ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शनिवार, 6 जुलाई 2019

पहल



      हमने अनाथालय से एक लड़के को गोद लिया और उसे अपना पुत्र बनाकर हमारे परिवार में उसके नए जीवन के अनुकूल बनने में उसकी सहायता और मार्गदर्शन करने लगे। अनाथालय में उसके जीवन के आरंभिक दिनों में मिले मानसिक आघात उसके अंदर से कुछ नकारात्मक व्यवहार को उत्पन्न कर रहे थे। यद्यपि जीवन के आरंभिक समय में उसके द्वारा झेली गई उन कठिनाईयों के प्रति मुझे बहुत अनुकम्पा थी, परन्तु उसके उन नकारात्मक व्यवहारों के कारण मुझे लगने लगा कि मैं उससे कुछ दूरी बनाने लगी हूँ। मुझे अपने इस रवैये पर ग्लानि हुई और मैंने उसके मानसिक चिकित्सिक के साथ अपनी यह व्यथा साझा की। उस चिकित्सक के कोमल किन्तु सटीक उत्तर ने तुरंत ही मुझे सही रास्ता दिखाया; उस का परामर्श था, “उसे आपकी पहल की आवश्यकता है...आपको पहल करके उसे दिखाना होगा कि वह जैसा भी है, आपके प्रेम के योग्य है और आप व्यवाहारिक रीति से वास्तव में उससे प्रेम करती हैं; तब ही वह प्रेम के व्यवहार को जानने, समझने, और सीखने पाएगा।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना अपनी पत्रियों के पाठकों को प्रेम की अद्भुत गहराईयों में ले जाता है, और परमेश्वर के प्रेम को एक दूसरे के प्रति प्रेम का स्त्रोत और कारण दिखाता है (1 यूहन्ना 4:7, 11)। मैं मानती हूँ कि मैं औरों के प्रति, वे चाहे अजनबी हों, या मित्रगण, अथवा मेरे बच्चे, बहुधा ऐसा प्रेम नहीं दिखाने पाती हूँ। परन्तु यूहन्ना के शब्द मेरे अन्दर ऐसा करने के प्रयास को पुनः करने और ऐसा करने के योग्य बनने को प्रेरित करते हैं – क्योंकि मेरे प्रति प्रेम करने और दिखाने की पहल परमेश्वर ने की। परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा कि हमारे प्रति अपने प्रेम की भरपूरी उसमें होकर प्रगट करे। मैं परमेश्वर की बहुत कृतज्ञ हूँ कि वह हमारे प्रति वैसा रवैया नहीं रखता है, जैसा हम रखने की प्रवृत्ति रखते हैं – दूरी बना लेने का; परमेश्वर हमसे कभी दूर नहीं होता है।

      यद्यपि हमारे पापमय व्यवहार परमेश्वर के प्रेम को तो आकर्षित नहीं करते हैं, परन्तु फिर भी वह अपने प्रेम को सदा हमें प्रदान करता रहता है (रोमियों 5:8)। परमेश्वर द्वारा की गई “पहल” हमें बाध्य करती है कि उसके उस प्रेम के प्रत्युत्तर में हम एक दूसरे के प्रति भी प्रेम रखें। - कर्स्टन होल्मबर्ग


परमेश्वर ने हमसे पहले प्रेम किया जिससे हम औरों से प्रेम कर सकें।

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। - रोमियों 5:8

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-21
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।
1 John 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
1 John 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।
1 John 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।
1 John 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
1 John 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।
1 John 4:17 इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं।
1 John 4:18 प्रेम में भय नहीं होता, वरन सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय से कष्‍ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ।
1 John 4:19 हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया।
1 John 4:20 यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।
1 John 4:21 और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 32-33
  • प्रेरितों 14



