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गुरुवार, 29 मई 2014

एक ही मूल


   बचपन की यादों में मुझे अपने घर का प्रेम और आनन्द से भरा वातावरण स्मरण है। लेकिन मेरे माता-पिता को अकसर काम के लिए बाहर जाना पड़ता था; जब वे बाहर होते थे, तो हमारे घर के उस आनन्द और प्रेम का केंद्र होता था हमारे घर का रसोईघर, जहाँ हमारे घर की तथा हम बच्चों की देखभाल करने वाली छोटे से कद की नौकरानी ऐनी होती थी। मैंने अपने बचपन के कई घंटे ऐनी के साथ रसोई की मेज़ पर किताबें पढ़ते या कुछ खिलौनों से खेलते हुए बिताए थे। हमारी देखभाल करते हुए हमेशा ही वो भक्ति के गीत गुनगुनाती रहती थी; उसके हृदय से बुद्धिमता, प्रसन्न्ता और गीतों की अविरल धारा निकलती रहती थी।

   एक प्रातः बचपने के बचकाना व्यवहार में मैंने बाहर सुना हुआ रंगभेद पर आधारित एक कटाक्ष बोल दिया; तुरंत ऐनी के मूँह से निकला, "अरे रे, यह नहीं!" और फिर उसने हृदय से निकले हुए एक कोमल भाषण द्वारा मुझे समझाया कि कैसे मेरे द्वारा प्रयुक्त वे कटु शब्द हानिकारक हो सकते हैं, दूसरों को दुखित कर सकते हैं। मुझे यह सब समझाते समय उसकी आँखों में गहरी उदासी थी - मैंने वे शब्द अपने जीवन में फिर कभी प्रयोग नहीं करे।

   मैंने सीखा कि हम कट्टरपंथी धर्मांधता के द्वारा कैसे दूसरों को नीचा दिखाकर उनका निरादर करते हैं। मैंने समझा कि प्रत्येक मनुष्य परमेश्वर के स्वरूप में बनाया गया है - संसार के अन्य किसी भी प्राणी से बढ़कर मनुष्य ही परमेश्वर के स्वरूप में है, और इसलिए प्रत्येक मनुष्य आदर के योग्य है। परमेश्वर के स्वरूप की रचना को नीचा दिखाना ना केवल उस मनुष्य को गहरी चोट पहुँचाता है वरन परमेश्वर को भी दुखी करता है।

   परमेश्वर के लिए संसार भर में केवल एक जाति है - मनुष्य जाति। परमेश्वर ने "एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं..." (प्रेरितों 17:26)। हम सब मनुष्य एक ही समान एक ही परमेश्वर द्वारा सृजे गए हैं; परमेश्वर हम सब से एक समान ही प्रेम करता है; इसीलिए सभी मनुष्यों के उद्धार के लिए ही परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र प्रभु यीशु को बलिदान होने के लिए संसार में भेजा है। इसलिए हम सभी मनुष्यों का कर्तव्य है कि हम एक दूसरे की देखभाल करें, एक दूसरे का ध्यान रखें और एक दूसरे को आदर दें। - डेविड रोपर


परमेश्वर चाहता है कि हम सभी मनुष्यों को आदर दें; क्योंकि सभी मनुष्य उसी के स्वरूप में बनाए गए हैं।

क्या हम सभों का एक ही पिता नहीं? क्या एक ही परमेश्वर ने हम को उत्पन्न नहीं किया? हम क्यों एक दूसरे का विश्वासघात कर के अपने पूर्वजों की वाचा को तोड़ देते हैं? - मलाकी 2:10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 17:22-31
Acts 17:22 तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा हो कर कहा; हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Acts 17:23 क्योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Acts 17:24 जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी हो कर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Acts 17:25 न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्‍वास और सब कुछ देता है। 
Acts 17:26 उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Acts 17:27 कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Acts 17:28 क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Acts 17:29 सो परमेश्वर का वंश हो कर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Acts 17:30 इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Acts 17:31 क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 13-15


बुधवार, 28 मई 2014

समूह


   प्रसिद्ध मसीही प्रचारक ओस्वॉल्ड चैम्बर्स जब मिस्त्र में YMCA में पादरी थे (1915-17), तब प्रथम विश्वयुद्ध में काम आने वाले अनेक सैनिकों के जीवन को उन्होंने प्रभावित किया। चैम्बर्स ने अपनी डायरी में 6 नवंबर 1916 को लिखा: "आज न्य़ू ज़ीलैण्ड से एक मित्र का पत्र आया, जिससे ज्ञात हुआ कि टैड स्टरैक का देहान्त हो गया है। तो अब टैड स्टरैक भी प्रभु यीशु के पास चला गया है - वह स्वयं भी इसका वर्णन इन्हीं शब्दों में करता...वह सुन्दर था, उसमें अनुग्रह था, वह भयभीत नहीं होता था और वह प्यार करने के योग्य एक छोटा सन्त था। उसके प्रत्येक स्मरण के लिए परमेश्वर का धन्यवाद हो...वे सब ऐसे ही एक एक करके समूह में एकत्रित होते जा रहे हैं।"

