बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Tuesday, June 9, 2020

पिता


     उस दिन, भीड़ से भरे हुए उस स्टोर में मैं अपने पिता को देने के लिए एक सही कार्ड को ढूढ़ रही थी। मेरे पिता के साथ मेरे संबंध अच्छे नहीं रहे थे, और यदयपि कई वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों के पश्चात, हम ने मेल मिलाप कर लिया था, फिर भी मैंने कभी अपने आप को अपने पिता के निकट अनुभव नहीं किया था। मेरे साथ में खड़ी हुई महिला भी कोई कार्ड ढूढ़ रही थी, और उस ने निराशा की आह भर कर अपने हाथ के कार्ड्स को वापस शेल्फ में रखते हुए कहा, “ये लोग उन के लिए कार्ड क्यों नहीं बना सकते हैं जिनके अपने पिता के साथ संबंध ठीक तो नहीं है, किन्तु वे सही संबंध बनाने के प्रयास कर रहे हैं;” और इस से पहले कि मैं कुछ प्रत्युत्तर देने पाती, वह पैर पटकती हुई वहाँ से बाहर चली गई। मैंने मन ही में उस के लिए प्रार्थना की, और परमेश्वर का धन्यवाद किया कि केवल वही है जो एक सिद्ध पिता हो सकता है, और साथ ही उस से माँगा की मेरे पिता के साथ मेरे संबंधों को और सुधार दे, और प्रगाढ़ बना दे।

     मेरी लालसा रहती है कि जैसे मेरे सांसारिक पिता के साथ, वैसे ही मेरे स्वर्गीय पिता, प्रभु परमेश्वर के साथ भी, मेरे संबंध घनिष्ठ और प्रगाढ़ हों। परमेश्वर के वचन बाइबल में जैसे दाऊद का परमेश्वर की निरंतर उपस्थिति, सामर्थ्य, और सुरक्षा में भरोसा था (भजन 27:1-6), वैसा ही भरोसा मैं भी अपने जीवन में चाहती हूँ।

     जब दाऊद ने सहायता के लिए पुकारा, तो उसे परमेश्वर से उत्तर पाने की आशा थी (पद 7-9)। यद्यपि यह संभव है कि सांसारिक माता-पिता अपने बच्चों को तिरिस्कृत, या त्यागा हुआ, या उपेक्षित छोड़ दें, किन्तु दाऊद ने परमेश्वर पिता द्वारा हमें बिना किसी शर्त के स्वीकार करने का आश्वासन दिया है (पद 10)। वह परमेश्वर की भलाई की निश्चितता में जीवन व्यतीत करता था (पद 11-13)। हम सभी के समान, कभी-कभी दाऊद को भी संघर्षों का सामना करना पड़ता था, परन्तु परमेश्वर का पवित्र आत्मा उस की सहायता करता था कि वह प्रभु में अपने भरोसे तथा निर्भरता पर दृढ़ बना रहे (पद 14)।

     हमारे इस पृथ्वी के जीवन में, हमें अपने संबंधों में कठिनाइयों का सामना तो करना पड़ेगा, परन्तु हम मसीही विश्वासी इस तथ्य में आश्वस्त रह सकते हैं कि चाहे लोग हमारी उम्मीदों पर पूरे न उतरें, हमें धोखा दे दें, या हमें दुःख पहुंचाएँ, लेकिन हमारा सिद्ध परमेश्वर पिता हम से सदा पूर्णतः प्रेम करता रहेगा, अपनी सुरक्षा में बनाए रखेगा। - होकिटिल डिक्सन

 

हमारा सिद्ध परमेश्वर पिता हमें न तो कभी छोड़ेगा, 

न हमारे प्रति उसका प्रेम कभी कम होगा, 

और न ही वह कभी हमें धोखा देगा।


क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।  - यशायाह 49:15-16

बाइबल पाठ: भजन 27

भजन संहिता 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?

भजन संहिता 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।

भजन संहिता 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।

भजन संहिता 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।

भजन संहिता 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।

भजन संहिता 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा; और उसका भजन गाऊंगा।

भजन संहिता 27:7 हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे।

भजन संहिता 27:8 तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा।

भजन संहिता 27:9 अपना मुख मुझ से न छिपा। अपने दास को क्रोध कर के न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे!

भजन संहिता 27:10 मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।

भजन संहिता 27:11 हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल।

भजन संहिता 27:12 मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरुद्ध उठे हैं।

भजन संहिता 27:13 यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता।

भजन संहिता 27:14 यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!   

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 32-33
  • यूहन्ना 18:19-40

No comments:

Post a Comment