शुक्रवार, 5 जुलाई 2019

भरोसा



      बच्चों के विकास में उनके व्यवहार से संबंधित समस्याओं की विशेषज्ञा, डॉ. बारबरा हॉवर्ड ने कहा, “भाई-बहनों के परस्पर झगड़ों में अभिभावकों द्वारा पक्षपात की अनुभूति सबसे प्रमुख कारणों में से एक है” (“When Parents Have a Favorite Child” nytimes.com)। इसका एक उदाहरण होगा परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र – युसूफ। युसूफ अपने पिता का दुलारा था, और इस कारण उसके बड़े भाई उससे चिढ़ते थे (उत्पत्ति 37:3-4)। इसलिए उन भाईयों ने मौक़ा पाकर उसे मिस्र को जाने वाले व्यापारियों को बेच दिया और घर पर यह दिखाया कि उसे किसी जंगली जानवर ने मार डाला था (उत्पत्ति 37:12-36)। उन व्यापारियों ने युसूफ को मिस्र में लेजाकर दास के समान बेच दिया; युसूफ के सपने बिखर गए और उसका भविष्य अन्धकारमय लगने लगा। परन्तु युसूफ ने परमेश्वर पर अपना भरोसा बनाए रखा।

      दास के रूप में अपनी जीवन की यात्रा में, वह परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्य बना रहा, और चाहे परिस्थितियाँ और भी बिगड़ती हुई लगीं, किन्तु उसने परमेश्वर पर अपने भरोसे और उसके अनुरूप व्यवहार को नहीं छोड़ा। उसके स्वामी की पत्नि ने उसे व्यभिचार में गिराना चाहा, किन्तु उसने जब ऐसा नहीं होने दिया, तो उस स्त्री ने उसपर झूठे आरोप मढ़े और युसूफ बंदीगृह में डलवा दिया गया। वहाँ भी उसने परमेश्वर के प्रति अपने भरोसे और व्यवहार को बनाए रखा; और उचित समय पर परमेश्वर ने युसूफ को कल्पना से भी परे प्रतिफल दिया, उसे मिस्र का प्रधान-मंत्री बना दिया।

      वर्षों के बाद, अकाल के समय जब उसके भाई मिस्र में अनाज लेने के लिए आए, तो वे अपने भाई को मिस्र के प्रधान-मंत्री के रूप में देखकर घबरा गए। परन्तु युसूफ ने उन्हें आश्वस्त किया और कहा, “अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो; क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है... इस रीति अब मुझ को यहां पर भेजने वाले तुम नहीं, परमेश्वर ही ठहरा” (उत्पत्ति 45:5, 8)।

      युसूफ द्वारा अपने भाईयों से कहे गए ये विनम्रता के शब्द मुझे चकित करते हैं और मैं सोचता हूँ, ऐसे में मेरा रवैया कैसा होता? क्या मैं प्रतिशोध लेता, या युसूफ के समान उनके प्रति अनुग्रहकारी होता? क्योंकि युसूफ का भरोसा परमेश्वर पर से कभी डिगने नहीं पाया, इसलिए उसने वह पाया जिसकी कभी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था, और उसने वह किया जो आज भी आश्चर्यचकित करता है, विचार करने के लिए बाध्य करता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


जीवन के सबसे अंधकारमय समयों में, 
केवल विश्वास की दृष्टि के द्वारा ही हम 
परमेश्वर के प्रेमपूर्ण हाथ को अपने साथ देख सकते हैं।

हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं। तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; - यशायाह 46:3-4

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 45:1-11
Genesis 45:1 तब यूसुफ उन सब के साम्हने, जो उसके आस पास खड़े थे, अपने को और रोक न सका; और पुकार के कहा, मेरे आस पास से सब लोगों को बाहर कर दो। भाइयों के साम्हने अपने को प्रगट करने के समय यूसुफ के संग और कोई न रहा।
Genesis 45:2 तब वह चिल्ला चिल्लाकर रोने लगा: और मिस्रियों ने सुना, और फिरौन के घर के लोगों को भी इसका समाचार मिला।
Genesis 45:3 तब यूसुफ अपने भाइयों से कहने लगा, मैं यूसुफ हूं, क्या मेरा पिता अब तब जीवित है? इसका उत्तर उसके भाई न दे सके; क्योंकि वे उसके साम्हने घबरा गए थे।
Genesis 45:4 फिर यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा, मेरे निकट आओ। यह सुनकर वे निकट गए। फिर उसने कहा, मैं तुम्हारा भाई यूसुफ हूं, जिस को तुम ने मिस्र आनेहारों के हाथ बेच डाला था।
Genesis 45:5 अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो; क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है।
Genesis 45:6 क्योंकि अब दो वर्ष से इस देश में अकाल है; और अब पांच वर्ष और ऐसे ही होंगे, कि उन में न तो हल चलेगा और न अन्न काटा जाएगा।
Genesis 45:7 सो परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे आगे इसी लिये भेजा, कि तुम पृथ्वी पर जीवित रहो, और तुम्हारे प्राणों के बचने से तुम्हारा वंश बढ़े।
Genesis 45:8 इस रीति अब मुझ को यहां पर भेजने वाले तुम नहीं, परमेश्वर ही ठहरा: और उसी ने मुझे फिरौन का पिता सा, और उसके सारे घर का स्वामी, और सारे मिस्र देश का प्रभु ठहरा दिया है।
Genesis 45:9 सो शीघ्र मेरे पिता के पास जा कर कहो, तेरा पुत्र यूसुफ इस प्रकार कहता है, कि परमेश्वर ने मुझे सारे मिस्र का स्वामी ठहराया है; इसलिये तू मेरे पास बिना विलम्ब किए चला आ।
Genesis 45:10 और तेरा निवास गोशेन देश में होगा, और तू, बेटे, पोतों, भेड़-बकरियों, गाय-बैलों, और अपने सब कुछ समेत मेरे निकट रहेगा।
Genesis 45:11 और अकाल के जो पांच वर्ष और होंगे, उन में मैं वहीं तेरा पालन पोषण करूंगा; ऐसा न हो कि तू, और तेरा घराना, वरन जितने तेरे हैं, सो भूखों मरें।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 30-31
  • प्रेरितों 13:26-52



