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Monday, February 5, 2018

सेवक


   पारंपरिक अफ्रीकी समाज में, नेतृत्व के लिए उत्तराधिकारी का चयन गंभीर निर्णय होता है। राजा के देहांत के पश्चात अगले अगुवे को चुनने में बहुत सावधानी बरती जाती है। उस नए अगुवे को न केवल राजसी परिवार में से होना होता है, वरन उसे बलवान, निर्भीक और समझदार भी होना होता है। निर्णय करने के लिए पदाभिशिलाषियों से पूछ-ताछ की जाती है, यह जानने के लिए कि वे  प्रजा की सेवा करेंगे या उन पर कठोरता से शासन करेंगे। राजा के उत्तराधिकारी को ऐसा होना चाहिए जो नेतृत्व भी प्रदान करे और सेवा भी करे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा सुलेमान ने अनेकों व्यक्तिगत गलत निर्णय लिए, गलत चुनाव किए, परन्तु वह अपने उत्तराधिकारी को लेकर चिन्तित था। उसने अपनी इस चिंता के विषय लिखा “मैं ने अपने सारे परिश्रम के प्रतिफल से जिसे मैं ने धरती पर किया था घृणा की, क्योंकि अवश्य है कि मैं उसका फल उस मनुष्य के लिये छोड़ जाऊं जो मेरे बाद आएगा। यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा वा मूर्ख? तौभी धरती पर जितना परिश्रम मैं ने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है” (सभोपदेशक 2:18-19)। सुलेमान के बाद उसका पुत्र रहूबियाम उसकी गद्दी पर बैठा; परन्तु उसने नासमझी से काम लिया और उसका पिता जिस बात के होने से डरता था, वही कर बैठा।

   जब प्रजा के लोगों ने रहूबियाम से कार्य स्थिति को सुधार कर उसे और मानवीय बनाने की माँग की, तो यह उसके पास अवसर था कि वह सेवक और अगुवा होने की दोनों ही जिम्मेदारियों को निभाए। राज्य के प्राचीनों ने उसे परामर्श दिया, “...यदि तू अभी प्रजा के लोगों का दास बनकर उनके आधीन हो और उन से मधुर बातें कहे, तो वे सदैव तेरे आधीन बने रहेंगे” (1 राजा 12:7), किंतु उसने उनकी इस नेक सलाह को नहीं माना। रहूबियाम ने परमेश्वर की इच्छा भी जानने का प्रयास नहीं किया। प्रजा के प्रति उसके कठोर प्रत्युत्तर के कारण राज्य विभाजित हो गया और परमेश्वर के लोगों का आत्मिक पतन गतिमान हो गया (12:14-19)।

   हमारे परिवारों, कार्यस्थल, चर्च, पड़ौस इत्यादि की बातों और निर्णयों में हमें परमेश्वर से मिलने वाली इस समझ-बूझ की बहुत आवश्यकता होती है, जिससे नम्रता के साथ और सेवक बन कर निर्णय लें और कार्य करें न कि रौब गाँठ कर और कठोरता से। - लौरेंस दरामानी


अच्छा अगुवा अच्छा सेवक भी होता है।

यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं। परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे। - मत्ती 20: 25-28

बाइबल पाठ: 1 राजा 12:1-15
1 Kings 12:1 रहूबियाम तो शकेम को गया, क्योंकि सब इस्राएली उसको राजा बनाने के लिये वहीं गए थे।
1 Kings 12:2 और जब नबात के पुत्र यारोबाम ने यह सुना, (