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सोमवार, 27 अक्टूबर 2014

टाईटैनिक


   मार्क विलकिन्सन ने नौका विहार और मछली मारने के अपने शौक के लिए 16 फुट लंबी एक नाव खरीदी, और उसका नाम रखा टाईटैनिक-2; शायद वह अन्धविश्वासी नहीं था तभी उसने उस कुख्यात विशाल पानी के जहाज़ के नाम पर, जो 1912 में अपनी पहली ही यात्रा में एक बर्फ की चट्टान से टकराकर डूब गया था, अपनी नाव का नाम रखा। टाईटैनिक-2 की प्रथम यात्रा इंगलैण्ड के डौरसैट इलाके के एक बन्दरगाह से आरंभ हुई और गन्तव्य तक पहुँचने में मार्क विलकिन्सन को कोई परेशानी नहीं हुई; लेकिन वापस लौटते हुए नाव में पानी भरने लगा और कुछ ही देर में मार्क विलकिन्सन डूबती हुई नाव के एक किनारे को पकड़े हुए पानी में पड़ा अपने बचाए जाने की प्रतीक्षा कर रहा था। बाद में इस घटना के विषय में मार्क ने कहा, "यह कुछ शर्मिन्दगी की बात रही है, और मैं परेशान हो गया लोगों के इस प्रश्न का उत्तर देते देते कि क्या मेरी नाव भी किसी बर्फ की चट्टान से टकरा गई थी।" बाद में मार्क के लिए शर्मिन्दगी और बढ़ गई जब एक प्रत्यक्षदर्षी ने व्यंग्य किया कि टाईटैनिक-2 नामक वह नाव कोई बड़ी नाव नहीं थी, यदि वह किसी बर्फ के छोटे से टुकड़े से भी टकरा जाती तो भी उसका यही हाल होता।

   टाईटैनिक-2 की यह कहानी व्यंग्यात्मक अवश्य है, और मुझे अनुपयुक्त भरोसे तथा पहले टाईटैनिक के बारे में सोचने पर बाध्य करती है। पहले टाईटैनिक के बनानेवालों को अपने कार्य पर इतना भरोसा और घमण्ड था कि उन्होंने टाईटैनिक को ऐसा पानी का जहाज़ कहा था जो कभी डुबाया नहीं जा सकता। लेकिन अपने कार्यों पर उनका यह विश्वास और घमण्ड कितना गलत प्रमाणित हुआ, बर्फ की एक चट्टान ने उस जहाज़ और उनके दावों को डुबो दिया, टाईटैनिक अपनी पहली यात्रा भी पूरी नहीं कर पाया। परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह नबी के द्वारा परमेश्वर ने कहा है, "यहोवा यों कहता है, श्रापित है वह पुरुष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है" (यिर्मयाह 17:5)।

   हम सब की स्वाभाविक प्रतिक्रीया है कि जब कोई परीक्षा या परेशानी आए तो अन्य मनुष्यों या सांसारिक वस्तुओं की ओर नज़रें उठाएं और उन पर भरोसा करें। लेकिन परमेश्वर हमें बार बार स्मरण दिलाता है कि हम नश्वर संसार की नश्वर वस्तुओं अथवा नशवर अविश्वसनीय मनुष्य पर नहीं परन्तु केवल उस पर भरोसा रखें, उसकी ओर मुडें और उसमें स्थिर रहें। क्या आज आप संसार की किसी वस्तु, कार्य या सामर्थ पर भरोसा रख कर तो नहीं चल रहे हैं? यदि आपका विश्वास और समर्पण सृष्टिकर्ता प्रभु यीशु पर नहीं है तो टाईटैनिक के उदाहरण को स्मरण रखिए। - डेनिस फिशर


जो अपना भरोसा परमेश्वर पर बनाए रखते हैं वे कभी निराश नहीं होंगे।

परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर; और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा। - भजन 50:14-15

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 17:5-10
Jeremiah 17:5 यहोवा यों कहता है, श्रापित है वह पुरुष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है। 
Jeremiah 17:6 वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा। 
Jeremiah 17:7 धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। 
Jeremiah 17:8 वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा। 
Jeremiah 17:9 मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है? 
Jeremiah 17:10 मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल-चलन के अनुसार अर्थात उसके कामों का फल दूं।

एक साल में बाइबल: 
  • लूका 4-6


रविवार, 26 अक्टूबर 2014

आशा


   कलपना कीजिए कि आप अपनी वंशावली को देख रहे हैं, अपने पूर्वजों के बारे में जानकारी ले रहे हैं, और वहाँ आपको एक पूर्वज के विषय में लिखा मिलता है, "वह एक वेश्या थी, उसने देश के दुश्मनों को शरण दी और जब इसके विषय में उससे पूछा गया तब झूठ बोलकर उन दुश्मनों की तथा अपनी रक्षा करी।" अब आप ऐसी पूर्वज के विषय में क्या करेंगे? यदि कोई आपके परिवार और पूर्वजों के बारे में जानकारी लेना चाहे तो क्या आप कभी उसका कोई उल्लेख करेंगे? क्या लोगों की नज़र में आप अपने उस पूर्वज का जीवन लाकर उसकी प्रशंसा कर सकेंगे?

   जिस का उल्लेख ऊपर मैंने उदाहरणस्वरूप किया है वह परमेश्वर के वचन बाइबल की एक पात्र है और उसका नाम है रहाब। रहाब का जो वर्णन ऊपर दिया गया है वह बाइबल के पुराने नियम खण्ड में यहोशू की पुस्तक के दूसरे अध्याय से है। यदि केवल इतना ही विवरण रहाब के बारे में हमें पता होता तो हमारे लिए बहुत स्वाभाविक होता उसे भी बाइबल के बदनाम और विश्वासघाती पात्रों की सूची में रख देना और उसे नज़रन्दाज़ करना। लेकिन रहाब की कहानी केवल यहोशू 2 अध्याय में ही समाप्त नहीं हो जाती है - परमेश्वर ने उसमें होकर अपने अद्भुत प्रेम और सामर्थ्य को हमारे सामने रखा है।

   बाइबल के नए नियम खण्ड में प्रवेश करते ही हम प्रभु यीशु की वंशावली को पाते हैं, और वहाँ हमें रहाब का नाम मिलता है, मत्ती 1:5-6 हमें बताता है कि रहाब राजा दाऊद के परदादा की माता थी और सारे संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु ने उसी वंशावली में होकर संसार में मानव रूप में जन्म लिया। इतना ही नहीं, इब्रानियों 11:31 में उसका नाम विश्वास के दिग्गजों में सम्मिलित है, जिसने परमेश्वर के प्रति अपने विश्वास द्वारा यरीहो के विनाश के समय अपनी तथा अपने परिवार कि जान बचाई (यहोशू 6:17); फिर याकूब 2:25 हमें बताता है कि इस विश्वास में होकर किए गए उसके कार्य उसके लिए धार्मिकता गिने गए, अर्थात वह धर्मी स्त्री स्वीकार करी गई।

   कैसा विल्क्षण और अद्भुत है हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता, वह पतित एवं तिरसकृत लोगों को भी उनकी उसी गिरी हुई दशा में स्वीकार कर लेता है, उन्हें स्वीकार कर के उनके जीवन बदल देता है और उन्हें अपनी क्षमा तथा प्रेम के सजीव उदाहरण बना देता है, उनके नाम को अनन्तकाल के लिए आदर और गौरव का स्थान प्रदान कर देता है। यदि आपको लगता है कि आपके कार्य और जीवन बहुत निकृष्ट रहे हैं और परमेश्वर आपको स्वीकार नहीं करेगा, या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो अपने विषय में ऐसा सोचता है तो रहाब के विषय में पढ़िए और विचार कीजिए कि यदि परमेश्वर रहाब को बदल कर धार्मिकता का नमूना बना सकता है तो फिर निश्चय ही ना केवल आपके अथवा उस व्यक्ति वरन संसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रभु यीशु में आशा है। प्रेरित पौलुस के साथ परमेश्वर के प्रेम में आनन्दित होईए जो जगत का सबसे बड़ा पापी कहे जाने के बावजूद परमेश्वर के वचन के सबसे बड़े नायकों में से एक हो गया (1 तिमुथियुस 1:15)। - डेव ब्रैनन


हमारे पाप चाहे छोटे हों या बड़े, प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा सब क्षमा किए जा सकते हैं।

यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। - 1 तिमुथियुस 1:15

बाइबल पाठ: यहोशू 2:1-14; 6:17
Joshua 2:1 तब नून के पुत्र यहोशू ने दो भेदियों को शित्तीम से चुपके से भेज दिया, और उन से कहा, जा कर उस देश और यरीहो को देखो। तुरन्त वे चल दिए, और राहाब नाम किसी वेश्या के घर में जा कर सो गए। 
Joshua 2:2 तब किसी ने यरीहो के राजा से कहा, कि आज की रात कई एक इस्राएली हमारे देश का भेद लेने को यहां आए हुए हैं। 
Joshua 2:3 तब यरीहो के राजा ने राहाब के पास यों कहला भेजा, कि जो पुरूष तेरे यहां आए हैं उन्हें बाहर ले आ; क्योंकि वे सारे देश का भेद लेने को आए हैं। 
Joshua 2:4 उस स्त्री ने दोनों पुरूषों को छिपा रखा; और इस प्रकार कहा, कि मेरे पास कई पुरूष आए तो थे, परन्तु मैं नहीं जानती कि वे कहां के थे; 
Joshua 2:5 और जब अन्धेरा हुआ, और फाटक बन्द होने लगा, तब वे निकल गए; मुझे मालूम नहीं कि वे कहां गए; तुम फुर्ती कर के उनका पीछा करो तो उन्हें जा पकड़ोगे। 
Joshua 2:6 उसने उन को घर की छत पर चढ़ाकर सनई की लकडिय़ों के नीचे छिपा दिया था जो उसने छत पर सजा कर रखी थीं। 
Joshua 2:7 वे पुरूष तो यरदन का मार्ग ले उनकी खोज में घाट तक चले गए; और ज्योंही उन को खोजने वाले फाटक से निकले त्योंही फाटक बन्द किया गया। 
Joshua 2:8 और ये लेटने न पाए थे कि वह स्त्री छत पर इनके पास जा कर 
Joshua 2:9 इन पुरूषों से कहने लगी, मुझे तो निश्चय है कि यहोवा ने तुम लोगों को यह देश दिया है, और तुम्हारा भय हम लोगों के मन में समाया है, और इस देश के सब निवासी तुम्हारे कारण घबरा रहे हैं। 
Joshua 2:10 क्योंकि हम ने सुना है कि यहोवा ने तुम्हारे मिस्र से निकलने के समय तुम्हारे साम्हने लाल समुद्र का जल सुखा दिया। और तुम लोगों ने सीहोन और ओग नाम यरदन पार रहने वाले एमोरियों के दोनों राजाओं को सत्यानाश कर डाला है। 
Joshua 2:11 और यह सुनते ही हमारा मन पिघल गया, और तुम्हारे कारण किसी के जी में जी न रहा; क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा ऊपर के आकाश का और नीचे की पृथ्वी का परमेश्वर है। 
Joshua 2:12 अब मैं ने जो तुम पर दया की है, इसलिये मुझ से यहोवा की शपथ खाओ कि तुम भी मेरे पिता के घराने पर दया करोगे, और इसकी सच्ची चिन्हानी मुझे दो, 
Joshua 2:13 कि तुम मेरे माता-पिता, भाइयों और बहिनों को, और जो कुछ उनका है उन सभों को भी जीवित रख छोड़ो, और हम सभों का प्राण मरने से बचाओगे। 
Joshua 2:14 तब उन पुरूषों ने उस से कहा, यदि तू हमारी यह बात किसी पर प्रगट न करे, तो तुम्हारे प्राण के बदले हमारा प्राण जाए; और जब यहोवा हम को यह देश देगा, तब हम तेरे साथ कृपा और सच्चाई से बर्ताव करेंगे।
Joshua 6:17 और नगर और जो कुछ उस में है यहोवा के लिये अर्पण की वस्तु ठहरेगी; केवल राहाब वेश्या और जितने उसके घर में हों वे जीवित छोड़े जाएंगे, क्योंकि उसने हमारे भेजे हुए दूतों को छिपा रखा था।

