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बुधवार, 13 नवंबर 2019

उदारता



      शेरिल के लिए यह बड़े अचरज की बात थी। वह दूकान से घर तक पिज़्ज़ा लेकर जाने का कार्य करती थी, और अब वह जहां पिज़्ज़ा देने आई थी वह कोई घर नहीं था, वरन एक चर्च था। इस बात को लेकर चकराई हुई वह पिज़्ज़ा लेकर जब चर्च के अन्दर पहुंची, तो चर्च के पास्टर ने उसका स्वागत किया, और उससे पूछा, “क्या यह कहना उचित होगा कि जीवन तुम्हारे लिए कठिन है?” शेरिल ने पास्टर की बात से सहमति जताई। तब पास्टर ने चर्च के लोगों द्वारा दान के पैसों से भरी दो थालियाँ बाहर निकालीं, और शेरिल के थैले में बख्शीश के तौर पर उन्हें उंडेल कर खाली कर दिया; वे 750 डौलर से अधिक की रकम थी। शेरिल को यह पता नहीं था, परन्तु पिज़्ज़ा मंगाने से पहले पास्टर ने पिज़्ज़ा की दूकान पर यह कहा था की वे अपने सबसे अधिक आर्थिक तंगी में चल रहे पिज़्ज़ा लाने वाले को भेजें। उस उदार उपहार से शेरिल भौंचक्की रह गई; अब वह अपने कुछ क़र्ज़ चुका सकती थी।

      जब यरूशलेम के आरंभिक मसीहियों ने निर्धनता का सामना किया, तो चर्च के लोगों ने उनकी सहायता के लिए अपने हाथों को आगे बढ़ाया। यद्यपि उन्हें स्वयं सहायता की आवश्यकता थी, फिर भी मकिदूनिया के चर्च ने उदारता से दान दिया, ऐसा करना अपना सौभाग्य समझते हुए (2 कुरिन्थियों 8:1-4)। पौलुस ने उनकी इस उदारता के उदाहरण को कोरिंथ के चर्च के सामने रखा, जिससे कि उस समय वे, और आज हम, इस उदारता के उदाहरण का अनुसरण करें। जब हम अपनी बहुतायत को औरों की आवश्यकता की पूर्ति के लिए प्रयोग करते हैं, हम प्रभु यीशु के स्वभाव को प्रतिबिंबित करते हैं, जिसने हमारे लिए अपने आप को शून्य कर लिया।

      उस दिन शेरिल ने अपने अन्य सभी ग्राहकों को उसके प्रति हुई इस उदारता के विषय बताया, और इस उदाहरण का अनुसरण करते हुए, उसे उस दिन औरों से जितनी बख्शीश मिली, उसे उसने अन्य ज़रूरतमंदों को दे दिया। उदारता के एक उदाहरण को कई बार दोहराया गया, और प्रभु यीशु की महिमा हुई। - शेरेडियन वोयेसे

हमारी उदारता आवश्यकताओं की पूर्ति करती है, जिससे प्रभु परमेश्वर की महिमा होती है।

उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी। - नीतिवचन 11:25

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 8:1-9
2 Corinthians 8:1 अब हे भाइयों, हम तुम्हें परमेश्वर के उस अनुग्रह का समाचार देते हैं, जो मकिदुनिया की कलीसियाओं पर हुआ है।
2 Corinthians 8:2 कि क्‍लेश की बड़ी परीक्षा में उन के बड़े आनन्द और भारी कंगालपन के बढ़ जाने से उन की उदारता बहुत बढ़ गई।
2 Corinthians 8:3 और उनके विषय में मेरी यह गवाही है, कि उन्होंने अपनी सामर्थ भर वरन सामर्थ से भी बाहर मन से दिया।
2 Corinthians 8:4 और इस दान में और पवित्र लोगों की सेवा में भागी होने के अनुग्रह के विषय में हम से बार बार बहुत बिनती की।
2 Corinthians 8:5 और जैसी हम ने आशा की थी, वैसी ही नहीं, वरन उन्होंने प्रभु को, फिर परमेश्वर की इच्छा से हम को भी अपने तईं दे दिया।
2 Corinthians 8:6 इसलिये हम ने तितुस को समझाया, कि जैसा उसने पहिले आरम्भ किया था, वैसा ही तुम्हारे बीच में इस दान के काम को पूरा भी कर ले।
2 Corinthians 8:7 सो जैसे हर बात में अर्थात विश्वास, वचन, ज्ञान और सब प्रकार के यत्‍न में, और उस प्रेम में, जो हम से रखते हो, बढ़ते जाते हो, वैसे ही इस दान के काम में भी बढ़ते जाओ।
2 Corinthians 8:8 मैं आज्ञा की रीति पर तो नहीं, परन्तु औरों के उत्‍साह से तुम्हारे प्रेम की सच्चाई को परखने के लिये कहता हूं।
2 Corinthians 8:9 तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह जानते हो, कि वह धनी हो कर भी तुम्हारे लिये कंगाल बन गया ताकि उसके कंगाल हो जाने से तुम धनी हो जाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • विलापगीत 1-2
  • इब्रानियों 10:1-18



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