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शुक्रवार, 7 नवंबर 2014

वचन


   मेरी प्यानों शिक्षिका कंठस्थ कर लेने के लिए पीछे पड़ी रहती थीं। उनके लिए यह काफी नहीं था कि मैं प्यानो संगीत का कोई एक भाग बिना गलती किए बजा लूँ; वे चाहती थीं कि मैं संगीत के अनेक भाग केवल स्मरण से बिना किसी गलती के बजाने वाली हो सकूँ। वे नहीं चाहती थीं कि उनका कोई भी शिष्य कभी यह कहने पाए कि "क्षमा कीजिए, क्योंकि मेरे पास संगीत के लिखित भाग नहीं हैं इसलिए मैं आज नहीं बजा पाऊँगी!" साथ ही वे इस बात पर भी ज़ोर देती थीं कि मैं उन स्मरण किए हुए भागों को अपने अन्दर अनुभव कर सकूँ, और वह संगीत मेरे अन्दर से हावभाव के साथ निकले ना कि मेरे मस्तिष्क से।

   बचपन में मैं ना केवल प्यानो संगीत के भाग कंठस्थ करती थी, मैं परमेश्वर के वचन बाइबल के भाग भी कंठस्थ करती थी। बचपन की मेरी सीमित समझ के कारण, मुझे लगता था कि भजन 119:11 कंठस्थ कर लेने से मैं पाप करने से बची रह सकूँगी। मैं बाइबल के पद स्मरण करने के लिए बहुत मेहनत करती थी और एक बार मैंने इससे संबंधित एक प्रतियोगिता भी जीती थी। बाइबल के पद स्मरण करना एक अच्छी आदत है लेकिन केवल याद भर कर लेने से ही हम पाप करने से बच नहीं जाते - यह मैंने उस प्रतियोगिता को जीत लेने के बाद सीखा, क्योंकि इतने पद मस्तिषक में होने के बावजूद मेरे व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया था। लेकिन उन स्मरण किए गए पदों के कारण मेरे मन में अपने पापों को लेकर दोष भावना अवश्य रहने लगी।

   अन्ततः मैंने यह जाना कि परमेश्वर के वचन का मेरे मस्तिष्क में विद्यमान होना भर ही काफी नहीं है, मुझे उस वचन को अपने व्यावाहरिक जीवन में लागू भी करना है, उसे अपने मस्तिष्क से अपने मन में भी लाना है, उसकी आज्ञाकारिता भी निभानी है; अर्थात उसका पालन भी करना है। जैसे संगीत के वे भाग जब तक मेरे अन्दर का एक हिस्सा नहीं बन जाते थे, मैं उन्हें भली-भांति नहीं बजा पाती थी, उसी प्रकार परमेश्वर के उस वचन को मेरे जीवन मेरे कारगर होने के लिए मेरे जीवन का एक व्याहारिक भाग बनना आवश्यक था। बाइबल के भागों को केवल कंठस्थ कर लेना काफी नहीं था, उनका अनुसरण भी करना था। जब मैंने यह करना आरंभ किया तो पाप की पकड़ मेरे जीवन से जाती रही और मैं उस दोष भावना से भी निकल सकी।

   परमेश्वर के वचन को केवल मस्तिष्क में ही स्थान ना दें, उसे मन में भी उतारें, अपने दैनिक व्यावाहरिक जीवन का अंग बना लें, उसकी आज्ञाकारिता में चलें और वह जीवित वचन आपके जीवन को पाप की पकड़ से स्वतंत्र कर देगा। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


परमेश्वर के वचन को अपने मस्तिष्क में भर लें, मन में बसा लें और जीवन का मार्गदर्शन करने दें।

आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। - यूहन्ना 1:1, 14

बाइबल पाठ: भजन 119:9-16
Psalms 119:9 जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से। 
Psalms 119:10 मैं पूरे मन से तेरी खोज मे लगा हूं; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे! 
Psalms 119:11 मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। 
Psalms 119:12 हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियां सिखा! 
Psalms 119:13 तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैं ने अपने मुंह से किया है। 
Psalms 119:14 मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं। 
Psalms 119:15 मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा। 
Psalms 119:16 मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यूहन्ना 18-21



गुरुवार, 6 नवंबर 2014

आज्ञाकारी


   प्रायः संसार के सभी स्थानों पर प्राचीन काल से ही विधवाओं का जीवन अकसर निर्धनता और सामाजिक दुर्व्यवहार का जीवन रहा है। परमेश्वर के वचन बाइबल की दो पात्राओं के सामने भी यही परिस्थिति थी - कमाई करने के लिए परदेश गए एक इस्त्राएली परिवार की स्त्री नाओमी और उस परदेश के लोगों से लेकर ब्याही गई उसकी बहु रूत, दोनों ही विधवा हो गए थे और बड़ी अनिश्चितता उनके सामने थी। ऐसे में नाओमी ने चाहा कि रूत अपने लोगों में लौट जाए और एक नया घर बसाए और नई शुरुआत करे जबकि वह वापस इस्त्राएल में अपने घर और लोगों में लौट जाने की तैयारी कर रही थी। लेकिन रूत ने नाओमी का साथ छोड़ने से इन्कार किया और सदा उसके साथ रहने तथा उसके परमेश्वर और लोगों को अपनाने का निर्णय लिया। परमेश्वर की योजना उन दोनों में होकर कुछ अद्भुत करने की थी, जिसमें रूत की एक बहुत प्रमुख भूमिका थी।

