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मंगलवार, 4 मार्च 2014

इस ही कमरे में


   हमारे चर्च में हम अकसर रौन और कैरल हैरिस द्वारा लिखित स्तुति गीत In This Very Room (इस ही कमरे में) गाते हैं। इस गीत की आरंभिक पंक्ति है, "इस ही कमरे में मेरे जैसे व्यक्ति के लिए भी पर्याप्त प्रेम है।" यह गीत मुझे स्मरण कराता है कि यद्यपि अन्य मसीही विश्वासियों के साथ आराधना के लिए एकत्रित होने से बहुत प्रोत्साहन मिलता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आराधना के स्थान पर मसीह यीशु भी विद्यमान होता है। लेकिन प्रभु यीशु की उपस्थिति केवल चर्च या आराधनालय तक ही सीमित नहीं है, वो हमारे जीवन के प्रत्येक कक्ष में प्रत्येक परिस्थिति में हमारे साथ उपस्थित रहता है।

   मैं नहीं जानता कि आप इस सन्देश को कहाँ पढ़ रहे हैं - रसोई में या किसी रेस्टूरॉन्ट में, किसी कैदखाने में या सेना की किसी चौकी पर; हो सकता है कि आप किसी अस्पताल में हों या किसी न्यायालय में। जहाँ आप यह पढ़ रहे हैं वह आपके जीवन का एक ऐसा कमरा हो सकता है जहाँ आपके लिए सब कुछ बिलकुल ठीक है, या फिर ऐसा स्थान जहाँ कुछ भी ठीक नहीं है। हो सकता है कि यह पढ़ते समय आप किसी भय से ग्रस्त हों।

   प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद की निराशाजनक और भयपूर्ण परिस्थितियों में प्रभु के अनुयायी एक जाने-पहिचाने कमरे में एकत्रित होते थे; और यूहन्ना लिखता है कि, "उसी दिन जो सप्‍ताह का पहिला दिन था, सन्‍ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्‍द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा हो कर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले" (यूहन्ना 20:19)। इसके एक सप्ताह बाद फिर यही हुआ, प्रभु यीशु बन्द दरवाज़ों में से होकर अपने अनुयायीयों को अपनी उपस्थिति द्वारा शान्ति देने आ गया (पद 26-29)।

   आज आप कहीं भी क्यों ना हों, किसी भी परित्स्थिति में क्यों ना हों, "प्रत्येक निराशा और उदासी को भगा देने के लिए यहाँ पर्याप्त आशा तथा पर्याप्त सामर्थ है, क्योंकि यीशु, प्रभु यीशु इस ही कमरे में है।" - डेविड मैक्कैसलैंड


हमारा प्रेमी परमेश्वर सदा हमारे साथ रहता है, सदा ही।

आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। - यूहन्ना 20:26

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:19-29
John 20:19 उसी दिन जो सप्‍ताह का पहिला दिन था, सन्‍ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्‍द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा हो कर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:20 और यह कहकर उसने अपना हाथ और अपना पंजर उन को दिखाए: तब चेले प्रभु को देखकर आनन्‍दित हुए। 
John 20:21 यीशु ने फिर उन से कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले; जैसे पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूं। 
John 20:22 यह कहकर उसने उन पर फूंका और उन से कहा, पवित्र आत्मा लो। 
John 20:23 जिन के पाप तुम क्षमा करो वे उन के लिये क्षमा किए गए हैं जिन के तुम रखो, वे रखे गए हैं।
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था। 
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले। 
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो। 
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर! 
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 16-18


सोमवार, 3 मार्च 2014

सच्ची उपासना


   व्यंगरेखाचित्रकार सार्वजनिक स्थानों पर चित्र बनाने का अपना सामान लगा लेते हैं और जो लोग अपने व्यंगरेखाचित्र के लिए थोड़ा सा पैसा देने को तैयार होते हैं, उनका व्यंगरेखाचित्र बना देते हैं। उनके ये चित्र हमारा मनोरंजन करते हैं क्योंकि वे हमारे शरीर के किसी स्वरूप को ऐसा बढ़ाकर दिखाते हैं कि वह पहचाना तो जाए लेकिन हास्यास्पद भी लगे। शरीर के किसी भाग को अनावश्यक रीति से प्रमुख दिखाने से ही वह रेखाचित्र विनोदात्मक बनता है।