गुरुवार, 4 जुलाई 2019

स्वतंत्र



      न्यू ज़ीलैंड के एक समाचार कैमरामैन, ओलाफ विग ने अगुवा होकर तेरह दिन तक बन्धक रखे जाने और फिर स्वतंत्र होने पर चहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान के साथ कहा, “मैं आज उतना अधिक जीवित अनुभव कर रहा हूँ जितना अपने सारे जीवन भर कभी नहीं किया।”

      यह समझाने में कठिन होता है, किन्तु स्वतंत्र होते समय जो अत्याधिक हर्ष होता है वह स्वतंत्र होकर जीवित रहने में नहीं होता है।

      हम जो प्रतिदिन स्वतंत्रता का अनुभव करते हैं, हमारे लिए ओलाफ  का आनन्द करना एक अच्छा स्मरण करवाना था कि हम कितने आशीषित हैं। यही बात आत्मिक जीवन के लिए भी ऐसे ही लागू होती है। हम में से जो लंबे समय से मसीही विश्वासी रहे हैं, बहुधा भूल जाते हैं कि पाप का दासत्व कैसा अनुभव होता है। हम इसके प्रति लापरवाह और कृतघ्न भी हो सकते हैं। परन्तु फिर परमेश्वर हमें स्मरण करवाने को एक नए विश्वासी के रूप में किसी को भेजता है, और उसके जीवन की उल्लासपूर्ण गवाही कि परमेश्वर ने कैसे उसके जीवन में कार्य किया है, हमें याद दिलाती है कि जब हम “पाप और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र” (रोमियों 8:2) होते हैं तो कैसे आनन्द के हकदार होते हैं।

      यदि स्वतंत्रता आपके लिए उबाऊ हो गई है, या आप उन बातों पर ध्यान केंद्रित करते रहते हैं जिन्हें आप कर नहीं पा रहे हैं, तो इस बात पर ध्यान कीजिए: न केवल आप अब पाप के दास नहीं हैं, परन्तु आप पवित्र होने तथा प्रभु यीशु के साथ अनन्त जीवन का आनन्द लेने के लिए स्वतंत्र किए गए हैं! (6:22)।

      मसीह में विश्वास के द्वारा पापों से मिली स्वतंत्रता का आनन्द लें, उन बातों के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें जिन्हें आप उसकी सन्तान होकर करने के लिए अब स्वतंत्र हैं। - जूली एकेरमैन लिंक


मसीह के लिए जीवन जीने से वास्तविक स्वतंत्रता मिलती है।

हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो। - गलातियों 5:13

बाइबल पाठ: रोमियों 6:15-23
Romans 6:15 तो क्या हुआ क्या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं? कदापि नहीं।
Romans 6:16 क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों के समान सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धामिर्कता है
Romans 6:17 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के मानने वाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
Romans 6:18 और पाप से छुड़ाए जा कर धर्म के दास हो गए।
Romans 6:19 मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास कर के सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास कर के सौंप दो।
Romans 6:20 जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्वतंत्र थे।
Romans 6:21 सो जिन बातों से अब तुम लज्ज़ित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे?
Romans 6:22 क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्र हो कर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्रता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।
Romans 6:23 क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25



बुधवार, 3 जुलाई 2019

समर्पण



      लेख लिख कर भेजने का अंतिम समय मेरे सामने था, परन्तु मेरे मन में उस प्रातः मेरे पति के साथ हुआ वाद-विवाद गूंज रहा था। मेरी उँगलियाँ कम्प्यूटर के की-बोर्ड पर थीं, और मेरी आँखें सामने के कर्सर पर, परन्तु मैं कुछ भी लिख पाने की मानसिक स्थिति में नहीं थी। मैंने मन ही मन प्रभु से कहा, “परन्तु गलती तो उनकी भी थी न।”

      थोड़ी देर में बिना किसी गतिविधि के कारण कम्प्यूटर का स्क्रीन बन्द हो गया और उस काले स्क्रीन में से मेरा प्रतिबिंब त्यौरियां चढ़ाए हुए दिख रहा था। मेरे द्वारा की गई गलतियाँ, जिनका मैंने अंगीकार नहीं किया था, वे मेरे काम ही में बाधा नहीं बन रही थीं। उनके कारण मेरे पति और मेरे परमेश्वर दोनों के साथ मेरे संबंधों में तनाव आ रहा था।

      मैंने अपना सेल-फोन उठाया, अपने अहम को दबाया, और क्षमायाचना की। मेरे पति ने भी मुझ से क्षमा माँगी और पुनःस्थापित हुए संबंधों की शान्ति का आनन्द लेते हुए, मैंने परमेश्वर का भी धन्यवाद किया, और अपने लेख को लिख कर समय से समर्पित कर सकी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि इस्राएलियों ने भी अपने पापों के कष्ट तथा पुनर्स्थापन के सुख का अनुभव लिया। यहोशू ने परमेश्वर के लोगों को सचेत किया था कि यरीहो के युद्ध में अपने लिए कुछ लूट न लें (यहोशू 6:18), परन्तु आकान ने अनाज्ञाकारिता की, लूट में से कुछ भाग लेकर अपने तम्बू में ले जाकर छिपा दिया (7:1)। परिणामस्वरूप, इस्राएल तब तक परमेश्वर के साथ शान्ति का आनन्द नहीं ले सका जब तक कि आकान का पाप प्रगट करके उसका समाधान नहीं कर दिया गया (आयतें 4-12)।

      आकान के समान ही, हम भी अनेकों बार इस बात की अनदेखी कर देते हैं कि पाप करके अपने जीवन में छुपा लेने से हमारे मन परमेश्वर से दूर हो जाते हैं और हमारे पाप का दुष्प्रभाव हमारे आस-पास के लोगों पर भी जाता है। यीशु मसीह को अपना प्रभु मान लेने, उसके सामने अपन पापों का अंगीकार करने, और उससे क्षमायाचना करने से परमेश्वर तथा औरों के साथ एक स्वस्थ संबंध बनाने की नींव पड़ती है। प्रतिदिन हमारे प्रेमी सृजनहार और पालनहार प्रभु परमेश्वर के प्रति समर्पण करने के द्वारा, हम उसकी सेवा भी कर सकते हैं और उसकी संगति का आनन्द ले सकते हैं। - जोशील डिक्सन


परमेश्वर हमारे हृदय से उस पाप को हटा सकता है 
जिसके कारण उसके तथा औरों के साथ हमारे संबंधों पर आंच आती है।

सुनो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, न वह ऐसा बहिरा हो गया है कि सुन न सके; परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ने तुम को तुम्हारे परमेश्वर से अलग कर दिया है, और तुम्हारे पापों के कारण उस का मुँह तुम से ऐसा छिपा है कि वह नहीं सुनता। - यशायाह 59:1-2

