ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

स्वतंत्र लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
स्वतंत्र लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 1 जून 2021

पीछे

 

          1993 की फिल्म, ज्यूरैसिक पार्क का एक जाना-माना दृश्य है जिसमें तीन लोग एक जीप में बैठकर उनका पीछा कर रहे हमलावर डायनासौर से बचने का प्रयास कर रहे हैं, और उनमें से एक कहता है, “और भी तेज़ी से चलो”; जब जीप का चालाक पीछे देखने वाले आईने में देखता है तो उसे उस डायनासौर के खुले हुए जबड़े और तीखे दांत अपने ठीक पीछे दिखाई देते हैं, और वहीं पर उस आईने पर यह भी लिखा दिखता ही कि “दिखने वाली वस्तुएँ प्रतीत होने वाली दूरी से अधिक निकट हो सकती हैं।” वह दृश्य उग्रता और भयानक परिहास का एक कुशल मिश्रण है।

          लेकिन वास्तविक जीवन में भी कई बार हमें लगता है कि हमारे अतीत के “राक्षस” कभी हमारा पीछा करना नहीं छोड़ेंगे। हम अपने जीवन के आईने में देखते हैं और हमारी बीते समय की गलतियाँ हमें बिलकुल अपने पीछे ही दिखाई देती हैं, हमें दोष और लज्जा में डुबो देने को तैयार।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस अतीत की पंगु बना देने वाली शक्ति को समझता था। उसने कई वर्ष इसी प्रयास में बिताए थे कि मसीह से बिलकुल पृथक होकर रहे, और मसीही विश्वासियों को सताता भी रहता था (फिलिप्पियों 3:1-9)। यदि वह अपने अतीत के दोष-बोध में फँस जाता तो बिलकुल निष्क्रिय हो जाता।

          लेकिन प्रभु यीशु मसीह के साथ उसके संबंध में पौलुस को ऐसी मनोहरता और सामर्थ्य मिली कि वह अपने पुराने जीवन को पीछे छोड़ देने के लिए बाध्य हो गया (पद 8-9)। इससे अब वह पीछे की ओर देखते रहने के स्थान पर, आगे ही की ओर देखते रहने के लिए स्वतंत्र हो गया। अब उसमें अतीत का कोई भय या पंगु करने वाला उसका पछतावा नहीं था: “” (पद 13-14)।

          प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा हम उसमें पाप और भय पर जयवंत जीवन जीने के लिए स्वतंत्र कर दिए गए हैं। अब हमने पीछे की बातों के नियंत्रण में होकर कुण्ठित जीवन जीने की आवश्यकता नहीं है। अब हम आगे की ओर देखते हुए जीवन में बढ़ते जा सकते हैं, न कि पीछे की ओर देखते हुए। - एडम होल्ज़

 

प्रभु यीशु मसीह में हम बीते हुए जीवन के बंधनों से स्वतंत्र कर दिए गए हैं।


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-14

फिलिप्पियों 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।

फिलिप्पियों 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।

फिलिप्पियों 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।

फिलिप्पियों 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ्य को, और उसके साथ दुखों में सहभागी होने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं।

फिलिप्पियों 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।

फिलिप्पियों 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।

फिलिप्पियों 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।

फिलिप्पियों 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 15-16
  • यूहन्ना 12:27-50

सोमवार, 24 मई 2021

सत्य

 

          एरन जब 15 वर्ष का था, तब उसने शैतान से प्रार्थना करना आरंभ कर दिया। उसने बताया, “मुझे लगता था मानो मेरे और शैतान के मध्य एक साझेदारी है।” एरन ने झूठ बोलना, चोरी करना, अपने परिवार और मित्र जनों को हेरा-फेरी कर के अपनी सुविधा के लिए प्रयोग करना आरंभ कर दिया। फिर उसने बुरे सपने भी देखना आरंभ कर दिया। एक प्रातः, “जब मैं उठा तो शैतान मेरे पलंग की दूसरे छोर पर खड़ा हुआ था, और उसने मुझ से कहा, कि मैं अपनी परीक्षा पास कर लूँगा, और फिर मेरी मृत्यु हो जाएगी।” लेकिन परीक्षाएँ हो जाएँ के बाद भी एरन जीवित रहा। एरन ने इस बात पर मनन किया और उसका निष्कर्ष था, “मुझे यह स्पष्ट हो गया कि वह झूठा है।”