एक साल में बाइबल: 
  • लूका 1-3


शनिवार, 25 अक्टूबर 2014

नूतन झलक


   हर वर्ष ग्रीष्म ऋतु में Good Morning America कार्यक्रम देखने वाले दर्शकों के लिए अवसर होता है कि अपना मत दें और उस वर्ष के लिए अमेरिका के सबसे सुन्दर स्थान का चुनाव करें। मैं बड़ा आनन्दित हुआ यह देखकर कि सन 2011 के लिए दर्शकों ने मेरे गृह प्रदेश मिशिगन के Sleeping Bear Dunes National Lakeshore को चुना, जो मेरे घर के बहुत निकट है; मुझे ज़रा भी अन्देशा नहीं था कि जीतने वाला स्थान मेरे इतना निकट होगा। मुझे वह समय भी याद आया जब मैं अपनी पत्नि मार्टी के साथ नियाग्रा जल प्रपात देखने गया था। उस विश्व-विख्यात और रोमांच से भर देने वाले जल प्रपात के दृश्य को देखकर सैलानियों का एक अजीब सा व्यवहार हो जाता है और हम दोनों भी वही कर रहे थे; निकट खड़े एक व्यक्ति ने हमारे रोमांच और व्यवहार को देखकर हम से कहा, "इसमें ऐसा क्या है? मैं तो इसे रोज़ ही देखता रहता हूँ!"

 हम कितनी सरलता से अपने आस-पास की बातों के आदि हो जाते हैं और परिचित व्यक्ति, वस्तुएं, स्थान तथा अनुभव आदि जो कभी हमें आकर्षित करते थे, हम में रोमांच उत्पन्न करते थे फिर हमें अरुचिकर अथवा नीरस लगने लगते हैं। यद्यपि परमेश्वर की महिमा उसकी सृष्टि में हमारे चारों ओर स्पष्ट प्रगट है, लेकिन दैनिक जीवन की व्यस्तता में हम उसे नज़रंदाज़ करने लगते हैं; महिमा तो कम नहीं होती , बस हमारा उसके प्रति दृष्टिकोण बदल जाता है, जब तक कि कोई जन या परिस्थिति फिर से उसे हमारी नज़रों में केंद्रित नहीं कर देती। यही बात परमेश्वर के प्रति हमारे अन्य व्यवहार में भी दिखाई देती है; हम अपने जीवन में उसके द्वारा किए जाने वाले अद्भुत कार्यों को हलके में लेने लगते हैं, उसे एवं उन्हें अनुदत्त मान लेते हैं। हम क्रूस पर प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए पापों से मुक्ति तथा उद्धार पाने के लिए किए गए कार्य की महानता के एहसास और विस्मय को खो देते हैं। हम प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा परमेश्वर की सनतान बन जाने के आदर तथा महत्व को भूल जाते हैं। हम परमेश्वर के साथ बिताए गए समय के आनन्द, उसकी उपस्थिति में रहने की शान्ति और उसकी सृष्टि की सुन्दरता को निहारने तथा सृष्टि में प्रगट उसकी महिमा तथा सामर्थ को अनुभव करने के रोमांच को नज़रंदाज़ करने लगते हैं।

   इसीलिए मुझे भजनकार द्वारा कही बात: "मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा" (भजन 145:5) परमेश्वर से मिले निर्देश के रूप में पसन्द है। आईए हम ठान लें कि हम नितप्रायः परमेश्वर के अद्भुत कामों पर मनन करेंगे, उसके वचन पर ध्यान लगाएंगे और उसकी उपस्थिति में आकर उसकी महिमा की एक नूतन झलक अपने जीवनों के लिए पुनः प्राप्त करेंगे। - जो स्टोवैल


यदि सृष्टि की गई वस्तुएं इतनी सुन्दर हैं तो उनका सृष्टिकर्ता कितना सुन्दर होगा! - पड़ुवा का एन्टॉनी

अपने उपदेशों का मार्ग मुझे बता, तब मैं तेरे आश्यर्चकर्मों पर ध्यान करूंगा। - भजन 119:27

बाइबल पाठ: भजन 145:1-13
Psalms 145:1 हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा। 
Psalms 145:2 प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा। 
Psalms 145:3 यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।
Psalms 145:4 तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा। 
Psalms 145:5 मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा। 
Psalms 145:6 लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा। 
Psalms 145:7 लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।
Psalms 145:8 यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है। 
Psalms 145:9 यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
Psalms 145:10 हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे! 
Psalms 145:11 वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे; 
Psalms 145:12 कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें। 
Psalms 145:13 तेरा राज्य युग युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • मरकुस 14-16


शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2014

नम्र


   मैं ऐसे लोगों की सराहना करती हूँ जो अपने विश्वास को शब्दों में बयान कर सकते हैं और अपनी वाक्पटुता से दूसरों को उसे समझा सकते हैं। लोग वाक्पटुता के इस गुण को "मुँह चलाने की कला" या "शब्दों का जादूगर होना" भी कहते हैं। अकसर देखा जाता है कि जिनके पास यह वाक्पटुता का गुण है उनमें कुछ घमण्ड भी आ जाता है क्योंकि कम ही लोग उनके सामने टिकने पाते हैं और वाक्पटु लोगों को लगने लगता है कि उनके समान कोई और है ही नहीं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र अपुल्लोस में ना केवल परमेश्वर के वचन के ज्ञान का वरन वाक्पटुता का गुण भी विद्यमान था (प्रेरितों 18:24) और वह इन दोनों गुणों को परमेश्वर की सेवकाई के लिए प्रयोग करता था; यद्यपि अपुल्लोस प्रभु यीशु मसीह के बारे में ठीक प्रचार करता था, लेकिन वह केवल यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले के मन फिराव के बपतिस्मे का ही प्रचार करता था (प्रेरितों 18:25, 19:4)। वह प्रभु यीशु की शिक्षाओं को तो जानता था लेकिन शायद पवित्र आत्मा से परिपूर्ण होने और प्रतिदिन आत्मा की सामर्थ से कार्य करने के बारे में अभी उसे जानकारी नहीं थी।

   अपुल्लोस को प्रचार करता सुनकर प्रेरित पौलुस के साथी मसीही विश्वासी दम्पति, प्रिस्किल्ला और अक्वीला ने उसे अपने घर आमंत्रित किया और उसकी शिक्षाओं में जो कमी थी उन्हें उसे समझाया और उसकी शिक्षाओं को पूरा किया। यद्यपि अपुल्लोस उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्ति था और परमेश्वर के वचन का भी अच्छा ज्ञाता था, फिर भी उसने नम्रता पूर्वक उस दम्पति की बातों को सुना और ग्रहण किया। परिणामस्वरूप अपुल्लोस अपनी सेवकाई में आगे बढ़ सका और परमेश्वर के वचन में उसका नाम अनन्तकाल के लिए बड़े आदर के साथ दर्ज किया गया है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने भी परमेश्वर के लिए लिखा है कि: "यहोवा भला और सीधा है; इसलिये वह पापियों को अपना मार्ग दिखलाएगा। वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देगा, हां वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा" (भजन 25:8-9)। यदि हम में नम्रता है तो परमेश्वर हमें अपने मार्गों की शिक्षा दे सकता है जिससे हम दूसरों को भी अनन्त जीवन के मार्ग के बारे में बता सकें। - सिंडी हैस कैस्पर


नम्र होना अर्थात परमेश्वर में सामर्थी होना।

यहोवा नम्र लोगों को सम्भलता है, और दुष्टों को भूमि पर गिरा देता है। - भजन 147:6

बाइबल पाठ: प्रेरितों 18:24-28
Acts 18:24 अपुल्लोस नाम एक यहूदी जिस का जन्म सिकन्‍दिरया में हुआ था, जो विद्वान पुरूष था और पवित्र शास्त्र को अच्छी तरह से जानता था इफिसुस में आया। 
Acts 18:25 उसने प्रभु के मार्ग की शिक्षा पाई थी, और मन लगाकर यीशु के विषय में ठीक ठीक सुनाता, और सिखाता था, परन्तु वह केवल यूहन्ना के बपतिस्मा की बात जानता था। 
Acts 18:26 वह आराधनालय में निडर हो कर बोलने लगा, पर प्रिस्‍किल्ला और अक्‍विला उस की बातें सुनकर, उसे अपने यहां ले गए और परमेश्वर का मार्ग उसको और भी ठीक ठीक बताया। 
Acts 18:27 और जब उसने निश्‍चय किया कि पार उतरकर अखाया को जाए तो भाइयों ने उसे ढाढ़स देकर चेलों को लिखा कि वे उस से अच्छी तरह मिलें, और उसने पहुंच कर वहां उन लोगों की बड़ी सहायता की जिन्हों ने अनुग्रह के कारण विश्वास किया था। 
Acts 18:28 क्योंकि वह पवित्र शास्त्र से प्रमाण दे देकर, कि यीशु ही मसीह है; बड़ी प्रबलता से यहूदियों को सब के साम्हने निरूत्तर करता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • मरकुस 11-13


