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Wednesday, September 20, 2017

हाथों में


   मैं अस्पताल में ऑपरेशन के स्थान के प्रतीक्षालय में बैठा हुआ था; मेरे पास विचार करने के लिए समय था। कुछ समय पहले भी मैं यहीं पर था, और तब हमें हिला देने वाला समाचार दिया गया था, मेरा एकलौता भाई, जो मुझ से बहुत छोटा था, उसके मस्तिष्क ने काम करना बन्द कर दिया था। आज मैं यहाँ अपनी पत्नि के लिए बैठा हुआ था जिसे एक गंभीर ऑपरेशन से होकर निकलना पड़ रहा था, और मैं उसके परिणाम को सुनने के लिए वहाँ प्रतीक्षा में था, परमेश्वर की शान्त वाणी को सुन रहा था।

   अचानक ही समाचार आया; ऑपरेशन करने वाला सर्जन मुझ से मिलना चाहता था। मैं मिलने के उस एकान्त कमरे में गया। वहाँ मेज़ पर टिशू के दो डिब्बे रखे हुए थे। वे केवल बहती नाक पोंछने के लिए नहीं रखे गए थे, वरन उन कठोर भयावह वाक्यांशों के लिए रखे गए थे, जैसे कि मुझे तब सुनने पड़े थे जब मेरे भाई की मृत्यु हुई थी - "मस्तिष्क मर गया है", "हम कुछ नहीं कर सकते हैं।"

   दुःख और अनिश्चितता के ऐसे समयों में, परमेश्वर का वचन बाइबल दिलासा का अनुपम स्त्रोत है, विशेषकर उसमें भजन संहिता नामक खण्ड। ऐसी स्थिति में खराई से लिखे गए उन भजनों की ओर मुड़ना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक भजन है, भजन 31, जो दाऊद द्वारा घोर दुःख के समय में लिखा गया है। दाऊद लिखता है, "मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है" (पद 10); उसके इस दुःख को और अधिक बढ़ा देने वाली बात थी कि उसके मित्रों और पड़ौसियों ने उसे छोड़ दिया था (पद 11)।

   परन्तु दाऊद का दृढ़ भरोसा उस सच्चे और जीवते परमेश्वर पर था, जिसके हाथों में उसने अपने आप को छोड़ दिया था: "परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। मेरे दिन तेरे हाथ में है;" (पद 14-15)। इस कारण दुःखों का उसका विलाप, एक उत्साह और आशा की पुकार के साथ समाप्त होता है: "हे यहोवा पर आशा रखने वालों हियाव बान्धो और तुम्हारे हृदय दृढ़ रहें!" (भजन 31:24)।

   अब की बार, उस प्रतीक्षालय में सर्जन ने हमें अच्छा समाचार दिया: मेरी पत्नि के पूर्णतः ठीक होने की संभावना थी। परन्तु चाहे यह समाचार न भी आता, फिर भी हम जानते और मानते हैं कि हमारा समस्त समय परमेश्वर के सबल हाथों में सर्वदा सुरक्षित है। - टिम गुस्टाफसन


जब हम अपनी समस्याएं परमेश्वर के हाथों में डाल देते हैं, 
तब वह अपनी शान्ति हमारे हृदयों में डाल देता है।

अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे संभालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22 

बाइबल पाठ: भजन 31:9-18
Psalms 31:9 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। 
Psalms 31:10 मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, और मेरी हडि्डयां घुल गई।
Psalms 31:11 अपने सब विरोधियों के कारण मेरे पड़ोसियों में मेरी नामधराई हुई है, अपने जान पहिचान वालों के लिये डर का कारण हूं; जो मुझ को सड़क पर देखते है वह मुझ से दूर भाग जाते हैं। 
Psalms 31:12 मैं मृतक के समान लोगों के मन से बिसर गया; मैं टूटे बर्तन के समान हो गया हूं। 
Psalms 31:13 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्होंने मेरे विरुद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।
Psalms 31:14 परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। 
Psalms 31:15 मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा। 
Psalms 31:16 अपने दास पर अपने मुंह का प्रकाश चमका; अपनी करूणा से मेरा उद्धार कर।
Psalms 31:17 हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे क्योंकि मैं ने तुझ को पुकारा है; दुष्ट लज्जित हों और वे पाताल में चुपचाप पड़े रहें। 
Psalms 31:18 जो अंहकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, उनके झूठ बोलने वाले मुंह बन्द किए जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12