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Thursday, October 19, 2017

प्रार्थना का उत्तर


   हमारी बेटी 15 वर्ष की थी, जब वह घर से भाग गई; वह 3 सप्ताह से अधिक तक घर से बाहर रही। वे हमारे जीवन के सबसे लंबे 3 सप्ताह थे। हमने सब स्थानों पर उसे  ढूँढ़ा, मित्रों और न्याय-व्यवस्था संबंधित सरकारी महकमों की भी सहायाता ली। उन निराशा और परेशानी से भरे दिनों में मैंने और मेरी पत्नि ने प्रार्थना में परमेश्वर के सामने प्रतीक्षा करने के महत्व को समझा। हम अपनी सामर्थ्य और संसाधानों के अन्त पर पहुँच गए थे; अब परमेश्वर पर निर्भर रहने के अतिरिक्त हमारे पास और कुछ नहीं था।

   हमारी बेटी हमें पिताओं को आदर देने के लिए मनाए जाने वाले दिन, "फादर्स डे" पर मिली। हम रात्रि का भोजन करने के लिए एक भोजनालय में जा रहे थे, जब फोन की घंटी बजी। एक अन्य भोजनालय में कार्य करने वाली एक महिला वेटर ने उसे देखा था। जहाँ वह थी वह स्थान हम से थोड़ी सी ही दूर था; हम तुरंत वहाँ गए और बेटी को ले आए; शीघ्र ही वह सुरक्षित और स्वस्थ घर में थी।

   जब हम प्रार्थना करते हैं तो हमें प्रभु परमेश्वर की उपस्थिति में शान्त भी रहना होता है। हम नहीं जानते कि उसका उत्तर कब और कैसे आएगा, परन्तु हम सदा ही अपने हृदय को उसके सामने खोलकर रख सकते हैं। कभी-कभी उत्तर तब नहीं आते जब हम उन्हें चाहते हैं या उनकी आशा रखते हैं। कभी-कभी उत्तर आने से पहले परिस्थितियाँ और भी बिगड़ सकती हैं। परन्तु हमें सदा प्रयासरत बने रहना है, भरोसा करते रहना है, प्रार्थना में परमेश्वर से माँगते रहना है।

   प्रार्थना का उत्तर आने की प्रतीक्षा करना कभी सरल नहीं होता है, परन्तु उत्तर, जब भी वह आए, भला ही होता है, उस उत्तर के लिए वह प्रतीक्षा सदा उचित ही ठहरती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने एक भजन में इस बात के लिए कहा: "और तेरे नाम के जानने वाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया" (भजन 9:10)। इसलिए प्रभु परमेश्वर के समक्ष प्रार्थना में खोजते रहें; उसपर भरोसा बनाए रखें; उससे माँगते रहें। उसका उत्तर अवश्य आएगा, भलाई के साथ आएगा। - जेम्स बैंक


प्रार्थना में बिताया गया समय, सदा ही भली-भांति बिताया गया समय होता है।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 9:1-10
Psalms 9:1 हे यहोवा परमेश्वर मैं अपने पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा; मैं तेरे सब आश्चर्य कर्मों का वर्णन करूंगा। 
Psalms 9:2 मैं तेरे कारण आनन्दित और प्रफुल्लित होऊंगा, हे परमप्रधान, मैं तेरे नाम का भजन गाऊंगा।
Psalms 9:3 जब मेरे शत्रु पीछे हटते हैं, तो वे तेरे साम्हने से ठोकर खाकर नाश होते हैं। 
Psalms 9:4 क्योंकि तू ने मेरा न्याय और मुकद्दमा चुकाया है; तू ने सिंहासन पर विराजमान हो कर धर्म से न्याय किया। 
Psalms 9:5 तू ने अन्यजातियों को झिड़का और दुष्ट को नाश किया है; तू ने उनका नाम अनन्तकाल के लिये मिटा दिया है। 
Psalms 9:6 शत्रु जो है, वह मर गए, वे अनन्तकाल के लिये उजड़ गए हैं; और जिन नगरों को तू ने ढा दिया, उनका नाम वा निशान भी मिट गया है। 
Psalms 9:7 परन्तु यहोवा सदैव सिंहासन पर विराजमान है, उसने अपना सिंहासन न्याय के लिये सिध्द किया है; 
Psalms 9:8 और वह आप ही जगत का न्याय धर्म से करेगा, वह देश देश के लोगों का मुकद्दमा खराई से निपटाएगा।
Psalms 9:9 यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊंचा गढ़ ठहरेगा, वह संकट के समय के लिये भी ऊंचा गढ़ ठहरेगा। 
Psalms 9:10 और तेरे नाम के जानने वाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 56-58
  • 2 थिस्सलुनीकियों 2