   लेकिन परमेश्वर के किसी गुण को अनावश्यक रीति से प्रमुख दिखाना हास्यास्पद कतई नहीं है। जब परमेश्वर का ऐसा बिगड़ा हुआ स्वरूप लोगों के सामने लाया जाता है तो वे उसे गंभीरता से नहीं लेते और परिस्थिति अनुसार उसे सरलता से खारिज कर देते हैं। जो परमेश्वर को एक क्रोधी और कठोर न्यायी के रूप में देखते हैं वे आसानी से ऐसे लोगों द्वारा बहका लिए जाते हैं जो दया की बातें करते हैं। जो परमेश्वर को गलतियों को नज़रंदाज़ करके बस लाड़ करते रहने वाले नाना-दादा के समान देखते हैं वे उसके न्यायी स्वरूप को स्वीकार नहीं कर पाते। जो परमेश्वर को केवल एक ज्ञानी विचारधारा जैसा देखते हैं वे उसके एक जीवित और प्रेमी व्यक्ति होने को स्वीकार नहीं कर पाते और फिर अन्य विचारधाराओं के चंगुल में फंस जाते हैं। जो परमेश्वर को एक अच्छे मित्र मात्र के समान देखते हैं वे कभी ना कभी कोई और अधिक अच्छा लगने वाला मित्र मिलने पर परमेश्वर से दूर चले जाते हैं।

   परमेश्वर प्रेमी और दयालु भी है और सच्चा न्याय करने वाला खरा न्यायी भी जो पाप को क्षमा करना भी जानता है और उसका दण्ड देना भी। वह एक जीवित और प्रेमी व्यक्ति भी है और निराकार आत्मा भी; वह सबसे अच्छा और विश्वासयोग्य मित्र भी है और चिंता करने तथा आवश्यकताएं पूरी करने वाला प्रेमी पिता भी। परमेश्वर का कोई भी गुण उसके अन्य गुणों से पृथक करके नहीं देखा जा सकता, उसे उसकी संपूर्णता में ही देखना मानना होगा।

   जब हम अपने मसीही विश्वास को व्यावाहरिक रूप में अपने जीवनों द्वारा प्रकट करते हैं तो हमें परमेश्वर के कुछ ऐसे गुणों पर ही, जो हमारी पसन्द के हैं, ज़ोर ना देकर उसके संपूर्ण व्यक्तित्व को दिखाना है। हमारी उपासना परमेश्वर के किसी विशेष गुण ही के प्रति ना हो अन्यथा वह सच्ची उपासना नहीं ठहरेगी। जूली ऐकैरमैन लिंक


जिस परमेश्वर पर हम विश्वास करते हैं वह सर्वसामर्थी, दयालु, बुद्धिमान और न्यायी है।

यहोवा कोप करने में धीरजवन्त और अति करूणामय है, और अधर्म और अपराध का क्षमा करने वाला है, परन्तु वह दोषी को किसी प्रकार से निर्दोष न ठहराएगा, और पूर्वजों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों, और पोतों, और परपोतों को देता है। - गिनती 14:18

बाइबल पाठ: निर्गमन 34:1-9
Exodus 34:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, पहिली तख्तियों के समान पत्थर की दो और तख्तियां गढ़ ले; तब जो वचन उन पहिली तख्तियों पर लिखे थे, जिन्हें तू ने तोड़ डाला, वे ही वचन मैं उन तख्तियों पर भी लिखूंगा। 
Exodus 34:2 और बिहान को तैयार रहना, और भोर को सीनै पर्वत पर चढ़कर उसकी चोटी पर मेरे साम्हने खड़ा होना। 
Exodus 34:3 और तेरे संग कोई न चढ़ पाए, वरन पर्वत भर पर कोई मनुष्य कहीं दिखाई न दे; और न भेड़-बकरी और गाय-बैल भी पर्वत के आगे चरते पाएं। 
Exodus 34:4 तब मूसा ने पहिली तख्तियों के समान दो और तख्तियां गढ़ी; और बिहान को सवेरे उठ कर अपने हाथ में पत्थर की वे दोनों तख्तियां ले कर यहोवा की आज्ञा के अनुसार पर्वत पर चढ़ गया। 
Exodus 34:5 तब यहोवा ने बादल में उतर के उसके संग वहां खड़ा हो कर यहोवा नाम का प्रचार किया। 
Exodus 34:6 और यहोवा उसके साम्हने हो कर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य, 
Exodus 34:7 हजारों पीढिय़ों तक निरन्तर करूणा करने वाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करने वाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देने वाला है। 
Exodus 34:8 तब मूसा ने फुर्ती कर पृथ्वी की ओर झुककर दण्डवत की। 
Exodus 34:9 और उसने कहा, हे प्रभु, यदि तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो तो प्रभु, हम लोगों के बीच में हो कर चले, ये लोग हठीले तो हैं, तौभी हमारे अधर्म और पाप को क्षमा कर, और हमें अपना निज भाग मान के ग्रहण कर।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 13-15


