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गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

छुडाए गए



     पूर्वी अफ्रीका के देश जैनज़िबार, में स्टोन टाउन के विशाल क्राइस्ट चर्च भवन की हमारी यात्रा, हमारे लिए बहुत हृदयस्पर्शी थी। वह चर्च भवन आज उस स्थान पर स्थित है जहां कभी पूर्वी अफ्रीका की सबसे बड़ी दास-मंडी हुआ करती थी। इस चर्च भवन के बनाने वाले, एक भौतिक चिन्ह के द्वारा, दिखाना चाहते थे कि प्रभु यीशु में उद्धार के सुसमाचार के द्वारा किस प्रकार से दासता की बेड़ियाँ तोड़ दी जाती हैं। वह स्थान अब फिर कभी उस वीभत्स अत्याचार और बुराई का स्थान नहीं होगा, वरन परमेश्वर के अवतरित अनुग्रह की महिमा का स्थान होगा।

     जिन्होंने उस चर्च भवन को बनवाया, वे यह व्यक्त करना चाहते थे कि प्रभु यीशु द्वारा क्रूस पर दिया गया बलिदान किस प्रकार से पाप के बंधनों से छुड़ा लेता है। इसी बात को परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफसुस की मसीही मंडली को लिखी अपनी पत्री में कहा: “हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है” (इफिसियों 1:7)। यहाँ पर प्रयुक्त शब्द छुटकारा, पुराने नियम में बेचने-खरीदने की मंडी का अभिप्राय देता है, जहां पर किसी व्यक्ति अथवा वस्तु को खरीद लिया जाता था। प्रभु यीशु ने अपने प्राणों की कीमत के द्वारा पाप तथा बुराई के दासत्व से छुड़ा लेने के लिए संसार के सभी लोगों के लिए कीमत चुका दी है; अब बस संसार के प्रत्येक जन को स्वेच्छा से पाप और बुराई को छोड़कर, प्रभु यीशु के साथ हो लेने का निर्णय लेना है।

     इफसुस को लिखी इस पत्री के आरंभिक शब्दों (पद 3-14) में, वह मसीह यीशु में मिली इस स्वतंत्रता का विचार करके आनन्द से उमंडने लगता है। वह आराधना और स्तुति में होकर प्रभु यीशु की मृत्यु द्वारा हमारे प्रति परमेश्वर के अनुग्रह का बखान करता है, जिसके फलस्वरूप हम पाप के बंधनों से छुडाए गए।

     अब संसार के किसी भी व्यक्ति को पाप के दासत्व में बने रहने की कोई अनिवार्यता अथवा आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हम प्रभु यीशु द्वारा परमेश्वर के लिए जीने और उसकी महिमा करने के लिए छुड़ा लिए गए हैं। - एमी बाउचर पाई

प्रभु यीशु हमें पाप के दासत्व से छुड़ाता है।

जिसने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध कर के अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो। - तीतुस 2:14

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:3-14
इफिसियों 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है।
इफिसियों 1:4 जैसा उसने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों।
इफिसियों 1:5 और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों,
इफिसियों 1:6 कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उसने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।
इफिसियों 1:7 हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
इफिसियों 1:8 जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
इफिसियों 1:9 कि उसने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उसने अपने आप में ठान लिया था।
इफिसियों 1:10 कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे।
इफिसियों 1:11 उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जा कर मीरास बने।
इफिसियों 1:12 कि हम जिन्हों ने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्‍तुति के कारण हों।
इफिसियों 1:13 और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।
इफिसियों 1:14 वह उसके मोल लिये हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 8-9
  • लूका 21:1-19



बुधवार, 29 अप्रैल 2020

साहस और सामर्थ्य



     मेरे बचपन के समय के निवास स्थान पर हमारे चर्च में ब्रदर जस्टिस एक बहुत विश्वासयोग्य व्यक्ति थे। वे अपने विवाह के प्रति  निष्ठावान थे, डाक-खाने में अपने कार्य के प्रति समर्पित थे, और प्रत्येक इतवार की आराधाना सभा के समय हमारे चर्च में अगुवे के रूप में सदैव उपस्थित रहते थे। हाल ही में मैं अपने बचपन के उस चर्च में गया, और वहां प्यानो के ऊपर वही घंटी रखी हुई थी जिसे ब्रदर जस्टिस सूचित करने के लिए बजाते थे, जब परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन का समय समाप्त होने को होता था। वह घंटी इतने समय तक अपने स्थान पर ठीक बनी रही है। ब्रदर जस्टिस को प्रभु के पास गए कई वर्ष बीत गए हैं, किन्तु उनकी विश्वासयोग्यता का चिन्ह आज भी चर्च में बना हुआ है।

     बाइबल में इब्रानियों के अध्याय 3 में एक विश्वासयोग्य सेवक और पुत्र की ओर पाठक का ध्यान खींचा गया है। परमेश्वर का सेवक होने में मूसा की भूमिका पर कोई संदेह नहीं है, किन्तु पाठकों को यीशु पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा गया है, “सो हे पवित्र भाइयों तुम जो स्‍वर्गीय बुलाहट में भागी हो, उस प्रेरित और महायाजक यीशु पर जिसे हम अंगीकार करते हैं ध्यान करो” (पद 1)। जितने परीक्षाओं का सामना कर रहे थे, उन सभी को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया (2:18)। उनकी विरासत उन्हें केवल विश्वासयोग्य प्रभु यीशु का अनुसरण करने से ही प्राप्त होगी।

     जब परीक्षाओं की हवाएं आपके चारों ओर चल रही होती हैं, तब आप क्या करते हैं? तब, जब आप थके हुए, जीर्ण, और हार मान लेने की कगार पर हों? इब्रानियों 3:1 हमें आमंत्रित करता है कि हम ध्यान से, मन लगाकर प्रभु यीशु की ओर देखें, उसके जीवन पर मनन करें। हम जब यीशु पर ध्यान करेंगे तो हमें वह विश्वासयोग्य परमेश्वर का पुत्र मिलेगा जो हमें उसके परिवार में होकर संसार में अपने जीवन को विश्वासयोग्यता से व्यतीत करने का साहस और सामर्थ्य देता है। - आर्थर जैक्सन

प्रभु यीशु पर ध्यान लगाए रखने से हम जीवन की सभी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। - इब्रानियों 12:2-3

बाइबल पाठ: इब्रानियों 3:1-6
इब्रानियों 3:1 सो हे पवित्र भाइयों तुम जो स्‍वर्गीय बुलाहट में भागी हो, उस प्रेरित और महायाजक यीशु पर जिसे हम अंगीकार करते हैं ध्यान करो।
इब्रानियों 3:2 जो अपने नियुक्त करने वाले के लिये विश्वास योग्य था, जैसा मूसा भी उसके सारे घर में था।
इब्रानियों 3:3 क्योंकि वह मूसा से इतना बढ़ कर महिमा के योग्य समझा गया है, जितना कि घर का बनाने वाला घर से बढ़ कर आदर रखता है।
इब्रानियों 3:4 क्योंकि हर एक घर का कोई न कोई बनाने वाला होता है, पर जिसने सब कुछ बनाया वह परमेश्वर है।
इब्रानियों 3:5 मूसा तो उसके सारे घर में सेवक के समान विश्वास योग्य रहा, कि जिन बातों का वर्णन होने वाला था, उन की गवाही दे।
इब्रानियों 3:6 पर मसीह पुत्र के समान उसके घर का अधिकारी है, और उसका घर हम हैं, यदि हम साहस पर, और अपनी आशा के घमण्‍ड पर अन्‍त तक दृढ़ता से स्थिर रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 6-7
  • लूका 20:27-47



मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

प्रशिक्षण



     जब मेरे बेटे के अध्यापक ने मुझ से निवेदन किया की मैं उनके विज्ञान शिविर में एक सहायिका बनूँ, तो मुझे संकोच हुआ। परमेश्वर ने मुझे अपने बेटे से प्रेम करने और उसकी अच्छी परवरिश करने में मेरी सहायता की थी, परन्तु मुझे अकसर संदेह रहता था कि औरों की सेवा करने के लिए वह मुझे कैसे उपयोग कर सकेगा? मैं किसी के लिए सहायक या आदर्श कैसे हो सकती थी जब मेरा अतीत गलतियों से भरा पड़ा था, और मैं आज भी गलत आदतों के साथ संघर्ष करती हूँ, और कभी-कभी लड़खड़ा कर उन में फिर से गिर भी जाती हूँ?

