बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Sunday, September 20, 2020

आशा

 

         एलिज़ाबेथ ने काफी लम्बे समय तक ड्रग्स की लत के साथ संघर्ष किया था, और अन्ततः जब वह इस लत से छूट गई, तो उसकी लालसा थी कि वह इसके बारे में औरों को भी आशा दे। इसलिए वह बिना अपना नाम लिखे, छोटे-छोटे पर्चे लिख कर अपने शहर में इधर-उधर अनेकों स्थानों में लगाने लगी। एलिज़ाबेथ इन पर्चों को कार के विंडशील्ड वाईपर्स के नीचे, पार्क्स के खम्भों पर, और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगा देती है। पहले वह आशा के चिह्न ढूँढती थी; अब वह औरों के लिए चिह्न छोड़ती है। उसके द्वारा लिखे गए एक पर्चे का अन्त इन शब्दों के साथ हुआ: “बहुत प्रेम के साथ। आशा प्रेषित की गई।”

         परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रेम के साथ आशा – प्रभु यीशु मसीह ही यह देता है। वह प्रतिदिन हमारे पास अपने प्रेम को लेकर आता है और आशा के द्वारा हमें बलवंत करता है। उसके प्रेम हमें बूंद-बूंद करके नहीं दिया जाता है, वरन उसके हृदय से उदारतापूर्वक हमारे हृदयों में भरपूरी से उडेला जाता है। लिखा है, और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है” (रोमियों 5:5)। वह चाहता है कि हम कठिन समयों में अपने धीरज और चरित्र को विकसित करें, और वह हमें संतुष्ट और आशा से भरे हुए जीवन में लाए (पद 3-4)। और हम चाहे उससे दूर भी हों, किन्तु फिर भी वह हम से प्रेम करता रहता है (पद 6-8)।

         क्या आप आशा के चिह्न ढूँढ़ रहे हैं? प्रभु परमेश्वर अपने प्रेम के साथ हमें आशा भी प्रदान करता है और हमें आमंत्रित करता है कि हम उसके साथ अपने संबंधों को और घनिष्ठ करते चले जाएँ। एक परिपूर्ण जीवन जीने की हमारी आशा उसके अक्षय प्रेम के साथ जुड़ी हुई है। - ऐनी सेटास

 

आशा ही आत्मा का लंगर है।


वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11

रोमियों 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।

रोमियों 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें।

रोमियों 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज।

रोमियों 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है।

रोमियों 5:5 और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।

रोमियों 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।

रोमियों 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे।

रोमियों 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।

रोमियों 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?

रोमियों 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे?

रोमियों 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12

No comments:

Post a Comment