बाइबल पाठ: यहोशू 7:1-12
Joshua 7:1 परन्तु इस्राएलियों ने अर्पण की वस्तु के विषय में विश्वासघात किया; अर्थात यहूदा के गोत्र का आकान, जो जेरहवंशी जब्दी का पोता और कर्म्मी का पुत्र था, उसने अर्पण की वस्तुओं में से कुछ ले लिया; इस कारण यहोवा का कोप इस्राएलियों पर भड़क उठा।
Joshua 7:2 और यहोशू ने यरीहो से ऐ नाम नगर के पास, जो बेतावेन से लगा हुआ बेतेल की पूर्व की ओर है, कितने पुरूषों को यह कहकर भेजा, कि जा कर देश का भेद ले आओ। और उन पुरूषों ने जा कर ऐ का भेद लिया।
Joshua 7:3 और उन्होंने यहोशू के पास लौटकर कहा, सब लोग वहां न जाएं, कोई दो या तीन हजार पुरूष जा कर ऐ को जीत सकते हैं; सब लोगों को वहां जाने का कष्ट न दे, क्योंकि वे लोग थोड़े ही हैं।
Joshua 7:4 इसलिये कोई तीन हजार पुरूष वहां गए; परन्तु ऐ के रहने वालों के साम्हने से भाग आए,
Joshua 7:5 तब ऐ के रहने वालों ने उन में से कोई छत्तीस पुरूष मार डाले, और अपने फाटक से शबारीम तक उनका पीछा कर के उतराई में उन को मारते गए। तब लोगों का मन पिघलकर जल सा बन गया।
Joshua 7:6 तब यहोशू ने अपने वस्त्र फाड़े, और वह और इस्राएली वृद्ध लोग यहोवा के सन्दूक के साम्हने मुंह के बल गिरकर पृथ्वी पर सांझ तक पड़े रहे; और उन्होंने अपने अपने सिर पर धूल डाली।
Joshua 7:7 और यहोशू ने कहा, हाय, प्रभु यहोवा, तू अपनी इस प्रजा को यरदन पार क्यों ले आया? क्या हमें एमोरियों के वश में कर के नष्ट करने के लिये ले आया है? भला होता कि हम संतोष कर के यरदन के उस पार रह जाते।
Joshua 7:8 हाय, प्रभु मैं क्या कहूं, जब इस्राएलियों ने अपने शत्रुओं को पीठ दिखाई है!
Joshua 7:9 क्योंकि कनानी वरन इस देश के सब निवासी यह सुनकर हम को घेर लेंगे, और हमारा नाम पृथ्वी पर से मिटा डालेंगे; फिर तू अपने बड़े नाम के लिये क्या करेगा?
Joshua 7:10 यहोवा ने यहोशू से कहा, उठ, खड़ा हो जा, तू क्यों इस भांति मुंह के बल पृथ्वी पर पड़ा है?
Joshua 7:11 इस्राएलियों ने पाप किया है; और जो वाचा मैं ने उन से अपने साथ बन्धाई थी उसको उन्होंने तोड़ दिया है, उन्होंने अर्पण की वस्तुओं में से ले लिया, वरन चोरी भी की, और छल कर के उसको अपने सामान में रख लिया है।
Joshua 7:12 इस कारण इस्राएली अपने शत्रुओं के साम्हने खड़े नहीं रह सकते; वे अपने शत्रुओं को पीठ दिखाते हैं, इसलिये कि वे आप अर्पण की वस्तु बन गए हैं। और यदि तुम अपने मध्य में से अर्पण की वस्तु को सत्यानाश न कर डालोगे, तो मैं आगे को तुम्हारे संग नहीं रहूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 25-27
  • प्रेरितों 12



मंगलवार, 2 जुलाई 2019

कठिन


      अपनी चाय की चुस्कियां लेते हुए नैन्सी ने पडौस में अपनी सहेली की खिड़की में सजे गमलों की ओर देखकर ठंडी साँस ली और कहा, “मुझे भी वैसी ही सुंदरता चाहिए, परन्तु उतनी मेहनत किए बिना।” बसंत की वर्षा और धूप ने उसकी सहेली की खिड़की में सजे गमलों में कई प्रकार के सुन्दर फूलों के खिलने की छटा को बिखेर दिया था, और वह सुंदरता उसका ध्यान आकर्षित कर रही थी।