      मैं आज भी कभी-कभी यह ध्यान नहीं रखने पाती हूँ कि परमेश्वर – जो एकमात्र सिद्ध है, केवल वही एक है जो हृदयों और जीवनों को बदला सकता है – हमें समय के साथ-साथ बदलता भी चला जाता है। फिर पवित्र आत्मा मुझे स्मरण करवाता है कि कैसे पौलुस ने तीमुथियुस को प्रोत्साहित किया कि वह अपने दायित्वों का निर्वाह करते हुए प्रशिक्षित होता चला जाए, विश्वास में स्थिर बना रहे, और परमेश्वर ने जो वरदान उसे दिए हैं, उनका उपयोग करे (2 तीमुथियुस 1:6)। तीमुथियुस साहस रख सकता था क्योंकि, उसके बल का स्त्रोत, परमेश्वर उसकी सहायता करेगा कि, जो लोग उसकी सेवा के क्षेत्र में होंगे उनकी सेवा करते हुए वह प्रेम रखे और अनुशासित रहे; इससे स्वयं उसकी भी बढ़ोतरी होती रहेगी, तथा वह और अधिक परिपक्व होता जाएगा (पद 7)।

     प्रभु यीशु हमें उद्धार देता है और हमें बलवंत करता है कि हम अपने जीवनों के द्वारा उसका आदर करें; इसलिए नहीं क्योंकि हम में कुछ विशेष योग्यताएं हैं, परन्तु इसलिए क्योंकि हम सभी उसके परिवार के बहुमूल्य सदस्य है (पद 9)।

     हम इस दायित्व का विश्वासयोग्यता से निर्वाह कर सकते हैं यदि हमें यह ध्यान रहे कि हमारा कार्य केवल परमेश्वर तथा औरों से प्रेम रखना है। मसीह का काम है कि हमें उद्धार, और हमें अपना वह उद्देश्य भी दे, जो संसार के प्रति हमारे सीमित दृष्टिकोण की सीमाओं से भी बाहर है। हम जब दैनिक जीवन में मसीह यीशु का अनुसरण करते रहते हैं, तब वह हमें सक्षम और परिवर्तित करता जाता है, औरों को प्रोत्साहित करने के लिए हमें प्रयोग करता है, और हम उसके प्रेम तथा सत्य को औरों तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित होते चले जाते हैं। - होकिटिल डिक्सन

हमारी सामर्थ्य के स्त्रोत के साथ हमारा व्यक्तिगत संबंध, 
हमें विश्वासयोग्यता से अपने दायित्व निभाने के लिए सक्षम करता है।

इन बातों की आज्ञा कर, और सिखाता रह। कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। - 1 तीमुथियुस 4:11-12

बाइबल पाठ:  2 तीमुथियुस 1:6-14
2 तीमुथियुस 1:6 इसी कारण मैं तुझे सुधि दिलाता हूं, कि तू परमेश्वर के उस वरदान को जो मेरे हाथ रखने के द्वारा तुझे मिला है चमका दे।
2 तीमुथियुस 1:7 क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ्य, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।
2 तीमुथियुस 1:8 इसलिये हमारे प्रभु की गवाही से, और मुझ से जो उसका कैदी हूं, लज्ज़ित न हो, पर उस परमेश्वर की सामर्थ्य के अनुसार सुसमाचार के लिये मेरे साथ दुख उठा।
2 तीमुथियुस 1:9 जिसने हमारा उद्धार किया, और पवित्र बुलाहट से बुलाया, और यह हमारे कामों के अनुसार नहीं; पर अपनी मनसा और उस अनुग्रह के अनुसार है जो मसीह यीशु में सनातन से हम पर हुआ है।
2 तीमुथियुस 1:10 पर अब हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु के प्रगट होने के द्वारा प्रकाश हुआ, जिसने मृत्यु का नाश किया, और जीवन और अमरता को उस सुसमाचार के द्वारा प्रकाशमान कर दिया।
2 तीमुथियुस 1:11 जिस के लिये मैं प्रचारक, और प्रेरित, और उपदेशक भी ठहरा।
2 तीमुथियुस 1:12 इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्‍चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है।
2 तीमुथियुस 1:13 जो खरी बातें तू ने मुझ से सुनी हैं उन को उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, अपना आदर्श बनाकर रख।
2 तीमुथियुस 1:14 और पवित्र आत्मा के द्वारा जो हम में बसा हुआ है, इस अच्छी थाती की रखवाली कर।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 3-5
  • लूका 20:1-26



सोमवार, 27 अप्रैल 2020

बुद्धि



     विख्यात ब्रिटिश पत्रकार और सामाजिक आलोचक, मैल्कम मग्रिज, साठ वर्ष की आयु में मसीही विश्वास में आए। अपने पचहत्तरवें जन्म दिन पर उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर जीवन से सम्बंधित पच्चीस व्यावाहारिक बातें बताईं। उनमें से एक थी, “मैं आज तक किसी ऐसे धनी व्यक्ति से नहीं मिला हूँ जो सुखी था, परन्तु शायद ही कभी किसी ऐसे निर्धन व्यक्ति से मिला होऊंगा जो धनी होना नहीं चाहता हो।” हम में से अधिकाँश इस बात से सहमत होंगे कि धन हमें खुशी नहीं दे सकता है, परन्तु फिर भी हम में से अधिकाँश और अधिक धन रखना चाहेंगे जिससे निश्चिन्त रह सकें।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में संसार के सबसे धनी और सबसे बुद्धिमान व्यक्ति, राजा सुलैमान, के जीवन का विवरण दिया गया है। उस विवरण के आधार पर, सुलैमान की संपत्ति दो ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से भी अधिक मूल्य की आंकी गई है। यद्यपि वह बहुत धनी था, परन्तु उसे यह भी ज्ञात था कि धन की बहुत सीमाएं भी होती हैं। उसके द्वारा लिखे गए नीतिवचनों के संकलन में नीतिवचन की पुस्तक का अध्याय 8 इस विषय पर उसके अनुभव पर आधारित है। सुलैमान बुद्धि द्वारा, एक व्यक्ति के रूप में, कही जा रही बातों को लिखता है : “हे मनुष्यों, मैं तुम को पुकारती हूं, और मेरी बात सब आदमियों के लिये है...क्योंकि मुझ से सच्चाई की बातों का वर्णन होगा; दुष्टता की बातों से मुझ को घृणा आती है” (पद 4-7); “चान्दी नहीं, मेरी शिक्षा ही को लो, और उत्तम कुन्दन से बढ़ कर ज्ञान को ग्रहण करो। क्योंकि बुद्धि, मूंगे से भी अच्छी है, और सारी मनभावनी वस्तुओं में कोई भी उसके तुल्य नहीं है” (पद 10-11)।

     बुद्धि कहती है, “मेरा फल चोखे सोने से, वरन कुन्दन से भी उत्तम है, और मेरी उपज उत्तम चान्दी से अच्छी है। मैं धर्म की बाट में, और न्याय की डगरों के बीच में चलती हूं, जिस से मैं अपने प्रेमियों को परमार्थ के भागी करूं, और उनके भण्डारों को भर दूं” (पद 19-21)।
     यही बुद्धि वास्तविक धन है। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

जितने उस के खोजी होकर उस का अनुसरण करते हैं, 
परमेश्वर उन सभी को बुद्धि का सच्चा धन प्रदान करता है।

यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र ईश्वर को जानना ही समझ है। - नीतिवचन 9:10

