बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Saturday, March 30, 2019

जीवन और मृत्यु



      मुझे कभी नहीं भूलेगा कि मैं अपनी सहेली के भाई की मृत्यु के समय उसकी शैया के निकट बैठी थी। वह साधारण में असाधारण के आगमन का दृश्य था। हम तीन जन शान्त होकर बातचीत कर रहे थे जब हमें एहसास हुआ कि रिचर्ड खींच-खींच कर साँस लेने लगा है। हम उसके चारों ओर जमा हो गए, उसे देखते और उसके लिए प्रार्थना करते रहे। जब उसने अपनी अंतिम साँस ली, तो लगा मानो यह एक पवित्र पल है; एक अद्भुत व्यक्ति की जवानी में ही मृत्यु हो जाने के दुःख के समय परमेश्वर की उपस्थिति ने हमें घेर लिया था।

      परमेश्वर का वचन बाइबल बताती है कि विश्वास के कई नायकों ने मृत्यु के समय परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को अनुभव किया था। उदाहरण के लिए, याकूब ने बता दिया कि शीघ्र ही वह “अपने लोगों से जा मिलने को है” (उत्पत्ति 49-29-33)। याकूब के एक पुत्र यूसुफ ने भी होने वाली मृत्यु के बारे में बताया; उसने अपने भाईयों से कहा, “मैं तो मरने पर हूँ” और उन्हें विश्वास में दृढ़ बने रहने के लिए निर्देश दिए। वह स्वयँ तो शान्त प्रतीत होता है, परन्तु उत्सुक्त भी है कि उसके भाई प्रभु पर भरोसा बनाए रखें (उत्पत्ति 50:24)।

      हम में से कोई नहीं जानता है कि कब और कैसे हम अपनी अंतिम साँस लेंगे, परन्तु हम परमेश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि हम विश्वास बनाए रखें कि हमारी अंतिम साँस के समय वह हमारे साथ होगा। हम प्रभु यीशु मसीह द्वारा अपने अनुयायियों को दिए गए वायदे पर विश्वास रख सकते हैं कि हमारे स्वर्गीय पिता के घर में उसने हमारे लिए स्थान तैयार कर दिया है (यूहन्ना 14:2-3)। -एमी बाउचर पाई


हमारा प्रभु हमें कभी नहीं त्यागेगा, विशेषकर हमारी मृत्यु के समय।

तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। - यूहन्ना 14:1-3

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 50:22-26
Genesis 50:22 और यूसुफ अपने पिता के घराने समेत मिस्र में रहता रहा, और यूसुफ एक सौ दस वर्ष जीवित रहा।
Genesis 50:23 और यूसुफ एप्रैम के परपोतों तक देखने पाया: और मनश्शे के पोते, जो माकीर के पुत्र थे, वे उत्पन्न हो कर यूसुफ से गोद में लिये गए।
Genesis 50:24 और यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा मैं तो मरने पर हूं; परन्तु परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा, और तुम्हें इस देश से निकाल कर उस देश में पहुंचा देगा, जिसके देने की उसने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से शपथ खाई थी।
Genesis 50:25 फिर यूसुफ ने इस्राएलियों से यह कहकर, कि परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा, उन को इस विषय की शपथ खिलाई, कि हम तेरी हड्डियों को वहां से उस देश में ले जाएंगे।
Genesis 50:26 निदान यूसुफ एक सौ दस वर्ष का हो कर मर गया: और उसकी लोथ में सुगन्धद्रव्य भरे गए, और वह लोथ मिस्र में एक सन्दूक में रखी गई।

एक साल में बाइबल:  
  • न्यायियों 9-10
  • लूका 5:17-39



No comments:

Post a Comment