   वापस घर आने के बाद रूत की चर्चा उस स्थान के लोगों में उसके भले व्यवहार और अपनी सास तथा उसके लोगों को प्रेम से अपनाने के कारण होने लगी। रूत सदा अपनी सास की आज्ञाकारिता में रहती और कार्य करती थी। नाओमी ने रूत को अपने एक दूर के संबंधी और धनी ज़मींदार बोआज़ के खेत में कटाई के बाद ज़मीन पर पड़े हुए अनाज को बटोरने के लिए भेजा, जहाँ बोआज़ ने उसे लगन से यह निम्न समझा जाने वाला कार्य करते देखा, उस पर कृपादृष्टि की और उसकी रक्षा तथा देखभाल के लिए अपने खेत के मज़दूरों को निर्देश दिए। आगे चलकर बोआज़ ने रूत को अपनी पत्नि के रूप में स्वीकार किया। बोआज़ और रूत के एक पुत्र उत्पन्न हुआ जिसका नाम था ओबेद। ओबेद का पोता हुआ दाऊद जो इस्त्राएल का राजा भी बना और जिसकी वंशावली में होकर संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु ने जन्म लिया।

   जब रूत नाओमी के साथ अपने देश और लोगों को छोड़कर इस्त्राएल आई थी तो उसका भविष्य अनिश्चित था। उसे यह भी पता नहीं था कि इस्त्राएल में आकर वहां के लोग उस परदेसिन के साथ कैसा व्यवहार करेंगे। लेकिन उस जवान स्त्री रूत का इस्त्राएल के परमेश्वर को अपनाना, उसकी आज्ञाकारिता में चलना, अपनी सास और उसके लोगों को आदर तथा प्रेम देना, अपनी सास की बात मानना - सब कुल मिलाकर उसके लिए इतनी आदर की बात बन गया - उसे ना केवल एक समृद्ध और संपन्न सांसारिक परिवार मिला, वरन परमेश्वर के वचन बाइबल में अनन्त काल के लिए आदर का स्थान और नाम भी मिल गया, तथा वह जगत के मुक्तिदाता एवं उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की सांसारिक वंशावली में भी सम्मिलित करी गई।

   रूत के लिए भविष्य अनिश्चित और अन्धकारमय था, लेकिन अपनी सास तथा परमेश्वर के प्रति उसकी आज्ञाकारिता तथा समर्पण ने उसे गौरवशाली तथा संपन्न बना दिया। जीवन की अनिश्चितताओं में परमेश्वर के आज्ञाकारी बने रहें, आदर और प्रेम को अपने जीवन से अलग ना होने दें, और परमेश्वर से मिलने वाले प्रतिफल आपके लिए भी उत्तम आशीषें ले आएंगे। - सिंडी हैस कैसपर


भय विश्वास को बाधित करता है किंतु परमेश्वर पर विश्वास भरोसा उत्पन्न करता है।

यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ाकर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा। - भजन 37:34

बाइबल पाठ: रूत 3:1-11
Ruth 3:1 उसकी सास नाओमी ने उस से कहा, हे मेरी बेटी, क्या मैं तेरे लिये ठांव न ढूंढूं कि तेरा भला हो? 
Ruth 3:2 अब जिसकी दासियों के पास तू थी, क्या वह बोअज हमारा कुटुम्बी नहीं है? वह तो आज रात को खलिहान में जौ फटकेगा। 
Ruth 3:3 तू स्नान कर तेल लगा, वस्त्र पहिनकर खलिहान को जा; परन्तु जब तक वह पुरूष खा पी न चुके तब तक अपने को उस पर प्रगट न करना। 
Ruth 3:4 और जब वह लेट जाए, तब तू उस के लेटने के स्थान को देख लेना; फिर भीतर जा उसके पांव उघार के लेट जाना; तब वही तुझे बताएगा कि तुझे क्या करना चाहिये। 
Ruth 3:5 उसने उस से कहा, जो कुछ तू कहती है वह सब मैं करूंगी। 
Ruth 3:6 तब वह खलिहान को गई और अपनी सास की आज्ञा के अनुसार ही किया। 
Ruth 3:7 जब बोअज खा पी चुका, और उसका मन आनन्दित हुआ, तब जा कर राशि के एक सिरे पर लेट गया। तब वह चुपचाप गई, और उसके पांव उघार के लेट गई। 
Ruth 3:8 आधी रात को वह पुरूष चौंक पड़ा, और आगे की ओर झुककर क्या पाया, कि मेरे पांवों के पास कोई स्त्री लेटी है। 
Ruth 3:9 उसने पूछा, तू कौन है? तब वह बोली, मैं तो तेरी दासी रूत हूं; तू अपनी दासी को अपनी चद्दर ओढ़ा दे, क्योंकि तू हमारी भूमि छुड़ाने वाला कुटुम्बी है। 
Ruth 3:10 उसने कहा, हे बेटी, यहोवा की ओर से तुझ पर आशीष हो; क्योंकि तू ने अपनी पिछली प्रीति पहिली से अधिक दिखाई, क्योंकि तू, क्या धनी, क्या कंगाल, किसी जवान के पीछे नहीं लगी। 
Ruth 3:11 इसलिये अब, हे मेरी बेटी, मत डर, जो कुछ तू कहेगी मैं तुझ से करूंगा; क्योंकि मेरे नगर के सब लोग जानते हैं कि तू भली स्त्री है।