रविवार, 2 मार्च 2014

उत्तम


   जब कोई हम से पूछता है कि हम कैसे हैं, तो सामान्यतः हमारा उत्तर होता है, "बहुत बढ़िया", या "उत्तम"; अर्थात "मैं ठीक हूँ", या फिर यह कि "सब बहुत अच्छा चल रहा है" - हम अपने चरित्र की नहीं वरन अपने सामान्य हाल-चाल की बात कर रहे होते हैं। मैंने भी अनगिनित बार इस प्रश्न का ऐसे ही "उत्तम" कह कर उत्तर दिया है, लेकिन हाल ही में मेरे उत्तर ने मुझे कुछ परेशान करना आरंभ कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि चाहे हम इस बात का एहसास नहीं रखते, लेकिन "उत्तम" शब्द कुछ विशेष की ओर संकेत करता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के पास एक जवान धनी व्यक्ति आया और उसे "हे उत्तम गुरू" (मरकुस 10:17) कहकर संबोधित किया। वह जवान व्यक्ति सही था, क्योंकि प्रभु यीशु उत्तम अर्थात सर्वसिद्ध और गुरू दोनो ही है, और चरित्र के दृष्टिकोण से यह संबोधन केवल उस पर ही ठीक बैठता है।

   लेकिन प्रभु यीशु ने उस जवान के सामने प्रश्न रखा कि वह उसे उत्तम क्यों कह रहा है क्योंकि उत्तम तो केवल परमेश्वर है। प्रभु यीशु उससे यह कहना चाह रहे थे कि जो संबोधन वह कर रहा है उसकी गंभीरता और महत्व को वह समझता भी है कि नहीं। प्रभु यीशु को "उत्तम" कहना तो ठीक है, क्योंकि वह परमेश्वर है और उससे बढ़कर और कोई नहीं है। लेकिन अनायास ही अपने ऊपर एक ऐसी संज्ञा ले लेना जो परमेश्वर के लिए है और हम जिसके योग्य नहीं हैं, यह उचित नहीं है।

   इसलिए अगली बार यदि कोई आप से पूछे कि आप कैसे हैं तो यह कहना कि "मैं ठीक हूँ" तो उचित होगा, किंतु "उत्तम" कहने से पहले विचार कर लीजिए, क्योंकि केवल प्रभु यीशु ही उत्तम है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर महान है, परमेश्वर भला है; उसके बिना हम कुछ भी नहीं हैं।

यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात परमेश्वर। - मरकुस 10:18

बाइबल पाठ: मरकुस 10:17-23
Mark 10:17 और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं? 
Mark 10:18 यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात परमेश्वर।
Mark 10:19 तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना। 
Mark 10:20 उसने उस से कहा, हे गुरू, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं। 
Mark 10:21 यीशु ने उस पर दृष्टि कर के उस से प्रेम किया, और उस से कहा, तुझ में एक बात की घटी है; जा, जो कुछ तेरा है, उसे बेच कर कंगालों को दे, और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले। 
Mark 10:22 इस बात से उसके चेहरे पर उदासी छा गई, और वह शोक करता हुआ चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था। 
Mark 10:23 यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! 