   जब हम अपने किसी प्रीय जन की मृत्यु पर शोकित होते हैं, तब साथ ही हम प्रभु यीशु द्वारा हम मसीही विश्वासियों से की गई कब्र से आगे के जीवन की प्रतिज्ञा को भी स्मरण रखें। परमेश्वर के वचन बाइबल की अन्तिम पुस्तक, "प्रकाशितवाक्य" में उसके लेखक यूहन्ना का स्वर्गीय दर्शन लिखित है, जहाँ एक विशाल समूह जो संसार के प्रत्येक राष्ट्र, जाति, भाषा से आए हैं और परमेश्वर के सिंहासन के चारों ओर एकत्रित हैं (प्रकाशितवाक्य 7:9)। इस खण्ड का विषय है वह आनन्दमय पुनर्मिलन: "क्योंकि मेम्ना जो सिंहासन के बीच में है, उन की रखवाली करेगा; और उन्हें जीवन रूपी जल के सोतों के पास ले जाया करेगा, और परमेश्वर उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा" (प्रकाशितवाक्य 7:17)।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी का संसार से कूच करना उस आने वाले दिन का पूर्वाभास करवाता है जब हम भी उन सभी के तथा अपने प्रभु के साथ एक ही समूह में एकत्रित होंगे। आज का हमारा शोक हमें कल की आशा दिलाता है कि हम एक एक करके उस विशाल समूह में एकत्रित होते जा रहे हैं जहाँ फिर कभी कोई शोक नहीं होगा, वरन अनन्त काल के आनन्द और आशीष जीवन होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


अलविदा संसार का नियम है; और पुनर्मिलन स्वर्ग का।

धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिये जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिये उठा लिया गया कि आने वाली आपत्ति से बच जाए, वह शान्ति को पहुंचता है; जो सीधी चाल चलता है वह अपनी खाट पर विश्राम करता है। - यशायाह 57:1-2

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 7:9-17
Revelation 7:9 इस के बाद मैं ने दृष्टि की, और देखो, हर एक जाति, और कुल, और लोग और भाषा में से एक ऐसी बड़ी भीड़, जिसे कोई गिन नहीं सकता था श्वेत वस्‍त्र पहिने, और अपने हाथों में खजूर की डालियां लिये हुए सिंहासन के साम्हने और मेम्ने के साम्हने खड़ी है। 
Revelation 7:10 और बड़े शब्द से पुकार कर कहती है, कि उद्धार के लिये हमारे परमेश्वर का जो सिंहासन पर बैठा है, और मेम्ने का जय-जय-कार हो। 
Revelation 7:11 और सारे स्वर्गदूत, उस सिंहासन और प्राचीनों और चारों प्राणियों के चारों ओर खड़े हैं, फिर वे सिंहासन के साम्हने मुंह के बल गिर पड़े; और परमेश्वर को दण्‍डवत कर के कहा, आमीन। 
Revelation 7:12 हमारे परमेश्वर की स्‍तुति, ओर महिमा, और ज्ञान, और धन्यवाद, और आदर, और सामर्थ, और शक्ति युगानुयुग बनी रहें। आमीन। 
Revelation 7:13 इस पर प्राचीनों में से एक ने मुझ से कहा; ये श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए कौन हैं? और कहां से आए हैं? 
Revelation 7:14 मैं ने उस से कहा; हे स्‍वामी, तू ही जानता है: उसने मुझ से कहा; ये वे हैं, जो उस बड़े क्‍लेश में से निकल कर आए हैं; इन्‍होंने अपने अपने वस्‍त्र मेम्ने के लोहू में धो कर श्वेत किए हैं। 
Revelation 7:15 इसी कारण वे परमेश्वर के सिंहासन के साम्हने हैं, और उसके मन्दिर में दिन रात उस की सेवा करते हैं; और जो सिंहासन पर बैठा है, वह उन के ऊपर अपना तम्बू तानेगा। 
Revelation 7:16 वे फिर भूखे और प्यासे न होंगे: ओर न उन पर धूप, न कोई तपन पड़ेगी। 
Revelation 7:17 क्योंकि मेम्ना जो सिंहासन के बीच में है, उन की रखवाली करेगा; और उन्हें जीवन रूपी जल के सोतों के पास ले जाया करेगा, और परमेश्वर उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 9-12


