बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Friday, July 24, 2020

समझ


     मेरे कुछ मित्र हैं जिन्हें आंशिक चंगाई तो मिली है, किन्तु उन्हें अभी भी अपनी अस्वस्थता के दुखद पहलुओं से अभी भी संघर्ष करना पड़ता है। एनी मित्रों को उनकी किसी लत से चंगाई मिली है परन्तु वे अभी भी आत्म-ग्लानि और अयोग्यता की भावनाओं के साथ संघर्ष करते हैं। और मैं विचार करता हूँ कि परमेश्वर उन्हें एक ही बार में पूर्णतया चंगा क्यों नहीं कर देता है?

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम मरकुस 8:22-26 में प्रभु यीशु द्वारा जन्म के अंधे मनुष्य की चंगाई की घटना को पढ़ते हैं। यीशु उस अंधे आदमी को पहले गाँव से बाहर ले गया, फिर उसने उस आदमी की आँखों पर थूका और उनपर अपने हाथ रखे। आदमी ने कहा कि वह देख तो सकता है, परन्तु उसे आदमी चलते हुए, और पेड़ों के समान दिखाई देते हैं। प्रभु यीशु ने फिर से उस आदमी की आँखों को छुआ, और अब वह आदमे सब कुछ स्पष्ट देखने लगा।

     पृथ्वी पर उसकी सेवकाई के दिनों में यीशु की कार्यों ने बहुधा उसके अनुयायियों और भीड़ को चकित किया, दुविधा में डाला (मत्ती 7:28; लूका 8:10; 11:14) जिस से कुछ तो उसे छोड़ कर भी चले गए (यूहन्ना 6:60-66)। निःसंदेह इस दो भागों में किए गए आश्चर्यकर्म से भी लोग असमंजस में पड़े होंगे। उस आदमी को एक ही बार में और तुरंत ही पूरी चंगाई क्यों नहीं दे दी गई?

     हम नहीं जानते क्यों; परन्तु प्रभु यीशु जानते थे की उस आदमी को, और वहाँ उपस्थित प्रभु के शिष्यों को, उस स्थिति और उस समय में क्या आवश्यक था। और आज वह हमारे विषय भी जानता है कि उसकी निकटता में बढ़ने के लिए हमें आज हमें किसे बात की आवश्यकता है। चाहे हम हमेशा समझ न सकें, हम भरोसा रख सकते हैं  कि परमेश्वर हमारे तथा हमारे प्रिय जनों के जीवनों में कार्यरत है। और वह हमें सामर्थ्य, साहस, और स्पष्टता प्रदान करेगा कि हम उसके पीछे चलते रहें। - एलिसन कीडा

 

प्रभु, हमारी आँखें खोलिए, हम यीशु को देखना चाहते हैं। - रोबर्ट कल


जब यीशु ये बातें कह चुका, तो ऐसा हुआ कि भीड़ उसके उपदेश से चकित हुई। क्योंकि वह उन के शास्‍त्रियों के समान नहीं परन्तु अधिकारी के समान उन्हें उपदेश देता था। - मत्ती 7:28-29

बाइबल पाठ: मरकुस 8:22-26

मरकुस 8:22 और वे बैतसैदा में आए; और लोग एक अन्धे को उसके पास ले आए और उस से बिनती की, कि उसको छूए।

मरकुस 8:23 वह उस अन्धे का हाथ पकड़कर उसे गांव के बाहर ले गया, और उस की आंखों में थूककर उस पर हाथ रखे, और उस से पूछा; क्या तू कुछ देखता है?

मरकुस 8:24 उसने आंख उठा कर कहा; मैं मनुष्यों को देखता हूं; क्योंकि वे मुझे चलते हुए दिखाई देते हैं, जैसे पेड़।

मरकुस 8:25 तब उसने फिर दोबारा उस की आंखों पर हाथ रखे, और उसने ध्यान से देखा, और चंगा हो गया, और सब कुछ साफ साफ देखने लगा।

मरकुस 8:26 और उसने उस से यह कहकर घर भेजा, कि इस गांव के भीतर पांव भी न रखना।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 35-36
  • प्रेरितों 25


No comments:

Post a Comment