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 10-12


शनिवार, 1 मार्च 2014

भरोसा


   झूठ पकड़ने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी स्वाभाविक प्रवृति लोगों पर विश्वास करना है। लेकिन हर कोई हर समय भरोसे के योग्य नहीं होता। छल करने अथवा झूठ बोलने वालों के कुछ हाव-भाव होते हैं; वे बेचैन प्रतीत होते हैं, आँख से आँख मिलाकर बात नहीं करते, बातचीत करते समय हिचकिचाते हैं या अटकते हैं। इन सुरागों के बावजूद, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि धोखेबाज़ों को विश्वासयोग्य लोगों से अलग पहचान पाना सरल नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक घटना का उल्लेख है जहाँ ऐसे ही धोखे से कुछ लोगों ने इस्त्राएलियों को ठग लिया। यहोशु के पास, जिसे परमेश्वर ने इस्त्राएल को कनान देश में बसाने और उनके गोत्रों की सीमाएं निर्धारित करने की ज़िम्मेदारी दी थी, कनान देश के कुछ निवासी जो गिब्बोनी कहलाते थे और पास ही के इलाके से थे, इसलिए आए कि वे इस्त्राएलियों के साथ संधि कर लें जिससे इस्त्राएली उन्हें उनके इलाके से ना निकालने पाएं। उन्होंने यहोशु पर यह जताया कि वे बहुत दूर स्थान से आए हैं और प्रमाण के लिए अपने पुराने और फटे वस्त्र, पुरानी जूतियाँ आदि दिखाईं। इस्त्राएलियों को सन्देह तो हुआ, लेकिन उन्होंने परमेश्वर से इस सम्बंध में सलाह नहीं ली, गिब्बोनियों की बातों में आकर उन से ’शांति संधि’ कर ली। कुछ समय पश्चात इस्त्राएलियों को मालुम पड़ा कि वे गिब्बोनी किसी दूरस्त इलाके के नहीं वरन पास ही के इलाके के थे, लेकिन अब संधि हो चुकी थी।

   बहुत से लोग अपने लाभ के लिए हमारा भरोसा जीतना चाहते हैं, जैसे सामान विक्रेता, आर्थिक निवेश सलाहकार, विरक्त हो रखे परिजन आदि। स्वाभाविक है कि तब मन में प्रश्न उठता है, "क्या मैं इन पर भरोसा कर सकता हूँ?" ऐसे में हमें जल्दबाज़ी में, केवल प्रत्यक्ष दिखाई देने वाली बातों ही के आधार पर कोई निर्णय नहीं करना चाहिए। भला होता है परामर्श लेना, और उत्तम परामर्श हमें परमेश्वर के लोगों से (नीतिवचन 11:14); परमेश्वर के वचन बाइबल से - भजनकार ने परमेश्वर के वचन को पथ का दीपक और मार्ग का उजियाला कहा है (भजन 119:105); और स्वयं परमेश्वर से मिलता है, जिसने हमें माँगने पर बिना उलाहना दिए बुद्धि देने का वायदा किया है (याकूब 1:5)।

   यही वह परमर्श है जिसपर हम भरोसा कर सकते हैं, जिसके द्वारा हम सही चुनाव कर सकते हैं, क्योंकि मनुष्य तो झूठ बोल सकता है और धोखा दे सकता है परन्तु परमेश्वर कभी झूठ नहीं बोलता, कभी धोखा नहीं देता। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