बाइबल पाठ: नीतिवचन 8:10-21
नीतिवचन 8:10 चान्दी नहीं, मेरी शिक्षा ही को लो, और उत्तम कुन्दन से बढ़ कर ज्ञान को ग्रहण करो।
नीतिवचन 8:11 क्योंकि बुद्धि, मूंगे से भी अच्छी है, और सारी मनभावनी वस्तुओं में कोई भी उसके तुल्य नहीं है।
नीतिवचन 8:12 मैं जो बुद्धि हूं, सो चतुराई में वास करती हूं, और ज्ञान और विवेक को प्राप्त करती हूं।
नीतिवचन 8:13 यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है। घमण्ड, अंहकार, और बुरी चाल से, और उलट फेर की बात से भी मैं बैर रखती हूं।
नीतिवचन 8:14 उत्तम युक्ति, और खरी बुद्धि मेरी ही है, मैं तो समझ हूं, और पराक्रम भी मेरा है।
नीतिवचन 8:15 मेरे ही द्वारा राजा राज्य करते हैं, और अधिकारी धर्म से विचार करते हैं;
नीतिवचन 8:16 मेरे ही द्वारा राजा हाकिम और रईस, और पृथ्वी के सब न्यायी शासन करते हैं।
नीतिवचन 8:17 जो मुझ से प्रेम रखते हैं, उन से मैं भी प्रेम रखती हूं, और जो मुझ को यत्न से तड़के उठ कर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं।
नीतिवचन 8:18 धन और प्रतिष्ठा मेरे पास है, वरन ठहरने वाला धन और धर्म भी हैं।
नीतिवचन 8:19 मेरा फल चोखे सोने से, वरन कुन्दन से भी उत्तम है, और मेरी उपज उत्तम चान्दी से अच्छी है।
नीतिवचन 8:20 मैं धर्म की बाट में, और न्याय की डगरों के बीच में चलती हूं,
नीतिवचन 8:21 जिस से मैं अपने प्रेमियों को परमार्थ के भागी करूं, और उनके भण्डारों को भर दूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 1-2
  • लूका 19:28-48



रविवार, 26 अप्रैल 2020

परिस्थिति



     आह-पी जब अपने दिन का आरंभ करती है, तब बाहर बिलकुल अँधेरा होता है। कुछ समय बाद उसके गांवे के अन्य लोग भी उठना आरंभ करते हैं, और रब्बर के वृक्षों पर काम करने के लिए निकलते हैं। चीन के उस गाँव, हौंगझुऔंग के लोगों की आमदनी का एक प्रमुख स्त्रोत है रब्बर के पेड़ों से उसका दूध एकत्रित करना। अधिक से अधिक मात्रा में उस दूध को एकत्रित करने के लिए, पेड़ों पर तड़के प्रातः, सूर्योदय से पहले ही काम आरंभ करना होता है। आह-पी भी उन रब्बर के पेड़ों पर काम करने वालों के साथ काम के लिए जाएगी, लेकिन इस सब से पहले उसे परमेश्वर के साथ समय बिताना है।

     आह-पी का पति, उसके पिता, और उसका एकलौता बेटा, सभी का देहांत हो चुका है। अब आह-पी, अपनी बहु के साथ अपनी वृद्ध माँ और दो छोटे पोतों के पालन के लिए परिश्रम करती है। उसकी कहानी मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में एक अन्य विधवा, जिसने भी अपनी परिस्थितियों में परमेश्वर पर भरोसा रखा, की कहानी का स्मरण दिलाती है।

     उस स्त्री के पति के देहांत के बाद, उसके पति के लिए ॠण को चुकाने का बोझ उसकी विधवा पर आ गया (2 राजा 4:1)। अपनी इस विकट स्थिति में उसने परमेश्वर से उसके सेवक एलीशा के द्वारा सहायता माँगी। उसका विश्वास था कि परमेश्वर को उसकी चिंता है और वह उसकी परिस्थिति के लिए कुछ करेगा। और परमेश्वर ने किया; उसने उस विधवा की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आश्चर्यजनक रीति से प्रावधान किया (पद 5-6)।

     इसी परमेश्वर ने आह-पी के लिए भी प्रावधान किया, यद्यपि वह उतना नाटकीय नहीं था। आह-पी के लिए परमेश्वर के लोगों की भेंटों, आह-पी के लिए जीविका कमाते रहने के लिए कार्य की उपलब्धता और परिश्रम करने की क्षमता प्रदान करने के द्वारा।

     यद्यपि जीवन हम पर कई प्रकार की परिस्थितियाँ ला सकता है, किन्तु हम हर परिस्थिति का सामना करने के लिए परमेश्वर से सामर्थ्य पा सकते हैं। हम उस पर अपनी चिंताएं छोड़ सकते हैं, जो हम से संभव हो सकता है, वह कार्य करते रह सकते हैं, और जो वह हमारी परिस्थिति के लिए कर सकता है, उसे वह करने का अवसर दे सकते हैं। - पोह फैंग चिया

हमारी परिस्थिति हमारी क्षमता के बाहर हो सकती है,
 किन्तु परमेश्वर की क्षमता और प्रावधानों के बाहर कभी नहीं।

इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए। इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:31-33

बाइबल पाठ: 2 राजा 4:1-7
2 राजा 4:1 भविष्यद्वक्ताओं के चेलों की पत्नियों में से एक स्त्री ने एलीशा की दोहाई देकर कहा, तेरा दास मेरा पति मर गया, और तू जानता है कि वह यहोवा का भय माननेवाला था, और जिसका वह कर्जदार था वह आया है कि मेरे दोनों पुत्रों को अपने दास बनाने के लिये ले जाए।
2 राजा 4:2 एलीशा ने उस से पूछा, मैं तेरे लिये क्या करूं? मुझ से कह, कि तेरे घर में क्या है? उसने कहा, तेरी दासी के घर में एक हांड़ी तेल को छोड़ और कुछ तहीं है।
2 राजा 4:3 उसने कहा, तू बाहर जा कर अपनी सब पड़ोसियों खाली बरतन मांग ले आ, और थोड़े बरतन न लाना।
2 राजा 4:4 फिर तू अपने बेटों समेत अपने घर में जा, और द्वार बन्द कर के उन सब बरतनों में तेल उण्डेल देना, और जो भर जाए उन्हें अलग रखना।
2 राजा 4:5 तब वह उसके पास से चली गई, और अपने बेटों समेत अपने घर जा कर द्वार बन्द किया; तब वे तो उसके पास बरतन लाते गए और वह उण्डेलती गई।
2 राजा 4:6 जब बरतन भर गए, तब उसने अपने बेटे से कहा, मेरे पास एक और भी ले आ, उसने उस से कहा, और बरतन तो नहीं रहा। तब तेल थम गया।
2 राजा 4:7 तब उसने जा कर परमेश्वर के भक्त को यह बता दिया। ओर उसने कहा, जा तेल बेच कर ऋण भर दे; और जो रह जाए, उस से तू अपने पुत्रों सहित अपना निर्वाह करना।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 23-24
  • लूका 19:1-27



शनिवार, 25 अप्रैल 2020

भूल जाना



     कैलिफोर्निया के कार्ल्सबाद क्षेत्र की आपातकालीन सेवा एक वृद्ध महिला की सहायता के लिए आगे आई। वह महिला ऑस्ट्रेल्यियाई लहजे में बात कर रही थी, किन्तु उसे अपने बारे में कुछ भी स्मरण नहीं आ रहा था। क्योंकि उसे भूल जाने की बीमारी थी, और उसके पास कोई भी पहचान पत्र नहीं था, इसलिए वह अपना नाम या पता बता पाने में असक्षम थी। डॉक्टरों ने उसकी चिकित्सीय सहायता की और अन्तराष्ट्रीय मीडिया की सहायता से उसके परिवार जनों को खोजा जा सका, और उसे वापस उसके परिवार जनों के साथ मिलाया जा सका।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में बेबीलोन का राजा नबूकदनेस्सर भी भूल बैठा था की वह कौन है और कहाँ से आया है। लेकिन उसका यह भूलना आत्मिक बीमारी थी। उसे जो साम्राज्य प्रदान किया गया था, उसके वैभव का सारा श्रेय स्वयं ही लेने में वह भूल गया कि परमेश्वर ही राजाओं का राजा है, और जो कुछ भी उसके पास है वह सबब उसे परमेश्वर द्वारा ही दिया गया है (दानिय्येल 4:17, 28-30)।