गुरुवार, 23 अक्टूबर 2014

भरोसेमंद प्रेम


   संभवतः सुनने में सबसे दुखदायी बात है किसी प्रीय से सुनना, "मैं अब तुम से प्रेम नहीं रखता।" ये शब्द रिश्ते समाप्त कर देते हैं, हृदय तोड़ देते हैं और सपनों को चूर-चूर कर देते हैं। अकसर जो लोग ऐसा धोखा खाए हुए होते हैं वे अपने आप को और दुख से बचाने के लिए किसी के प्रेम पर फिर कभी भरोसा रखना छोड़ देते हैं, यहाँ तक कि कुछ का भरोसा परमेश्वर के प्रेम पर से भी उठ जाता है।

   लेकिन मनुष्य के प्रति परमेश्वर के प्रेम की अद्भुत बात यह है कि वह मनुष्य के प्रत्युत्तर पर आधारित नहीं है और ना ही मनुष्य के लिए परमेश्वर का प्रेम कभी समाप्त होता है। भविष्यद्वक्ता यिर्मयाह को भयानक और विनाशकारी परिस्थितियों को देखना तथा झेलना पड़ा जिससे वह भावानात्मक रूप में टूट गया (विलापगीत 3:13-20)। उसके अपने लोगों ने परमेश्वर के प्रेम को स्वीकार करने और परमेश्वर का अनुसरण करने की उसकी बार बार दी गई चेतावनियों को मानने से इन्कार कर दिया, और वे परमेश्वर के भयानक कोप के भागी हुए। इस विनाश के दुख की चरम सीमा पर यिर्मयाह ने कहा, "...मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आश जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है" (विलापगीत 3:18)।

   लेकिन फिर भी अपनी निराशा के इस घोर अन्धकार में यिर्मयाह ने परमेश्वर के प्रेम को ही अपना आधार बनाया, उसे स्मरण किया और परमेश्वर पर उसकी आशा फिर बन्ध गई (विलापगीत 3:21-24)। मनुष्य हमसे सदा प्रेम करते रहने का वायदा कर के भी अपने वायदे से पलट सकता है, धोखा दे सकता है, लेकिन परमेश्वर का प्रेम कभी ना बदलने वाला प्रेम है, वह अपने बच्चों के साथ सदा बना रहता है, उन्हें कभी नहीं छोड़ता और कभी नहीं त्यागता: "तू हियाव बान्ध और दृढ़ हो, उन से न डर और न भयभीत हो; क्योंकि तेरे संग चलने वाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; वह तुझ को धोखा न देगा और न छोड़ेगा" (व्यवस्थाविवरण 31:6)। परमेश्वर का प्रेम वास्तव में भरोसेमन्द प्रेम है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


परमेश्वर का प्रेम कभी बदलता नहीं कभी धोखा नहीं देता।

क्षण भर ही के लिये मैं ने तुझे छोड़ दिया था, परन्तु अब बड़ी दया कर के मैं फिर तुझे रख लूंगा। क्रोध के झकोरे में आकर मैं ने पल भर के लिये तुझ से मुंह छिपाया था, परन्तु अब अनन्त करूणा से मैं तुझ पर दया करूंगा, तेरे छुड़ाने वाले यहोवा का यही वचन है। - यशायाह 54:7-8

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:12-26
Lamentations 3:12 उसने धनुष चढ़ा कर मुझे अपने तीर का निशाना बनाया है। 
Lamentations 3:13 उसने अपनी तीरों से मेरे हृदय को बेध दिया है; 
Lamentations 3:14 सब लोग मुझ पर हंसते हैं और दिन भर मुझ पर ढालकर गीत गाते हैं, 
Lamentations 3:15 उसने मुझे कठिन दु:ख से भर दिया, और नागदौना पिलाकर तृप्त किया है। 
Lamentations 3:16 उसने मेरे दांतों को कंकरी से तोड़ डाला, और मुझे राख से ढांप दिया है; 
Lamentations 3:17 और मुझ को मन से उतार कर कुशल से रहित किया है; मैं कल्याण भूल गया हूँ; 
Lamentations 3:18 इसलिऐ मैं ने कहा, मेरा बल नाश हुआ, और मेरी आश जो यहोवा पर थी, वह टूट गई है। 
Lamentations 3:19 मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और-और विष का पीना स्मरण कर! 
Lamentations 3:20 मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है। 
Lamentations 3:21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आाशा है: 
Lamentations 3:22 हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। 
Lamentations 3:23 प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। 
Lamentations 3:24 मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा। 
Lamentations 3:25 जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है। 
Lamentations 3:26 यहोवा से उद्धार पाने की आशा रख कर चुपचाप रहना भला है।