एक साल में बाइबल: 
  • यूहन्ना 14-17



बुधवार, 5 नवंबर 2014

व्यावाहरिक एवं कारगर विश्वास


   इंगलैंड में 19वीं शताब्दी में मज़दूरों के लिए कार्य करने और रहने की परिस्थितियाँ बहुत खराब थीं। पुरुष, महिलाएं और बच्चे सारा दिन खतरनाक कारखानों में श्रम करते थे और शाम को गन्दी झुग्गी-झोंपड़ियों में आकर रात बिताते थे। कारखानों के मालिक अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य और भलाई की कम ही चिन्ता किया करते थे। लेकिन उस काल में भी कैडबरी चॉकलेट कंपनी के मालिक अलग ही प्रवृति के थे।

   कैडबरी कंपनी के मालिक व्यवसाय की दृष्टि से प्रतिभावान और मसीही विश्वास की दृष्टि से क्वेकर्स थे, जो परमेश्वर के वचन बाइबल की आज्ञाकारिता में रहने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपनी कंपनी में कार्य करने वाले 200 कर्मचारियों की कार्य परिस्थिति सुधारने के प्रयास किए। उन्होंने उपलब्ध जानकारी के अनुसार सबसे आधुनिक कारखाना बनवाया, जहाँ कपड़े बदलने के लिए गर्म कमरे, रसोई घर और आराम तथा मनोरंजन के लिए स्थल भी बनावाए। उन कर्मचारियों की आत्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रतिदिन उनके कार्य समय का आरंभ बाइबल अध्ययन से होता था। बाइबल हमें सिखाती है कि परमेश्वर ने मेहनत करने वालों के लिए सदा उचित पारिश्रमिक और कार्य-स्थितियों की आज्ञा दी है ना कि उन्हें दबाने या उनसे अनुचित व्यवहार की। प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा: "हे स्‍वामियों, अपने अपने दासों के साथ न्याय और ठीक ठीक व्यवहार करो, यह समझकर कि स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्‍वामी है" (कुलुस्सियों 4:1)। कैडबरी कंपनी के मालिकों ने भी यही किया, और ना केवल अपने कर्मचारियों की शारीरिक आवश्यकताओं का ध्यान रखा, वरन साथ ही आत्मिक आवश्यकताओं को भी पूरा किया। क्योंकि उन्होंने परमेश्वर के वचन को आदर दिया, परमेश्वर ने उनको भी आदर का पात्र बनाया और आज भी कैडबरी सारे संसार भर में चॉकलेट और उससे संबंधित उत्पादों के लिए सबसे अधिक जाना-माना और विश्वसनीय नाम है।

   आज चाहे हम किसी कंपनी के मालिक ना भी हों, लेकिन लोगों के साथ हमारा नियमित रूप से संपर्क और संवाद होता रहता है, और मसीही विश्वासी होने के नाते यह हमारे लिए अनिवार्य है कि सभी के साथ हमारा व्यवहार नैतिक और हमारे मसीही विश्वास के अनुरूप हो। यह सिद्धांत ना केवल लोगों के साथ व्यवहार में, वरन परिवार में और कार्य-स्थल पर भी लागू होता है। दूसरों के लिए प्रार्थना करने, उन्हें प्रोत्साहित करने और उनकी शारीरिक तथा आत्मिक आवश्यकतओं की पूर्ति में योगदान के द्वारा हम अपने मसीही विश्वास को उनके सामने व्यावाहरिक एवं कारगर रीति से प्रस्तुत कर सकते हैं। - डेनिस फिशर


परमेश्वर हमें अपनी आशीषों से परिपूर्ण करके हमें उन्हें दूसरों तक पहुँचाने का स्त्रोत बनाता है।

इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:17 - 4:1
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।
Colossians 3:18 हे पत्‍नियों, जैसा प्रभु में उचित है, वैसा ही अपने अपने पति के आधीन रहो। 
Colossians 3:19 हे पतियों, अपनी अपनी पत्‍नी से प्रेम रखो, और उन से कठोरता न करो। 
Colossians 3:20 हे बालको, सब बातों में अपने अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करो, क्योंकि प्रभु इस से प्रसन्न होता है। 
Colossians 3:21 हे बच्‍चे वालो, अपने बालकों को तंग न करो, न हो कि उन का साहस टूट जाए। 
Colossians 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्‍वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से। 
Colossians 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। 
Colossians 3:24 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। 
Colossians 3:25 क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहां किसी का पक्षपात नहीं। 
Colossians 4:1 हे स्‍वामियों, अपने अपने दासों के साथ न्याय और ठीक ठीक व्यवहार करो, यह समझकर कि स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्‍वामी है।

