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Thursday, September 24, 2020

मार्गदर्शन


         हम सपरिवार एक मनोरंजन पार्क में गए थे, और वहाँ के आकर्षण देखते हुए, एक से दूसरे स्थल को जा रहे थे। मैंने अपने बेटे के कंधे पर हाथ रखकर उससे कहा, “हम इस ओर जा रहे हैं” और भीड़ में उसे सही दिशा में चलने के लिए निर्देश दिए, उसे दिखाया कि वह अपनी माँ और बहनों के पीछे-पीछे चले, जो हमारे आगे चल रही थीं। मुझे उस शेष दिन में यही कई बार करना पड़ा। मेरे बेटे का ध्यान बहुत जल्दी इधर-उधर हो जा रहा था, और वह हम से अलग ओर चलने लग जाता था। मैं मन में सोचने लगा, यह हमारे साथ, या हमारे पीछे क्यों नहीं चलने पा रहा है?

         और फिर मुझे ध्यान आया, और धक्का सा लगा – कितनी ही बार मैं भी तो यही करता रहता हूँ! कितनी ही बार परमेश्वर के पीछे उसकी आज्ञाकारिता में चलने के स्थान पर, मैं संसार के आकर्षणों से आकर्षित होकर उनकी चल निकलता हूँ; कितनी ही बार परमेश्वर की इच्छा के स्थान पर अपनी ही इच्छा पूरी करने के लिए मैं अपनी ही दिशा ले लेता हूँ।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा लिखवाया, और जब कभी तुम दाहिनी या बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो” (यशायाह 30:21)। इसी अध्याय में, इससे पूर्व परमेश्वर ने अपने लोगों को उनकी ढिठाई के लिए डांट लगाई थी। परमेश्वर ने उनसे कहा कि यदि वे अपने मार्गों के स्थान पर उसकी सामर्थ्य पर भरोसा रखेंगे (पद 15), तो उसका अनुग्रह और दया उन पर बनी रहेगी (पद 18)।

         हमारे प्रति परमेश्वर के अनुग्रह की एक अभिव्यक्ति, उसका अपनी आत्मा के द्वारा हमारा मार्गदर्शन करते रहने की उसकी प्रतिज्ञा है। यह तब होता है जब हम प्रार्थना में उससे अपनी इच्छाओं के बारे में बात करते हैं, और उससे पूछते हैं कि हमारे लिए उसकी क्या योजना है। मैं परमेश्वर का धन्यवादी हूँ कि जब मैं उस पर भरोसा बनाए रखता हूँ, और उसके वचन पर ध्यान देता हूँ, तो परमेश्वर धैर्य के साथ मेरा, दिन-प्रति-दिन और हर कदम पर मार्गदर्शन करता रहता है। - एडम होल्ज़

 

परमेश्वर धैर्य के साथ हमारा मार्गदर्शन करता है, 

यदि हम उस पर भरोसा रखें, और उसके वचन पर ध्यान दें।


इतना हो कि तू हियाव बान्ध कर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बाएं, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। - यहोशू 1:7

बाइबल पाठ: यशायाह 30:15-21

यशायाह 30:15 प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया,

यशायाह 30:16 तुम ने कहा, नहीं, हम तो घोड़ों पर चढ़ कर भागेंगे, इसलिये तुम भागोगे; और यह भी कहा कि हम तेज सवारी पर चलेंगे, सो तुम्हारा पीछा करने वाले उस से भी तेज होंगे।

यशायाह 30:17 एक ही की धमकी से एक हजार भागेंगे, और पांच की धमकी से तुम ऐसा भागोगे कि अन्त में तुम पहाड़ की चोटी के डण्डे या टीले के ऊपर की ध्वजा के समान रह जाओगे जो चिन्ह के लिये गाड़े जाते हैं।

यशायाह 30:18 तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊंचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं।

यशायाह 30:19 हे सिय्योन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा।

यशायाह 30:20 और चाहे प्रभु तुम्हें विपत्ति की रोटी और दु:ख का जल भी दे, तौभी तुम्हारे उपदेशक फिर न छिपें, और तुम अपनी आंखों से अपने उपदेशकों को देखते रहोगे।

यशायाह 30:21 और जब कभी तुम दाहिनी या बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • श्रेष्ठगीत 4-5
  • गलातियों 3

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