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Sunday, February 11, 2018

क्षमा


   अपने बेटे के विवाह भोज के समय, मेरे मित्र बॉब ने नवविवाहितों को आने वाले वैवाहिक जीवन के लिए परामर्श और प्रोत्साहन देते हुए एक घटना बताई। उसने निकट के एक शहर के एक फुटबॉल प्रशिक्षक के बारे में बताया, जिसकी टीम अपना एक खेल हार गई थी। अपनी टीम को यह बात याद दिलाते रहने के लिए उसने सारे सप्ताह उनके हारने वाले अंकों को स्कोरबोर्ड पर लगाए रखा। हो सकता है कि यह फुटबॉल में अच्छी रणनीति हो, परन्तु बॉब ने बुद्धिमता से सलाह दी कि विवाह में ऐसा करना बहुत हानिकारक होता है। यदि आपका जोड़ीदार किसी रीति से आपको परेशान या विचलित कर देता है, या आपकी आशा के अनुरूप कार्य नहीं करता है, तो उसकी इस विफलता के बारे में लगातार उसे स्मरण मत दिलाते रहिए। हिसाब रखने के स्कोरबोर्ड से उस बात को हटा दीजिए।

   कितना भला परामर्श! परमेश्वर का वचन बाइबल एक दूसरे से प्रेम रखने और एक दूसरे की गलतियों को नज़रंदाज़ करने के निर्देषों और आज्ञाओं से भरी पड़ी है। हमें स्मरण दिलाया गया है कि प्रेम बुरा नहीं मानता है (1 कुरिन्थियों 13:5), और हमें भी एक दूसरे को वैसे ही क्षमा कर देने को तैयार रहना चाहिए, जैसे परमेश्वर ने हमारे साथ किया है: “और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो” (इफिसियों 4:32)।

   मैं परमेश्वर का बहुत कृतज्ञ और आभारी हूँ कि वह मेरी गलतियों का हिसाब नहीं रखता है। जब भी हम अपनी गलतियों के लिए पश्चाताप करते हैं, वह केवल हमारी गलतियों और अपराधों को क्षमा ही नहीं करता है, वरन उन्हें उतनी दूर कर देता है, जितना पूरब से पश्चिम दूर है (भजन 103:12)। परमेश्वर के साथ क्षमा का अर्थ है कि हमारा पाप न केवल दृष्टि से दूर है, वरन उसके मन से भी हट गया है। परमेश्वर हमें अनुग्रह प्रदान करे कि हम भी औरों को ऐसे ही क्षमा कर सकें जैसे परमेश्वर ने हमें क्षमा किया है। - जो स्टोवैल


वैसे क्षमा करें जैसे परमेश्वर आपको करता है; हिसाब न रखें।

उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है। - भजन 103:12  

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:25-32
Ephesians 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
Ephesians 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
Ephesians 4:27 और न शैतान को अवसर दो।
Ephesians 4:28 चोरी करने वाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो।
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो।