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Saturday, December 19, 2020

उपहार

 

          प्रत्येक क्रिसमस पर, मेरा एक मित्र अपनी पत्नी को एक लंबा पत्र लिखता है, जिसमें वह साल भर की घटनाओं की समीक्षा करता है और भविष्य के बारे में सपने देखता है। वह हमेशा उसे बताता है कि वह उससे कितना प्रेम करता है, और क्यों। साथ ही वह अपनी सभी पुत्रियों को भी पत्र लिखता है। प्रेम के उस के ये शब्द उन लोगों के लिए एक अविस्मरणीय उपहार होते हैं।

          हम यह कह सकते हैं कि प्रथम क्रिसमस का मूल प्रेम पत्र प्रभु यीशु मसीह थे, जो देहधारी बनकर इस संसार में आए। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना ने अपने द्वारा लिखे गए सुसमाचार में इस सत्य को प्रमुख किया: “आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था” (यूहन्ना 1:1)। प्राचीन दर्शनशास्त्र में, वचन के लिए यूनानी मूल शब्द ‘लोगोस का अर्थ एक दैवीय मनसा या व्यवस्था जो कि सच्चाई से मिलाती थी, होता था। लेकिन यूहन्ना इस परिभाषा को और विस्तृत कर के वचन को एक व्यक्तित्व – प्रभु यीशु, के रूप में प्रस्तुत करता है; प्रभु यीशु परमेश्वर के पुत्र, जो ‘आदि से परमेश्वर के साथ थे’ (पद 2)। यह वचन, जो पिता का एकलौता पुत्र था, देहधारी हुआ और उसने हमारे मध्य में डेरा किया (पद 14)। वचन यीशु में होकर परमेश्वर अपने आप को पूर्ण रूप से प्रगट करता है।

          धर्मशास्त्री इस मनोहर रहस्य के साथ सदियों से जूझ रहे हैं। हम चाहे इसे समझ पाने में कितने भी अक्षम क्यों न हों, हम इस बात के लिए निश्चित रह सकते हैं कि प्रभु यीशु वचन होने के द्वारा हमारे पाप से अंधियारे हुए संसार को ज्योति प्रदान करते हैं (पद 9)। यदि हम प्रभु यीशु में विश्वास लाएं और उसे अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता स्वीकार करें, तो हम भी परमेश्वर की संतान होने के अद्भुत उपहार को प्राप्त कर सकते हैं (पद 12)।

          प्रभु यीशु हमारे लिए परमेश्वर का प्रेम पत्र हैं। वे हमारे लिए संसार में आए और अपने विश्वासियों के साथ रहते हैं – हम मनुष्यों के लिए यह कितना अद्भुत उपहार है। - एमी बाउचर पाई

 

परमेश्वर के अद्भुत उपहार प्रभु यीशु को संसार के साथ बाँटें।


देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना। - 1 यूहन्ना 3:1

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-14

यूहन्ना 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।

यूहन्ना 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।

यूहन्ना 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।

यूहन्ना 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मनुष्यों की ज्योति थी।

यूहन्ना 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।

यूहन्ना 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।

यूहन्ना 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।

यूहन्ना 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।

यूहन्ना 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आने वाली थी।

यूहन्ना 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहचाना।

यूहन्ना 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।

यूहन्ना 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।

यूहन्ना 1:13 वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।

यूहन्ना 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • योना 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 10

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