मंगलवार, 27 मई 2014

भय का बोध


   टेनिसन की उत्कृष्ट कविता, "The Charge of the Light Brigade" में साहसी घुड़सवारों की टुकड़ी के युद्ध में जाने का वर्णन है; वहाँ उन घुड़सवारों के बारे में एक प्रभावी वाक्य लिखा गया है - "वे छः सौ योद्धा मौत की तराई में बढ़ गए"। ये शब्द एक भयानक परिणाम के सूचक हैं, उनके सामने एक विनाशक त्रासदी रखी हुई थी और वे उसमें बढ़ गए।

   जब मैं एक पास्टर था तो चर्च की सभा लेने जाने के समय कभी कभी मुझे भी किसी कठिन परिस्थिति के कारण उत्पन्न हुई संभावनाओं का सामना करने के लिए लगता था मानों मैं भी किसी मौत की वादी में बढ़ जाने को तैयार हो रहा हूँ। जब लोगों के बीच किसी वर्तमान या संभावित टकराव का बोध हो, तो चिंता होना स्वाभाविक होता है; विशेषतः तब जब ऐसी किसी परिस्थिति को कम से कम चर्च के लोगों में तो नहीं होना चाहिए।

   अपने जवान शिष्य एवं चर्च के अगुवे तिमुथियुस को प्रेरित पुलुस ने लिखा, "पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं" (2 तिमुथियुस 2:23)। यह सलाह ना केवल पास्टरों के लिए है, वरन चर्च के प्रत्येक सद्स्य के लिए भी है। जिन लोगों के बीच में रहते हैं, कार्य करते हैं, संगति करते हैं, उनके मध्य हमारा व्यक्तिगत आचरण वहाँ के किसी भी तनाव को घटाने में सहायता कर सकता है, या फिर हमारा कटु और मूर्खतापूर्ण व्यवहार उस तनाव को बढ़ाकर परिस्थिति को और विनाशक कर सकता है। परमेश्वर के वचन बाइबल के इस खण्ड के 24-25 पद हमें सिखाते हैं कि हम नम्र, संयमी और सहनशीलता के व्यवहार के द्वारा तनाव के दुषप्रभावों से बच सकते हैं, उन्हें संभाल सकते हैं तथा तनाव का समाधान भी कर सकते हैं - यही बाइबल के अनुसार तनाव के निवारण का वह मार्ग है, जिस पर बढ़ जाने के लिए हमें किसी भय का बोध नहीं होना चाहिए।

   जैसा याकूब ने लिखा है: "और मिलाप कराने वालों के लिये धामिर्कता का फल मेल-मिलाप के साथ बोया जाता है" (याकूब 3:18)। यदि आप मेल-मिलाप कराने वाले बनकर परिस्थितियों का सामना करने वाले निकलेंगे तो फिर किसी भय के बोध के साथ उनका सामना करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। - बिल क्राउडर


परस्पर झगड़े में पड़े मसीही विश्वासी अपने स्वर्गीय परमेश्वर पिता के साथ शांति में होने का दावा कैसे कर सकते हैं?

पर मूर्खता के विवादों, और वंशावलियों, और बैर विरोध, और उन झगड़ों से, जो व्यवस्था के विषय में हों बचा रह; क्योंकि वे निष्‍फल और व्यर्थ हैं। - तीतुस 3:9

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 2:19-26
2 Timothy 2:19 तौभी परमेश्वर की पड़ी नेव बनी रहती है, और उस पर यह छाप लगी है, कि प्रभु अपनों को पहिचानता है; और जो कोई प्रभु का नाम लेता है, वह अधर्म से बचा रहे। 
2 Timothy 2:20 बड़े घर में न केवल सोने-चान्दी ही के, पर काठ और मिट्टी के बरतन भी होते हैं; कोई कोई आदर, और कोई कोई अनादर के लिये। 
2 Timothy 2:21 यदि कोई अपने आप को इन से शुद्ध करेगा, तो वह आदर का बरतन, और पवित्र ठहरेगा; और स्‍वामी के काम आएगा, और हर भले काम के लिये तैयार होगा। 
2 Timothy 2:22 जवानी की अभिलाषाओं से भाग; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल-मिलाप का पीछा कर। 
2 Timothy 2:23 पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं। 
2 Timothy 2:24 और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। 
2 Timothy 2:25 और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें। 
2 Timothy 2:26 और इस के द्वारा उस की इच्छा पूरी करने के लिये सचेत हो कर शैतान के फंदे से छूट जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 5-8