     उसके घमंड को देखते हुए, परमेश्वर ने नबूकदनेस्सर की मानसिक स्थिति को नाटकीय बना दिया, और उसे जानवरों के समान खेतों में रहने और घास चरने वाला कर दिया (पद 32-33)। अंततः सात वर्षों के बाद नबूकदनेस्सर ने जब अपनी आँखें स्वर्ग के परमेश्वर की ओर उठाईं तब उसकी स्मृति लौट आई और उसकी बुद्धि ठीक हो गई, उसका राज्य उसे मिल गया, और उसने घोषणा की, “अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं” (पद 37)।

     आज हमारा क्या हाल है? हम अपने बारे में क्या सोचते हैं, कि हम कौन हैं; हम कहाँ से आए हैं? क्योंकि हम अकसर अपनी वास्तविकता के बारे में भूल जाते हैं, और ऐसे में अपने मार्गों से भटक सकते हैं, किन्तु ऐसे में भी हम परमेश्वर पर भरोसा रख सकते हैं कि वह हमें कभी नहीं भूलेगा, हमारा ध्यान रखेगा, और हमें फिर से बहाल करेगा। - मार्ट डीहान

जब हम अपने बारे में भूल जाते हैं, 
तब भी हमारा परमेश्वर पिता हमारी देखभाल करता है।

जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा; - भजन 63:6

बाइबल पाठ: दानिय्येल 4:28-37
दानिय्येल 4:28 यह सब कुछ नबूकदनेस्सर राजा पर घट गया।
दानिय्येल 4:29 बारह महीने बीतने पर जब वह बाबुल के राजभवन की छत पर टहल रहा था, तब वह कहने लगा,
दानिय्येल 4:30 क्या यह बड़ा बाबुल नहीं है, जिसे मैं ही ने अपने बल और सामर्थ से राजनिवास होने को और अपने प्रताप की बड़ाई के लिये बसाया है?
दानिय्येल 4:31 यह वचन राजा के मुंह से निकलने भी न पाया था कि आकाशवाणी हुई, हे राजा नबूकदनेस्सर तेरे विषय में यह आज्ञा निकलती है कि राज्य तेरे हाथ से निकल गया,
दानिय्येल 4:32 और तू मनुष्यों के बीच में से निकाला जाएगा, और मैदान के पशुओं के संग रहेगा; और बैलों के समान घास चरेगा और सात काल तुझ पर बीतेंगे, जब तक कि तू न जान ले कि परमप्रधान, मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहे वह उसे दे देता है।
दानिय्येल 4:33 उसी घड़ी यह वचन नबूकदनेस्सर के विषय में पूरा हुआ। वह मनुष्यों में से निकाला गया, और बैलों के समान घास चरने लगा, और उसकी देह आकाश की ओस से भीगती थी, यहां तक कि उसके बाल उकाब पक्षियों के परों से और उसके नाखून चिडिय़ों के चंगुलों के समान बढ़ गए।
दानिय्येल 4:34 उन दिनों के बीतने पर, मुझ नबूकदनेस्सर ने अपनी आंखें स्वर्ग की ओर उठाईं, और मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; तब मैं ने परमप्रधान को धन्य कहा, और जो सदा जीवित है उसकी स्तुति और महिमा यह कह कर करने लगा: उसकी प्रभुता सदा की है और उसका राज्य पीढ़ी से पीढ़ी तब बना रहने वाला है।
दानिय्येल 4:35 पृथ्वी के सब रहने वाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहने वालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोक कर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
दानिय्येल 4:36 उसी समय, मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; और मेरे राज्य की महिमा के लिये मेरा प्रताप और मुकुट मुझ पर फिर आ गया। और मेरे मन्त्री और प्रधान लोग मुझ से भेंट करने के लिये आने लगे, और मैं राज्य में स्थिर हो गया; और मेरी और अधिक प्रशंसा होने लगी।
दानिय्येल 4:37 अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 21-22
  • लूका 18:24-43



शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

प्रतीक्षा



     बच्चों की अनेकों पुस्तकों के लेखक, डॉक्टर सियुस का कहना है, “चाहे मछली के कांटे में फंसने की हो, या पतंग उड़ाने के लिए हवा के चलने की, या सप्ताहांत आरंभ होने के लिए शुक्रवार संध्या की, प्रतीक्षा सभी को रहती है।” हमारे जीवनों का बहुत बड़ा भाग प्रतीक्षा से संबंधित है, किन्तु परमेश्वर कभी उतावली में नहीं होता है। पुरानी कहावत है, “परमेश्वर का अपना समय और विलम्ब होता है।” इसलिए हम प्रतीक्षा में रहते हैं।

     प्रतीक्षा करना कठिन होता है; हम प्रतीक्षा में बैठे अपने अंगूठे मटकाते हैं, पैर हिलाते हैं, उबासियों को दबाते हैं, और अन्दर से उठ रही खिसियाहट को नियंत्रण में रखने के लिए लम्बी साँसें लेते हैं, कुछ शारीरिक गतिविधि करते रहते हैं। हमें कितनी ही बातों के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जैसे कि, ‘इस अटपटे व्यक्ति के साथ...’, ‘इस उबाऊ काम को करने के लिए...’, ‘इस शर्मनाक व्यवहार के साथ...’, ‘इस स्वास्थ्य समस्या के साथ जिसका कोई उपाय नहीं है...’,मुझे ही क्यों रहना पड़ रहा है? परमेश्वर इनके बारे में कुछ करता क्यों नहीं है? और परमेश्वर का उत्तर होता है, “थोड़ी प्रतीक्षा करो और देखो कि मैं क्या कर के दिखाऊँगा!”

     प्रतीक्षा जीवन के सबसे अच्छे शिक्षकों में से एक है, क्योंकि इसी के द्वारा हम सही समय के महत्व को सीखते हैं, हम में होकर या हमारे लिए परमेश्वर द्वारा किए जा रहे कार्य के महत्त्व को जानना सीखते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रतीक्षा में होकर ही हम धीरज रखना, परमेश्वर की भलाई और प्रेम पर भरोसा रखना सीखने पाते हैं, चाहे बातें हमारी इच्छा के अनुसार या हमारे अनुरूप न भी जा रही हों (भजन 70:5)।

     किन्तु ऐसा नहीं है कि हम मसीही विश्वासियों के लिए प्रतीक्षा करना उदासीन होकर, दांत-पीस कर बैठे रहना हो। हम प्रभु के समय और अवसर की प्रतीक्षा करते हुए प्रभु में आनंदित रह सकते हैं, स्वयं उत्साहित तथा औरों को प्रोत्साहित कर सकते हैं, हमारे उज्जवल अनंत भविष्य की आशा के सुसमाचार को औरों तक पहुँचा सकते हैं, क्योंकि हम जानते और मानते हैं कि अपने समय में, अपने तरीके द्वारा, परमेश्वर हमें इन परिस्थितियों से छुड़ा लेगा। परमेश्वर चाहे कभी उतावली में न हो, वह कभी विलम्ब भी नहीं करता है। - डेविड एच. रोपर

हमारी प्रतीक्षा में भी परमेश्वर हमारे साथ है।

हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है। - सभोपदेशक 3:1

बाइबल पाठ: भजन 70
भजन संहिता 70:1 हे परमेश्वर मुझे छुड़ाने के लिये, हे यहोवा मेरी सहायता करने के लिये फुर्ती कर!
भजन संहिता 70:2 जो मेरे प्राण के खोजी हैं, उनकी आशा टूटे, और मुंह काला हो जाए! जो मेरी हानि से प्रसन्न होते हैं, वे पीछे हटाए और निरादर किए जाएं।
भजन संहिता 70:3 जो कहते हैं, आहा, आहा, वे अपनी लज्जा के मारे उलटे फेरे जाएं।
भजन संहिता 70:4 जितने तुझे ढूंढ़ते हैं, वे सब तेरे कारण हर्षित और आनन्दित हों! और जो तेरा उद्धार चाहते हैं, वे निरन्तर कहते रहें, कि परमेश्वर की बड़ाई हो।
भजन संहिता 70:5 मैं तो दीन और दरिद्र हूं; हे परमेश्वर मेरे लिये फुर्ती कर! तू मेरा सहायक और छुड़ाने वाला है; हे यहोवा विलम्ब न कर!

