ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शनिवार, 4 मई 2019

प्रार्थना



      मैंने एक माँ द्वारा अपने परिवार में लागू किए गए पाँच-मिनिट के नियम के बारे में पढ़ा। उस परिवार के बच्चों को रोज सुबह स्कूल जाने से पाँच मिनिट पहले माँ के पास एकत्रित होना होता था और फिर माँ उन सब के लिए नाम ले-लेकर प्रार्थना करती थी, उन पर परमेश्वर की सुरक्षा और आशीष मांगती थी, और फिर प्यार करके उन्हें स्कूल के लिए रवाना कर देती थी। यदि उस समय पड़ौस का कोई बच्चा आया हुआ होता था, तो उसके लिए भी वैसे ही प्रार्थना की जाती थी। एक बच्चे ने वर्षों बाद बताया कि उसने इस अनुभव से सीखा था कि प्रार्थना उसके लिए कितनी आवश्यक है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 102 का लेखक प्रार्थना के महत्व को जानता था। इस भजन का शीर्षक है “दीन जन की उस समय की प्रार्थना जब वह दुःख का मारा अपने शोक की बातें यहोवा के सामने खोलकर कहता हो।” उस भजनकार ने परमेश्वर को पुकार कर कहा, “हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे! मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले” (पद 1-2), और बताया कि, “यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्र स्थान से दृष्टि कर के स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है” (पद 19)।

      परमेश्वर आपकी चिंता करता है और आपकी बात को सुनना चाहता है। चाहे आप अपने दिन पर आशीष माँगने के लिए पाँच-मिनिट के नियम का पालन करें, या गहरी परेशानी में उसके सामने अपनी बात कहने में अधिक समय लगाना चाहें, परन्तु परमेश्वर के साथ प्रार्थना में समय अवश्य बिताएं। आपकी प्रार्थना न केवल आपके लिए सहायक होगी, वरन उससे आपके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति पर गहरा प्रभाव भी पड़ सकता है। - ऐनी सेटास


प्रार्थना इसकी स्वीकृति है कि हमें परमेश्वर की आवश्यकता है।

निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:17

बाइबल पाठ: भजन 102:1-17
Psalms 102:1 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे!
Psalms 102:2 मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले!
Psalms 102:3 क्योंकि मेरे दिन धुएं की नाईं उड़े जाते हैं, और मेरी हडि्डयां लुकटी के समान जल गई हैं।
Psalms 102:4 मेरा मन झुलसी हुई घास की नाईं सूख गया है; और मैं अपनी रोटी खाना भूल जाता हूं।
Psalms 102:5 कराहते कराहते मेरा चमड़ा हडि्डयों में सट गया है।
Psalms 102:6 मैं जंगल के धनेश के समान हो गया हूं, मैं उजड़े स्थानों के उल्लू के समान बन गया हूं।
Psalms 102:7 मैं पड़ा पड़ा जागता रहता हूं और गौरे के समान हो गया हूं जो छत के ऊपर अकेला बैठता है।
Psalms 102:8 मेरे शत्रु लगातार मेरी नामधराई करते हैं, जो मेरे विराध की धुन में बावले हो रहे हैं, वे मेरा नाम ले कर शपथ खाते हैं।
Psalms 102:9 क्योंकि मैं ने रोटी की नाईं राख खाई और आंसू मिला कर पानी पीता हूं।
Psalms 102:10 यह तेरे क्रोध और कोप के कारण हुआ है, क्योंकि तू ने मुझे उठाया, और फिर फेंक दिया है।
Psalms 102:11 मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।
Psalms 102:12 परन्तु हे यहोवा, तू सदैव विराजमान रहेगा; और जिस नाम से तेरा स्मरण होता है, वह पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहेगा।
Psalms 102:13 तू उठ कर सिय्योन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुआ समय आ पहुंचा है।
Psalms 102:14 क्योंकि तेरे दास उसके पत्थरों को चाहते हैं, और उसकी धूलि पर तरस खाते हैं।
Psalms 102:15 इसलिये अन्यजातियां यहोवा के नाम का भय मानेंगी, और पृथ्वी के सब राजा तेरे प्रताप से डरेंगे।
Psalms 102:16 क्योंकि यहोवा ने सिय्योन को फिर बसाया है, और वह अपनी महिमा के साथ दिखाई देता है;
Psalms 102:17 वह लाचार की प्रार्थना की ओर मुंह करता है, और उनकी प्रार्थना को तुच्छ नहीं जानता।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 16-18
  • लूका 22:47-71



