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सोमवार, 8 फ़रवरी 2010

अद्‍भुत रोमांच

कब वह अवसर था जब किसी अदभुत दृश्य ने आपको स्तब्ध किया?

मैं किसी इलैक्ट्रोनिक साधन की या किसी सिनेमा के विशेष प्रभाव की बात नहीं कर रहा। मैं रात के आकाश के दृश्य के बारे में कह रहा हूँ, जैसे, चन्द्रग्रहण के बारे में, या रात को टहलते समय ’ओरयन’ या ’प्लेयडेस’ नामक नक्षत्र समूहों को देखना, जिनका उल्लेख हज़ारों वर्ष पहले बाइबल में है (अमोस ५:८), और वे आज भी हमें आनन्द देते हुए चमकते हैं। मैं पौ फटने के अद्‍भुत दृश्य और उस समय बिखरती रंग-बिरंगी प्रकाश किरणों की बात कर रहा हूँ। हमारे लिये भोजन उपजाने वाली वर्षा और उसके साथ बादल का गर्जन और बिजली की चमक (अय्युब ३६:२७-३३), ये दृश्य हममें रोमांच पैदा करते हैं।

क्या आपने कभी घुड़शाला की बाड़ के किनारे खड़े होकर एक घोडे की शक्ति पर विसमय प्रकट किया है, जब वह गरदन की आयल फहराते, मैदान में टापें मारता हुआ चलता है? (अय्युब ३९:१९-२५)। क्या आपने उकाब को देखा है, जो पहाड़ की चोटी पर के घोंसले में से नीचे के अपने शिकार को देख लेता है? परमेश्वर द्वारा दी हुई तेज़ दृष्टी के कारण वह अपना शिकार देखकर वायुवेग से उस पर टूट पड़ता है (अय्युब ३९:२७-३०)।

सृष्टि के समय परमेश्वर ने मनुष्य में सांस फूँक दी। वही परमेश्वर अपनी सारी सृष्टि के आश्चर्य कर्मों से, जो सौन्दर्य और महिमा से सराबोर है, हमारी सांसों को विसमय से थाम भी देता है। अपने चारों ओर दे्खिये; परमेश्वर की ऐश्वर्यपूर्ण रचना का नीरक्षण कीजिये, फिर उसकी अद्‍भुत महिमा की घोषणा कीजिये। - डेव ब्रैनन


सारी सृष्टि परमेश्वर की ओर इशारा करने को उठी एक उंगली है।


बाइबल पाठ: भजन संहिता ८


हे परमेश्वर, तू स्वर्ग के उपर अति महान और तेजोमय है, तेरी महिमा सारी पृथ्वी पर फैल जाए। - भजन संहिता ५७:५


एक साल में बाइबल:
  • लैवयवस्था ४,५
  • मत्ती २४:२९-५१

रविवार, 7 फ़रवरी 2010

टर्किश डिलाईट


सी. एस. लुई की पस्तक "द लायन, द विच ऐन्ड द वार्डरोब" में ’द विच’ अर्थात एक डायन, कहानी के एक पात्र एडमन्ड के बारे में केवल एक ही बात जानना चाहती थी - उसकी कमज़ोरी, ताकि वह उसके द्वारा उसके भाई बहिनों को भी पकड़ सके। उससे कुछ सरल सवाल करके उस डायन ने जाना कि एडमन्ड की कमज़ोरी है ’टर्किश डिलाईट’ नामक मिठाई। डायन ने अडमन्ड को इतनी स्वादिष्ट ’टर्किश डिलाईट’ दी जितनी उसने पहले कभी नहीं खाई थी। एडमन्ड उस मिठाई का लोभी हो गया, उसने जितना अधिक खाया उतनी ही उसकी लालसा ’टर्किश डिलाईट’ के लिये बढ़ती गई।

हम सब में एडमन्ड के समान कोई कमज़ोरी है, जिसे शैतान हमारा नाश करने के लिये प्रयोग करना चाहता है। वह कमज़ोरी नशा या शराब की लत जैसी कोई बात हो सकती है, या कोई साधारण सी वस्तु हो सकती है जैसे अच्छा भोजन, हमारे मित्र या हमारा काम।

पुनरुत्थान के बाद यीशु ने पतरस से यह व्यक्तिगत और जांचने वाला प्रश्न पूछा "क्या तू इन से बढ़कर मुझसे प्रेम करता है?" (यूहन्ना २१:१५)। कितनों ने यीशु के इस प्रश्न में प्रयुक्त ’इन्से’ का अर्थ समझना चाहा है, लेकिन शायद भला है कि यह स्पष्ट नहीं है, क्योंकि यह अवसर देता है कि हम सब अपने से यह प्रश्न कर सकें कि "मैं, यीशु से बढ़कर, किससे प्रेम करता हूँ?"