एक साल में बाइबल: 
  • यूहन्ना 11-13



मंगलवार, 4 नवंबर 2014

साक्षी


   लगभग 20 वर्षों से डैन स्मिथ का नाम और चेहरा न्यू-यॉर्क शहर के छोटे व्यावासायिक स्थानों, कॉफी की दुकानों, दैनिक उपयोग की सामग्री की दुकानों आदि में लगे विज्ञापनों में दिखाई देता रहा है और प्रचलित रहा है। डैन स्मिथ का एक छोटे से वाक्य का छोटा सा विज्ञापन है: "डैन स्मिथ आपको गिटार सिखाएगा।" बस इस छोटे से विज्ञापन का परिणाम है कि डैन स्मिथ अपने छात्रों को गिटार बजाना सिखाने में व्यस्त रहता है; उसके पास काम की कमी नहीं है, अपनी व्यस्तता का स्तर वह स्वयं निर्धारित करता है। उसके सिखाए हुए छात्र फिर अन्य स्थानों पर उसके विज्ञापन को लगा देते हैं, जो उनकी साक्षी है कि डैन स्मिथ ने मुझे सिखाया और वह आपको भी सिखा सकता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पृष्ठ उन लोगों की साक्षियों से भरे पड़े हैं जिनके जीवनों में परमेश्वर ने अद्भुत रीति से कार्य किया है। इन अद्भुत साक्षियों में से एक है यूहन्ना के 9 अध्याय में दी गई जन्म से अन्धे व्यक्ति की साक्षी, जिसकी दृष्टि प्रभु यीशु ने ठीक कर दी। इस विषय में जब शक्की और प्रभु यीशु के प्रति बैर रखने वाले धर्म के अगुवों ने बार-बार उस व्यक्ति से प्रश्न किए तो, "उसने उत्तर दिया: मैं नहीं जानता कि वह पापी है या नहीं: मैं एक बात जानता हूं कि मैं अन्‍धा था और अब देखता हूं" (यूहन्ना 9:25)।

   यदि आप से कहा जाए कि एक छोटे वाक्य में किसी व्यक्ति को बताएं कि प्रभु यीशु ने आपके लिए ऐसा क्या किया है जो वह दूसरों के जीवन में भी कर सकता है, तो आप क्या कहेंगे? संभवतः आपका उत्तर होगा, "प्रभु यीशु आपके भी पाप क्षमा कर सकता है"; या फिर, "...आपको भी अनन्त जीवन की चिर-स्थाई आशा दे सकता है"; या "...अनन्त विनाश से आपके भी प्राण बचा सकता है"। यदि प्रभु यीशु ने हमारे जीवनों में परिवर्तन किया है तो हम भी अपने जीवन में अनुभव किए गए उसके सामर्थ कि साक्षी दूसरों के समक्ष रख सकते हैं, कि जो उसने मेरे जीवन में किया है वह आपके जीवन में भी कर सकता है, जैसे प्रभु यीशु से साक्षात्कार के बाद उस अन्धे व्यक्ति ने कहा और संसार भर के आत्मिक रीति से अनेक अन्धे कहते आ रहे हैं - "... मैं अन्‍धा था और अब देखता हूं"। - डेविड मैक्कैसलैंड


सावधान रहें कि लोग हमारे जीवनों में क्या पढ़ते हैं; क्योंकि हमारे जीवन ही मसीह यीशु के साक्षी पत्र हैं।

...और उस से कहा, अपने घर जा कर अपने लोगों को बता, कि तुझ पर दया कर के प्रभु ने तेरे लिये कैसे बड़े काम किए हैं। - मरकुस 5:19