शुक्रवार, 3 मई 2019

साथ



      अपोलो 15 के अंतरिक्षयात्री एल वॉर्डन को चन्द्रमा की पिछली ओर रहकर अकेले होने का अनुभव था। जब 1971 में उनके दो साथी, हज़ारों मील दूर, चन्द्रमा की सतह पर कार्य कर रहे थे तो एल अकेले ही तीन दिन तक उनके अंतरिक्ष यान को चला रहे थे। उस समय में उनका साथ केवल अंतरिक्ष में स्थित सितारे ही दे रहे थे, और एल को वे इतने घने लगे मानों उन सितारों ने उन्हें रौशनी की एक चादर में लपेट लिया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल का एक प्रमुख पात्र, याकूब, भी बिलकुल अकेले रात बिता रहा था, परन्तु एक भिन्न कारण से। वह अपने बड़े भाई एसव से जान बचा कर भाग रहा था, क्योंकि पहलौठे के लिए निर्धारित आशीषों को याकूब ने अपने लगभग अंधे हो चुके पिता से, धोखे से चुरा लिया था और एसव के स्थान पर स्वयं के लिए ले लिया था। लेकिन सो जाने के पश्चात, याकूब ने पृथ्वी से स्वर्ग तक जाने वाली सीढ़ी का दर्शन देखा। उसने उस सीढ़ी पर स्वर्गदूतों को चढ़ते-उतारते देखा और उससे परमेश्वर ने बात की। परमेश्वर ने याकूब को आश्वस्त किया कि वह सदा उसके साथ रहेगा और उसके वंशजों के द्वारा समस्त पृथ्वी को आशीषित करेगा। जब याकूब नींद से उठा तो उसने कहा, “निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था” (उत्पत्ति 28:16)।

      याकूब ने अपने आप को अपने धोखे के कारण अकेला कर लिया था। किन्तु उसके अकेलेपन की उस अंधेरी रात में भी परमेश्वर उसके साथ था, और परमेश्वर की मनुष्यों की योजनाओं से बहुत अधिक बेहतर और भलाई की दूरगामी योजनाएं उसके साथ थीं। प्रभु यीशु मसीह में होकर आज स्वर्ग हमारे लिए बहुत निकट है, और “याकूब का परमेश्वर” हमारे साथ रहता है। - मार्ट डीहॉन



परमेश्वर हमारे सोचने से अधिक निकट है।

यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है। - भजन 34:18

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 28:10-17
Genesis 28:10 सो याकूब बेर्शेबा से निकल कर हारान की ओर चला।
Genesis 28:11 और उसने किसी स्थान में पहुंच कर रात वहीं बिताने का विचार किया, क्योंकि सूर्य अस्त हो गया था; सो उसने उस स्थान के पत्थरों में से एक पत्थर ले अपना तकिया बना कर रखा, और उसी स्थान में सो गया।
Genesis 28:12 तब उसने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं।
Genesis 28:13 और यहोवा उसके ऊपर खड़ा हो कर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा।
Genesis 28:14 और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे।
Genesis 28:15 और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
Genesis 28:16 तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था।
Genesis 28:17 और भय खा कर उसने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46



गुरुवार, 2 मई 2019

स्पर्ष



      काएली ने पूर्वी अफ्रीका के एक भीतरी इलाके में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए जा रहे अभियान में सम्मिलित होने के अवसर को तुरंत सहर्ष स्वीकार तो कर लिया, किन्तु उसे कुछ बेचैनी भी थी। उसे कोई भी चिकित्सा संबंधित अनुभव नहीं था; वह केवल बुनियादी देखभाल ही प्रदान कर सकती थी।