जब शैतान पता लगा लेता है कि हम परमेश्वर से बढ़कर किससे प्रेम करते हैं, तब उसी के सहारे वह हम से बुराईयां करवाता है। परन्तु यदि हम अपने प्रभु के प्रेम में आनन्दित और मगन होते हैं, तो शैतान हमारे ऊपर अपनी शक्ति खो देता है। - जूली ऐकरमैन लिंक

जब परमेश्वर हममें खुश होता है; हम क्यों न उसमें खुश हों?



बाइबल पाठ: यूहन्ना २१:१५-१९


मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूँ। - भजन संहिता ११९:१७४



एक साल में बाइबल:
  • लैव्यवस्था १-३
  • मत्ती२४:१-२८

शनिवार, 6 फ़रवरी 2010

जाग उठो!

फरवरी ६, १९५८ को किराए पर लिया हुआ एक हवाई जहाज़ जर्मनी के म्यूनिक शहर से रवाना होते हुए ही टूट गया। एक अन्ग्रेज़ फुटबॉल दल - मैन्चेस्टर युनाइटिड के अधिकांश खिलाड़ी उस दुर्घटना में मृत्यु का शिकार हुए। उस फुटबॉल संघ के भविष्य के बारे में लोगों में बड़ी आशंका थी। परन्तु आज वह संसार के प्रसिद्ध फुटबॉल संघों में से एक है। जिसने उस दल को पुनः संघटित किया वह ’मैट बसबी’ नामक खिलाड़ी था, जो उस दुर्घटना में बच गया था।

२००० साल पहले यीशु की गिरफ्तारी से और उसके क्रूस पर चढ़ाये जाने से उसके अनुयायियों में बड़ी निराशा थी। उसके घनिष्ठ शिष्य भी हताश हो गये थे। परन्तु उनकी निराशा के बादल, उस पुनरूत्थान के दिन छंट गये, जब उन्होंने देखा कि कब्र पर से पत्थर हट गया और यीशु ज़िन्दा हुआ है (यूहन्ना २०:१)।

यीशु तुरन्त मरियम मगदलीनी को (पद ११-६), फिर बन्द कमरे के अन्दर इकठ्ठे शिष्यों को प्रत्यक्ष हुए (पद १९)। उस को पुनर्जीवित देखने से शिष्यों में बड़ा परिवर्तन आया। "चेले प्रभु को देखकर आनन्दित हुए" (पद २०)।

शायद आपका संसार आपके चारों ओर ढह गया है; कोई गहरा व्यक्तिगत नुक्सान, परिवार में कोई दुखद घटना या कोई दूसरा क्लेश इसका कारण हो सकता है। यीशु का पुनरुत्थान इस बात का प्रमाण है कि वह बड़ी से बड़ी बाधाओं पर महान विजेता है। वह आपके जीवन का पुनःनिर्माण आज से ही कर सकता है, जैसे उसने उन शिष्यों का किया था। - सी. पी. हीया

परमेश्वर हर संकट को सुविधा में बदल सकता है।



बाइबल पाठ:यूहना २०:१-८,१९,२०



उसने तुम्हें भी जो अपने सब अपराधों....में मुर्दा थे, उसके साथ जिलाया। - कुलुस्सियों २:१३



एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन ३९,४०
  • मत्ती२३:२३-३९

शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2010

शांति की खोज

बीटल्स ने अपनी लोकप्रीयता, रचनात्मकता और धन की चरम सीमा पर पहुँच कर"व्हाईट ऐलबम" नामक एक विवादस्पद योजना शुरू की। वह उस बैण्ड के टूटने का लक्षण था, क्योंकि उसमें पेश किये गये गानों मे मुख्यतः व्यक्तिगत भावना थी और सहकारिता या एक साथ काम करने की भावना नहीं थी। अत्यंत कीर्ति से उन्होंने जो कुछ पाया था उस सब के प्रति बढ़ती हुई उअनकी नीरसता की भी उसमें अभिव्यक्ति थी। "आई एम सो टायर्ड" नामक गाने में जॉन लेनन ने अपने ’सफल’ एवं दौलतमंद जीवन की शून्यता इन गंभीर शब्दों में प्रकट की " मन की थोड़ी सी शांति पाने के लिये, मैं तुम्हें अपना सब कुछ दे दूंगा।" उसने जो कुछ पाया था, उसने जो कुछ किया था, वह सब उसकी सहज किंतु गहरी व्यक्तिगत आवश्यक्ता को तृप्त नहीं कर सका।

यह जगत हमें शांति नहीं दे सकता। उसके बदले वह भोग-विलास, ताकत और धन-संपत्ति जैसे हीन विकल्प देता है। वे मन की शांति का स्थान नहीं ले सकते।