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 19-20
  • लूका 18:1-23



शांत



     क्या कुछ ऐसा है जो आपको रात को ठीक से सोने नहीं देता है? हाल ही में मैं ठीक से सो नहीं पा रही हूँ, बिस्तर पर इधर से उधर करवट बदलती रहती हूँ, और फिर मुझे चिंता होने लगती है कि मैं आने वाले दिन की समस्याओं का सामना करने के लिए पर्याप्त आराम नहीं करने पाऊँगी। क्या आप का भी यही अनुभव रहता है? किसी संबंध को लेकर चिंता, भविष्य की अनिश्चितता, या अन्य जो भी बात हो – हम सभी कभी न कभी चिंता करते ही हैं।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा दाऊद वास्तव में परेशानियों में था, जब उस ने भजन 4 लिखा था। लोग मिथ्या, आधारहीन आरोप लगा कर उसकी साख़ को ख़राब कर रहे थे (पद 2)। कुछ तो उस के राज करने की योग्यता पर प्रश्न चिह्न लगा रहे थे (पद 6)। संभवतः ऐसे अनुचित व्यवहार के कारण दाऊद क्रोधित भी हो रहा होगा। लेकिन फिर भी हम ये अद्भुत शब्द पढ़ते हैं: “मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है” (पद 8)।

     सुविख्यात मसीही प्रचारक चार्ल्स स्पर्जन ने पद 8 की बहुत सुन्दर व्याख्या की है; वे कहते हैं, “इस प्रकार से लेट जाने के द्वारा...[दाऊद] ने अपने आप को एक अन्य के हाथों में छोड़ दिया; उस ने ऐसा संपूर्णतः किया, क्योंकि वह फिर निश्चिन्त हो कर सो गया; उसे पूरा भरोसा था।” उसे यह भरोसा क्यों था? आरम्भ से ही दाऊद को विश्वास था कि परमेश्वर उस की प्रार्थनाएं सुनेगा और उन का उत्तर देगा (पद 3)। और वह निश्चित था कि क्योंकि परमेश्वर ने उस से प्रेम करना चुना है, इस लिए वह अपने प्रेम में होकर उस की प्रत्येक आवश्यकता को पूरा भी करेगा।

     जब भी हमें चिंताएँ सताएँ, परमेश्वर हमारी सहायता करे कि हम उसकी सामर्थ्य और उपस्थिति में शांत हो सकें। हम उस की सर्वशक्तिशाली और प्रेम भरी बाहों में शांत हो कर लेट जाएं और सो जाएं। - पोह फैंग चिया

हम पूर्णतः विश्वासयोग्य परमेश्वर में अपना पूरा भरोसा रख सकते हैं।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!  - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 4
भजन संहिता 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
भजन संहिता 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे?
भजन संहिता 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा।
भजन संहिता 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो।
भजन संहिता 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो।
भजन संहिता 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका!
भजन संहिता 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था।
भजन संहिता 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59



गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

साहस



     अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति जॉन ऍफ़. केनेडी की 1963 में की गई हत्या से संबंधित रहस्यों में से एक है “बाबुश्का महिला” का रहस्य। उसे मूवी कैमरा के साथ उस दिन की घटनाओं को रिकॉर्ड करते हुए, उस दिन ली गई तस्वीरों में देखा गया है, किन्तु न उसके बारे में कुछ पता चला और न वह कभी पकड़ में आई है। इस रहस्यमयी महिला को, जो एक ओवरकोट पहने और सिर पर स्कार्फ (जो रूसी बाबुश्का के समान दिखता है) पहने हुए है, दशकों की खोज के बावजूद न तो कभी देखा गया है और न ही उस के द्वारा रिकॉर्ड की गई फिल्म देखी जा सकी है। उस के बारे में इतिहासकार और विद्वान बस अनुमान ही लगाते हैं कि वह अपने भय के कारण नवम्बर की उस दुखद शाम की अपनी कहानी बताने नहीं पाई है।

     परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्यों के छिप जाने के कारण को जानने के लिए किसी अनुमान की आवश्यकता नहीं है। वे उन अधिकारियों से भयभीत थे जिन्होंने उन के गुरु की हत्या कर दी थी (यूहन्ना 20:19), और सामने आ कर अपने अनुभव बताने से डरते थे। किन्तु फिर प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठे। कुछ समय के पश्चात पवित्र आत्मा भी आ गया; और उस के बाद तो उन पहले के डरे और सहमे हुए मसीह के अनुयायियों को शांत नहीं रखा जा सका। पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से भरे हुए शमौन पतरस ने सब के सामने खुले आम घोषणा की, “सो अब इस्त्राएल का सारा घराना निश्‍चय जान ले कि परमेश्वर ने उसी यीशु को जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया और मसीह भी” (प्रेरितों 2:36)।

     प्रभु यीशु मसीह के नाम में और उस के बारे में बोलने के लिए अवसर केवल उन तक ही सीमित नहीं हैं जो दुसाहसी व्यक्तित्व अथवा सेवकाई के कार्य के लिए प्रशिक्षित होते हैं। यह तो हमारे अंदर बसा हुआ पवित्र आत्मा है जो हमें प्रभु यीशु के सुसमाचार को सुनाने के लिए सक्षम करता है। उस की सामर्थ्य से हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर के सुसमाचार को औरों के साथ बांटने का साहस प्राप्त कर सकते हैं। - बिल क्राउडर

जिन्हें उसे सुनने की आवश्यकता है, उन के साथ प्रभु यीशु के अद्वितीय प्रेम को बांटें।

फिर पर्व के अंतिम दिन, जो मुख्य दिन है, यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पीए। जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगी। उसने यह वचन उस आत्मा के विषय में कहा, जिसे उस पर विश्वास करने वाले पाने पर थे; क्योंकि आत्मा अब तक न उतरा था; क्योंकि यीशु अब तक अपनी महिमा को न पहुंचा था। - यूहन्ना 7:37-39

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:22-36
प्रेरितों के काम 2:22 हे इस्त्राएलियों, ये बातें सुनो: कि यीशु नासरी एक मनुष्य था जिस का परमेश्वर की ओर से होने का प्रमाण उन सामर्थ्य के कामों और आश्चर्य के कामों और चिन्‍हों से प्रगट है, जो परमेश्वर ने तुम्हारे बीच उसके द्वारा कर दिखलाए जिसे तुम आप ही जानते हो।
प्रेरितों के काम 2:23 उसी को, जब वह परमेश्वर की ठहराई हुई मनसा और होनहार के ज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया, तो तुम ने अधर्मियों के हाथ से उसे क्रूस पर चढ़वा कर मार डाला।
प्रेरितों के काम 2:24 परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्‍धनों से छुड़ाकर जिलाया: क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता।
प्रेरितों के काम 2:25 क्योंकि दाऊद उसके विषय में कहता है, कि मैं प्रभु को सर्वदा अपने साम्हने देखता रहा क्योंकि वह मेरी दाहिनी ओर है, ताकि मैं डिग न जाऊं।
प्रेरितों के काम 2:26 इसी कारण मेरा मन आनन्द हुआ, और मेरी जीभ मगन हुई; वरन मेरा शरीर भी आशा में बसा रहेगा।
प्रेरितों के काम 2:27 क्योंकि तू मेरे प्राणों को अधोलोक में न छोड़ेगा; और न अपने पवित्र जन को सड़ने ही देगा!
प्रेरितों के काम 2:28 तू ने मुझे जीवन का मार्ग बताया है; तू मुझे अपने दर्शन के द्वारा आनन्द से भर देगा।
प्रेरितों के काम 2:29 हे भाइयो, मैं उस कुलपति दाऊद के विषय में तुम से साहस के साथ कह सकता हूं कि वह तो मर गया और गाड़ा भी गया और उस की कब्र आज तक हमारे यहां वर्तमान है।
प्रेरितों के काम 2:30 सो भविष्यद्वक्ता हो कर और यह जान कर कि परमेश्वर ने मुझ से शपथ खाई है, कि मैं तेरे वंश में से एक व्यक्ति को तेरे सिंहासन पर बैठाऊंगा।
प्रेरितों के काम 2:31 उसने होनहार को पहिले ही से देखकर मसीह के जी उठने के विषय में भविष्यद्वाणी की, कि न तो उसका प्राण अधोलोक में छोड़ा गया, और न उस की देह सड़ने पाई।
प्रेरितों के काम 2:32 इसी यीशु को परमेश्वर ने जिलाया, जिस के हम सब गवाह हैं।
प्रेरितों के काम 2:33 इस प्रकार परमेश्वर के दाहिने हाथ से सर्वोच्‍च पद पाकर, और पिता से वह पवित्र आत्मा प्राप्त कर के जिस की प्रतिज्ञा की गई थी, उसने यह उंडेल दिया है जो तुम देखते और सुनते हो।
प्रेरितों के काम 2:34 क्योंकि दाऊद तो स्वर्ग पर नहीं चढ़ा; परन्तु वह आप कहता है, कि प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा;
प्रेरितों के काम 2:35 मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पांवों तले की चौकी न कर दूं।
प्रेरितों के काम 2:36 सो अब इस्त्राएल का सारा घराना निश्‍चय जान ले कि परमेश्वर ने उसी यीशु को जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया और मसीह भी।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 19-21
  • यूहन्ना 8:1-27



