समय आएंगे जब हमें किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होगी जो हमारे साथ बैठकर हमारे मन की बातों को सुन सके; हमें परमेश्वर से भी बातें करने की आवश्यकता पड़ेगी। कभी-कभी हमें रुक कर, अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखना पड़ता है, यह समझने के लिए कि उन कठिनाईयों, अनिश्चितताओं और परेशानियों के अनुभवों से हमारा विश्वास कैसे बढ़ा है।

   हम मसीही विश्वासी यह जानते हैं कि परमेश्वर हमारी कठिनाईयों, अनिश्चितताओं और परेशानियों के अनुभवों के द्वारा हमारे विश्वास को और दृढ़ करता है, जिससे हम हर परिस्थिति में उसके भले हृदय पर अपना विश्वास बनाए रखें। - ऐनी सेटास


परमेश्वर हमें परिस्थितियों से निकलने देता है 
जिससे उस पर हमारा विश्वास और दृढ़ हो सके।

हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। - याकूब 1:2-3

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। 
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। 
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। 
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। 
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। 
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। 
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? 
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? 
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 60-62
  • रोमियों 5