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Wednesday, January 13, 2021

संबंध

 

          जब मेरे भाई ने मुझे क्रेफिश (एक प्रकार की झींगा मछली) पकड़ने के लिए उसके साथ चलने का निमंत्रण दिया, तो मैं बहुत उत्तेजित हुई। जब उसने मुझे एक प्लास्टिक की बाल्टी पकड़ाई, तो मैंने विस्मय से उससे पूछा, “इसपर कोई ढक्कन नहीं है?” उसने कहा, “उसकी ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी” और हम मछली पकड़ने के लिए आवश्यक अन्य सामान उठा कर चल दिए। बाद में, जब हम कई क्रेफिश पकड़ चुके, तो मैं लगभग भरी हुई बाल्टी में से उनके बाहर निकलने के व्यर्थ प्रयासों को देख रही थी, और मुझे समझ में आ गया कि क्यों बाल्टी के ढक्कन की आवश्यकता नहीं थी। जैसे ही कोई क्रेफिश थोड़ा सा ऊपर, बाल्टी के किनारे की ओर बढ़ती, कोई दूसरी उसे पकड़ कर वापस अन्दर खींच लेती।

          उन क्रेफिश के परस्पर व्यवहार से मुझे शिक्षा मिली कि अपनी ही उन्नति के प्रयास में औरों को नीचे खींचना कितना हानिकारक होता है। यदि हम अपने समाज और समुदाय के हित के लिए नहीं, वरन उनकी कीमत पर अपने ही स्वार्थ के लिए कार्य करते हैं, तो न हम और न ही वो बढ़ने पाते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने एक दूसरे को उभारने वाली संगति और संबंधों के महत्व के बारे में थिस्सलुनीके के मसीही विश्वासियों को लिखा। उसने उन से आग्रह किया, और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ” (1 थिस्स्लुनीकियों 5:14)।

          उसने उनके परस्पर देखभाल करने वाले समुदाय की सराहना करते हुए (पद 11) उन्हें और भी अधिक प्रेम और शान्ति से परिपूर्ण संबंधों को बनाने और बढ़ाने के लिए कहा (पद 13-15)। औरों के साथ कृपा, क्षमा, करुणा के संबंधों को बनाए रखने के प्रयासों से, उनके आपस के तथा परमेश्वर के साथ सही संबंधों में बढ़ोतरी होगी, दृढ़ता आएगी (पद 15, 23)।

          इस प्रकार की प्रेम पूर्ण एकता के द्वारा चर्च उन्नति करता है और मसीह का गवाह ठहरता है। जब मसीही विश्वासी परमेश्वर का आदर करते हैं, औरों को नीचे खींचने के स्थान पर, अपने शब्दों तथा कार्यों के द्वारा उनकी उन्नति होने में सहयोग देते हैं, तब हम और हमारे समुदाय, हमारे समाज का विकास होता है। - सोहचील डिक्सन

 

मसीह के समान औरों की सहायता और उन्नति में सहयोगी बनें।


विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। - फिलिप्पियों 2:3-4

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 5:11-18

 1 थिस्स्लुनीकियों 5:11 इस कारण एक दूसरे को शान्ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:12 और हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, कि जो तुम में परिश्रम करते हैं, और प्रभु में तुम्हारे अगुवे हैं, और तुम्हें शिक्षा देते हैं, उन्हें मानो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:13 और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल-मिलाप से रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:14 और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:15 सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्टा करो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:16 सदा आनन्दित रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:17 निरन्तर प्रार्थना में लगे रहो।

1 थिस्स्लुनीकियों 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 31-32
  • मत्ती 9:18-38

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