सोमवार, 26 मई 2014

निर्देश


   इस्त्राएली घिर कर फंस गए थे। मिस्त्र की गुलामी से निकल कर आज़ादी से रहने के लिए कनान देश की ओर उनके चल निकलने के कुछ समय पश्चात ही उन्हें अपने पीछे एक व्याकुल कर देने वाला दृश्य दिखाई दिया। धूल का एक बादल उनके पीछे से, उनकी ओर बढ़ा आ रहा था - वह धूल का बादल मिस्त्र की विशाल सेना के कारण था जो इस्त्राएलियों का पीछा कर रही थी। मिस्त्र के राजा फिरौन ने अपना हृदय एक बार फिर कठोर कर लिया था, अब उसे इस्त्राएलियों को गुलामी से जाने देने के अपने निर्णय पर पछतावा हुआ और उसने अपनी सेना उन्हें फिर से बन्धुआ बना कर मिस्त्र वापस ले आने के लिए भेजी।

   मिस्त्री सेना के इस्त्राएली सेना के निकट आने की परिस्थिति से ऐसा लगा कि मानो अब सब कुछ नाश हो जाएगा। उस समय इस्त्राएली ऐसे स्थान पर थे जहाँ उनके आगे लाल समुद्र, दोनों ओर पहाड़ियाँ और पीछे मिस्त्री सेना थी - बच कर निकलने का कोई मार्ग सूझ नहीं पड़ रहा था, विनाश अवश्यंभावी लग रहा था। इस विकट परिस्थिति से बचने के लिए उन्होंने घबरा कर मूसा ओर परमेश्वर दोनों ही को पुकारा। मूसा और परमेश्वर दोनों ही ने उनकी पुकार के प्रत्युत्तर में उन्हें कुछ करने के निर्देश दिए। मूसा ने कहा, "...डरो मत, खड़े खड़े वह उद्धार का काम देखो..." (निर्गमन 14:13); और परमेश्वर ने कहा, "...इस्राएलियों को आज्ञा दे कि यहां से कूच करें" (निर्गमन 14:15)! अब तो उनकी समस्या और बढ़ गई - एक कह रहा था खड़े रहो, तो दूसरा कह रहा था यहाँ से कूच करो! यह विरोधाभास क्यों? इन में से कौन सा निर्देश सही था, और किस का पालन करना था?

   दोनों ही निर्देश सही थे, दोनों में परस्पर कोई विरोधाभास नहीं था, और इस्त्राएलियों को दोनों का ही पालन करना था - उसी क्रम में जिस में वे निर्देश दिए गए थे। पहला काम था व्याकुलता और छटपटाहट छोड़कर शांत तथा स्थिर खड़े होकर परमेश्वर से निर्देश लेना, ना की अपनी अधीरता में कुछ गलत कर बैठना; क्या होता यदि वे परमेश्वर के निर्देश को जाने बिना ही लाल समुद्र में छलांग लगाकर उसे अपने बूते पर पार करने का, या फिर पहाड़ियों पर चढ़कर बच निकलने का प्रयास करते - वे या तो डूब मरते या फिर फिरौन की सेना द्वारा बन्धुआ बना लिए जाते अथवा घात कर दिए जाते। लेकिन पहले शांत हो जाने, परमेश्वर पर भरोसा रखने और उससे निर्देश लेकर अगला कदम उठाने के कारण वे बच सके और फिरौन की सेना भी नाश हो गई। परमेश्वर ने इस्त्राएलियों और मूसा दोनों ही के लिए निर्देश दिए - मूसा को अपनी लाठी लाल समुद्र के ऊपर उठानी थी जिससे लाल समुद्र दो भागों में विभाजित हो गया तथा इस्त्राएलियों के लिए भूमि पर होकर जाने का मार्ग बन गया और इस्त्राएलियों को समुद्र में उनके लिए बने उस मार्ग पर चलना था, आगे बढ़ना था जिस का पालन करने से वे बिना किसी परेशानी के पार उतर सके।

   क्या आप कभी अपने आप को समस्याओं और परेशानियों से घिरा हुआ पाते हैं, जब कुछ समझ नहीं आता कि क्या करें और क्या ना करें? सबसे पहले शांत हो जाईए, परमेश्वर पर भरोसा रख कर उससे निर्देश लीजिए, फिर जो निर्देश वह आपको दे, उनका वैसा ही पालन कीजिए, उनके अनुसार आगे कदम बढ़ाईए और समस्या के पार उतर जाईए! - डेव ब्रैनन


जीवन की राह पर, हर परिस्थिति के लिए, परमेश्वर का वचन बाइबल तथा प्रभु यीशु ही सर्वोत्तम मार्गदर्शक हैं।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105 

