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Saturday, April 10, 2021

परेशानी

 

          हाऐ वू को चीन की सीमा को पार करने के जुर्म में उत्तरी कोरिया के एक श्रम-शिविर में बंदी बना कर रखा गया। उसने बताया कि वहाँ पर दिन और रात निरंतर बहुत परेशानी के समय थे। क्रूर पहरेदार यातनाएँ देते थे, बहुत कठोरता से कठिन परिश्रम करवाया जाता था, और सोने के लिए बर्फ के समान ठण्डा फर्श था जिस पर चूहे और  पिस्सु घूमते रहते थे, इसलिए बहुत ही कम सोने को मिलता था। परन्तु प्रतिदिन परमेश्वर उसकी सहायता करता था, उसे दिखाता था कि किस कैदी के साथ दोस्ती करके उससे अपने मसीही विश्वास को साझा करे।

          बाद में उसे उस शिविर से रिहा कर दिया गया, और अब वह दक्षिणी कोरिया में रह रही है। वू ने अपने बंदी होने के समय पर मनन करते हुए कहा कि भजन 23 उसके अनुभवों का सार है। यद्यपि वह अन्धकार भरी तराई में फँस गई थी, लेकिन वहाँ पर प्रभु यीशु उसके चरवाहे थे, जो उसे शान्ति देते थे: “यद्यपि मुझे ऐसा लगता था कि मैं वास्तविकता में मृत्यु की परछाईं से भरी हुई तराई में हूँ, फिर भी मुझे किसी बात का भय नहीं था। परमेश्वर प्रतिदिन मुझे शान्ति देता रहता था।” उसने परमेश्वर के प्रेम और भलाई का अनुभव किया, और उसके आश्वासन को पाया कि वह उसकी प्रिय पुत्री है, वह सदा उसके साथ है; “मैं एक बहुत भयानक स्थान में थी, परन्तु मैं जानती थी कि मैं परमेश्वर के प्रेम और भलाई को अनुभव करूँगी; और सदा उसकी उपस्थिति में बनी रहूँगी।”

          हम वू की कहानी से प्रोत्साहन पा सकते हैं। उसके भयानक अनुभवों के बावजूद उसने परमेश्वर के प्रेम, भलाई, और अगुवाई को अनुभव किया; और परमेश्वर ने सभी परेशानियों में उसे संभाल के रखा, उसके सभी भय को दूर किया। यदि हम प्रभु यीशु मसीह के पीछे चलेंगे तो वह हमारी सभी परेशानियों के समयों में हमारा मार्गदर्शन करता हुआ हमें कोमलता के साथ सही मार्ग पर लिए चलेगा। हमें परेशानियों से डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हम “यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा” (पद 6)। एमी बाउचर पाई

 

हे परमेश्वर तू परेशानी की तराई में से भी मेरे लिए स्वर्गीय आशीषों की ऊंचाइयों का मार्ग प्रदान करता है।


तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ्य से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: भजन 23

भजन संहिता 23:1 यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी।

भजन संहिता 23:2 वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है;

भजन संहिता 23:3 वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गों में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है।

भजन संहिता 23:4 चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।

भजन संहिता 23:5 तू मेरे सताने वालों के सामने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है।

भजन संहिता 23:6 निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42

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