भला विवेक पाने की लालसा परमेश्वर से प्रार्थना के लिए बुलाहट है।

...क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: यहोशु 9:1-16
Joshua 9:1 यह सुनकर हित्ती, एमोरी, कनानी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी, जितने राजा यरदन के इस पार पहाड़ी देश में और नीचे के देश में, और लबानोन के साम्हने के महानगर के तट पर रहते थे, 
Joshua 9:2 वे एक मन हो कर यहोशू और इस्राएलियों से लड़ने को इकट्ठे हुए।
Joshua 9:3 जब गिबोन के निवासियों ने सुना कि यहोशू ने यरीहो और ऐ से क्या क्या किया है, 
Joshua 9:4 तब उन्होंने छल किया, और राजदूतों का भेष बनाकर अपने गदहों पर पुराने बोरे, और पुराने फटे, और जोड़े हुए मदिरा के कुप्पे लादकर 
Joshua 9:5 अपने पांवों में पुरानी गांठी हुई जूतियां, और तन पर पुराने वस्त्र पहिने, और अपने भोजन के लिये सूखी और फफूंदी लगी हुई रोटी ले ली। 
Joshua 9:6 तब वे गिलगाल की छावनी में यहोशू के पास जा कर उस से और इस्राएली पुरूषों से कहने लगे, हम दूर देश सें आए हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। 
Joshua 9:7 इस्राएली पुरूषों ने उन हिव्वियों से कहा, क्या जाने तुम हमारे मध्य में ही रहते हो; फिर हम तुम से वाचा कैसे बान्धे? 
Joshua 9:8 उन्होंने यहोशू से कहा, हम तेरे दास हैं। तब यहोशू ने उन से कहा, तुम कौन हो? और कहां से आए हो? 
Joshua 9:9 उन्होंने उस से कहा, तेरे दास बहुत दूर के देश से तेरे परमेश्वर यहोवा का नाम सुनकर आए हैं; क्योंकि हम ने यह सब सुना है, अर्थात उसकी कीर्ति और जो कुछ उसने मिस्र में किया, 
Joshua 9:10 और जो कुछ उसने एमोरियों के दोनों राजाओं से किया जो यरदन के उस पार रहते थे, अर्थात हेश्बोन के राजा सीहोन से, और बाशान के राजा ओग से जो अश्तारोत में था। 
Joshua 9:11 इसलिये हमारे यहां के वृद्धलोगों ने और हमारे देश के सब निवासियों ने हम से कहा, कि मार्ग के लिये अपने साथ भोजनवस्तु ले कर उन से मिलने को जाओ, और उन से कहना, कि हम तुम्हारे दास हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। 
Joshua 9:12 जिस दिन हम तुम्हारे पास चलने को निकले उस दिन तो हम ने अपने अपने घर से यह रोटी गरम और ताजी ली थी; परन्तु अब देखो, यह सूख गई है और इस में फफूंदी लग गई है। 
Joshua 9:13 फिर ये जो मदिरा के कुप्पे हम ने भर लिये थे, तब तो नये थे, परन्तु देखो अब ये फट गए हैं; और हमारे ये वस्त्र और जूतियां बड़ी लम्बी यात्रा के कारण पुरानी हो गई हैं। 
Joshua 9:14 तब उन पुरूषों ने यहोवा से बिना सलाह लिये उनके भोजन में से कुछ ग्रहण किया। 
Joshua 9:15 तब यहोशू ने उन से मेल कर के उन से यह वाचा बान्धी, कि तुम को जीवित छोड़ेंगे; और मण्डली के प्रधानों ने उन से शपथ खाई। 
Joshua 9:16 और उनके साथ वाचा बान्धने के तीन दिन के बाद उन को यह समाचार मिला; कि वे हमारे पड़ोस के रहने वाले लोग हैं, और हमारे ही मध्य में बसे हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 7-9


शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2014

व्यक्तित्व


   जब डेनवर सेमिनरी के भूतपूर्व अध्यक्ष एवं कुलपति डॉ० वर्नन ग्राउंड्स का 96 वर्ष की आयु में स्वर्गवास हुआ तो उनके पूर्व सहकर्मियों, छात्रों और मित्रों से अनेक श्रद्धांजलि सन्देश और स्मारक आए। लगभग प्रत्येक जन ने स्मरण किया कि कैसे, किसी ना किसी समय, डॉ० वर्नन ग्राउंड्स ने उन्हें व्यक्तिगत रीति से प्रोत्साहित किया था, अपनी शिक्षा, सलाह या केवल एक मधुर आत्मीयता भरी मुस्कान के द्वारा। वो एक ऐसे शिक्षक थे जो ऐसे प्रचारकों, शिक्षकों और सलाहकारों को प्रशिक्षित करने में विश्वास रखते थे जो प्रभु यीशु के साथ एक गहन संबंध बनाए रखने और दूसरों की सेवा करने में तत्पर हों।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन के 15 अध्याय में दी गई कई बातें डॉ० वर्नन ग्राउंड्स पर बिलकुल सही बैठती हैं, जैसे:
   - निर्बुद्धि को मूढ़ता से आनन्द होता है, परन्तु समझ वाला मनुष्य सीधी चाल चलता है। (पद 21)
   - सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है! (पद 23)
   - ...शुद्ध जन के वचन मनभावने हैं। (पद 26)
   - धर्मी मन में सोचता है कि क्या उत्तर दूं... (पद 28)
   - यहोवा के भय मानने से शिक्षा प्राप्त होती है, और महिमा से पहिले नम्रता होती है। (पद 33)

