बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Tuesday, June 12, 2018

भावनाएं



   पिछले वर्ष एक सम्मलेन के समय मैं अपने कुछ मित्रों से मिली, जिनसे मैं बहुत लंबे समय से नहीं मिली थी। मिलने और साथ होने के आनन्द में हम सब बहुत प्रसन्न हुए, एक साथ हँसे; परन्तु एक दूसरे को देखकर हम रोए भी इस एहसास के कारण कि हमने एक-दूसरे के आभाव को कितना महसूस किया था।

   अपने साथ होने के समय के अंतिम दिन में हमने एक साथ प्रभु-भोज में भाग लिया, जो और आनन्द तथा आंसुओं का समय था! हम परमेश्वर के उस महान अनुग्रह के लिए आनन्दित थे जिसके अन्तर्गत उसने हमें पापों की क्षमा और अनन्त जीवन  दिया था, तथा अपने मित्रों के साथ बिताए गए ये खुशी के दिन भी। परन्तु हमें यह आनन्द और अनन्त जीवन देने के लिए जो कीमत प्रभु यीशु को चुकानी पड़ी थी उसे स्मरण कर के मेरे आँसू भी निकल पड़े थे।

   मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में एज्रा याजक और यरूशलेम के उस अद्भुत दिन के बारे में विचार किया। निर्वासित लोग बाबुल की बन्धुआई से निकलकर यरूशलेम लौट कर आए थे, और परमेश्वर के मंदिर के पुनर्निर्माण हेतु मंदिर की नेव डाली ही थी। तब लोगों ने आनन्द के कारण स्तुति-गीत गाए, परन्तु कुछ वृद्ध याजक रोने लगे (एज्रा 3:10-12) – वे या तो बन्धुआई में जाने के समय ध्वस्त करके लूट लिए गए सुलेमान के मंदिर और उसके वैभव को याद कर रहे थे, या फिर अपने पापों को स्मरण करके दुखी हो रहे थे जिनके कारण उन्हें बन्धुआई में जाना पड़ा था। इस्राएली गा भी रहे थे और रो भी रहे थे, और इस सब की मिली-जुली आवाज़ दूर तक सुनाई दे रही थी (पद 13)।

   कभी-कभी जब हम परमेश्वर को काम करते देखते हैं तो हम कई प्रकार की भावनाओं का अनुभव करते हैं – परमेश्वर के अद्भुत आश्चर्यजनक कार्यों को देखकर आनन्द और अपने पापों तथा उन पापों के कारण जो बलिदान प्रभु यीशु मसीह को देना पड़ा, उसे स्मरण कर के शोक और दुःख। उन इस्राएलियों के समान ही हमारी भावनाएँ भी प्रभु परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम और आराधना की अभिव्यक्ति, और दूसरों के सामने एक गवाही हो जाएँ। - कीला ओकोआ


परमेश्वर की प्रशंसा, हमारे आनन्द और आँसुओं, दोनों ही से हो सकती है।

परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों। - भजन 5:11

बाइबल पाठ: एज्रा 3:7-13
Ezra 3:7 तब उन्होंने पत्थर गढ़ने वालों और कारीगरों को रुपया, और सीदोनी और सोरी लोगों को खाने-पीने की वस्तुएं और तेल दिया, कि वे फारस के राजा कुस्रू के पत्र के अनुसार देवदार की लकड़ी लबानोन से जापा के पास के समुद्र में पहुंचाएं।
Ezra 3:8 उनके परमेश्वर के भवन में, जो यरूशलेम में है, आने के दूसरे वर्ष के दूसरे महीने में, शालतीएल के पुत्र जरुब्बाबेल ने और योसादाक के पुत्र येशू ने और उनके और भाइयों ने जो याजक और लेवीय थे, और जितने बन्धुआई से यरूशलेम में आए थे उन्होंने भी काम को आरम्भ किया, और बीस वर्ष अथवा उस से अधिक अवस्था के लेवियों को यहोवा के भवन का काम चलाने के लिये नियुक्त किया।
Ezra 3:9 तो येशू और उसके बेटे और भाई और कदमीएल और उसके बेटे, जो यहूदा की सन्तान थे, और हेनादाद की सन्तान और उनके बेटे परमेश्वर के भवन में कारीगरों का काम चलाने को खड़े हुए।
Ezra 3:10 और जब राजों ने यहोवा के मन्दिर की नेव डाली तब अपने वस्त्र पहिने हुए, और तुरहियां लिये हुए याजक, और झांझ लिये हुए आसाप के वंश के लेवीय इसलिये नियुक्त किए गए कि इस्राएलियों के राजा दाऊद की चलाई हुई रीति के अनुसार यहोवा की स्तुति करें।
Ezra 3:11 सो वे यह गा गाकर यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, कि वह भला है, और उसकी करुणा इस्राएल पर सदैव बनी है। और जब वे यहोवा की स्तुति करने लगे तब सब लोगों ने यह जान कर कि यहोवा के भवन की नेव अब पड़ रही है, ऊंचे शब्द से जयजयकार किया।
Ezra 3:12 परन्तु बहुतेरे याजक और लेवीय और पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरुष, अर्थात वे बूढ़े जिन्होंने पहिला भवन देखा था, जब इस भवन की नेव उनकी आंखों के साम्हने पड़ी तब फूट फूटकर रोने लगे, और बहुतेरे आनन्द के मारे ऊंचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे।
Ezra 3:13 इसलिये लोग, आनन्द के जयजयकार का शब्द, लोगों के रोने के शब्द से अलग पहिचान न सके, क्योंकि लोग ऊंचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे, और वह शब्द दूर तक सुनाई देता था।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • एज्रा 3-5
  • यूहन्ना 20