शान्ति



     ग्रेस एक बहुत विशिष्ट महिला है। जब भी मैं उसके बारे में सोचती हूँ, तो एक ही शब्द मेरे मन में आता है: शान्ति। मैं उसे पिछले छः महीनों से जानती हूँ और उसके चहरे पर सदा ही के शांत और आश्वस्त भाव बना रहता है, जिसमें शायद ही कभी कोई परिवर्तन आता हो। ग्रेस का यह भाव तब भी नहीं बदला जब उसके पति को एक दुर्लभ रोग से ग्रसित पाया गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

     मैंने जब ग्रेस से उनके शान्त और आश्वस्त रहने का रहस्य पूछा, तो उन्होंने कहा, “यह किसी रहस्य से नहीं, एक व्यक्ति – प्रभु यीशु मसीह के कारण है। इस का कारण मुझ में विद्यमान प्रभु यीशु हैं। जीवन के तूफानों के मध्य जिस शान्ति का मैं अनुभव करती हूँ, उसके लिए और कोई स्पष्टीकरण नहीं है।”

     हमारी शान्ति का रहस्य भी प्रभु यीशु के साथ हमारा संबंध है; वही हर परिस्थिति में हमारी शान्ति है। जब प्रभु यीशु हमारा उद्धारकर्ता और प्रभु होता है, और हम उसके समान बनते जाते हैं, तो उसकी शान्ति भी हमारे जीवनों में वास्तविक होती है। परिस्थितियाँ, जैसे कि बीमारियाँ, आर्थिक समस्याएँ, जोखिम और खतरे विद्यमान तो हो सकते हैं, परन्तु प्रभु की शान्ति हमें उसके वचन, बाइबल के द्वारा आश्वस्त रखती है कि परमेश्वर हमें अपने हाथों में थामे हुए है (दनिय्येल 5:23), और हम विश्वास रख सकते हैं कि अंततः सब बातों में हो कर भी हमारा भला ही होगा (रोमियों 8:28)। 

     क्या हमनेकभी इस तर्क और समझ से परे शान्ति का अनुभव किया है? क्या हमारे अंदर यह आश्वासन बना रहता है कि हर बात परमेश्वर के नियंत्रण में रहती है, और है। हम सब के लिए आज मेरी इच्छा, प्रेरित पौलुस द्वारा लिखे गए शब्दों में व्यक्त है: “अब प्रभु जो शान्‍ति का सोता है आप ही तुम्हें सदा और हर प्रकार से शान्‍ति दे: प्रभु तुम सब के साथ रहे” (2 थिस्स्लुनीकियों 3:16)। - कीला ओकोआ

प्रभु यीशु में विश्वास रखना ही शान्ति है।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: 2 थिस्स्लुनीकियों 3:16-18
2 थिस्स्लुनीकियों 3:16 अब प्रभु जो शान्‍ति का सोता है आप ही तुम्हें सदा और हर प्रकार से शान्‍ति दे: प्रभु तुम सब के साथ रहे।।
2 थिस्स्लुनीकियों 3:17 मैं पौलुस अपने हाथ से नमस्‍कार लिखता हूं: हर पत्री में मेरा यही चिन्ह है: मैं इसी प्रकार से लिखता हूं।
2 थिस्स्लुनीकियों 3:18 हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम सब पर होता रहे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 16-18
  • लूका 17:20-37



बुधवार, 22 अप्रैल 2020

थामे हुए



     मेरा ‘चॉकलेट’ के रंग का पालतू कुत्ता जब तीन माह का पिल्ला ही था तो मैं उसके टीकों और जांच के लिए उसे पशु चिकित्सक के पास ले कर गया। बड़े ध्यान से उसका निरीक्षण करते समय, उसे उस पिल्ले के पिछले बाईं पंजे पर सफ़ेद बालों का एक छोटा सा स्थान दिखाई दिया। उसने मुस्कुराते हुए, मज़ाक में कहा, ‘अच्छा तो परमेश्वर ने तुम्हें चॉकलेट में डुबकी देते समय यहाँ से पकड़ा था।’ उसकी बात सुनकर मैं अपनी हंसी को नहीं रोक सका, परन्तु अनायास ही उस पशु चिकित्सक ने परमेश्वर द्वारा अपनी सृष्टि में लिए जाने वाली गहरी और व्यक्तिगत रूचि के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात कह दी थी।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने मत्ती 10:30 में अपने शिष्यों से कहा, “तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं” अर्थात, परमेश्वर इतना महान है कि वह हमारी छोटी से छोटी बात में भी रूचि रखता है। ऐसा कुछ नहीं है, वह चाहे कितना भी छोटा क्यों न हो, वह जिसके विषय नहीं जानता हो, और हमारी कोई भी चिंता इतनी गौण नहीं है कि उसके सम्मुख न लाई जा सके; वह हम से इतना प्रेम करता है।

     न केवल परमेश्वर ने हमारी सृष्टि की है, वरन वह हर पल, हर क्षण हमारी देखभाल करता है, हमें सुरक्षा प्रदान करता रहता है। वह उन छोटी से छोटी बातों पर भी ध्यान लगाए रहता है, जिनके बारे में हम जानते, या सोचते नहीं हैं, या जिन्हें महत्वपूर्ण नहीं समझते हैं। यह कितना शांत और आश्वस्त करने वाली बात है कि हमारा सिद्ध, सर्वज्ञानी, सर्वशक्तिमान स्वर्गीय पिता, हमें तथा अपनी समस्त सृष्टि को, अपने सामर्थी और प्रेम भरे हाथों में सदा थामे रहता है। जेम्स बैंक्स

परमेश्वर हमारी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति करता है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: मत्ती 10:29-31
मत्ती 10:29 क्या पैसे में दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती।
मत्ती 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।
मत्ती 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 14-15
  • लूका 17:1-19



मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

प्रतिज्ञा



     मैं अपने विवाह की तस्वीरों के डिब्बे में से पुरानी तसवीरें देख रही थी, और मेरे हाथ मेरे तथा मेरे पति की एक तस्वीर पर रुक गए – जो हमारे ‘श्रीमान और श्रीमती’ बनते के साथ ही ली गई थी। मेरे हाव-भाव में उनके प्रति मेरे समर्पण का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। मैं उनके साथ कहीं भी जाने के लिए तैयार थी।