   डॉ० वर्नन ग्राउंड्स की नेक सलाह देने की क्षमता उनके नेक चरित्र से और उनकी बुद्धिमता परमेश्वर पर उनके विश्वास और निर्भरता से थी; तथा उनके जीवन का प्रेर्णादायक होना उनके निर्मल हृदय से था। इन सब बातों का कुल मिला कर एक ऐसा नमूना बना जो परमेश्वर के वचन बाइबल में जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के पीछे नम्रता से चलने वाले मनुष्य के अनुरूप है।

   डॉ० वर्नन ग्राउंड्स ने अपनी जीवन यात्रा भली भांति पूरी करी; उनका नेक और अनुकम्पा से भरा जीवन हम सब के लिए एक उदाहरण है और हमें प्रोत्साहित करता है कि हम भी उनके समान अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की महिमा और कार्य के लिए जीने वाले बनें। - डेविड मैक्कैसलैंड


एक अच्छा अगुवा वह है जो सही मार्ग जानता है, उसपर चलता है और दूसरों को उस मार्ग पर चलने का मार्गदर्शन देता है।

प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं। - यशायाह 50:4

बाइबल पाठ: नीतिवचन 15:21-33
Proverbs 15:21 निर्बुद्धि को मूढ़ता से आनन्द होता है, परन्तु समझ वाला मनुष्य सीधी चाल चलता है। 
Proverbs 15:22 बिना सम्मति की कल्पनाएं निष्फल हुआ करती हैं, परन्तु बहुत से मंत्रियों की सम्मत्ति से बात ठहरती है। 
Proverbs 15:23 सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है! 
Proverbs 15:24 बुद्धिमान के लिये जीवन का मार्ग ऊपर की ओर जाता है, इस रीति से वह अधोलोक में पड़ने से बच जाता है। 
Proverbs 15:25 यहोवा अहंकारियों के घर को ढा देता है, परन्तु विधवा के सिवाने को अटल रखता है। 
Proverbs 15:26 बुरी कल्पनाएं यहोवा को घिनौनी लगती हैं, परन्तु शुद्ध जन के वचन मनभावने हैं। 
Proverbs 15:27 लालची अपने घराने को दु:ख देता है, परन्तु घूस से घृणा करने वाला जीवित रहता है। 
Proverbs 15:28 धर्मी मन में सोचता है कि क्या उत्तर दूं, परन्तु दुष्टों के मुंह से बुरी बातें उबल आती हैं। 
Proverbs 15:29 यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धर्मियों की प्रार्थना सुनता है। 
Proverbs 15:30 आंखों की चमक से मन को आनन्द होता है, और अच्छे समाचार से हड्डियां पुष्ट होती हैं। 
Proverbs 15:31 जो जीवनदायी डांट कान लगा कर सुनता है, वह बुद्धिमानों के संग ठिकाना पाता है। 
Proverbs 15:32 जो शिक्षा को सुनी-अनसुनी करता, वह अपने प्राण को तुच्छ जानता है, परन्तु जो डांट को सुनता, वह बुद्धि प्राप्त करता है। 
Proverbs 15:33 यहोवा के भय मानने से शिक्षा प्राप्त होती है, और महिमा से पहिले नम्रता होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 4-6


गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

समान


   कुछ वर्ष पहले बनी बहुचर्चित और बहुत लोकप्रीय रही स्टारवार्स सिनेमा श्रंखला का एक दृश्य मुझे वर्तमान के कुछ लोगों का स्मरण कराता है। उस दृश्य में, श्रंखला का नायक ल्यूक स्काएवॉकर, आकाश मण्डल के किसी दूरस्त ग्रह पर स्थित एक होटल में अपने दो रोबोट साथियों सी3पीओ और आर2डी2 के साथ भोजन के लिए आता है। वहीं अन्य ग्रहों के रहने वाले और देखने में विचित्र और भद्दे लगने वाले कई प्राणी भी बैठे भोजन कर रहे हैं, जिनके मुकाबले वे दोनो रोबोट कहीं अधिक ’सामान्य’ दिखाई देते हैं। लेकिन ल्यूक को वहाँ उन दोनो रोबोट की ओर इशारे के साथ एक रूखी झिड़की देते हुए यह कहते हुए भोजन देने से मना कर दिया जाता है कि "हम इन जैसों को नहीं परोसते हैं"।