बाइबल पाठ: निर्गमन 14:5-22
Exodus 14:5 जब मिस्र के राजा को यह समाचार मिला कि वे लोग भाग गए, तब फिरौन और उसके कर्मचारियों का मन उनके विरुद्ध पलट गया, और वे कहने लगे, हम ने यह क्या किया, कि इस्राएलियों को अपनी सेवकाई से छुटकारा देकर जाने दिया? 
Exodus 14:6 तब उसने अपना रथ जुतवाया और अपनी सेना को संग लिया। 
Exodus 14:7 उसने छ: सौ अच्छे से अच्छे रथ वरन मिस्र के सब रथ लिये और उन सभों पर सरदार बैठाए। 
Exodus 14:8 और यहोवा ने मिस्र के राजा फिरौन के मन को कठोर कर दिया। सो उसने इस्राएलियों का पीछा किया; परन्तु इस्राएली तो बेखटके निकले चले जाते थे। 
Exodus 14:9 पर फिरौन के सब घोड़ों, और रथों, और सवारों समेत मिस्री सेना ने उनका पीछा कर के उन्हें, जो पीहहीरोत के पास, बालसपोन के साम्हने, समुद्र के तीर पर डेरे डाले पड़े थे, जा लिया। 
Exodus 14:10 जब फिरौन निकट आया, तब इस्राएलियों ने आंखे उठा कर क्या देखा, कि मिस्री हमारा पीछा किए चले आ रहे हैं; और इस्राएली अत्यन्त डर गए, और चिल्लाकर यहोवा की दोहाई दी। 
Exodus 14:11 और वे मूसा से कहने लगे, क्या मिस्र में कबरें न थीं जो तू हम को वहां से मरने के लिये जंगल में ले आया है? तू ने हम से यह क्या किया, कि हम को मिस्र से निकाल लाया? 
Exodus 14:12 क्या हम तुझ से मिस्र में यही बात न कहते रहे, कि हमें रहने दे कि हम मिस्रियों की सेवा करें? हमारे लिये जंगल में मरने से मिस्रियों की सेवा करनी अच्छी थी। 
Exodus 14:13 मूसा ने लोगों से कहा, डरो मत, खड़े खड़े वह उद्धार का काम देखो, जो यहोवा आज तुम्हारे लिये करेगा; क्योंकि जिन मिस्रियों को तुम आज देखते हो, उन को फिर कभी न देखोगे। 
Exodus 14:14 यहोवा आप ही तुम्हारे लिये लड़ेगा, इसलिये तुम चुपचाप रहो। 
Exodus 14:15 तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू क्यों मेरी दोहाई दे रहा है? इस्राएलियों को आज्ञा दे कि यहां से कूच करें। 
Exodus 14:16 और तू अपनी लाठी उठा कर अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ा, और वह दो भाग हो जाएगा; तब इस्राएली समुद्र के बीच हो कर स्थल ही स्थल पर चले जाएंगे। 
Exodus 14:17 और सुन, मैं आप मिस्रियों के मन को कठोर करता हूं, और वे उनका पीछा कर के समुद्र में घुस पड़ेंगे, तब फिरौन और उसकी सेना, और रथों, और सवारों के द्वारा मेरी महिमा होगी, तब मिस्री जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। 
Exodus 14:18 और जब फिरौन, और उसके रथों, और सवारों के द्वारा मेरी महिमा होगी, तब मिस्री जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। 
Exodus 14:19 तब परमेश्वर का दूत जो इस्राएली सेना के आगे आगे चला करता था जा कर उनके पीछे हो गया; और बादल का खम्भा उनके आगे से हटकर उनके पीछे जा ठहरा। 
Exodus 14:20 इस प्रकार वह मिस्रियों की सेना और इस्राएलियों की सेना के बीच में आ गया; और बादल और अन्धकार तो हुआ, तौभी उस से रात को उन्हें प्रकाश मिलता रहा; और वे रात भर एक दूसरे के पास न आए। 
Exodus 14:21 और मूसा ने अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ाया; और यहोवा ने रात भर प्रचण्ड पुरवाई चलाई, और समुद्र को दो भाग कर के जल ऐसा हटा दिया, जिससे कि उसके बीच सूखी भूमि हो गई। 
Exodus 14:22 तब इस्राएली समुद्र के बीच स्थल ही स्थल पर हो कर चले, और जल उनकी दाहिनी और बाईं ओर दीवार का काम देता था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 1-4


रविवार, 25 मई 2014

परिवर्तन


   जब कभी मुझे और मेरे पति को किसी विदेश यात्रा पर जाना होता है तो हम अपने बैंक जाकर हमारे देश की मुद्रा - डॉलर के बदले उस देश की मुद्रा ले लेते हैं, जिससे हमें वहाँ पर अपने खर्चों का भुगतान करने में कोई परेशानी नहीं होने पाए। मुद्रा का यह परिवर्तन हमारे लिए परेशानियों से बचने में सहायक होता है।