      कुछ बातों में बिना विशेष परिश्रम किए, किसी छोटे मार्ग द्वारा, कार्य करना व्यवहारिक या ठीक हो सकता है, परन्तु हर बात के लिए यह नहीं किया जा सकता है, बहुधा ऐसा करना हानिकारक हो सकता है और हमारी आत्मा तथा जीवन में दुष्परिणाम ला सकता है। किसी व्यक्ति के साथ सच्चे प्रेम संबंध में बंधने के लिए अपने से बिलकुल भिन्न उस व्यक्ति के साथ सामंजस्य बैठाने में निहित कठिनाईयों और अनेपक्षित व्यवहार को स्वीकार करना तथा उसका सामना पड़ेगा, उसके साथ जीवन की बातों में तालमेल बैठाने के लिए समय और धैर्य देना पड़ेगा, अन्यथा परस्पर प्रेम के आनन्द का अनुभव नहीं किया जा सकेगा। जीवन में यदि “महानता” के रोमाँच को अनुभव करना है तो असफलताओं और कठिन परिश्रम से होकर निकालना ही पड़ेगा। यदि परमेश्वर के मार्गों में चलना है, उसे प्रसन्न रखना है तो व्यक्तिगत इच्छाओं की उपेक्षा करने की असुविधाओं से निकलने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

      प्रभु यीशु ने यह बात अपने शिष्यों पर स्पष्ट कर दी थी कि उनके पीछे चलने के लिए ऐसा कोई छोटा मार्ग नहीं है जो प्रभु को समर्पित जीवन को कठिनाईयों से बचाए रखता हो। प्रभु ने उसके पीछे चलने की चाह रखने वाले एक व्यक्ति से कहा “जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं” (लूका 9:62)। प्रभु यीशु का अनुसरण करने के लिए हमें अपनी प्राथमिकताओं और वफादारी में आधारभूत परिवर्तन करने होंगे (2 कुरिन्थियों 5:15)।

      जब हम मसीह यीशु की ओर विश्वास में मुड़ते हैं तो हमारे एक नए जीवन और कार्य का आरंभ होता है। यह नया जीवन और कार्य सहज नहीं है, परन्तु इससे संबंधित परिश्रम, अन्ततः प्राप्त होने वाले परिणामों के सर्वथा उपयुक्त है। प्रभु यीशु ने यह वायदा भी किया है “मैं तुम से सच कहता हूं, कि ऐसा कोई नहीं, जिसने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहिनों या माता या पिता या लड़के-बालों या खेतों को छोड़ दिया हो। और अब इस समय सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहिनों और माताओं और लड़के-बालों और खेतों को पर उपद्रव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन” (मरकुस 10:29-30)।

      प्रभु यीशु के पीछे हो लेने का मार्ग कठिन तो है, परन्तु इसके लिए हमें सामर्थ्य और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रभु ने हमें अपना पवित्र आत्मा तथा अपना जीविता वचन, बाइबल, भी प्रदान किया है; और उसका अपने अनुयायियों यह भी वायदा है कि इस कठिन परिश्रम का परिणाम, वर्तमान में तथा अनन्त काल के लिए भरपूर आनंदपूर्ण जीवन है। - टिम गुस्ताफ्सन


करने योग्य अधिकांश बातें कठिन होती हैं।

और वह[यीशु] इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। - 2 कुरिन्थियों 5:15

बाइबल पाठ: लूका 9:57-62
Luke 9:57 जब वे मार्ग में चले जाते थे, तो किसी न उस से कहा, जहां जहां तू जाएगा, मैं तेरे पीछे हो लूंगा।
Luke 9:58 यीशु ने उस से कहा, लोमडिय़ों के भट और आकाश के पक्षियों के बसेरे होते हैं, पर मनुष्य के पुत्र को सिर धरने की भी जगह नहीं।
Luke 9:59 उसने दूसरे से कहा, मेरे पीछे हो ले; उसने कहा; हे प्रभु, मुझे पहिले जाने दे कि अपने पिता को गाड़ दूं।
Luke 9:60 उसने उस से कहा, मरे हुओं को अपने मुरदे गाड़ने दे, पर तू जा कर परमेश्वर के राज्य की कथा सुना।
Luke 9:61 एक और ने भी कहा; हे प्रभु, मैं तेरे पीछे हो लूंगा; पर पहिले मुझे जाने दे कि अपने घर के लोगों से विदा हो आऊं।
Luke 9:62 यीशु ने उस से कहा; जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 22-24
  • प्रेरितों 11


