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Monday, December 9, 2019

परिवर्तन



      मुख्य समाचार का शीर्षक था, “परिवर्तन: अन्दर से बाहर या बाहर से अन्दर?” जो कि वर्तमान के एक लोकप्रीय चलन को प्रतिबिंबित कर रहा था। यह विचार कि अपने बाहरी स्वरूप को निखारने के द्वारा या बाहर से बेहतर दिखने के द्वारा हम अपने भीतर जो अनुभव करते हैं उसे सरलता से बदल सकते हैं, और अपने जीवन भी बदल सकते हैं, परिवर्तन करने के लिए एक सरल तरीका हो सकता है।

      यह एक आकर्षक विचार है – बेहतर दिखने के द्वारा अपने जीवन को बेहतर कौन नहीं करना चाहेगा? हम में से बहुतेरों ने कठिनाइयों का सामना करने के द्वारा सीखा है कि पुरानी आदतों को छोड़ना लगभग असंभव होता है। साधारण से बाहरी परिवर्तनों पर ध्यान करने के द्वारा एक आशा होती है कि जीवन सुधारने के लिए कोई सरल तरीका भी हो सकता है।

      किन्तु यद्यपि, ऐसे परिवर्तन हमारे जीवनों को सुधार सकते हैं, परमेश्वर का वचन बाइबल हमें एक गहरे परिवर्तन के प्रयास के लिए आमंत्रित करती है – ऐसा परिवर्तन जो हम अपने आप से कभी नहीं कर सकते हैं। इसी संबंध में पौलुस प्रेरित ने गलातियों 3 अध्याय में तर्क दिया कि परमेश्वर की व्यवस्था, जो कि उसकी इच्छा को प्रकट करने वाला एक अनमोल उपहार है, परमेश्वर के लोगों के टूटेपन को चंगा नहीं कर सकी (पद 19-22)। सच्ची चंगाई और स्वतंत्रता के लिए उन्हें विश्वास के द्वारा मसीह यीशु को “पहन” लेना था (पद 27), उसकी आत्मा की सहायता द्वारा (5:5)। जब वे इस प्रकार से उसके द्वारा पृथक किए जाकर एक नए स्वरूप में ढाले जाएंगे, तब ही वे अपनी सच्ची पहचान और कीमत को जानने पाएँगे – कि प्रत्येक मसीही विश्वासी परमेश्वर की सभी प्रतिज्ञाओं का बराबर का हकदार है (3:28-29)।

      हम अपने आप को सुधारने के तरीकों पर अपनी बहुत सी ऊर्जा व्यय कर सकते हैं। परन्तु हमारे जीवनों में सबसे गहरा और सबसे संतुष्ट करने वाला परिवर्तन हमारे हृदयों में उस प्रेम को जानने के द्वारा होता है जो समस्त ज्ञान से परे है (इफिसियों 3:17-19) – प्रेम जो सब कुछ परिवर्तित कर देता है। - मोनिका ब्रैंड्स

सच्चा और स्थाई परिवर्तन केवल प्रभु यीशु में ही संभव है।

क्योंकि आत्मा के कारण, हम विश्वास से, आशा की हुई धामिर्कता की बाट जोहते हैं। - गलातियों 5:5

बाइबल पाठ: गलातियों 3:22-29
Galatians 3:22 परन्तु पवित्र शास्त्र ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करने वालों के लिये पूरी हो जाए।
Galatians 3:23 पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की आधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होने वाला था, हम उसी के बन्‍धन में रहे।
Galatians 3:24 इसलिये व्यवस्था मसीह तक पहुंचाने को हमारी शिक्षक हुई है, कि हम विश्वास से धर्मी ठहरें।
Galatians 3:25 परन्तु जब विश्वास आ चुका, तो हम अब शिक्षक के आधीन न रहे।
Galatians 3:26 क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो।
Galatians 3:27 और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है।
Galatians 3:28 अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो।
Galatians 3:29 और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 11-12
  • यहूदा