      उस अभियान के समय वह एक महिला के संपर्क में आई जिसे भयंकर किन्तु साध्य रोग था। उस रोग के कारण उस महिला की ख़राब टांग को देखकर काएली को घृणा तो हुई, परन्तु उसे इस बात का भी एहसास था कि उसके लिए कुछ करना तो पड़ेगा। जब वह उस महिला की टांग की मरहम-पट्टी करने लगी, तो वह महिला रोने लगी। चिन्तित होकर काएली ने पूछा कि क्या उसके कार्य से पीड़ा हो रही है, तो महिला ने उत्तर दिया, “नहीं; लेकिन यह पहली बार हुआ है कि नौ वर्ष में किसी ने मुझे छुआ है।”

      कोढ़ एक ऐसी बीमारी है जिसके रोगियों को देखकर लोगों को घृणा आती है, और प्राचीन यहूदी संस्कृति में कोढ़ को फैलने से रोकने के लिए कोढियों से संबंधित कुछ कठोर नियम लागू किए गए थे। उन्हें छावनी या निवास-स्थलों के बाहर अकेले रहना होता था (लैव्यवस्था 13:46)।

      इसीलिए यह इतना असाधारण है कि एक कोढ़ी ने प्रभु यीशु के पास आकर उससे कहा, “हे प्रभु यदि तू चाहे, तो मुझे शुद्ध कर सकता है” (मत्ती 8:2)। और प्रत्युत्तर में प्रभु यीशु ने उससे कहा “मैं चाहता हूं, तू शुद्ध हो जा और वह तुरन्त कोढ़ से शुद्ध हो गया” (मत्ती 8:3)।

      एक कोढ़ी महिला की रोग-ग्रस्त टांग को छूने के द्वारा काएली ने प्रभु यीशु के उस साहसी, साथ लेकर चलने वाले प्रेम का व्यावहारिक प्रगटीकरण किया। एक स्पर्ष अन्तर ला सकता है। - टिम गुस्ताफ्सन


यदि हम परमेश्वर पर भरोसा रखकर उसे अनुमति दें कि वह हमें प्रयोग करे, 
तो हम कितना अन्तर ला सकते हैं।

और चलते चलते प्रचार कर कहो कि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है। बीमारों को चंगा करो: मरे हुओं को जिलाओ: कोढिय़ों को शुद्ध करो: दुष्टात्माओं को निकालो: तुम ने सेंतमेंत पाया है, सेंतमेंत दो। - मत्ती 10:7-8

बाइबल पाठ: मत्ती 8:1-4
Matthew 8:1 जब वह उस पहाड़ से उतरा, तो एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।
Matthew 8:2 और देखो, एक कोढ़ी ने पास आकर उसे प्रणाम किया और कहा; कि हे प्रभु यदि तू चाहे, तो मुझे शुद्ध कर सकता है।
Matthew 8:3 यीशु ने हाथ बढ़ाकर उसे छूआ, और कहा, मैं चाहता हूं, तू शुद्ध हो जा और वह तुरन्त कोढ़ से शुद्ध हो गया।
Matthew 8:4 यीशु ने उस से कहा; देख, किसी से न कहना परन्तु जा कर अपने आप को याजक को दिखला और जो चढ़ावा मूसा ने ठहराया है उसे चढ़ा, ताकि उन के लिये गवाही हो।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20



बुधवार, 1 मई 2019

शान्ति



      आप की क्या प्रतिक्रया होगी, यदि दिनचर्या के कार्य करते हुए अचानक ही परमेश्वर आपके समक्ष एक सन्देश लेकर प्रगट हो जाए? परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि ऐसा एक प्राचीन इस्राएली गिदोन के साथ हुआ, “उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है” (न्यायियों 6:12)। गिदोन बस खामोश रहकर, थूक गटक कर, अपना सिर हिलाकर प्रतिक्रया दे सकता था, परन्तु, “गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है” (न्यायियों 6:13)। गिदोन जानना चाहता था कि ऐसा क्यों प्रतीत हो रहा है कि परमेश्वर ने अपने लोगों को त्याग दिया है?