   जब हम मसीही विश्वास में आते हैं तो एक अन्य प्रकार का परिवर्तन हमारे अन्दर होता है। हमारे जीवन भी मुद्रा के समान हैं; पुराने शारीरिक जीवन से निकल कर आत्मिक जीवन में आने के बाद हमारे जीवनों को भी एक नया स्वरूप लेना चाहिए। प्रभु यीशु में होकर हम अपने पुराने शारीरिक जीवन के स्थान पर प्रभु से एक नया आत्मिक जीवन पा लेते हैं; ऐसा जीवन जो प्रभु के आत्मिक राज्य में उपयोग होने के योग्य होता है। अब हम इस संसार के लिए अपनी शारीरिक लालसाओं के अनुसार अपने आप को खर्च करने की बजाए, प्रभु यीशु के लिए उसके आत्मिक राज्य में अपने आप को खर्च करने के योग्य हो जाते हैं।

   इस परिवर्तन का एक बहुत अच्छा उदाहरण है प्रेरित पौलुस का जीवन। पौलुस, जो उस समय शाऊल के नाम से जाना जाता था, का जीवन दमिश्क के मार्ग पर नाट्कीय रूप से बदला गया (प्रेरितों 9), और उसके बाद वह अपना जीवन एक बिलकुल ही भिन्न रीति से प्रभु के लिए खर्च करने लगा। पहले वो मसीही विश्वासियों के पीछे जाकर, उन्हें खोजकर, बन्दी बना कर लाता था जिससे उन्हें उनके मसीही विश्वास के लिए प्रताड़ित करवा सके, उन्हें बन्दीगृह में डलवा सके या मरवा सके। अब अपने परिवर्तन के बाद वह लोगों के सामने मसीही विश्वास की सार्थकता और अनिवार्यता को प्रस्तुत करने लगा जिससे वे पापों के पश्चाताप और प्रभु यीशु में मिलने वाली पाप क्षमा के द्वारा मसीही विश्वास में आ सकें और उस में स्थिर हो सकें। उसका यह परिवर्तित जीवन अब मसीही विश्वास के बढ़ावे और मसीही विश्वासियों की भलाई के लिए खर्च होने लगा। पौलुस ने कुरिन्थुस में स्थित मण्डली को लिखी अपनी पत्री में लिखा, "मैं तुम्हारी आत्माओं के लिये बहुत आनन्द से खर्च करूंगा, वरन आप भी खर्च हो जाऊंगा..." (2 कुरिन्थियों 12:15); अब उसका सारा जीवन अपनी इन आत्मिक सन्तानों की भलाई में खर्च हो जाने के लिए समर्पित था (पद 14, 19)।

   सांसारिक शारीरिक जीवन से मसीही विश्वास के आत्मिक जीवन में परिवर्तित होने का तात्पर्य केवल हमारे अनन्तकाल के गन्तव्य को बदलना ही नहीं है; वरन इसका तात्पर्य है अपने जीवन के प्रत्येक दिन को मसीह यीशु के आत्मिक राज्य की बढ़ोतरी एवं उसके लोगों की भलाई के लिए खर्च करना। - जूली ऐकैरमैन लिंक


मन परिवर्तन एक क्षण में होता है, उस के द्वारा होने वाले जीवन परिवर्तन होने में सारा जीवनकाल लग जाता है।

और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रति दिन मुझे दबाती है। किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता? - 2 कुरिन्थियों 11:28-29

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 12:14-21
2 Corinthians 12:14 देखो, मैं तीसरी बार तुम्हारे पास आने को तैयार हूं, और मैं तुम पर कोई भार न रखूंगा; क्योंकि मैं तुम्हारी सम्पत्ति नहीं, वरन तुम ही को चाहता हूं: क्योंकि लड़के-बालों को माता-पिता के लिये धन बटोरना न चाहिए, पर माता-पिता को लड़के-बालों के लिये। 
2 Corinthians 12:15 मैं तुम्हारी आत्माओं के लिये बहुत आनन्द से खर्च करूंगा, वरन आप भी खर्च हो जाऊंगा: क्या जितना बढ़कर मैं तुम से प्रेम रखता हूं, उतना ही घटकर तुम मुझ से प्रेम रखोगे? 
2 Corinthians 12:16 ऐसा हो सकता है, कि मैं ने तुम पर बोझ नहीं डाला, परन्तु चतुराई से तुम्हें धोखा देकर फंसा लिया। 
2 Corinthians 12:17 भला, जिन्हें मैं ने तुम्हारे पास भेजा, क्या उन में से किसी के द्वारा मैं ने छल कर के तुम से कुछ ले लिया? 
2 Corinthians 12:18 मैं ने तितुस को समझाकर उसके साथ उस भाई को भेजा, तो क्या तीतुस ने छल कर के तुम से कुछ लिया? क्या हम एक ही आत्मा के चलाए न चले? क्या एक ही लीक पर न चले? 
2 Corinthians 12:19 तुम अभी तक समझ रहे होगे कि हम तुम्हारे सामने प्रत्युत्तर दे रहे हैं, हम तो परमेश्वर को उपस्थित जान कर मसीह में बोलते हैं, और हे प्रियों, सब बातें तुम्हारी उन्नति ही के लिये कहते हैं। 
2 Corinthians 12:20 क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विरोध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों। 
2 Corinthians 12:21 और मेरा परमेश्वर कहीं मेरे फिर से तुम्हारे यहां आने पर मुझ पर दबाव डाले और मुझे बहुतों के लिये फिर शोक करना पड़े, जिन्हों ने पहिले पाप किया था, और उस गन्‍दे काम, और व्यभिचार, और लुचपन से, जो उन्होंने किया, मन नहीं फिराया।