बाइबल पाठ: यूहन्ना 9:1-25
John 9:1 फिर जाते हुए उसने एक मनुष्य को देखा, जो जन्म का अन्‍धा था। 
John 9:2 और उसके चेलों ने उस से पूछा, हे रब्बी, किस ने पाप किया था कि यह अन्‍धा जन्मा, इस मनुष्य ने, या उसके माता पिता ने? 
John 9:3 यीशु ने उत्तर दिया, कि न तो इस ने पाप किया था, न इस के माता पिता ने: परन्तु यह इसलिये हुआ, कि परमेश्वर के काम उस में प्रगट हों। 
John 9:4 जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। 
John 9:5 जब तक मैं जगत में हूं, तब तक जगत की ज्योति हूं। 
John 9:6 यह कहकर उसने भूमि पर थूका और उस थूक से मिट्टी सानी, और वह मिट्टी उस अन्धे की आंखों पर लगाकर। 
John 9:7 उस से कहा; जा शीलोह के कुण्ड में धो ले, (जिस का अर्थ भेजा हुआ है) सो उसने जा कर धोया, और देखता हुआ लौट आया। 
John 9:8 तब पड़ोसी और जिन्हों ने पहले उसे भीख मांगते देखा था, कहने लगे; क्या यह वही नहीं, जो बैठा भीख मांगा करता था? 
John 9:9 कितनों ने कहा, यह वही है: औरों ने कहा, नहीं; परन्तु उसके समान है: उसने कहा, मैं वही हूं। 
John 9:10 तब वे उस से पूछने लगे, तेरी आंखें क्योंकर खुल गईं? 
John 9:11 उसने उत्तर दिया, कि यीशु नाम एक व्यक्ति ने मिट्टी सानी, और मेरी आंखों पर लगाकर मुझ से कहा, कि शीलोह में जा कर धो ले; सो मैं गया, और धोकर देखने लगा। 
John 9:12 उन्होंने उस से पूछा; वह कहां है? उसने कहा; मैं नहीं जानता।
John 9:13 लोग उसे जो पहिले अन्‍धा था फरीसियों के पास ले गए। 
John 9:14 जिस दिन यीशु ने मिट्टी सानकर उस की आंखे खोलीं थी वह सब्त का दिन था। 
John 9:15 फिर फरीसियों ने भी उस से पूछा; तेरी आंखें किस रीति से खुल गईं? उस न उन से कहा; उसने मेरी आंखो पर मिट्टी लगाई, फिर मैं ने धो लिया, और अब देखता हूं। 
John 9:16 इस पर कई फरीसी कहने लगे; यह मनुष्य परमेश्वर की ओर से नहीं, क्योंकि वह सब्त का दिन नहीं मानता। औरों ने कहा, पापी मनुष्य क्योंकर ऐसे चिन्ह दिखा सकता है? सो उन में फूट पड़ी। 
John 9:17 उन्होंने उस अन्धे से फिर कहा, उसने जो तेरी आंखे खोलीं, तू उसके विषय में क्या कहता है? उसने कहा, यह भविष्यद्वक्ता है। 
John 9:18 परन्तु यहूदियों को विश्वास न हुआ कि यह अन्‍धा था और अब देखता है जब तक उन्होंने उसके माता-पिता को जिस की आंखे खुल गईं थी, बुलाकर। 
John 9:19 उन से न पूछा, कि क्या यह तुम्हारा पुत्र है, जिसे तुम कहते हो कि अन्‍धा जन्मा था? फिर अब क्योंकर देखता है? 
John 9:20 उसके माता-पिता ने उत्तर दिया; हम तो जानते हैं कि यह हमारा पुत्र है, और अन्‍धा जन्मा था। 
John 9:21 परन्तु हम यह नहीं जानते हैं कि अब क्योंकर देखता है; और न यह जानते हैं, कि किस ने उस की आंखे खोलीं; वह सयाना है; उसी से पूछ लो; वह अपने विषय में आप कह देगा। 
John 9:22 ये बातें उसके माता-पिता ने इसलिये कहीं क्योंकि वे यहूदियों से डरते थे; क्योंकि यहूदी एका कर चुके थे, कि यदि कोई कहे कि वह मसीह है, तो आराधनालय से निकाला जाए। 
John 9:23 इसी कारण उसके माता-पिता ने कहा, कि वह सयाना है; उसी से पूछ लो। 
John 9:24 तब उन्होंने उस मनुष्य को जो अन्‍धा था दूसरी बार बुलाकर उस से कहा, परमेश्वर की स्‍तुति कर; हम तो जानते हैं कि वह मनुष्य पापी है। 
John 9:25 उसने उत्तर दिया: मैं नहीं जानता कि वह पापी है या नहीं: मैं एक बात जानता हूं कि मैं अन्‍धा था और अब देखता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यूहन्ना 7-10


सोमवार, 3 नवंबर 2014

थमें और देखें


   आज के समय में यात्रा करने वालों के लिए अपने गन्तव्य पर पहुँचने का सबसे सरल और उपयोगी तरीका है जीपीएस का प्रयोग करना, लेकिन मैं और मेरे पति जे अभी भी पुराने तरीके के अनुसार, अर्थात नक्शे के सहारे ही यात्रा करते हैं। क्योंकि गाड़ी अधिकतर जे ही चलाते हैं, इसलिए नक्शे पर ध्यान रखने और उन्हें सही दिशा तथा मार्ग बताते रहने का कार्य मेरा होता है। यद्यपि मैं नक्शा पढ़ने और देखने में बुरी भी नहीं हूँ, तो भी चलती हुई गाड़ी में नक्शे पर सबसे अच्छा और छोटा मार्ग चुन पाना और फिर अपने पति को समय पर सही मोड़ मुड़ने या दिशा का निर्देश देना कई बार कठिन हो जाता है। इसलिए यह करने के लिए मुझे उनसे गाड़ी रुकवाकर अपनी स्थिति और दिशा निश्चित करने की आवश्यकता होती है। यात्रा में थोड़ी देर थम जाने के ये समय हमारी आने वाले यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिए सहायक और आवश्यक होते हैं। थोड़ा सा थम कर अपनी स्थिति और दिशा सुनिश्चित कर लेने से हम आगे कहीं भटक कर और भी अधिक समय गंवाने से बच जाते हैं।

   यही बात हमारे आत्मिक जीवन में भी लागू होती है। जब हम परमेश्वर द्वारा दिए गए कार्य की पूर्ति में उसके मार्ग पर चल रहे होते हैं तो यह भला होता है कि हम समय समय पर रुककर उससे सुनिश्चित कर लें कि हम सही दिशा में जा रहे हैं कि नहीं और हमारी वर्तमान स्थिति सही है कि नहीं। यदि हम ऐसा नहीं करेंगे तो बहुत संभव है कि हम अनचाहे स्थानों, परिस्थितियों और संबंधों में पड़कर मार्ग से भटक जाएंगे और अपने कार्य को भली भांति पूरा नहीं कर सकेंगे।