एक साल में बाइबल: 
  • मरकुस 7-10


बुधवार, 22 अक्टूबर 2014

धन्यवादी


   मेरे घर के इलाके लैन्सिंग, मिशिगन में सर्दियों में खिली धूप वाले दिन कम ही होते हैं; लेकिन पिछले वर्ष परमेश्वर ने हमें एक ऐसा खिली धूप वाला दिन दिया। मुझे लगा कि उस दिन के लिए सभी परमेश्वर के धन्यवादी हो रहे थे, सिवाय मेरे। जब मैं अपने दफ्तर से निकलकर घर की ओर चला तो एक व्यक्ति ने टिप्पणी करी, "आज हमें परमेश्वर से कैसा अच्छा दिन उपहार में मिला है।" उसे मेरा प्रत्युत्तर था, "हाँ, लेकिन इस सप्ताहांत तो बर्फ पड़नी ही है।" मेरी सोच कितनी छोटी थी!

   अपनी पत्रियों में प्रेरित पौलुस ने अपने पाठकों को लिखा कि वे परमेश्वर के प्रति एक धन्यवादी दृष्टिकोण विकसित करें। परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड की पुस्तकों के अन्य सभी लेखकों की अपेक्षा पौलुस ने ही सबसे अधिक, अर्थात 23 बार धन्यवादी होने के लिए लिखा है। जिन बातों के लिए धन्यवादी होने के लिए पौलुस ने लिखा है, उनसे हम इस विषय में कुछ महत्वपूर्ण बातें सीख सकते हैं।

   पौलुस के धन्यवाद सदा ही परमेश्वर को संबोधित थे, वह अपने सहायकों के लिए भी परमेश्वर को धन्यवाद करता था, उन्हें परमेश्वर की ओर से उसे दिया गया उपहार मानता था - उन्हें उसके साथ जोड़ने के लिए, उन से उसे मिलने वाली सहायता के लिए और उनकी आत्मिक बढ़ोतरी, उनके प्रेम और उनके विश्वास के लिए भी वह परमेश्वर का धन्यवाद करता था (1 कुरिन्थियों 1:4; 1 थिस्सुलुनीकियों1:2)।

   हर बात के लिए वह परमेश्वर को अपने धन्यवाद प्रभु यीशु में होकर अर्पित करता था (कुलुस्सियों 3:15, 17)। पौलुस का मानना था कि प्रभु यीशु के अनुयायियों को हर बात के लिए परमेश्वर का धन्यवादी होना चाहिए क्योंकि परमेश्वर सर्वशक्तिमान है और सब बातों में अपने विश्वासियों की भलाई के लिए कार्य कर रहा है (1 थिस्सुलुनीकियों 5:18)।

   परमेश्वर के प्रति यही धन्यवादी मन हम सब का भी होना चाहिए, हम परमेश्वर द्वारा हमें प्रदान करे गए विभिन्न उपहारों के प्रति सचेत रहें, और कृतज्ञ होकर उसका धनय्वाद करते रहें। जो कुछ परमेश्वर ने हमारे लिए किया है और कर रहा है, उसके प्रत्युत्तर में हम कम से कम धन्यवाद तो कह ही सकते हैं। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के उपहारों के लिए स्वाभाविक प्रत्युत्तर कृतज्ञ एवं धन्यवादी होना है।

और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो। - इफिसियों 5:20

बाइबल पाठ: 1 थिस्सुलुनीकियों 5:16-25
1 Thessalonians 5:16 सदा आनन्‍दित रहो। 
1 Thessalonians 5:17 निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो। 
1 Thessalonians 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है। 
1 Thessalonians 5:19 आत्मा को न बुझाओ। 
1 Thessalonians 5:20 भविष्यद्वाणियों को तुच्‍छ न जानो। 
1 Thessalonians 5:21 सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो। 
1 Thessalonians 5:22 सब प्रकार की बुराई से बचे रहो। 
1 Thessalonians 5:23 शान्‍ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें। 
1 Thessalonians 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा। 
1 Thessalonians 5:25 हे भाइयों, हमारे लिये प्रार्थना करो।