      परमेश्वर ने इस प्रश्न का उसे कोई उत्तर नहीं दिया। सात वर्षों से गिदोन तथा इस्राएली शत्रु के हमले, भुखमरी, और गुफाओं में छिपकर जान बचाना झेल रहे थे, किन्तु परमेश्वर ने कोई स्पष्टिकरण नहीं दिया कि उसने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। परमेश्वर बीते समय में किए गए इस्राएल के पापों को कारण बता सकता था, किन्तु इसके स्थान पर उसने गिदोन को भविष्य के लिए आशा दी। परमेश्वर ने गिदोन से कहा, “तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा;...निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को” (पद 14, 16)।

      क्या आप कभी विचार करते हैं  कि परमेश्वर आपके जीवन में दुःख और परेशानियों को क्यों आने देता है? इस प्रश्न का उत्तर देने के स्थान पर परमेश्वर आज आपको अपनी निकटता के एहसास द्वारा, तथा यह स्मरण दिलवाकर कि आप जब भी कमज़ोर अनुभव करें, आप उसकी सामर्थ्य पर भरोसा रख सकते हैं, संतुष्ट कर सकता है। जब अन्ततः गिदोन ने यह मान लिया कि परमेश्वर उसके साथ है, और उसकी सहायता करेगा, तब “गिदोन ने वहां यहोवा की एक वेदी बनाकर उसका नाम यहोवा शालोम रखा” (पद 24)।

      यह जानने और इसमें भरोसा रखने में शान्ति है कि हम चाहे कुछ भी करें, हम चाहे जहाँ भी जाएँ, परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है, और उसने हम से वायदा किया है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करने से उत्तम क्या हो सकता है? 
भले और सामर्थी परमेश्वर पर विश्वास रखना।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: न्यायियों 6:11-16, 24
Judges 6:11 फिर यहोवा का दूत आकर उस बांजवृझ के तले बैठ गया, जो ओप्रा में अबीएजेरी योआश का था, और उसका पुत्र गिदोन एक दाखरस के कुण्ड में गेहूं इसलिये झाड़ रहा था कि उसे मिद्यानियों से छिपा रखे।
Judges 6:12 उसको यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है।
Judges 6:13 गिदोन ने उस से कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, यदि यहोवा हमारे संग होता, तो हम पर यह सब विपत्ति क्यों पड़ती? और जितने आश्चर्यकर्मों का वर्णन हमारे पुरखा यह कहकर करते थे, कि क्या यहोवा हम को मिस्र से छुड़ा नहीं लाया, वे कहां रहे? अब तो यहोवा ने हम को त्याग दिया, और मिद्यानियों के हाथ कर दिया है।
Judges 6:14 तब यहोवा ने उस पर दृष्टि कर के कहा, अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा; क्या मैं ने तुझे नहीं भेजा?
Judges 6:15 उसने कहा, हे मेरे प्रभु, बिनती सुन, मैं इस्राएल को क्योंकर छुड़ाऊ? देख, मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूं।
Judges 6:16 यहोवा ने उस से कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; सो तू मिद्यानियों को ऐसा मार लेगा जैसा एक मनुष्य को।
Judges 6:24 तब गिदोन ने वहां यहोवा की एक वेदी बनाकर उसका नाम यहोवा शालोम रखा। वह आज के दिन तक अबीएजेरियों के ओप्रा में बनी है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 10-11
  • लूका 21:20-38



मंगलवार, 30 अप्रैल 2019

प्रेम



      हम अपने दैनिक जीवन में देखते हैं कि शायद ही कभी कोई ऐसा दिन होता होगा जिसमें हमें अपमान, उपेक्षा, या अनादर का सामना न करना पड़ता हो। कभी-कभी हम स्वयँ ही यह अपने प्रति कर लेते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि दाऊद के शत्रु उसके साथ ऐसा ही व्यवहार कर रहे थे – वे उसे धमका रहे थे, डरा रहे थे, उसकी निन्दा कर रहे थे। इस कारण उसका आत्म-सम्मान और अपने प्रति भाव बहुत गिर गिया (भजन 4:1-2) और वह इस परेशानी की स्थिति में से निकलने का मार्ग ढूँढ़ रहा था।

      फिर दाऊद को स्मरण आया कि, “यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा” (पद 3)। दाऊद के इस  दृढ़ कथन के भाव को समझाने के लिए भिन्न अंग्रेज़ी अनुवाद भिन्न शब्द प्रयोग करते हैं। यहाँ पर जिस शब्द का अनुवाद “भक्त” हुआ है, मूल इब्रानी भाषा मैं वह है ‘हेसेद’ जिसका अर्थ होता है परमेश्वर द्वारा वाचा में बाँधा गया प्रेम, अर्थात दाऊद के कहने का अभिप्राय था “वह जिससे परमेश्वर सदा काल तक प्रेम करता ही रहेगा।”

