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Thursday, November 26, 2020

साथ

 

         हमारे घर में एक स्मृति-पट्टिका लगी है जिस पर लिखा है, “पुकारें या न पुकारें, परमेश्वर उपस्थित है”; इसका आधुनिक संस्करण होगा, “मानें या न मानें, परमेश्वर यहाँ पर है।”

         परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में एक भविष्यद्वक्ता, होशे, जो ईसा पूर्व आठवीं सदी के आख़िरी भाग (755-715) में सेवकाई करता था, उसने भी कुछ ऐसे ही शब्द लिखे। उसने इस्राएलियों को परमेश्वर की उपस्थिति को स्वीकार करने के लिए यत्न करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया (होशे 6:3), क्योंकि वो लोग परमेश्वर को भूल चुके थे (4:1)। जब लोगों ने परमेश्वर की उपस्थिति को भुला दिया, तब वे उससे दूर होने लग गए (पद 12)। और कुछ ही समय में, उनके विचारों में भी परमेश्वर का स्थान नहीं रहा (देखें भजन 10:4)।

         परमेश्वर की उपस्थिति को स्वीकार करने के लिए होशे की साधारण परन्तु गंभीर अंतदृष्टि हमें याद दिलाती है कि वह हमारे निकट है, तथा हमारे जीवनों में कार्य कर रहा है, हमारे आनन्द तथा हमारे संघर्षों एवं परेशानियों, दोनों में।

         परमेश्वर की उपस्थिति को स्वीकार करने का अर्थ हो सकता है कि जब हमें काम में पदोन्नति प्राप्त हो, तो हम यह स्वीकार करें कि परमेश्वर ने हमें हमारे कार्यों को समय पर और साधनों की सीमा में रहते हुए अच्छे से पूरा करने के योग्य किया। यदि घर मिलने के लिए हमारा आवेदन अस्वीकार हो जाता है, तब भी हम यह मानें कि परमेश्वर हमारी देखभाल कर रहा है, और हम उस पर हमारे लिए भला ही करते रहने का भरोसा बनाए रखें।

         यदि हमें अपनी पसंद के अनुसार कॉलेज में दाखिला न मिले, तब भी हम विश्वास रखें कि परमेश्वर हमारे साथ है, और हमारी निराशा में भी हमारे लिए कुछ भला ही कर रहा है। जब हम भोजन करने बैठें, तो परमेश्वर की उपस्थिति को स्वीकार करते हुए, उसे हमारे लिए अच्छा भोजन उपलब्ध करवाने के साधनों के लिए धन्यवाद करें।

         जब हम परमेश्वर के हमारे साथ बने रहने को स्वीकार करते हैं, हमारी सफलताओं तथा असफलताओं, वे चाहे छोटी हों अथवा बड़ी, दोनों में ही उसकी उपस्थिति को स्मरण रखते हैं तो हम उसे अपने लिए कार्य करने के अवसर देते हैं, उससे मार्गदर्शन तथा आशीषों को पाने के रास्ते अपने जीवन में खोलते हैं। - लीसा सामरा

 

परमेश्वर सदा उपस्थिति एवं कार्यरत रहता है।


क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा। - यिर्मयाह 29:11

बाइबल पाठ: होशे 6:1-6

होशे 6:1 चलो, हम यहोवा की ओर फिरें; क्योंकि उसी ने फाड़ा, और वही चंगा भी करेगा; उसी ने मारा, और वही हमारे घावों पर पट्टी बान्धेगा।

होशे 6:2 दो दिन के बाद वह हम को जिलाएगा; और तीसरे दिन वह हम को उठा कर खड़ा करेगा; तब हम उसके सम्मुख जीवित रहेंगे।

होशे 6:3 आओ, हम ज्ञान ढूंढ़े, वरन यहोवा का ज्ञान प्राप्त करने के लिये यत्न भी करें; क्योंकि यहोवा का प्रगट होना भोर का सा निश्चित है; वह वर्षा के समान हमारे ऊपर आएगा, वरन बरसात के अन्त की वर्षा के समान जिस से भूमि सिंचती है।।

होशे 6:4 हे एप्रैम, मैं तुझ से क्या करूं? हे यहूदा, मैं तुझ से क्या करूं? तुम्हारा स्नेह तो भोर के मेघ के समान, और सवेरे उड़ जाने वाली ओस के समान है।

होशे 6:5 इस कारण मैं ने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा मानो उन पर कुल्हाड़ी चला कर उन्हें काट डाला, और अपने वचनों से उन को घात किया, और मेरा न्याय प्रकाश के समान चमकता है।

होशे 6:6 क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, स्थिर प्रेम ही से प्रसन्न होता हूं, और होम-बलियों से अधिक यह चाहता हूं कि लोग परमेश्वर का ज्ञान रखें।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 27-29
  • 1 पतरस 3

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