          एक बार एरन एक मसीही उत्सव में गया, उसका उद्देश्य था वहाँ पर लड़कियों से मिलना। उस उत्सव में आए एक आदमी ने उसके लिए प्रार्थना करने का प्रस्ताव किया, “जब वह मेरे लिए प्रार्थना कर रहा था, तो मुझे अपने ऊपर शान्ति प्रवाहित होने का अनुभव हुआ, जो मेरे सारे शरीर में भर गई।” एरन ने एक अन्य ही शक्ति को कार्य करते हुए अनुभव किया जो उस शक्ति से कहीं अधिक प्रबल और कहीं अधिक स्वतंत्र करने वाली थी, जो वह शैतान से प्रार्थना करते समय अनुभव किया करता था। जिस आदमी ने एरन के साथ प्रार्थना की उसने एरन को यह भी बताया कि एरन के जीवन के लिए परमेश्वर की एक भली योजना है, तथा यह भी कि शैतान झूठा है। उस आदमी ने एरन को वही बताया था जो परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने शैतान के बारे में उन लोगों से कहा था जो प्रभु का विरोध कर रहे थे: “...  वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है” (यूहन्ना 8:44)।

          एरन शैतान की पीछे चलने को छोड़कर प्रभु यीशु के पीछे चलने लग गया, और परमेश्वर के साथ संबंध में आ गया (पद 47)। आज वह एक शहरी समुदाय में प्रभु परमेश्वर यीशु की सेवा करता है, और लोगों को बताता है कि प्रभु यीशु के पीछे हो लेने से जीवन में  कितना बड़ा परिवर्तन और आशीष आ जाती है। वह परमेश्वर के स्वतंत्र कर देने वाले सत्य का जीवित प्रमाण और गवाह है; और बड़ी हिम्मत तथा लगन से लोगों को बताता है कि प्रभु यीशु ने ही उसका जीवन बचाया है।

          प्रत्येक भली, पवित्र, और सत्य बात प्रभु परमेश्वर ही से है; वही उसका स्त्रोत है। जब हम उसकी ओर मुड़ते हैं, उसे अपनाते हैं, हम सत्य की ओर मुड़ते हैं और सत्य को अपनाते हैं। - एमी बाउचर पाई

 

परमेश्वर ही सत्य है।


यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:42-47

यूहन्ना 8:42 यीशु ने उन से कहा; यदि परमेश्वर तुम्हारा पिता होता, तो तुम मुझ से प्रेम रखते; क्योंकि मैं परमेश्वर में से निकल कर आया हूं; मैं आप से नहीं आया, परन्तु उसी ने मुझे भेजा।

यूहन्ना 8:43 तुम मेरी बात क्यों नहीं समझते? इसलिये कि मेरा वचन सुन नहीं सकते।

यूहन्ना 8:44 तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है।

यूहन्ना 8:45 परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते।

यूहन्ना 8:46 तुम में से कौन मुझे पापी ठहराता है? और यदि मैं सच बोलता हूं, तो तुम मेरी प्रतीति क्यों नहीं करते?

यूहन्ना 8:47 जो परमेश्वर से होता है, वह परमेश्वर की बातें सुनता है; और तुम इसलिये नहीं सुनते कि परमेश्वर की ओर से नहीं हो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59    


मंगलवार, 26 जनवरी 2021

स्वतंत्र


          सर्दी के एक दिन में मेरे बच्चों ने मुझ से विनती की, कि मैं उन्हें बाहर बर्फ पर फिसलने वाली गाड़ी – स्लेज, का आनंद लेने दूँ। बाहर बर्फ पड़ रही थी, तापमान शून्य से भी नीचे था; मैंने थोड़ी देर विचार किया, फिर उन्हें हाँ कह दिया, इस शर्त के साथ कि वे अच्छे से गर्म कपड़े और जूते-मोज़े पहनेंगे, सब साथ ही रहेंगे, और पंद्रह मिनिट में वापस घर के अन्दर आ जाएँगे। अपने बच्चों के प्रति प्रेम के कारण ही मैंने उनके लिए ये नियम बनाए, जिससे कि वे बर्फ में खेलने के लिए स्वतंत्र भी हो सकें और कड़ाके की ठण्ड के कारण उनके अंग भी जम कर ख़राब न हो जाएँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 119 के लेखक ने परमेश्वर के इसी प्रकार के बुद्धिमत्तापूर्ण निर्देशों के महत्व को समझा, जब उसने साथ-साथ दो ऐसे पदों को लिखा जो परस्पर विरोधी प्रतीत होते हैं। एक पद में वह कहता है “तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूंगा”; और उससे ठीक बाद कहता है,और मैं चोड़े स्थान में चला फिरा करूंगा, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है” (भजन 119:44-45)। ऐसा कैसे हुआ कि भजनकार ने स्वतंत्रता को आत्मिक नियमों के पालन करने के साथ मिलाकर देखा?