     अब लगभग चार दशक के बाद भी, हमारा विवाह संबंध परस्पर प्रेम और समर्पण के द्वारा मज़बूती के साथ गठा हुआ है, और हमें भले और बुरे दोनों समयों में से सुरक्षित लेकर चलता रहा है। मैंने हर साल अपनी वह प्रतिज्ञा दोहराई है, अपने आप को अपने पति के साथ कहीं भी जाने के लिए समर्पित बनाए रखा है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह 2:2 में परमेश्वर अपनी प्रिय किन्तु भटके हुए हठीले इस्राएल से कहता है, “...तेरी जवानी का स्नेह और तेरे विवाह के समय का प्रेम मुझे स्मरण आता है कि तू कैसे जंगल में मेरे पीछे पीछे चली...।” यहाँ पर  स्नेह’ के लिए मूल इब्रानी भाषा में जिस शब्द का प्रयोग किया गया है, उसका अर्थ सर्वोच्च संभव वफादारी और प्रतिबद्धता है। इस्राएल ने आरंभ में परमेश्वर के प्रति जिस दृढ़ समर्पण को व्यक्त किया था, धीरे-धीरे वह उस से मुड़ गया।

     वफादारी के संबंधों में जिस दृढ़ता के साथ समर्पण का दावा किया जाता है, समय के साथ वह फीका पड़ सकता है, और प्रेम तथा उत्साह के उस आरम्भिक पैनेपन के जाते रहने से विश्वासघात करने की संभावना उत्पन्न हो जाती है। हम अपने विवाहों में ऐसी संभावना के उत्पन्न होने के खतरे से तो परिचित हैं; परन्तु परमेश्वर के प्रति प्रेम के हमारे संबंध का क्या हाल है? क्या हम आज भी उसके प्रति वैसे ही दृढ़ समर्पित हैं जैसे तब थे जब हम मसीही विश्वास में आए ही थे?

     परमेश्वर अपने लोगों को विश्वासयोग्यता में लौट कर आने के अवसर देता है (यिर्मयाह 3:14-15)। हम आज ही उसके साथ की गई अपनी प्रतिज्ञा को फिर से दोहरा कर नया कर सकते हैं। - एलिसा मॉर्गन

यदि आप यह जानते हैं कि आपकी अगुवाई प्रभु परमेश्वर कर रहा है, 
तो आपको यह जानने की आवश्यकता नहीं है कि हम कहाँ जा रहे हैं।

वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; - भजन 23:2

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 2:1-8; 3:14-15
यिर्मयाह 2:1 यहोवा का वह वचन मेरे पास पहुंचा,
यिर्मयाह 2:2 और यरूशलेम में पुकार कर यह सुना दे, यहोवा यह कहता है, तेरी जवानी का स्नेह और तेरे विवाह के समय का प्रेम मुझे स्मरण आता है कि तू कैसे जंगल में मेरे पीछे पीछे चली जहां भूमि जोती-बोई न गई थी।
यिर्मयाह 2:3 इस्राएल, यहोवा के लिये पवित्र और उसकी पहली अपज थी। उसे खाने वाले सब दोषी ठहरेंगे और विपत्ति में पड़ेंगे, यहोवा की यही वाणी है।
यिर्मयाह 2:4 हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के कुलों के लोगों, यहोवा का वचन सुनो!
यिर्मयाह 2:5 यहोवा यों कहता है, तुम्हारे पुरखाओं ने मुझ में कौन ऐसी कुटिलता पाई कि मुझ से दूर हट गए और निकम्मी वस्तुओं के पीछे हो कर स्वयं निकम्मे हो गए?
यिर्मयाह 2:6 उन्होंने इतना भी न कहा कि जो हमें मिस्र देश से निकाल ले आया वह यहोवा कहां है? जो हमें जंगल में से और रेत और गड़हों से भरे हुए निर्जल और घोर अन्धकार के देश से जिस में हो कर कोई नहीं चलता, और जिस में कोई मनुष्य नहीं रहता, हमें निकाल ले आया।
यिर्मयाह 2:7 और मैं तुम को इस उपजाऊ देश में ले आया कि उसका फल और उत्तम उपज खाओ; परन्तु मेरे इस देश में आकर तुम ने इसे अशुद्ध किया, और मेरे इस निज भाग को घृणित कर दिया है।
यिर्मयाह 2:8 याजकों ने भी नहीं पूछा कि यहोवा कहां है; जो व्यवस्था सिखाते थे वे भी मुझ को न जानते थे; चरवाहों ने भी मुझ से बलवा किया; भविष्यद्वक्ताओं ने बाल देवता के नाम से भविष्यद्वाणी की और निष्फल बातों के पीछे चले।
यिर्मयाह 3:14 हे भटकने वाले लड़को लौट आओ, क्योंकि मैं तुम्हरा स्वामी हूँ; यहोवा की यह वाणी है। तुम्हारे प्रत्येक नगर पीछे एक, और प्रत्येक कुल पीछे दो को लेकर मैं सिय्योन में पहुंचा दूंगा।
यिर्मयाह 3:15 और मैं तुम्हें अपने मन के अनुकूल चरवाहे दूंगा, जो ज्ञान और बुद्धि से तुम्हें चराएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 12-13
  • लूका 16



सोमवार, 20 अप्रैल 2020

क्षमा



     मैंने एक दोपहर के दो घंटे एक चित्र-कला प्रदर्शनी, जिसका शीर्षक था ‘पिता और उसके दो पुत्र: क्षमा के चित्र’ के चित्र देखने में बिताए; इस प्रदर्शनी के सभी चित्र परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिए गए उड़ाऊ पुत्र के दृष्टांत (लूका 15:11-31) पर आधारित थे। मुझे एडवर्ड रिओजस द्वारा बनाए गए चित्र ने विशेषतः प्रभावित किया। उस चित्र में उड़ाऊ पुत्र घर की ओर लौट रहा है, उसके सिर झुका हुआ है और उसने चिथड़े पहने हुए हैं। उसके पीछे मृत्यु का देश है, और वह जिस मार्ग पर चल रहा है, उसके दूसरे छोर पर उसका पिता उसकी ओर दौड़ा चला आ रहा है। चित्र के नीचे प्रभु यीशु द्वारा कहे गए शब्द, “तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा” (लूका 15:20) लिखे हुए हैं।

     एक बार फिर मेरा हृदय, परमेश्वर के उस अपरिवर्तनीय प्रेम का एहसास करने के द्वारा, जिसने मेरा जीवन बदल दिया है, बहुत गहराई से द्रवित हुआ। जब मैं उससे मुँह मोड़कर चला गया, तब परमेश्वर ने मुझ से मुँह नहीं मोड़ा, वरन वह मेरी प्रतीक्षा करता रहा, मेरी राह देखता रहा। हम उसके प्रेम के योग्य तो नहीं हैं, फिर भी उसका प्रेम हमारे प्रति कभी कम नहीं होता है। चाहे हम अकसर परमेश्वर की उपेक्षा करते रहते हैं, फिर भी वह कभी हमसे दूर नहीं जाता है।

     हम सभी उसके सामने दोषी हैं, फिर भी हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हमारी ओर हाथ बढ़ाकर, हमें गले लगाकर, हमारा स्वागत ऐसे ही करता है जैसे प्रभु द्वारा सुनाए गए दृष्टांत में पिता करता है। उड़ाऊ पुत्र के लौट आने पर उस पिता ने अपने सेवकों से कहा, “और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं। क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे” ( पद 23, 24)।

     आज भी जो भी जन प्रभु परमेश्वर की ओर लौट कर आता है, परमेश्वर उसे क्षमा करता है, उसका स्वागत करता है। और यह क्षमा प्राप्ती, आनन्द मनाने योग्य बात है। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

हम चाहे उसके प्रेम के योग्य नहीं हैं, 
फिर भी हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम बदलता नहीं है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
लूका 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
लूका 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
लूका 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
लूका 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
लूका 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
लूका 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
लूका 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
लूका 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
लूका 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर के समान रख ले।
लूका 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
लूका 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
लूका 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
लूका 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं।
लूका 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 9-11
  • लूका 15:11-32