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 38-42


शनिवार, 24 मई 2014

छुपाना


   कचरे के द्वारा भरे जाकर समतल करी जा रही ऊबड़-खाबड़ ज़मीन से उठने वाली दुर्गन्ध आस-पास के लोगों के लिए समस्या बन गई थी इसलिए भराई के कार्य में लगे लोगों ने उस दुर्गन्ध को छुपाने का प्रयास किया। उन्होंने भराई के क्षेत्र के चारों ओर पिचकारी के समान कार्य करने वाले ऐसे यन्त्र लगाए जो प्रति मिनिट कई गैलन सुगन्धित द्रव्य 50 मीटर तक की दूरी तक फेंक सकते थे। लेकिन चाहे जितने गैलन सुगन्धित द्रव्य फेंका जाता, कुछ ही समय के बाद सड़ते हुए कचरे की दुर्गन्ध वापस आ जाती। यन्त्रों द्वारा आस-पास छिड़की गई सुगन्ध तो केवल कुछ समय तक दुर्गन्ध छुपाने का असफल प्रयास भर था, स्थिति का वास्तविक हल तो उस कचरे के निवारण में था।

   राजा दाऊद ने भी कुछ छुपाने का प्रयास किया - बथशीबा के साथ किए व्यभिचार से हुई अपनी नैतिक पराजय को छुपाने के लिए उसने खामोशी, धोखे और धर्मपरायणता का प्रयोग किया (2 शमूएल 11-12)। परमेश्वर के वचन बाइबल के भजन 32 में दाऊद अपनी उस खामोशी के कारण उस पर परमेश्वर से आई दोष की तीव्र भावना को व्यक्त करता है (पद 3-4)। जब दाऊद उस दोष-भावना को और बर्दाश्त नहीं कर सका तो उसने अपने पाप को छुपाने के प्रयास छोड़कर उसे मान लिया और उसके लिए पश्चाताप किया (पद 5)। इसके बाद उसे अपने पाप को छुपाने का प्रयास करने की फिर कोई आवश्यकता नहीं रही क्योंकि परमेश्वर ने उसे क्षमा कर दिया।

   हमारा अपने पापों को छुपाने का प्रयास करना व्यर्थ है। हम छुपाने का जो भी उपाय करें, पाप की दुर्गन्ध उसमें से होकर भी बाहर निकल ही आएगी और हमारी तथा दूसरों की परेशानी का कारण बनेगी। स्थिति का वस्तविक निवारण है उस पाप को परमेश्वर के सम्मुख मान लेना और उसके लिए सच्चे मन से परमेश्वर से पश्चाताप करना। ऐसा कर के हम परमेश्वर को यह अधिकार देते हैं कि वह हमारे अन्दर की गन्दगी को साफ कर दे, और हम इस सफाई के द्वारा उसके अनुग्रह और क्षमा से मिलने वाली ताज़गी को अनुभव करने पाते हैं।

   पाप को छुपाएं नहीं, उसे स्वीकार कर लें, और परमेश्वर प्रभु यीशु से नए जीवन के अनुभव को प्राप्त कर लें। - मार्विन विलियम्स


प्रभु यीशु के समक्ष अपने पाप को मान कर उससे मिलने वाली क्षमा के आनन्द को अनुभव करें।

दूसरे दिन उसने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है। - यूहन्ना 1:29

बाइबल पाठ: भजन 32:1-5
Psalms 32:1 क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ाँपा गया हो। 
Psalms 32:2 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो। 
Psalms 32:3 जब मैं चुप रहा तब दिन भर कराहते कराहते मेरी हडि्डयां पिघल गई। 
Psalms 32:4 क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई। 
Psalms 32:5 जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 35-37