   संसार के फन्दों और प्रलभनों में पड़कर भटक जाने से बचने के लिए प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कई बार जो वे कर रहे हैं उससे थम जाने को कहा - "मत कुड़कुड़ाओ", "मूँह देखा न्याय मत करो", "शक मत करो विश्वास करो" (यूहन्ना 6:43; 7:24; 20:27) आदि। प्रभु यीशु का अनुसरण करने और उसकी सेवा को पूरा करते हुए हमें कई बार थम कर देख लेना चाहिए कि हम सही मार्ग पर हैं कि नहीं, क्योंकि शैतान अनेक रीति से हमें बहकाने, भटकाने और गिराने के प्रयासों में लगा रहता है, यहाँ तक कि ज्योतिर्मय स्वर्गदूत का रुप धारण करके भी (2 कुरिन्थियों 11:13-14)। जब जब हम अपने विचारों के अनुसार सही मार्ग पर चलते हुए थोड़ा थम कर प्रभु यीशु से अपने कार्य, अपनी स्थिति और दिशा के बारे में निर्देश लेते रहते हैं, तब ही हम सुनिश्चित रहते हैं कि हम सही मार्ग और सही दिशा में ही बढ़ रहे हैं। थोड़ी देर थमना और पुनःअवलोकन करना सीखें, आप भटकने और समय तथा सामर्थ बरबाद करने से बचे रहेंगे। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर का मार्ग ही सही मार्ग है; अपने मार्ग को सुनिश्चित करते रहिए।

क्योंकि ऐसे लोग झूठे प्रेरित, और छल से काम करने वाले, और मसीह के प्रेरितों का रूप धरने वाले हैं। और यह कुछ अचम्भे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योतिमर्य स्वर्गदूत का रूप धारण करता है। - 2 कुरिन्थियों 11:13-14

बाइबल पाठ: प्रेरितों 16:4-10
Acts 16:4 और नगर नगर जाते हुए वे उन विधियों को जो यरूशलेम के प्रेरितों और प्राचीनों ने ठहराई थीं, मानने के लिये उन्हें पहुंचाते जाते थे। 
Acts 16:5 इस प्रकार कलीसिया विश्वास में स्थिर होती गई और गिनती में प्रति दिन बढ़ती गई। 
Acts 16:6 और वे फ्रूगिया और गलतिया देशों में से हो कर गए, और पवित्र आत्मा ने उन्हें ऐशिया में वचन सुनाने से मना किया। 
Acts 16:7 और उन्होंने मूसिया के निकट पहुंचकर, बितूनिया में जाना चाहा; परन्तु यीशु के आत्मा ने उन्हें जाने न दिया। 
Acts 16:8 सो मूसिया से हो कर वे त्रोआस में आए। 
Acts 16:9 और पौलुस ने रात को एक दर्शन देखा कि एक मकिदुनी पुरूष खड़ा हुआ, उस से बिनती कर के कहता है, कि पार उतरकर मकिदुनिया में आ; और हमारी सहायता कर। 
Acts 16:10 उसके यह दर्शन देखते ही हम ने तुरन्त मकिदुनिया जाना चाहा, यह समझकर, कि परमेश्वर ने हमें उन्हें सुसमाचार सुनाने के लिये बुलाया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यूहन्ना 4-6


रविवार, 2 नवंबर 2014

सचेत


   एक प्रातः मैं मूँह-अंधेरे ही अपनी कार चला कर अपने काम पर जा रहा था, मैं अपने सामने अचानक ही आई एक बड़ी सी भूरी चीज़ से चौंक गया और फिर साथ ही मेरी गाड़ी के किसी चीज़ से टकराने की आवाज़ आई। उस समय मैं खाली सड़क पर 70 मील प्रति घंटे की रफतार से गाड़ी चला रहा था और मेरी गाड़ी की साईड किसी बड़े से जानवर से लगी थी; सौभाग्यवश, ना मेरी गाड़ी और संभवतः ना ही उस जानवर को कोई नुकसान पहुँचा था, क्योंकि पीछे का दृश्य दिखाने वाले दर्पण में सड़क पर कोई ना तो कोई खून और ना ही कोई गिरा हुआ जानवर दिखाई दिया। लेकिन इस घटना ने मुझे हिला दिया; मैं तो अपनी कार हमेशा की तरह खाली सड़क पर निश्चिंत होकर चला रहा था, यह जानते हुए कि इस समय पर सड़क पर बहुत ही कम यात्री होते हैं। लेकिन उस बात ने मेरा ध्यान गाड़ी चलाने पर केंद्रित कर दिया और मैं बिलकुल सचेत होकर गाड़ी चलाने लगा तथा बहुत देर तक अपने दिल की बढ़ी हुई धड़कन को काबू में लाने का प्रयास करता रहा। एक दो पल का ही अन्तर था, वरना मेरी गाड़ी की साईड नहीं सामने का हिस्सा उस जानवर से टकराता और दोनों के ही लिए तब परिणाम बहुत भिन्न हो सकता था। उस दिन सचेत होकर गाड़ी चलाने की वह वास्तव में बहुत अप्रीय चेतावनी थी।