      आज हम मसीही विश्वासियों को भी यही बात सदैव स्मरण रखनी चाहिए: परमेश्वर हम से सदा काल का प्रेम करता है, उसने हमें प्रभु यीशु मसीह में होकर एक विशेष स्थान प्रदान किया है, जहाँ हम उसके लिए उतने ही प्रिय हैं जितना प्रभु यीशु। उसने हमें अनन्तकाल के लिए अपनी सन्तान होने के लिए बुलाया है।

      इसलिए परिस्थितियों के कारण निराश होने के स्थान पर, हम अपने आप को परमेश्वर के उस प्रेम के विषय जो वह हमसे करता है, सदा स्मरण दिला सकते हैं। हम परमेश्वर की अति प्रिय सन्तान हैं, और हमारे लिए निराशा नहीं वरन आनन्द और शान्ति निर्धारित है (पद 6, 7)। हमारे प्रति परमेश्वर की आशा सदा बनी रहती है, उसका प्रेम कभी कम नहीं होता है। - डेविड रोपर


परमेश्वर के प्रेम की वास्तविकता है कि उसका प्रेम असीम होता है। - बर्नार्ड क्लैरवौक्स

यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है। - यिर्मयाह 31:3

बाइबल पाठ: भजन 4:1-8
Psalms 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
Psalms 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे?
Psalms 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा।
Psalms 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो।
Psalms 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो।
Psalms 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका!
Psalms 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था।
Psalms 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 8-9
  • लूका 21:1-19



सोमवार, 29 अप्रैल 2019

उपस्थित



      हम अपनी यात्रा में देर रात एक ग्रामीण विश्रामगृह में रुके, और हमें यह देखकर प्रसन्नता हुई कि हमारे कमरे के साथ एक बालकनी भी थी, जिससे बाहर का दृश्य देखा जा सकता था। किन्तु उस समय घना कोहरा छाया हुआ था, इसलिए उस अन्धकार में बालकनी से बाहर का दृश्य दिखाई नहीं दे रहा था। परन्तु प्रातः उठकर हमने देखा, कि सूरज के निकलने के बाद कोहरा छंट गया है और हम बाहर का मनोरम दृश्य देख पा रहे थे – दूर तक फ़ैली एक रमणीय, शान्त हरियाली चारागाह, जिसमें गले में घंटियाँ बंधी भेड़ें चर रही थीं, और नीले आकाश में सफ़ेद बादल जो बड़ी बड़ी भेड़ों के समान प्रतीत हो रहे थे। रात के अन्धकार और कोहरे ने वहाँ विद्यमान जिस सुन्दरता को अदृश्य कर रखा था, वह अब स्पष्ट दिखाई दे रही थी।

      कभी-कभी जीवन पर भी निराशा का घना कोहरा छा सकता है, और परिस्थिति इतनी अंधकारमय प्रतीत हो सकती है कि हमें कुछ सूझ नहीं पड़ता कि क्या करें! परन्तु जैसे सूर्य की ज्योति और गर्मी कोहरे और अन्धकार को हटा देती है, परमेश्वर पर हमारा विश्वास और उससे सदैव उपलब्ध सहायता का आश्वासन हमारी निराशाओं और शंकाओं को दूर कर देता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई विश्वास की परिभाषा है: “अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है” (इब्रानियों  11:1)। यह खण्ड हमें आगे नूह के विश्वास के संबंध में स्मरण करवाता है कि “विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया” (पद 7); तथा अब्राहम के विश्वास के विषय भी, जो अपने गंतव्य को न जानते हुई भी परमेश्वर के कहे पर, उसके मार्गदर्शन में एक नए और अनजाने स्थान के लिए निकल पड़ा (पद 8)।

      चाहे हम परमेश्वर को अपनी भौतिक आँखों से देख नहीं पाते हैं, किन्तु वह सदैव हमारे साथ उपस्थित रहता है, और हमारी प्रत्येक परिस्थिति में हमारी सहायता करने, समस्या का निवारण करने के लिए तैयार रहता है। - सिंडी हैस कैस्पर