एक साल में बाइबल: 
  • मरकुस 4-6


मंगलवार, 21 अक्टूबर 2014

कटनी


   एक दोपहर को मैं एक खेत के निकट से होकर निकला। वहाँ उस खेत के स्वामी किसान ने बड़ी बड़ी मशीनें सड़क के किनारे खड़ी कर रखीं थीं और पीले रंग का एक चेतावनी चिन्ह लगा रखा था जिस पर लिखा था, "सावधान! फसल काटी जा रही है।" खेत के बगल से निकलते हुए मैंने एक झलक खेत की ओर देखा और मैं तुरंत पहचान गया कि कुछ महीने पहले उस किसान ने कौन से बीज बोए थे - मक्की के छोटे छोटे बीज। मैं यह इस लिए कह सकता हूँ क्योंकि वह किसान अपने खेतों से मक्का के पक्के खेत काटने की तैयारी कर रहा था - खेत की उपज प्रमाण थी कि वहाँ क्या बोया गया था।

   चाहे यह एक बहुत ही स्वाभाविक और साधारण सी बात प्रतीत होती है कि जब मक्की के बीज बोए जाएंगे तो फसल भी मक्की की ही होगी; लेकिन बोने और काटने के इसी संबंध को हम अपने आत्मिक जीवनों में अनेक बार नज़रंदाज़ कर देते हैं। प्रेरित पौलुस ने परमेश्वर के वचन बाइबल में गलतिया के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें सचेत किया, "धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा" (गलतियों 6:7)। यदि हम शारीरिक अभिलाषाओं की पूर्ति के लिए जीएंगे तो प्रतिफल में हमें भ्रष्ट आचरण ही मिलेगा जिस के कारण हम उसकी लालसा करेंगे जो हमारा नहीं है, हम स्वार्थी बन जाएंगे और अपने शरीरों का दुरुपयोग भी करने लगेंगे (गलतियों 5:19-21)। परन्तु यदि हम परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलेंगे तो हमारे जीवनों में आत्मा के फल जैसे शान्ति, भलाई, संयम आदि भी दिखाई देंगे। परमेश्वर के अनुग्रह में हमें यह दिया गया है कि हम आत्मा के लिए बोएं और अनन्त जीवन की कटनी काटें (गलतियों 5:22-23)।

   मान लीजिए कि प्रभु यीशु आज के दिन को हमारे जीवन के लिए "कटनी का दिन" घोषित कर दे और पिछले वर्ष में अपने दैनिक चुनाव द्वारा जो कार्य रूपी ’बीज’ हमने बोएं हैं उनकी फसल उसके सम्मुख लाने को कहे, तो हमारे पास उसे दिखाने के लिए क्या होगा? क्या हम कटनी के लिए तैयार हैं? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जो बीज हम आज बोते हैं वे ही निर्धारित करते हैं कि कल हम क्या फसल काटेंगे।

पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे। - गलतियों 5:16 

बाइबल पाठ: गलतियों 5:19-23; 6:1-10
Galatians 5:19 शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात व्यभिचार, गन्‍दे काम, लुचपन। 
Galatians 5:20 मूर्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म। 
Galatians 5:21 डाह, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के जैसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे। 
Galatians 5:22 पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, 
Galatians 5:23 और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं। 

Galatians 6:1 हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। 
Galatians 6:2 तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। 
Galatians 6:3 क्योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आप को कुछ समझता है, तो अपने आप को धोखा देता है। 
Galatians 6:4 पर हर एक अपने ही काम को जांच ले, और तब दूसरे के विषय में नहीं परन्तु अपने ही विषय में उसको घमण्‍ड करने का अवसर होगा। 
Galatians 6:5 क्योंकि हर एक व्यक्ति अपना ही बोझ उठाएगा।
Galatians 6:6 जो वचन की शिक्षा पाता है, वह सब अच्छी वस्‍तुओं में सिखाने वाले को भागी करे। 
Galatians 6:7 धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा। 
Galatians 6:8 क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा। 
Galatians 6:9 हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे। 
Galatians 6:10 इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ।

एक साल में बाइबल: 
  • मरकुस 1-3