   यह विचित्र दृश्य यहाँ पृथ्वी पर व्याप्त उस दुराचार को स्मरण कराता है जिसका हम अकसर सामना करते हैं। हम सामान्यतः उन लोगों के साथ ही अच्छा अनुभव करते हैं जो हमारे ही समान हैं। लेकिन हमें, विशेषकर मसीही विश्वासियों को, इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि यदि प्रभु यीशु ने भी यही सोचा होता तो आज हम कहाँ होते; संसार को पापों से मुक्ति और उद्धार का मार्ग कैसे मिलता? प्रभु यीशु तो सर्वसिद्ध है, दिव्य है, परमेश्वर है; हम मनुष्य तो उससे बिलकुल भिन्न हैं, अपने प्रयासों से उसके समान कभी हो पाने की क्षमता ही नहीं रखते। लेकिन फिर भी प्रभु यीशु इस संसार में हमारे उद्धार और पापों की क्षमा के लिए आया, हमारे ही समान एक मनुष्य हो कर जीवन व्यतीत किया और आज अपने अनुयायियों को अपनी ही समानता में बना रहा है।

   हम जो प्रभु यीशु के अनुयायी हैं, हमारे शब्दकोष में ’वे मेरे समान नहीं हैं’ वाक्यांश होना ही नहीं चाहिए। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा, "अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो" (गलतियों 3:28)। इसलिए चाहे अन्य लोग आचरण, दृष्टिकोण, जाति, श्रेणी, राजनैतिक विचारधारा, सामाजिक स्तर आदि में हम से भिन्न भी हों, तो भी हम मसीही विश्वासियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि मसीह यीशु में हम एक ही हैं, परमेश्वर हम सबको एक समान और एक ही दृष्टि से देखता है।

   हम मसीही विश्वासियों को आज अपना ध्येय बना कर रखना चाहिए कि आज हम अपने से ’भिन्न’ किसी व्यक्ति को मसीह यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के बारे में बता कर उसे अपने ही ’समान’ मसीह का अनुयायी बनाएंगे। - जो स्टोवैल


अपने पड़ौसी से प्रेम करें - चाहे वो आपसे ’भिन्न’ ही क्यों ना हो।

उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है। - कुलुस्सियों 3:11

बाइबल पाठ: गलतियों 3:19-29
Galatians 3:19 तब फिर व्यवस्था क्यों दी गई? वह तो अपराधों के कारण बाद में दी गई, कि उस वंश के आने तक रहे, जिस को प्रतिज्ञा दी गई थी, और वह स्‍वर्गदूतों के द्वारा एक मध्यस्थ के हाथ ठहराई गई। 
Galatians 3:20 मध्यस्थ तो एक का नहीं होता, परन्तु परमेश्वर एक ही है। 
Galatians 3:21 तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि न हो क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धामिर्कता व्यवस्था से होती। 
Galatians 3:22 परन्तु पवित्र शास्त्र ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करने वालों के लिये पूरी हो जाए।
Galatians 3:23 पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की आधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होने वाला था, हम उसी के बन्‍धन में रहे। 
Galatians 3:24 इसलिये व्यवस्था मसीह तक पहुंचाने को हमारा शिक्षक हुई है, कि हम विश्वास से धर्मी ठहरें। 
Galatians 3:25 परन्तु जब विश्वास आ चुका, तो हम अब शिक्षक के आधीन न रहे। 
Galatians 3:26 क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो। 
Galatians 3:27 और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है। 
Galatians 3:28 अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो। 
Galatians 3:29 और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 1-3


बुधवार, 26 फ़रवरी 2014

अधिवक्ता


   स्टीफन विन्सेंट बेनेट द्वारा लिखित एक लघु कथा, The Devil and Daniel Webster, में जाबेज़ स्टोन नाम का एक किसान इतनी दयनीय दशा में आ जाता है कि अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वह अपनी आत्मा शैतान के हाथों में बेच देता है। अन्ततः शैतान जाबेज़ से ऋण वसूलने के लिए आता है। अपने आप को बचाने के लिए जाबेज़ एक सुप्रसिद्ध अधिवक्ता, डैनियल वेब्स्टर की सहायाता लेता है। वह अधिवक्ता अपने कुशल तर्क-वितर्क से जाबेज़ के खिलाफ शैतान के दावे को निराधार प्रमाणित कर देता है और जाबेज़ विनाश से बच जाता है।