विश्वास वह रडार है जो कोहरे में भी देख सकता है। - कोरी टेन बूम

उसने [अब्राहम] यहोवा पर विश्वास किया; और यहोवा ने इस बात को उसके लेखे में धर्म गिना। - उत्पत्ति 15:6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:1-8
Hebrews 11:1 अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है।
Hebrews 11:2 क्योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्छी गवाही दी गई।
Hebrews 11:3 विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्‍टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्‍तुओं से बना हो।
Hebrews 11:4 विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया; और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी; और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
Hebrews 11:5 विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला; क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उसने परमेश्वर को प्रसन्न किया है।
Hebrews 11:6 और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आने वाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजने वालों को प्रतिफल देता है।
Hebrews 11:7 विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उसने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 6-7
  • लूका 20:27-47



रविवार, 28 अप्रैल 2019

क्रोध



      बात ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर की है, एक प्रातः फिओन मुल्हौलेंड ने पाया कि उसकी कार गायब है। तब उसे एहसास हुआ कि उसने कार को निषिद्ध क्षेत्र में खड़ा किया था, इसलिए उसे उठा कर ले जाया गया है। उसने परिस्थिति पर विचार किया, उसे जो जुर्माने के लिए 600 डॉलर देने पड़ेंगे, उसके बारे में भी सोचा, और निर्णय लिया कि वह कार को वापस लाने के लिए जिस व्यक्ति के साथ संपर्क में आएगा, उसके प्रति क्रोधित नहीं होगा। अपनी भावनाओं को क्रोध में व्यक्त करने के स्थान पर मुल्होलेंड ने उस स्थिति को लेकर एक हास्य कविता भी लिखा डाली, और जब वह कार को छुड़ाने के लिए गया तो वहाँ उपस्थित व्यक्ति को वह कविता पढ़कर सुनाई, और उस व्यक्ति को वह कविता पसन्द भी आई। इस प्रकार एक संभावित झगड़ा होने से बच गया।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन की पुस्तक सिखाती है कि “मुकद्दमे से हाथ उठाना, पुरूष की महिमा ठहरती है; परन्तु सब मूढ़ झगड़ने को तैयार होते हैं” (नीतिवचन 20:3)। झगड़ा वह तनाव है जो दो लोगों के बीच होता है जब वे किसी बात पर असहमत होते हैं, और या तो अन्दर ही अन्दर उबलता रहता है, या विस्फोटक होकर दोनों के मध्य बाहर निकल पड़ता है।

      परमेश्वर ने हमें सब के साथ शांतिपूर्वक रहने के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान किए हैं। परमेश्वर का वचन हमें आश्वस्त करता है कि क्रोधित होना किन्तु पाप न करना संभव है (इफिसियों 4:26)। परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें सामर्थ्य देता है कि हम लोगों के प्रति कटु प्रतिक्रया करने, या उन्हें आहात करने करने के लिए हमें उकसाने वाली चिंगारियों से बच कर चल सकें। और प्रभु यीशु मसीह में जब भी हम आवेश में हों या उकसाए जाएँ तो, अनुसरण करने के लिए उपयुक्त उदाहरण पाते हैं (1 पतरस 2:23)। हमारा प्रभु परमेश्वर दयालु, अनुग्रहकारी, क्रोध करने में धीमा, और बहुतायत से प्रेम तथा विश्वासयोग्यता बनाए रखता है (भजन 86:15)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


क्रोध करने में धीमे रहो।

क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे। - इफिसियों 4:26

बाइबल पाठ: याकूब 1:19-27
James 1:19 हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो।
James 1:20 क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है।
James 1:21 इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर कर के, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है।
James 1:22 परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।
James 1:23 क्योंकि जो कोई वचन का सुनने वाला हो, और उस पर चलने वाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्‍वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है।
James 1:24 इसलिये कि वह अपने आप को देख कर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था।
James 1:25 पर जो व्यक्ति स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।
James 1:26 यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।
James 1:27 हमारे परमेश्वर और पिता के निकट शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है, कि अनाथों और विधवाओं के क्‍लेश में उन की सुधि लें, और अपने आप को संसार से निष्‍कलंक रखें।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 3-5
  • लूका 20:1-26