Daily Bread-रोज़ की रोटी

Bible based Content, Topics, Teachings, and Lessons for Christian living, in English as well as Hindi. मसीही जीवन जीने के लिए बाइबल पर आधारित विषय, सामग्री, संबंधी जानकारी तथा शिक्षाएँ, हिन्दी तथा अंग्रेजी, दोनों ही भाषाओं में।

मंगलवार, 8 मार्च 2011

प्रेम की व्यवस्था

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एक दम्पति साथ तो रहते थे परन्तु उनमें आपसी प्रेम नहीं था। उनका साथ रहना प्रेम का नहीं वरन एक दम्पति का बन्धन था। पति बहुत कठोर और हावी हो...

"व्यवस्था का उद्देश्य" पर अनवर जमाल जी की टिपणी के सन्दर्भ में

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अन्वर जमाल साहब, आपकी टिप्पणी के लिये धन्यवाद। आपकी टिप्पणी में कही गई बातों में कुछ सच है, कुछ अन्समझा है और कुछ गलत। इन तीनों को बाइबल क...
सोमवार, 7 मार्च 2011

व्यवस्था का उद्देश्य

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व्यवस्था ने न कभी किसी का उद्धार किया है न कभी कर सकती है। परमेश्वर ने व्यवस्था हमें पाप से छुड़ाने के लिये नहीं वरन पाप का बोध कराने और प...
1 टिप्पणी:
रविवार, 6 मार्च 2011

व्यवस्था का पालन

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नियम ही नियमों का उल्लंघन करने को उभारते हैं! किसी बच्चे से कहिये कि वह "उस रखी हुई मिठाई को न खाए" - क्या होगा? वह ललचाई नज़रों...
शनिवार, 5 मार्च 2011

व्यवस्था की समस्या

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अमेरिका के आयकर विभाग में २५ वर्ष से कार्यरत एक अधिकारी को अपने आयकर की चोरी करने के लिये पकड़ा गया। जब यह खबर फैली, लगभग उसी समय समाचार प...
शुक्रवार, 4 मार्च 2011

स्वतंत्र कैसे हों?

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हर कोई स्वतंत्रता चाहता है, लेकिन स्वतंत्रता के प्रयत्न कभी कभी बन्धनों में बांध देते हैं। बाइबल शिक्षिका हेन्रियेटा मीयरस सच्ची स्वतंत्र...
गुरुवार, 3 मार्च 2011

महान उद्धारकर्ता

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जब तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन गुलाम प्रथा के विरुद्ध जंग जीत चुके और उनके द्वारा गुलामों की आज़ादी के घोष्णापत्र पर हस्ताक्ष...
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