रविवार, 19 अप्रैल 2020

उतावली



     जब मेरे दो मित्रों ने मुझे बुद्धिमान डैलेस विल्लर्ड के शब्द, “उतावलेपन को कठोरता पूर्वक निकाल डालो” कहे, तो मैं समझ गई कि मुझे इस बात पर विचार करना पड़ेगा। मैं किन बातों में उतावली करके अपनी शक्ति और समय बर्बाद करने में लगी हुई थी? इससे भी महत्वपूर्ण बात, ऐसा क्या था मैं जिसके पीछे इतनी उतावली होकर भाग रही थी और परमेश्वर से मार्गदर्शन तथा सहायता के लिए भी नहीं पूछ रही थी? इसके बाद के सप्ताहों और महीनों में मैंने विल्लर्ड की उस बात को याद रखा और अपने आप को फिर से प्रभु परमेश्वर तथा उसके वचन बाइबल की और मोड़ा तथा उनके साथ अपना तालमेल बैठाया जिससे मैं प्रभु और उसकी बुद्धिमता पर निर्भर रहूं। मैं अपने आप को यही स्मरण दिलाती रही कि मैं परमेश्वर पर भरोसा रखूँ, न कि अपनी बुद्धि और सामर्थ्य पर।

     उतावले होकर इधर से उधर भागादौड़ी करना, यशायाह भविष्यद्वक्ता द्वारा कही गई “पूर्ण शान्ति” का विपरीत है। यशायाह ने कहा कि “जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है” (यशायाह 26:3)। और प्रभु परमेश्वर आज, कल और हमेशा भरोसा रखने योग्य है, “यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है” (पद 4)। अपने मन, विचारों और बुद्धि को परमेश्वर पर लगाए रखना ही उतावलेपन का जीवन जीने का समाधान है।

     आज हमारा हाल क्या है? क्या हमें लगता है की हम भी उतावले रहते हैं, या अधीर रहते हैं? या हो सकता है कि हम पूर्ण शान्ति का अनुभव कर रहे हों। या फिर हम इन दोनों चरम सीमाओं के बीच की किसी स्थिति में हों। हम चाहे जहां भी हों, मेरी यही प्रार्थना है कि हम हर उतावली को अपने से दूर कर के प्रभु पर भरोसा बनाए रखें, जो हमें कभी निराश नहीं करेगा, और अपनी शान्ति में बनाए रखेगा। - एमी बाउचर पाई

परमेश्वर की शान्ति हमें उतावलेपन से बचाती है।

[प्रभु यीशु ने कहा:] मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: यशायाह 26:1-4
 यशायाह 26:1 उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है।
यशायाह 26:2 फाटकों को खोलो कि सच्चाई का पालन करने वाली एक धर्मी जाति प्रवेश करे।
यशायाह 26:3 जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
यशायाह 26:4 यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 6-8
  • लूका 15:1-10



शनिवार, 18 अप्रैल 2020

विश्वासयोग्यता



     बहुत बार हम प्रश्न, “आप कहाँ से हैं?” के द्वारा किसी को और बेहतर जानने का प्रयास करते हैं। किन्तु हम में से अनेकों के लिएकभी-कभी, यह प्रश्न अटपटा होता है, उसका उत्तर दे पाना जटिल होता है, और कभी-कभी हम सारा विवरण हर किसी के साथ बाँटना भी नहीं चाहते हैं। मनुष्य चाहे हमारा आँकलन तथा हमारे विषय अपने निर्णय हमारी पृष्ठभूमि के आधार पर करें किन्तु परमेश्वर के लिए इसका कोई महत्त्व नहीं होता है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में न्यायियों की पुस्तक का एक पात्र, यिप्ताह भी संभवतः इस प्रश्न से बचना चाहता होगा। यिप्ताह के सौतेले भाइयों ने उसे उसके गिलाद के घर से उसे “तू तो पराई स्त्री का बेटा है” (न्यायियों 11:2) कह कर निकला दिया था। लेख निःसंकोच कहता है कि “वह वेश्या का बेटा था” (पद 1)।

     परन्तु यिप्ताह शूरवीर था (पद 1), और जब एक विरोधी जाति ने गिलाद पर आक्रमण किया, तो वही लोग जिन्होंने उसे निकाल दिया था, अब उसे ढूँढ़ कर वापस लाना चाहते थे। उन लोगों ने यिप्ताह से कहा, “चलकर हमारा प्रधान हो जा, कि हम अम्मोनियों से लड़ सकें” (पद 6)। यिप्ताह ने प्रश्न किया, “क्या तुम ने मुझ से बैर कर के मुझे मेरे पिता के घर से निकाल न दिया था? फिर अब संकट में पड़कर मेरे पास क्यों आए हो?” (पद 7)। उन सभी से इस का आश्वासन लेने के पश्चात कि अब उसके साथ परिस्थितयाँ और व्यवहार भिन्न रखा जाएगा, यिप्ताह ने उनका नेतृत्व करना स्वीकार कर लिया। पवित्र शास्त्र बताता है कि “तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया...” (पद 29)। यिप्ताह ने परमेश्वर पर विश्वास के साथ उन लोगों का कुशल नेतृत्व किया, और उन्हें एक बड़ी विजय दिलवाई। बाइबल के नए नियम में इब्रानियों में दिए गए विश्वास के नायकों में एक नाम यिप्ताह का भी है (इब्रानियों 11:32)।

     बहुत बार परमेश्वर अपने कार्य को करवाने के लिए बिलकुल अनपेक्षित लोगों को चुन लेता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि हम कहाँ से हैं, यहाँ तक कैसे पहुंचे हैं, हमने क्या कुछ किया अथवा नहीं किया है। जिस एक बात का फर्क पड़ता है वह है कि हम परमेश्वर की बुलाहट का क्या और कैसे प्रत्युत्तर देते हैं। यदि हम परमेश्वर के प्रेम के प्रति विश्वासयोग्यता के साथ प्रत्युत्तर देते हैं, तो वह हमें अपनी सामर्थ्य से भरकर बहुतायत से प्रयोग करता है। - टिम गुस्ताफासन

परन्तु बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, पहिले होंगे। - मत्ती 19:30

बाइबल पाठ: न्यायियों 11:1-8, 29
न्यायियों 11:1 यिप्तह नाम गिलादी बड़ा शूरवीर था, और वह वेश्या का बेटा था; और गिलाद से यिप्तह उत्पन्न हुआ था।
न्यायियों 11:2 गिलाद की स्त्री के भी बेटे उत्पन्न हुए; और जब वे बड़े हो गए तब यिप्तह को यह कहकर निकाल दिया, कि तू तो पराई स्त्री का बेटा है; इस कारण हमारे पिता के घराने में कोई भाग न पाएगा।
न्यायियों 11:3 तब यिप्तह अपने भाइयों के पास से भागकर तोब देश में रहने लगा; और यिप्तह के पास लुच्चे मनुष्य इकट्ठे हो गए; और उसके संग फिरने लगे।
न्यायियों 11:4 और कुछ दिनों के बाद अम्मोनी इस्राएल से लड़ने लगे।
न्यायियों 11:5 जब अम्मोनी इस्राएल से लड़ते थे, तब गिलाद के वृद्ध लोग यिप्तह को तोब देश से ले आने को गए;
न्यायियों 11:6 और यिप्तह से कहा, चलकर हमारा प्रधान हो जा, कि हम अम्मोनियों से लड़ सकें।
न्यायियों 11:7 यिप्तह ने गिलाद के वृद्ध लोगों से कहा, क्या तुम ने मुझ से बैर कर के मुझे मेरे पिता के घर से निकाल न दिया था? फिर अब संकट में पड़कर मेरे पास क्यों आए हो?
न्यायियों 11:8 गिलाद के वृद्ध लोगों ने यिप्तह से कहा, इस कारण हम अब तेरी ओर फिरे हैं, कि तू हमारे संग चलकर अम्मोनियों से लड़े; तब तू हमारी ओर से गिलाद के सब निवासियों का प्रधान ठहरेगा।
न्यायियों 11:29 तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया, और वह गिलाद और मनश्शे से हो कर गिलाद के मिस्पे में आया, और गिलाद के मिस्पे से हो कर अम्मोनियों की ओर चला।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 3-5
  • लूका 14:25-35