   संसार भी अपनी रफतार में अपने चुने हुए मार्ग पर निश्चिंत दौड़ा जा रहा है, इस बात से बेपरवाह कि उसके न्याय का एक दिन निर्धारित है और प्रतिपल निकट आता जा रहा है। क्योंकि जीवन वैसा ही चल रहा है जैसा रोज़ चलता है, इसलिए लोग सोचते हैं कि कभी कुछ भिन्न होगा ही नहीं। लेकिन अचानक ही वह दिन उनके सामने आकर खड़ा हो जाएगा और तब निर्णय बदलने का समय भी नहीं रहेगा। परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए अन्त के दिनों के चिन्ह एक एक करके पूरे होते जा रहे हैं, जो हमारे लिए प्रमाण है कि उस न्याय के दिन का समय बहुत निकट है। सारे संसार में मसीह यीशु और मसीही विश्वासियों के प्रति बढ़ता हुआ विरोध और सताव भी इन पूरे होने वाले चिन्हों में से एक है। संसार जाने या ना जाने, बाईबल की बात माने या ना माने, परन्तु शैतान जानता और मानता है कि उसका समय पूरा होने को है और वह पूरे जी-जान से सच्चे जीवते परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह के प्रति विरोध को बढ़ाने और उसके अनुयायियों को गिराने, फंसाने, सताने में लगा हुआ है।

   प्रभु यीशु ने अपने चेलों को सचेत किया कि वे जब इन बातों तथा घटनाओं को होते हुए देखें तो समझ जाएं कि अन्त का समय निकट है (मत्ती 24)। यह समय हम मसीही विश्वासियों के लिए अपने प्रभु यीशु की निकटता में बढ़ने, उसके वचन बाइबल को दृढ़ता और विश्वास से थामे रहने एवं उसे अपने मन-मस्तिष्क में बसा लेने तथा अपने प्रभु के निर्देशों के अनुसार प्रभु यीशु में संसार के लिए पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार का भरपूरी से प्रचार करने का समय है। इन अन्त के दिनों में हमारी सुरक्षा तथा आशीष सचेत रहने तथा प्रभु यीशु की निकटता में बने रहने और उसकी आज्ञाओं के पालन में ही है।


मसीही जीवन आत्मिक युद्ध का जीवन है - तैयार रहें।

इसी रीति से जब तुम इन सब बातों को देखो, तो जान लो, कि वह निकट है, वरन द्वार ही पर है। - मत्ती 24:33

बाइबल पाठ: मत्ती 24:4-14
Matthew 24:4 यीशु ने उन को उत्तर दिया, सावधान रहो! कोई तुम्हें न भरमाने पाए। 
Matthew 24:5 क्योंकि बहुत से ऐसे होंगे जो मेरे नाम से आकर कहेंगे, कि मैं मसीह हूं: और बहुतों को भरमाएंगे। 
Matthew 24:6 तुम लड़ाइयों और लड़ाइयों की चर्चा सुनोगे; देखो घबरा न जाना क्योंकि इन का होना अवश्य है, परन्तु उस समय अन्‍त न होगा। 
Matthew 24:7 क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह जगह अकाल पड़ेंगे, और भुईंडोल होंगे। 
Matthew 24:8 ये सब बातें पीड़ाओं का आरम्भ होंगी। 
Matthew 24:9 तब वे क्‍लेश दिलाने के लिये तुम्हें पकड़वाएंगे, और तुम्हें मार डालेंगे और मेरे नाम के कारण सब जातियों के लोग तुम से बैर रखेंगे। 
Matthew 24:10 तब बहुतेरे ठोकर खाएंगे, और एक दूसरे से बैर रखेंगे। 
Matthew 24:11 और बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बहुतों को भरमाएंगे। 
Matthew 24:12 और अधर्म के बढ़ने से बहुतों का प्रेम ठण्‍डा हो जाएगा। 
Matthew 24:13 परन्तु जो अन्‍त तक धीरज धरे रहेगा, उसी का उद्धार होगा। 
Matthew 24:14 और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा, कि सब जातियों पर गवाही हो, तब अन्‍त आ जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यूहन्ना 1-3


शनिवार, 1 नवंबर 2014

त्यागा हुआ?


   क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में कौन से भजन का सबसे अधिक बार उद्धरण हुआ है? शायद आपने भजन 23 सोचा होगा जो बहुत लोकप्रीय और अकसर प्रयोग किया जाने वाला भजन है; लेकिन नए नियम में सबसे अधिक उद्धरण भजन 22 का हुआ है। भजन 22 आरंभ होता है भजन के लेखक दाऊद के मार्मिक तथा हृदयविदारक शब्दों से जिन्हें प्रभु यीशु मसीह ने क्रूस पर उद्धरित किया, "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" (मत्ती 27:46; मरकुस 15:34); दाऊद ने अनुभव किया कि वह त्यागा हुआ है, अकेला पड़ गया है, क्योंकि वह आगे कहता है: "तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है?" (भजन 22:1)। साथ ही दाऊद ने यह भी अनुभव किया कि वह नज़रन्दाज़ किया हुआ है: "हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता" (भजन 22:2)।

   ज़रा उस परिस्थिति की कल्पना कीजिए जिस में दाऊद ने अपने आप को पाया होगा और उसके मन से परमेश्वर को संबोधित यह वेदना की पुकार निकली होगी। लेकिन इस भजन में एक और विलक्षण बात है, इस में वर्णित बातें प्रभु यीशु के जीवन और क्रूस पर चढ़ाए जाने और वहाँ उनके अनुभवों की भविष्यवाणी भी हैं जो प्रभु यीशु के जन्म से लगभग 1000 वर्ष पूर्व दाऊद ने लिखीं, वह भी तब जब क्रूस पर चढ़ाकर दीया जाने वाला मृत्युदण्ड आरंभ भी नहीं हुआ था, और प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के समय पूरी हुईं!

