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बुधवार, 1 मई 2019

शान्ति



      आप की क्या प्रतिक्रया होगी, यदि दिनचर्या के कार्य करते हुए अचानक ही परमेश्वर आपके समक्ष एक सन्देश लेकर प्रगट हो जाए? परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि ऐसा एक प्राचीन इस्राएली गिदोन के साथ हुआ, “उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है” (न्यायियों 6:12)। गिदोन बस खामोश रहकर, थूक गटक कर, अपना सिर हिलाकर प्रतिक्रया दे सकता था, परन्तु, “गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है” (न्यायियों 6:13)। गिदोन जानना चाहता था कि ऐसा क्यों प्रतीत हो रहा है कि परमेश्वर ने अपने लोगों को त्याग दिया है?

      परमेश्वर ने इस प्रश्न का उसे कोई उत्तर नहीं दिया। सात वर्षों से गिदोन तथा इस्राएली शत्रु के हमले, भुखमरी, और गुफाओं में छिपकर जान बचाना झेल रहे थे, किन्तु परमेश्वर ने कोई स्पष्टिकरण नहीं दिया कि उसने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। परमेश्वर बीते समय में किए गए इस्राएल के पापों को कारण बता सकता था, किन्तु इसके स्थान पर उसने गिदोन को भविष्य के लिए आशा दी। परमेश्वर ने गिदोन से कहा, “तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा;...निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को” (पद 14, 16)।

      क्या आप कभी विचार करते हैं  कि परमेश्वर आपके जीवन में दुःख और परेशानियों को क्यों आने देता है? इस प्रश्न का उत्तर देने के स्थान पर परमेश्वर आज आपको अपनी निकटता के एहसास द्वारा, तथा यह स्मरण दिलवाकर कि आप जब भी कमज़ोर अनुभव करें, आप उसकी सामर्थ्य पर भरोसा रख सकते हैं, संतुष्ट कर सकता है। जब अन्ततः गिदोन ने यह मान लिया कि परमेश्वर उसके साथ है, और उसकी सहायता करेगा, तब “गिदोन ने वहां यहोवा की एक वेदी बनाकर उसका नाम यहोवा शालोम रखा” (पद 24)।

      यह जानने और इसमें भरोसा रखने में शान्ति है कि हम चाहे कुछ भी करें, हम चाहे जहाँ भी जाएँ, परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है, और उसने हम से वायदा किया है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करने से उत्तम क्या हो सकता है? 
भले और सामर्थी परमेश्वर पर विश्वास रखना।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: न्यायियों 6:11-16, 24
Judges 6:11 फिर यहोवा का दूत आकर उस बांजवृझ के तले बैठ गया, जो ओप्रा में अबीएजेरी योआश का था, और उसका पुत्र गिदोन एक दाखरस के कुण्ड में गेहूं इसलिये झाड़ रहा था कि उसे मिद्यानियों से छिपा रखे।
Judges 6:12 उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है।
Judges 6:13 गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है।
Judges 6:14 तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा; क्या मैं ने तुझे नहीं भेजा?
Judges 6:15 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं।
Judges 6:16 यहोवा ने उस से कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को।
Judges 6:24 तब गिदोन ने वहां यहोवा की एक वेदी बनाकर उसका नाम यहोवा शालोम रखा। वह आज के दिन तक अबीएजेरियों के ओप्रा में बनी है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 10-11
  • लूका 21:20-38