सोमवार, 1 जुलाई 2019

सफाई



      हाल ही में मैंने अपने रहने का कमरा एक से दूसरे स्थान को बदला। यह करने में मुझे अपेक्षा से अधिक समय लगा, क्योंकि मैं अपने एक कमरे का सारा कबाड़ दूसरे कमरे में स्थानांतरित कर देना नहीं चाहती थी। मैं उस नए स्थान में एक बिलकुल नया और सुव्यवस्थित आरंभ चाहती थी। घंटों की सफाई और छंटाई के बाद मेरे दरवाज़े पर कई थैले भरे हुए पड़े थे, उस सामान से जिसे फेंका, या बाँटा, या पुनःउपयोग के लिए पुनःचक्रित किया जाना था। परन्तु इस थका देने वाली मेहनत के बाद मेरे पास एक स्वच्छ सुन्दर कमरा था जिसे देखकर मैं उसमें रहने के लिए उत्साहित थी।

      मेरे घर के इस सफाई अभियान ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में 1 पतरस 2:1 पर एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया, जिसे इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है: “इसलिए घर की सफाई करो! प्रत्येक बैरभाव, छल, डाह, निन्दा, और दुःख देने वाली बातों को पूरी रीति से हटा दो।” यह रोचक है कि पतरस यह बात उन मसीही विश्वासियों से कह रहा है जिन्होंने मसीह यीशु विश्वास लाने के द्वारा नए आनंदपूर्ण नए जीवन की प्राप्ति का अंगीकार किया है (1:1-12), और पतरस उनसे कह रहा है कि वे हानिकारक व्यवहार को अपने जीवन से हटा दें (1:13-2:3)। जब प्रभु के साथ हमारा चलना हमें बाधित लगने लगे तथा औरों के प्रति हमारा प्रेम स्वभाविक या तनावपूर्ण प्रतीत हो, तो इससे हमें अपने उद्धार पर प्रश्न नहीं उठाना चाहिए। हम उद्धार पाने के लिए जीवन में परिवर्तन नहीं लाते है, परन्तु उद्धार पाया हुआ होने से हमारे जीवनों में परिवर्तन दिखाई देता है (1:23)।

      मसीह यीशु में हमारे विश्वास का जीवन अवश्य ही नया जीवन तो होता है, परन्तु हमारी पुरानी आदतों और बुराइयों को हमारे जीवन से जाते-जाते समय लगता है। इसलिए हमें प्रतिदिन अपने जीवन की सफाई करते रहने का रवैया बनाए रखना चाहिए; हमें उस प्रत्येक बात को अपने जीवन से निकाल देना चाहिए जो हमें औरों से प्रेम करने (1:22) और मसीही जीवन में उन्नत होने (2:2) से रोकती है।

      फिर उस स्वच्छ और साफ़ स्थिति में हम मसीह यीशु के जीवन और सामर्थ्य के द्वारा नए किए जाने (पद 5) के अचरज और आनन्द का अनुभव ले सकेंगे। - मोनिका ब्रैंड्स


प्रतिदिन हम हानिकारक आदतों का इन्कार करके 
मसीह यीशु में नए जीवन का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:22-2:5
1 Peter 1:22 सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्‍कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।
1 Peter 1:23 क्योंकि तुम ने नाशमान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहरने वाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है।
1 Peter 1:24 क्योंकि हर एक प्राणी घास के समान है, और उस की सारी शोभा घास के फूल के समान है: घास सूख जाती है, और फूल झड़ जाता है।
1 Peter 1:25 परन्तु प्रभु का वचन युगानुयुग स्थिर रहेगा: और यह ही सुसमाचार का वचन है जो तुम्हें सुनाया गया था।
1 Peter 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
1 Peter 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों के समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
1 Peter 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है।
1 Peter 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।
1 Peter 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 20-21
  • प्रेरितों 10:24-48



रविवार, 30 जून 2019

धीरजवंत



      पिछले बसंत, मैंने अपने घर के पिछले दरवाज़े के निकट उग रही गुलाब की झाड़ी को काट डालने का निर्णय लिया। हमें उस घर में रहते तीन वर्ष हो गए थे, और उस झाड़ी में कुछ विशेष फूल नहीं आए थे और उसकी बदसूरत टहनियाँ चारों ओर फैल रही थीं। परन्तु मैं जीवन की व्यस्तता में फंस गई और उस झाड़ी को काट डालने की मेरी योजना कार्यान्वित हुए बिना रह गई। यह भी भला ही हुआ क्योंकि मेरे यह निर्णय लेने के कुछ ही सप्ताह में उस गुलाब की झाड़ी में इतने फूल लगे जितने पहले मैंने कभी नहीं देखे थे। सैंकड़ों सफ़ेद बड़े फूलों, उनकी सुगंध, और उनकी सुन्दर पंखुड़ियों से हमारे घर के पिछला दरवाज़ा और आँगन भर गए।