इसलिये पौलूस ने फिलिप्पी के विश्वासियों को स्मरण दिलाया: "परमेश्वर की शांति जो समझ से परे है तुम्हारे हदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।" (फिलिप्पियों ४:७)। यह वही शांति है जो परमेश्वर के पुत्र यीशु में विश्वास करने के द्वारा, उसके साथ मेल करने वालों को मिलती है (इफसियों २:१४-१६)। यही वह शांति है, जिसे हमें शांति को तरसते संसार के साथ बांटना है। शांति - सच्ची शांति, यीशु के साथ बनाये गये संबंध में ही पायी जाती है। क्या आपने उसकी यह शांति पाई है? - बिल क्राउडर

मैं तुम्हें शांति दिये जाता हूँ, अपनी शांति तुम्हें देता हूँ; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता। - यीशु



बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ४:४-१२



परमेश्वर की शांति जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। फिलिप्पियों ४:७



एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन ३६-३८
  • मत्ती २३:१-२२

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2010

महान कहानीकार

’पुलिटज़र’ पुरुस्कार विजेता लेखक फ्रैंक मैक्कोर्ट, अपनी पुस्तक "टीचर मैन" में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के विद्यालयों में ३० साल के अपने अद्यापन के अनुभव के बारे में बताते हैं। विद्यार्थियों को अन्ग्रेज़ी पढ़ाने और रचनात्मक रुप से लिखना सिखाने के लिये उन्होंने विविध तरीकों को अपनाया, परन्तु छात्रों का ध्यान खींचने और उनको प्रोत्सहित करने में सबसे प्रभावशाली तरीका कहानी सुनाना ही पाया।

सिखाने का यही तरीका संसार के सर्वोत्तम गुरू प्रभु यीशु मसीह ने भी उपयोग किया। विद्वान धार्मिक नेता नीकुदेमुस ने यीशु से कहा, "हम जानते हैं कि तू परमेश्वर की ओर से गुरू होकर आया है" (युहन्ना ३:२)। परन्तु यीशु ने जब लोगों की बड़ी भीड़ को उपदेश दिया तो पुरखों की रीति के अनुसार गहन व्याख्या नहीं की; वह उनसे एक कहानीकार की शैली में बोला।

यीशु की दृष्टांत-कथाएं आज भी सार्थक हैं, क्योंकि वे जीवन के मर्म से संबंधित हैं और हृदयस्पर्शी हैं। फरीसी और चुंगी लेने वाले की कहानी के द्वारा (लूका १८), हम परमेश्वर की कृपा और क्षमा के विष्य में समझाते हैं। उड़ाऊ पुत्र की कहानी (लूका १५) मनफिराव करने वाले पापियों की ओर परमेश्वेर के प्रेम को प्रकट करती है।

यीशु की प्रेरणादायक दृष्टांत-कथाएं हमें उसके बारे में सिखाती हैं और यह भी कि हमसे वह कैसे जीवन की अभिलाषा रखता है। हम अपने विश्वास की कहानियों के द्वारा उस महान कहानीकार और गुरू की ओर लोगों का ध्यान खींच सकते हैं, जिसका जीवन ही संसार की सबसे महान कथा है। - डैनिस फिशर

परमेश्वर का सत्य जानने का एक अच्छा तरीका उसे दूसरों को सिखाना है।


बाइबल पाठ: लूका १५:११-२४


ये सब बातें यीशु ने दृष्टांतों में लोगों से कहीं, और बिना दृष्टांत वह उनसे कुछ न कहता था। - मत्ती १३:३४


एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन ३४, ३५
  • मत्ती २२:२३-४६

बुधवार, 3 फ़रवरी 2010

परमेश्वर की महिमा के विष्य में एक पाठ

"परमेश्वर से निराशा" नामक मेरी एक पुस्तक, मसीहियों द्वारा अकसर पूछे जाने वाले तीन प्रश्नों की छान-बीन करती है: क्या परमेश्वर छिप कर रहता है? क्या परमेश्वर मौन रहता है? क्या परमेश्वर पक्षपाती है? सिनै जंगल में ये प्रश्न इब्रानियों को भी परेशान करते थे, यद्यपि उन्होंने प्रति दिन परमेश्वर का प्रमाण पाया, उसकी बोली सुनी और उसके हाथ से लिखित वाचा के आधीन रहे। परमेश्वर से अपने इस संबंध से यहूदियों ने एक महान भेंट संसार को दी - एक-ईश्वरवाद, अर्थात केवल एक सर्वशक्तिशाली, पवित्र परमेश्वर में विश्वास।

आज कई लोग परमेश्वर को मात्र एक अच्छा अलौकिक मित्र समझते हैं। हम परमेश्वर की महिमा एवं गौरव का एक पाठ पुराने नियम से सीख सकते हैं।

