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Wednesday, July 25, 2018

परीक्षा



      क्रिकेट के खेल में टेस्ट-मैच खेलना बहुत थका देने वाला हो सकता है। खिलाड़ी प्रातः 11 बजे से लेकर संध्या 6 बजे तक खेलते हैं, इसके बीच में चाय और दोपहर के भोजन के अवकाश भी होते हैं। एक टेस्ट-मैच पाँच दिन तक चल सकता है। यह धीरज और कौशल की परख होता है।

      इसी प्रकार से जीवन में हम जिन परिस्थितियों का सामना करते हैं, वे कभी-कभी इसलिए और भी विकट लगने लगती हैं क्योंकि उनका अन्त होता हुआ दिखाई ही नहीं देता है। नौकरी मिलने की लंबी तलाश, अकेलेपन के लंबे समय, कैंसर के साथ चल रहा लंबा द्वंद, यह सब और भी कठिन लगने लगता है क्योंकि हम सोचने लग जाते हैं कि क्या यह कभी समाप्त भी होगा?

      शायद इसीलिए भजनकार ने पुकारा, “हे प्रभु तू कब तक देखता रहेगा? इस विपत्ति से, जिस में उन्होंने मुझे डाला है मुझ को छुड़ा! जवान सिंहों से मेरे प्राण को बचा ले” (भजन 35:17)। बाइबल के व्य्ख्याकर्ताओं का मानना है कि यह उस समय की बात है जब राजा शाऊल लंबे समय तक दाऊद का पीछा करता रहा था, और राजा के सलाहकार दाऊद  पर दोष मढ़ते रहते थे – दाऊद  के लिए यह परिक्षा का ऐसा समय था जो वर्षों तक चला था।

      परन्तु फिर भी अन्त में दाऊद ने गाया कि, “...यहोवा की बड़ाई हो, जो अपने दास के कुशल से प्रसन्न होता है” (पद 27)। उसकी परिक्षा उसे परमेश्वर पर और भी अधिक भरोसा रखने की गहराईयों में ले गई। दाऊद के समान, हमारी लंबी परीक्षाएं, कठिनाईयां, या हानि भी हमें परमेश्वर पर और गहरा भरोसा करने के अनुभवों से होकर निकाल सकती हैं; परमेश्वर पर भरोसे को बनाए रखें, अन्ततः आपका भला ही होगा। - बिल क्राउडर


जब आपके बोझ आप पर हावी होने लगें, 
तो स्मरण रखें कि परमेश्वर की सामर्थी भुजाएँ आपको संभाले हुए हैं।

अनादि परमेश्वर तेरा गृहधाम है, और नीचे सनातन भुजाएं हैं। वह शत्रुओं को तेरे साम्हने से निकाल देता, और कहता है, उन को सत्यानाश कर दे। - व्यवस्थाविवरण 33:27

बाइबल पाठ: भजन 35:17-28
Psalms 35:17 हे प्रभु तू कब तक देखता रहेगा? इस विपत्ति से, जिस में उन्होंने मुझे डाला है मुझ को छुड़ा! जवान सिंहों से मेरे प्राण को बचा ले!
Psalms 35:18 मैं बड़ी सभा में तेरा धन्यवाद करूंगा; बहुतेरे लोगों के बीच में तेरी स्तुति करूंगा।
Psalms 35:19 मेरे झूठ बोलने वाले शत्रु मेरे विरुद्ध आनन्द न करने पाएं, जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे आपस में नैन से सैन न करने पांए।
Psalms 35:20 क्योंकि वे मेल की बातें नहीं बोलते, परन्तु देश में जो चुपचाप रहते हैं, उनके विरुद्ध छल की कल्पनाएं करते हैं।
Psalms 35:21 और उन्होंने मेरे विरुद्ध मुंह पसार के कहा; आहा, आहा, हम ने अपनी आंखों से देखा है!
Psalms 35:22 हे यहोवा, तू ने तो देखा है; चुप न रह! हे प्रभु, मुझ से दूर न रह!
Psalms 35:23 उठ, मेरे न्याय के लिये जाग, हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे प्रभु, मेरे मुकद्दमा निपटाने के लिये आ!
Psalms 35:24 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू अपने धर्म के अनुसार मेरा न्याय चुका; और उन्हें मेरे विरुद्ध आनन्द करने न दे!
Psalms 35:25 वे मन में न कहने पाएं, कि आहा! हमारी तो इच्छा पूरी हुई! वह यह न कहें कि हम उसे निगल गए हैं।
Psalms 35:26 जो मेरी हानि से आनन्दित होते हैं उनके मुंह लज्जा के मारे एक साथ काले हों! जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारते हैं वह लज्जा और अनादर से ढ़ंप जाएं!
Psalms 35:27 जो मेरे धर्म से प्रसन्न रहते हैं, वह जयजयकार और आनन्द करें, और निरन्तर कहते रहें, यहोवा की बड़ाई हो, जो अपने दास के कुशल से प्रसन्न होता है!
Psalms 35:28 तब मेरे मुंह से तेरे धर्म की चर्चा होगी, और दिन भर तेरी स्तुति निकलेगी।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 37-39
  • प्रेरितों 26