शुक्रवार, 23 मई 2014

जोखिम


   अपनी जीवनी की पुस्तक, "Stuntman! My Car-Crashing, Plane-Jumping, Bone-Breaking, Death-Defying Hollywood Life" (करतब-बाज़! मेरा कार-टकराने, वायु-यान से कूदने, हड्डियाँ तुड़वाने और मौत का जोखिम उठाने वाला हॉलिवुड का जीवन) में हैल नीडहैम अपने द्वारा हॉलिवुड की फिल्मों में उठाए गए जोखिमों के बारे में लिखता है। उसने मुक्केबाज़ी की है, तेज़ रफ्तार से कार चलाईं हैं, उड़ते हुए वायु-यानों के पंखों पर चला है, घोड़ों से गिरा है और उसे आग भी लगाई गई है! यह सब उसने इसलिए किया कि हॉलिवुड फिल्मों के दर्शकों का मनोरंजन हो सके; इतने करतब दिखाने के कारण उसे हॉलिवुड के सर्वश्रेष्ठ करतब-बाज़ का खिताब भी मिला है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के दो पात्र - प्रेरित पौलुस और उनका साथी बरनबास भी ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अपने जीवन जोखिम में डाले (प्रेरितों 15:26); लेकिन इस जोखिम के लिए उनका उद्देश्य फर्क था। उन्होंने ऐसा प्रभु यीशु मसीह में मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार का प्रचार करने तथा प्रभु यीशु मसीह को महिमा देने के लिए किया। रोमी साम्राज्य में एक सुसमाचार प्रचारक के रुप में पौलुस ने अनेक जोखिम उठाए जिनमें उसके पानी के जहाज़ का टूटना, उसका पीटे जाना, उसे ताड़नाएं दिए जाना और बन्दीगृह में डाले जाना सम्मिलित है (2 कुरिन्थियों 11:22-30)। लेकिन प्रभु यीशु के प्रचार के लिए पौलुस इन सब जोखिमों को उठाने से कभी कतराया नहीं, वह सब दुख उठा कर भी सुसमाचार प्रचार की अपनी सेवकाई में अपने जीवन के अन्त तक लगा रहा।

   आज भी ऐसे अनेक मसीही विश्वासी हैं जो प्रभु यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार के लिए हर तरह का जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं। क्या आप एक मसीही विश्वासी होने के बावजूद ऐसे ही किनारे पर बैठे हुए हैं, सुसमाचार प्रचार में भाग नहीं ले रहे हैं? परमेश्वर ने अपना आत्मा और अपना वचन आपको इसलिए दिया है कि आप सामर्थ पाएं और सुसमाचार प्रचार में लगें (रोमियों 1:16; प्रेरितों 1:8)।

   यदि आप अभी तक सुसमाचार प्रचार से कतराते रहे हैं तो परमेश्वर से माँगें कि वह आपको ऐसा मन और चाह दे कि आप बिना हिचकिचाए या भयभीत हुए सुसमाचार प्रचार में लग सकें। सुसमाचार प्रचार के लिए उठाया गया जोखिम कोई जोखिम नहीं वरन आने वाले भविष्य के लिए एक उत्तम निवेश है जिसके प्रतिफल सर्वोत्तम हैं; उन प्रतिफलों से बढ़कर ना तो इस जीवन में और ना ही आते जीवन कुछ मिल सकता है। - डेनिस फिशर


सुसमाचार प्रचार करने के प्रतिफल उसके लिए उठाए गए जोखिमों से बढ़कर हैं।

क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित परमेश्वर की सामर्थ है। - रोमियों 1:16

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 11:22-30
2 Corinthians 11:22 क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इस्त्राएली हैं? मैं भी हूँ: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं ?मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं? 
2 Corinthians 11:23 (मैं पागल की नाईं कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाने में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में। 
2 Corinthians 11:24 पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्‍तालीस उन्‍तालीस कोड़े खाए। 
2 Corinthians 11:25 तीन बार मैं ने बेंतें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक रात दिन मैं ने समुद्र में काटा। 
2 Corinthians 11:26 मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जाति वालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जाखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में; 
2 Corinthians 11:27 परिश्रम और कष्‍ट में; बार बार जागते रहने में; भूख-पियास में; बार बार उपवास करने में; जाड़े में; उघाड़े रहने में। 
2 Corinthians 11:28 और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रति दिन मुझे दबाती है। 
2 Corinthians 11:29 किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता? 
2 Corinthians 11:30 यदि घमण्ड करना अवश्य है, तो मैं अपनी निर्बलता की बातों पर करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 32-34