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Tuesday, January 30, 2018

नाम


   इतवार की हमारी आराधना के दौरान जब एकल गायक ने एक भक्ति गीत गाना आरंभ किया तो उपस्थित मण्डली ने पूरी तरह से शान्त रहकर उस पर पूरा ध्यान लगाया। उसने अपनी मंद माध्यम-सुर वाली आवाज़ में गौर्डन जेनसन द्वारा गए हुए एक पुराने गीत को प्रस्तुत किया, जिसके शब्द मन को छू लेने वाले थे। इस गीत का शीर्षक: “He’s as Close as the Mention of His Name (वह अपने नाम के उल्लेख जितना निकट है)” एक ऐसे सत्य को व्यक्त करता है जो जितने हम वृद्ध होते जाते हैं उतना ही बहुमूल्य होता जाता है।

   हम सब ने अपने प्रीय जनों से विछोह को अनुभव किया है। एक बच्चा विवाह करके कहीं दूर चला जाता है। अभिभावक स्वास्थ्य या नौकरी के कारण बिछड़ जाते हैं। बच्चे पढाई के लिए किसी दूसरे प्रांत या देश में चले जाते हैं। हमारे पास उन्हें सन्देश भेजने के और स्काईप पर बात करने के माध्यम तो हैं, परन्तु हम तो यहाँ रहते हैं और वे वहाँ। और मृत्यु का विछोह भी तो है।

   परन्तु प्रभु यीशु के विश्वासी होने के कारण, हमारे पास उसका वायदा है कि हम कभी अकेले नहीं होंगे। हम चाहे अपने आप को अकेला अनुभव करें, लेकिन प्रभु हमें छोड़ कर कहीं नहीं गया है। वह यहीं हमारे साथ है, अभी भी, हमेशा और सर्वदा। प्रभु ने इस पृथ्वी को छोड़ते समय अपने शिष्यों से कहा “और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं” (मत्ती 28:20)। प्रभु ने हमसे यह वायदा भी किया है: “तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा” (इब्रानियों 13:5)।

   प्रभु यीशु मसीह से किया गया एक शान्त निवेदन, उसके नाम को फुसफुसाते हुए लेना, यहाँ तक कि उसके नाम का विचार तक हमें शान्ति और भरोसा प्रदान करता है; निःसंदेह, वह “He’s as Close as the Mention of His Name (वह अपने नाम के उल्लेख जितना निकट है)”। - डेव एग्नर


प्रभु यीशु अपनों को कभी नहीं भूलता या त्यागता है।

और उस समय यह कहा जाएगा, देखो, हमारा परमेश्वर यही है; हम इसी की बाट जोहते आए हैं, कि वह हमारा उद्धार करे। यहोवा यही है; हम उसकी बाट जोहते आए हैं। हम उस से उद्धार पाकर मगन और आनन्दित होंगे। - यशायाह 25:9

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:17-24
John 16:17 तब उसके कितने चेलों ने आपस में कहा, यह क्या है, जो वह हम से कहता है, कि थोड़ी देर में तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे? और यह इसलिये कि मैं पिता के पास जाता हूं?
John 16:18 तब उन्होंने कहा, यह थोड़ी देर जो वह कहता है, क्या बात है? हम नहीं जानते, कि क्या कहता है।
John 16:19 यीशु ने यह जानकर, कि वे मुझ से पूछना चाहते हैं, उन से कहा, क्या तुम आपस में मेरी इस बाते के विषय में पूछ पाछ करते हो, कि थोड़ी देर में तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे।
John 16:20 मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा: तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा।
John 16:21 जब स्त्री जनने लगती है तो उसको शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती।
John 16:22 और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
John 16:23 उस दिन तुम मुझ से कुछ न पूछोगे: मैं तुम से सच सच कहता हूं, यदि पिता से कुछ मांगोगे, तो वह मेरे नाम से तुम्हें देगा।
John 16:24 अब तक तुम ने मेरे नाम से कुछ नहीं मांगा; मांगो तो पाओगे ताकि तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16