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Saturday, December 23, 2017

सबके लिए


   अनेकों बच्चों के समान मुझे भी क्रिसमस मनाना बहुत पसन्द है। बचपन में मैं बड़ी आशा के साथ क्रिसमस ट्री के नीचे रखे गए खिलौनों और उपहारों को देखता था, मुझे यह जानने की बड़ी लालसा रहती थी कि मेरे लिए कौन सा खिलौना या खेल रखा गया है। लेकिन जब मुझे खिलौनों के स्थान पर शर्ट और पैंट मिलने लगे तो मुझे कुछ निराशा होने लगी - बड़ों की वस्तुओं में बच्चों के खिलौनों वाला आनन्द नहीं होता है। फिर पिछले क्रिसमस पर मेरे बच्चों ने मुझे बड़े सुन्दर दिखने वाले मोज़े उपहार में दिए: उनके चटकीले रंग और आकर्षक डिज़ाइन देखकर मुझी बड़ा उल्लास हुआ, मैं अपने आप को पुनः युवा अनुभव करने लगा। व्यसक भी उन मोज़ों को पहन सकते थे, क्योंकि उन पर लगे लेबल पर लिखा था "एक नाप, सबके लिए।"

   यह वाक्यांश, "एक नाप, सबके लिए" मुझे क्रिसमस की सर्वोत्तम भेंट की याद दिलाता है - उस सुसमाचार की, कि प्रभु यीशु संसार के सभी लोगों के लिए है। यह बात प्रभु यीशु के जन्म के समय हुई घटनाओं से भी प्रमाणित होती है। प्रभु के जन्म लेने का सबसे पहला सन्देश स्वर्गदूतों ने चरवाहों को दिया, जो सामाजिक स्तर के आधार पर सबसे नीचे की सीढ़ी पर माने जाते थे। फिर यही समाचार समाज के अत्यंत महत्वपूर्ण, धनी और प्रतिष्ठित ज्योतिषियों के पास भी पहुंचा, जो फिर सितारे के मार्गदर्शन द्वारा बालक मसीह को देखने आए।

   जब प्रभु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तब यहूदियों के धार्मिक अगुवओं में से उनका एक प्रभावशाली सरदार उससे मिलने और चर्चा करने के लिए रात में उसके पास आया। उनके वार्तालाप के दौरान, प्रभु यीशु ने वह सबसे महत्वपूर्ण और जाना-माना निमंत्रण सारे जगत के लिए दिया, कि स्वेच्छा से प्रभु में लाए गए विश्वास के एक निर्णय के द्वारा व्यक्ति अनन्त जीवन का अधिकारी हो जाता है: "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)।

   यदि प्रभु केवल निर्धनों और समाज के ठुकराए तथा तुच्छ लोगों के लिए आया होता, या फिर केवल धनवानों और समाज के उच्च स्तर के प्रतिष्ठित लोगों के लिए ही आया होता, तो हम में से अनेकों उसके साथ रहने के लिए कभी योग्य न ठहरते। परन्तु प्रभु यीशु सारे संसार के सभी लोगों के लिए आया, चाहे उनका सामाजिक स्तर, आर्थिक स्थिति, या ऐसी ही कोई भी अन्य बात किसी भी स्तर की क्यों न हो। वह वास्तव में सबके लिए सबसे उपयुक्त तथा अद्भुत भेंट है। - जो स्टोवैल


मरते जा रहे इस संसार के लिए, 
परमेश्वर का उपहार जीवन देने वाला मुक्ति-दाता है।

जिसने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध कर के अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो। - तीतुस 2:14

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3:10-21
John 3:10 यह सुनकर यीशु ने उस से कहा; तू इस्त्राएलियों का गुरू हो कर भी क्या इन बातों को नहीं समझता? 
John 3:11 मैं तुझ से सच सच कहता हूं कि हम जो जानते हैं, वह कहते हैं, और जिसे हम ने देखा है उस की गवाही देते हैं, और तुम हमारी गवाही ग्रहण नहीं करते। 
John 3:12 जब मैं ने तुम से पृथ्वी की बातें कहीं, और तुम प्रतीति नहीं करते, तो यदि मैं तुम से स्वर्ग की बातें कहूं, तो फिर क्योंकर प्रतीति करोगे? 
John 3:13 और कोई स्वर्ग पर नहीं चढ़ा, केवल वही जो स्वर्ग से उतरा, अर्थात मनुष्य का पुत्र जो स्वर्ग में है। 
John 3:14 और जिस रीति से मूसा ने जंगल में सांप को ऊंचे पर चढ़ाया, उसी रीति से अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊंचे पर चढ़ाया जाए। 
John 3:15 ताकि जो कोई विश्वास करे उस में अनन्त जीवन पाए।
John 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। 
John 3:17 परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। 
John 3:18 जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहर चुका; इसलिये कि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया। 
John 3:19 और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। 
John 3:20 क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए। 
John 3:21 परन्तु जो सच्चाई पर चलता है वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 14