   क्या आप भी कभी ऐसी किसी परिस्थिति और अनुभव से होकर निकले हैं? क्या आपने भी कभी आकाश की ओर देखकर यह सोचा है कि क्यों परमेश्वर आपकी नहीं सुन रहा है, आपको नज़रन्दाज़ कर रहा है? यदि ऐसा है तो दाऊद के अनुभवों के संसार में आपका भी स्वागत है! लेकिन इस भजन में एक और बात है - दाऊद की प्रत्येक दुखभरी फरियाद के साथ, परमेश्वर का एक गुण भी दिया गया है जो दाऊद को निराशा से निकालकर लाता है। अपने इस अनुभव में होकर दाऊद ने जाना कि परमेश्वर पवित्र है (पद 3), भरोसेमन्द है (पद 4-5), छुड़ाने और बचानेवाला है (पद 8, 20-21), और उसका सामर्थी सहायक है (पद 19)।

   क्या आप भी अपने आपको त्यागा हुआ और अकेला पड़ा हुआ समझते हैं? परमेश्वर पर भरोसा रखिए, दाऊद के समान उसे पुकारिए और उसके गुणों को दोहराईए, और फिर दाउद के समान ही आप भी उसकी स्तुति करने लगेंगे (पद 26)। - डेव ब्रैनन


चाहे हम परमेश्वर की उपस्थिति महसूस ना भी करें, उसकी प्रेम भरी देखभाल हमें सदा ढाँपे रहती है।

क्योंकि वह अभिलाषी जीव को सन्तुष्ट करता है, और भूखे को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है। - भजन 107:9

बाइबल पाठ: भजन 22
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? 
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता। 
Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है। 
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। 
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है। 
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, 
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है। 
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्च था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया। 
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है। 
Psalms 22:11 मुझ से दूर न हो क्योंकि संकट निकट है, और कोई सहायक नहीं। 
Psalms 22:12 बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए हैं। 
Psalms 22:13 वह फाड़ने और गरजने वाले सिंह की नाईं मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।
Psalms 22:14 मैं जल की नाईं बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया। 
Psalms 22:15 मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है। 
Psalms 22:16 क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरी चारों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। 
Psalms 22:17 मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं; 
Psalms 22:18 वे मेरे वस्त्र आपस में बांटते हैं, और मेरे पहिरावे पर चिट्ठी डालते हैं। 
Psalms 22:19 परन्तु हे यहोवा तू दूर न रह! हे मेरे सहायक, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर! 
Psalms 22:20 मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! 
Psalms 22:21 मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगली सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।
Psalms 22:22 मैं अपने भाइयों के साम्हने तेरे नाम का प्रचार करूंगा; सभा के बीच में तेरी प्रशंसा करूंगा। 
Psalms 22:23 हे यहोवा के डरवैयों उसकी स्तुति करो! हे याकूब के वंश, तुम सब उसकी महिमा करो! हे इस्त्राएल के वंश, तुम उसका भय मानो! 
Psalms 22:24 क्योंकि उसने दु:खी को तुच्छ नहीं जाना और न उस से घृणा करता है, ओर न उस से अपना मुख छिपाता है; पर जब उसने उसकी दोहाई दी, तब उसकी सुन ली।
Psalms 22:25 बड़ी सभा में मेरा स्तुति करना तेरी ही ओर से होता है; मैं अपने प्रण को उस से भय रखने वालों के साम्हने पूरा करूंगा 
Psalms 22:26 नम्र लोग भोजन कर के तृप्त होंगे; जो यहोवा के खोजी हैं, वे उसकी स्तुति करेंगे। तुम्हारे प्राण सर्वदा जीवित रहें! 
Psalms 22:27 पृथ्वी के सब दूर दूर देशों के लोग उसको स्मरण करेंगे और उसकी ओर फिरेंगे; और जाति जाति के सब कुल तेरे साम्हने दण्डवत करेंगे। 
Psalms 22:28 क्योंकि राज्य यहोवा की का है, और सब जातियों पर वही प्रभुता करता है।
Psalms 22:29 पृथ्वी के सब हृष्टपुष्ट लोग भोजन कर के दण्डवत करेंगे; वह सब जितने मिट्टी में मिल जाते हैं और अपना अपना प्राण नहीं बचा सकते, वे सब उसी के साम्हने घुटने टेकेंगे। 
Psalms 22:30 एक वंश उसकी सेवा करेगा; दूसरा पीढ़ी से प्रभु का वर्णन किया जाएगा। 
Psalms 22:31 वह आएंगे और उसके धर्म के कामों को एक वंश पर जो उत्पन्न होगा यह कहकर प्रगट करेंगे कि उसने ऐसे ऐसे अद्भुत काम किए।

एक साल में बाइबल: 
  • लूका 22-24