   यह तो केवल एक कहानी मात्र ही है, लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल में एक ऐसा दर्शन दर्ज है जहाँ शैतान एक विश्वासी जन पर परमेश्वर के सामने दोष लगाता है। यहोशु, जो एक महापुरोहित है, परमेश्वर के सामने खड़ा है, उसके वस्त्र मैले हैं - जो उसके व्यक्तिगत पाप तथा दोष की दशा को दिखाता है; निकट ही शैतान खड़ा हुआ उस पर दोष लगा रहा है। परन्तु परमेश्वर का दूत शैतान को डाँटता है और यहोशु से कहता है, "तब दूत ने उन से जो साम्हने खड़े थे कहा, इसके ये मैले वस्त्र उतारो। फिर उसने उस से कहा, देख, मैं ने तेरा अधर्म दूर किया है, और मैं तुझे सुन्दर वस्त्र पहिना देता हूं" (ज़कर्याह 3:4)।

   केवल परमेश्वर ही है जो एक पापी को भी अपने समक्ष ग्रहणयोग्य बना सकता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वासन देती है कि "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (1यूहन्ना 1:9)।

   क्या आप अपने आप को अपनी पापमय दशा के कारण परमेश्वर की उपस्थिति में आने के अयोग्य पाते हैं? स्मरण करें कि प्रभु यीशु ने संसार के सभी लोगों के सभी पापों के दण्ड को अपने ऊपर ले कर सब को पापों से क्षमा प्राप्त करने का मार्ग बना कर दे दिया है। सच्चे मन से निकली एक विश्वास और पश्चाताप की प्रार्थना आपके सभी पापों को क्षमा कर देगी, आपको अनन्त जीवन और आशीषों का वारिस और परमेश्वर की सन्तान बना देगी, परमेश्वर के सामने कभी भी किसी भी बात के लिए प्रस्तुत होने का मार्ग आपके लिए खोल देगी। यदि आप पाप में भी गिरें तो प्रभु यीशु आपका अधिवक्ता बनकर आपकी सहायता करेगा (1 यूहन्ना 2:1) और शैतान के किसी दोषारोपण को आपके विरुद्ध सफल नहीं होने देगा।

   यदि अभी तक आपने प्रभु यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण नहीं किया है तो यही समय है, अभी, इसी समय कर लें और वह आपका सदा का अधिवक्ता बनकर आपको नाश से बचाए रखेगा। - डेनिस फिशर


धर्मी ठहराए जाने का अर्थ है कि परमेश्वर ने अपने महान अनुग्रह में होकर हमारे पाप के दोष मिटा कर प्रभु यीशु की धार्मिकता हमें सेंत-मेंत भेंट में दे दी है।

हे मेरे बालकों, मैं ये बातें तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम पाप न करो; और यदि कोई पाप करे, तो पिता के पास हमारा एक सहायक है, अर्थात धार्मिक यीशु मसीह। - 1 यूहन्ना 2:1

बाइबल पाठ: ज़कर्याह 3:1-5
Zechariah 3:1 फिर उसने यहोशू महायाजक को यहोवा के दूत के साम्हने खड़ा हुआ मुझे दिखाया, और शैतान उसकी दाहिनी ओर उसका विरोध करने को खड़ा था। 
Zechariah 3:2 तब यहोवा ने शैतान से कहा, हे शैतान यहोवा तुझ को घुड़के! यहोवा जो यरूशलेम को अपना लेता है, वही तुझे घुड़के! क्या यह आग से निकाली हुई लुकटी सी नहीं है? 
Zechariah 3:3 उस समय यहोशू तो दूत के साम्हने मैला वस्त्र पहिने हुए खड़ा था। 
Zechariah 3:4 तब दूत ने उन से जो साम्हने खड़े थे कहा, इसके ये मैले वस्त्र उतारो। फिर उसने उस से कहा, देख, मैं ने तेरा अधर्म दूर किया है, और मैं तुझे सुन्दर वस्त्र पहिना देता हूं। 
Zechariah 3:5 तब मैं ने कहा, इसके सिर पर एक शुद्ध पगड़ी रखी जाए। और उन्होंने उसके सिर पर याजक के योग्य शुद्ध पगड़ी रखी, और उसको वस्त्र पहिनाए; उस समय यहोवा का दूत पास खड़ा रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34