      मेरी उस गुलाब की झाड़ी के पुनर्जीवित होने से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 13:6-9 में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया अंजीर के वृक्ष का दृष्टांत स्मरण हो आया। उस समय इस्राएल में यह परंपरागत था कि अंजीर के वृक्ष को फल लाने के लिए तीन वर्ष का समय दिया जाए। यदि तीन वर्ष में उसमें फल नहीं आता था तो उसे काट दिया जाता था जिससे भूमि का उपयोग किया जा सके। प्रभ यीशु द्वारा दिए गए दृष्टांत में माली ने भूमि के स्वामी से उस वृक्ष के लिए एक अतिरिक्त समय माँगा, कि वह वृक्ष फल ला सके। अपने संदर्भ में (पद 1-5) इस दृष्टांत का तात्पर्य था कि इस्राएलियों ने वह नहीं किया था जो उन्हें करना चाहिए था, और परमेश्वर उनका उचित न्याय कर सकता था। परन्तु परमेश्वर धीरजवंत है, और उसने इस्राएलियों को अतिरिक्त समय दिया कि वे उसकी ओर मुड़ें, उससे क्षमा प्राप्त करें और फलवन्त हो जाएँ।

      परमेश्वर सभी लोगों के लिए चाहता है कि वे फलते-फूलते हों, और उन्हें अतिरिक्त समय भी देता है कि वे ऐसा कर सकें। चाहे हम अभी भी प्रभु यीशु में विश्वास लाने की ओर बढ़ रहे हों, या प्रभु यीशु में विश्वास नहीं करने वाले परिवार जनों और मित्रों के लिए प्रार्थना कर रहे हों, परमेश्वर का धीरजवंत होना हम सभी के लिए शुभसमाचार है। - शेरिडन वॉयसे


परमेश्वर ने सँसार को अतिरिक्त समय दिया है कि 
पापों की क्षमा के उसके प्रस्ताव के प्रति सही प्रतिक्रया दें।

और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। - 2 पतरस 3:15

बाइबल पाठ: लूका 13:1-9
Luke 13:1 उस समय कुछ लोग आ पहुंचे, और उस से उन गलीलियों की चर्चा करने लगे, जिन का लोहू पीलातुस ने उन ही के बलिदानों के साथ मिलाया था।
Luke 13:2 यह सुन उसने उन से उत्तर में यह कहा, क्या तुम समझते हो, कि ये गलीली, और सब गलीलियों से पापी थे कि उन पर ऐसी विपत्ति पड़ी?
Luke 13:3 मैं तुम से कहता हूं, कि नहीं; परन्तु यदि तुम मन न फिराओगे तो तुम सब भी इसी रीति से नाश होगे।
Luke 13:4 या क्या तुम समझते हो, कि वे अठारह जन जिन पर शीलोह का गुम्मट गिरा, और वे दब कर मर गए: यरूशलेम के और सब रहने वालों से अधिक अपराधी थे?
Luke 13:5 मैं तुम से कहता हूं, कि नहीं; परन्तु यदि तुम मन न फिराओगे तो तुम भी सब इसी रीति से नाश होगे।
Luke 13:6 फिर उसने यह दृष्‍टान्‍त भी कहा, कि किसी की अंगूर की बारी में एक अंजीर का पेड़ लगा हुआ था: वह उस में फल ढूंढ़ने आया, परन्तु न पाया।
Luke 13:7 तब उसने बारी के रख वाले से कहा, देख तीन वर्ष से मैं इस अंजीर के पेड़ में फल ढूंढ़ने आता हूं, परन्तु नहीं पाता, इसे काट डाल कि यह भूमि को भी क्यों रोके रहे।
Luke 13:8 उसने उसको उत्तर दिया, कि हे स्‍वामी, इसे इस वर्ष तो और रहने दे; कि मैं इस के चारों ओर खोदकर खाद डालूं।
Luke 13:9 सो आगे को फले तो भला, नहीं तो उसे काट डालना।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 17-19
  • प्रेरितों 10:1-23