ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019

प्रेम



      जब ओंटारियो के वेल्लैंड नगर में अनेकों स्थानों पर गुलाबी रंग के “मैं तुम से प्रेम करता हूँ” लिखे हुए दिखाई देने लगे तो स्थानीय पत्रकार मेरिएन फर्त ने इसकी पड़ताल करने का निर्णय लिया। किन्तु उसकी खोजबीन का कुछ परिणाम नहीं निकला। कुछ सप्ताह के बाद कुछ नए लेख दिखाई देने लगे जिन पर समय और तिथि के साथ एक स्थानीय उद्यान का पता लिखा हुआ था।

      नगर के जिज्ञासु लोगों की भीड़ के संग मेरिएन भी निर्धारित दिन और समय पर उस उद्यान में पहुँची। वहाँ उसे एक पुरुष मिला जिसने अपना चेहरा चुतराई से छिपा रखा था। उसके अचरज की कल्पना कीजिए जब उस पुरुष ने मेरिएन को फूलों का गुलदस्ता दिया और उससे विवाह करने का प्रस्ताव किया। वह रहस्यमय पुरुष मेरिएन का प्रेमी, रेयान सेंट डेनिस था; और मेरिएन ने सहर्ष उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

       अपनी प्रेमिका के प्रति रेयान सेंट डेनिस का प्रेम-प्रगटीकरण कुछ अजीब एवं आवश्यकता से अधिक नाटकीय प्रतीत हो सकता है, परन्तु हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम की अभिव्यक्ति अद्भुत और विलक्षण से ज़रा भी कम नहीं है। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, “जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं” (1 यूहन्ना 4:9)।

      प्रेम प्रगट करने के लिए एक दूसरे को दिए जाने लाल या गुलाबी गुलाब के फूल के समान प्रभु यीशु केवल प्रेम का प्रतीक मात्र ही नहीं हैं। वे वह दिव्य मनुष्य हैं जिन्होंने समस्त मानव जाति के लिए अपने प्राण बलिदान किए जिससे जो कोई भी उनपर विश्वास कर के पापों की क्षमा प्राप्त करता है वह उद्धार तथा परमेश्वर के साथ अनन्तकाल के लिए उसकी सन्तान होने का संबंध प्राप्त करता है। और फिर परमेश्वर के प्रेम से किसी मसीही विश्वासी को कभी कोई पृथक नहीं कर सकता है (रोमियों 8:39)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


क्योंकि परमेश्वर ने अपने पुत्र को हमारे बचाए जाने के लिए भेजा, इससे हम हमारे प्रति उसके प्रेम की महानता को जान सकते हैं।

परन्तु जितनों ने उसे [प्रभु यीशु को] ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। - यूहन्ना 1:12

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4: 7-16
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।
1 John 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
1 John 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।
1 John 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।
1 John 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
1 John 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 15-16
  • मत्ती 27:1-26