पास्टर गौईन मकडौनल्ड लिखते हैं, "अपने जीवन के सबसे बुरे पाप मैंने उन समयों पर किये जब परमेश्वर के प्रति अपनी श्रद्धा को मैंने चुपचाप से कुछ समय के लिये नज़रन्दाज़ कर दिया था....मैंने ऐसे ही मूर्खता पूर्वक मान लिया कि अगर मैं उसके किसी एक नियम को तोड़ने का जोखिम उठाऊं तो परमेश्वर न उसकी परवाह करेगा न ही उसके लिये हस्तक्षेप करेगा।"

मकडौनल्ड आगे लिखते हैं कि अब परमेश्वर के प्रति उनके प्रेम ने उस भावत्मक नमूने को छोड़ दिया, जिससे उन्हें कभी पूर्ण संतुष्टी नहीं मिली और वे अब उस प्रेम को पिता-पुत्र के प्रेम के रूप में देखने लगे हैं। उन्होंने परमेश्वर के प्रति श्रद्धा, धन्यवाद और आज्ञाकारिता का पाठ सीखना शुरू किया है, साथ ही सीखना शुरू किया है पाप से पछतावा और शांत रहकर परमेश्वर की धीमी आवाज़ सुनना। अब वे उस संबंध के खोजी बने हैं जो परमेश्वर की हैसियत की तुलना में उनकी हैसियत के अनुरूप था।

परमेश्वर की संतान होने के कारण हमें आज़ादी है कि हम "परमेश्वर के सिंहासन के निकट हियाव बांधकर चलें" (इब्रानियों ४:१६) लेकिन ऐसा करते समय परमेश्वर पिता के अनुपम प्रताप और गौरव को कभी कमतर न होने दें। - फिलिप यैन्से

उपासना करने का अर्थ है परमेश्वर का परम मूल्य पहचानना।


बाइबल पाठ: निर्गमन ३३:१-११


तू मेरे मुख का दर्शन नहीं कर सकता; क्योंकि मनुष्य मेर्रे मुख का दर्शन करके जीवित नहीं रह सकता। - निर्गमन ३३:२०


एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन ३१-३३
  • मत्ती २२:१-२२

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2010

भविश्यद्वक्ता फिल

अमेरिका के पेन्‍सिल्वेनिया प्रदेश की एक लोक कथा के अनुसार फिल मांद में रहने वाली एक ’ग्राउंडहौग’ (- गिलहरी की जाति का एक बड़ा जान्वर) है जो ‌ऋतु की भविश्यद्वाणी देने को हर साल फरवरी दूसरी तारीख़ को गौब्लर्स नौब नामक स्थान में अपनी मांद से बाहर निकलती है। परंपरागत विश्वास यह है कि अगर फिल अपनी परछाईं देखती है तो ठंड और ६ हफ्तों के लिये होगी, अगर वह अपनी परछाईं नहीं देखती तो बसंत का आगमन जल्दी होगा।

ये सब केवल किंवदंती और मज़ाक की बातें हैं। कोई फिल और उसकी भविश्यद्वाणी को गंभीरता से नहीं लेता। मैंने यह भी सुना है कि उसकी भविश्यद्वाणी अक्सर ग़लत ही होती है।

परन्तु एक ऐसा है जो हमेशा सही होता है और जिसकी बातों को हमें गंभीरतापूर्वक स्वीकार करना है। पतरस उसके विष्य में यों कहता है, "हमारे पास जो भविष्यद्वक्ताओं का वचन है, वह एक ज्योति है, जो अंधियारे स्थान में उस समय तक प्रकाश देती है जब तक कि पौ न फटे और भोर का तारा तुम्हारे हृदयों में न चमक उठे" (२ पतरह १:१९)।

पतरस अपने उस समय को याद कर रहा था जब उसने याकूब और युहन्ना के साथ एक पहाड़ी पर यीशु के रूपांतर को देखा और पुराने नियम के दो महान भविश्यद्वक्ता मूसा और एलिय्याह, यीशु के साथ खड़े थे। सच्चे भविष्यद्वक्ताओं की उस आदर्णीय संगति में पिता परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु की तरफ इशारा करके कहा, "यह मेरा प्रीय पुत्र है, इसकी सुनो" (लूका ९:३५)। यीशु के वचन निसन्देह एक ऐसी "भविश्यद्वाणी" हैं जो कभी ग़लत नहीं हुई।

प्रभु यीशु हमें कभी पथ-भ्रष्ट नहीं करता। हम अपने प्रभु यीशु मसीह की सुनें। - डेविड रोपर


अनुमान या कल्पना से भरपूर संसार में केवल परमेश्वर का वचन सत्य है।

बाइबल पाठ:२ पतरस १:१९

हमारे पास भविष्य्द्वक्ताओं का जो वचन है, वह इस घटना से दृढ़ ठहरा। - २ पतरस १:१९


एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन २९, ३०
  • मत्ती २१:२३-४६