बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Sunday, September 27, 2020

भलाई


         कभी-कभी भलाई करना या सही परामर्श देना उलटे ही परिणाम ले आता है। ऐसे में हम सोच सकते हैं, ‘क्या मेरे भलाई के कार्य और लाभ के लिए कही गई बात का कोई महत्व भी है?’ मुझे भी हाल ही में एक ऐसे ही अनुभव से होकर निकलना पड़ा। मैंने अपनी एक सहेली को प्रोत्साहित करने के लिए प्रार्थना के साथ बहुत विचार करके उसकी परिस्थितियों के अनुसार उसे सही परामर्श देने वाली एक ई-मेल भेजी, और उसने बड़े क्रोध में उसका प्रत्युत्तर दिया। तुरंत ही मेरी प्रतिक्रिया ठेस लगने और क्रोधित होने की थी; मुझे समझ नहीं आया कि, ‘वह मुझे इतना गलत कैसे समझ सकती है?

         अपने क्रोध में होकर उसे उत्तर लिख भेजने के स्थान पर, मुझे स्मरण हो आया कि हम अपने परामर्श या भलाई के परिणाम तुरंत ही नहीं देखेंगे, विशेषकर तब जब हम लोगों को बताएँ कि प्रभु यीशु उनसे प्रेम करते हैं, और उनकी सहायता करना चाहते हैं। जब हम औरों के साथ भलाई करते हैं, और अपेक्षा रखते हैं कि वे प्रभु यीशु की ओर आकर्षित होंगे, तो संभव है कि वे हमारा तिरस्कार करें। सही कार्य के लिए उकसाने के हमारे विनम्र प्रयासों की उपेक्षा की जा सकती है।

         ऐसी निराशा की स्थिति में परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा गलातिया के मसीही विश्वासियों को लिखी गई पत्री के छठे अध्याय में हमको उचित मार्गदर्शन मिलता है। यहाँ पर पौलुस हमें हमारे उद्देश्यों, अर्थात, जो हम कहते और करते हैं, उन बातों पर विचार करने के लिए कहता है (पद 1-4)। ऐसा कर लेने के पश्चात वह कहता है कि हम भलाई करने में दृढ़ता से लगे रहें, हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे। इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ” (पद 9-10)।

         परमेश्वर चाहता है कि हम उसके लिए जीवन व्यतीत करते रहें, और इसमें औरों के लिए प्रार्थना करना, तथा औरों को उसके बारे में बताना भी सम्मिलित है। जब हम भलाई करते रहेंगे, तो उसके परिणाम भी देखने पाएँगे। - एलिसन कीडा

 

अपने जीवनों के कार्य को परिणामों को परमेश्वर के हाथों में छोड़ दें।


अपनी रोटी जल के ऊपर डाल दे, क्योंकि बहुत दिन के बाद तू उसे फिर पाएगा। - सभोपदेशक 11:1

बाइबल पाठ: गलातियों 6:1-10

गलतियों 6:1 हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो।

गलतियों 6:2 तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो।

गलतियों 6:3 क्योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आप को कुछ समझता है, तो अपने आप को धोखा देता है।

गलतियों 6:4 पर हर एक अपने ही काम को जांच ले, और तब दूसरे के विषय में नहीं परन्तु अपने ही विषय में उसको घमण्ड करने का अवसर होगा।

गलतियों 6:5 क्योंकि हर एक व्यक्ति अपना ही बोझ उठाएगा।

गलतियों 6:6 जो वचन की शिक्षा पाता है, वह सब अच्छी वस्तुओं में सिखाने वाले को भागी करे।

गलतियों 6:7 धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा।

गलतियों 6:8 क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।

गलतियों 6:9 हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे।

गलतियों 6:10 इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 3-4
  • गलातियों 6

No comments:

Post a Comment