          परमेश्वर की भली मनसा में दिए गए उसके निर्देशों के पालन के द्वारा हम उन दुष्परिणामों से बचने का मार्ग प्राप्त करते हैं, जो हमारे गलत चुनावों के कारण हम पर आ सकते थे, जिन्हें हम बाद में बदलने के लिए इच्छुक हो सकते थे। उन नियमों का पालन करते हुए हम बिना दोष-बोध या दुःख के, अपने जीवनों का आनन्द स्वतंत्रता के साथ ले सकते हैं। परमेश्वर हमें ‘यह करो; वह न करो के बंधनों में बाँधना नहीं चाहता है; वरन हमें बिना हानि उठाए भला जीवन जीने की स्वतंत्रता देना चाहता है। उसके निर्देश दिखाते हैं कि वह हम से प्रेम करता है, हमारी भलाई चाहता है, हमें किसी बुराई में पड़ने नहीं देना चाहता है।

          जब मेरे बच्चे बाहर बर्फ में खेल रहे थे, आनन्दित हो रहे थे, मैं खिड़की में से उन्हें आनन्द मनाते हुए देख रही थी। उनके प्रसन्न चेहरे देखकर मैं भी प्रसन्न थी। मेरे द्वारा निर्धारित की गई सीमाओं के अन्दर खेलते हुए वे स्वतंत्र थे। यही विरोधाभास प्रतीत होने वाला तथ्य, परमेश्वर के साथ हमारे संबंधों में भी लागू होता है – हम जितने अधिक परमेश्वर के नियमों और निर्देशों के आज्ञाकारी होंगे, उतने ही अधिक उसमें आनन्दित और आशीषित होने के लिए स्वतंत्र भी होंगे। इसीलिए हम भी भजनकार के साथ कहा सकते हैं,अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूं” (पद 35)। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

प्रेम करने वाले हृदय से आज्ञाकारिता उन्मुक्त प्रवाहित होती है।


मैं ने तुझे बुद्धि का मार्ग बताया है; और सिधाई के पथ पर चलाया है। - नीतिवचन 4:11

बाइबल पाठ: भजन 119:33-48

भजन  119:33 हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग दिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूंगा।

भजन 119:34 मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूंगा और पूर्ण मन से उस पर चलूंगा।

भजन 119:35 अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूं।

भजन 119:36 मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे।

भजन 119:37 मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला।

भजन 119:38 तेरा वचन जो तेरे भय मानने वालों के लिये है, उसको अपने दास के निमित्त भी पूरा कर।

भजन 119:39 जिस नामधराई से मैं डरता हूं, उसे दूर कर; क्योंकि तेरे नियम उत्तम हैं।

भजन 119:40 देख, मैं तेरे उपदेशों का अभिलाषी हूं; अपने धर्म के कारण मुझ को जिला।

भजन 119:41 हे यहोवा, तेरी करुणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वचन के अनुसार, मुझ को भी मिले;

भजन 119:42 तब मैं अपनी नामधराई करने वालों को कुछ उत्तर दे सकूंगा, क्योंकि मेरा भरोसा, तेरे वचन पर है।

भजन 119:43 मुझे अपने सत्य वचन कहने से न रोक क्योंकि मेरी आशा तेरे नियमों पर हैं।

भजन 119:44 तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूंगा;

भजन 119:45 और मैं चौड़े स्थान में चला फिरा करूंगा, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है।

भजन 119:46 और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के सामने भी करूंगा, और संकोच न करूंगा;

भजन 119:47 क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूं, और मैं उन से प्रीति रखता हूं।

भजन 119:48 मैं तेरी आज्ञाओं की ओर जिन में मैं प्रीति रखता हूं, हाथ फैलाऊंगा और तेरी विधियों पर ध्यान करूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 14-15 
  • मत्ती 17

शनिवार, 24 अक्टूबर 2020

स्वतंत्र


         कैतिलिन अपने मित्रों के साथ मेक्सिको की खाड़ी में तैर रही थी, कि एक शार्क ने उसके पाँव को पकड़ लिया और उसे खींचने लगी। शार्क के आक्रमण का मुकाबला करते हुए कैतिलिन ने शार्क की नाक पर जोर से एक प्रहार किया। प्रहार के कारण शार्क ने अपने जबड़े खोले, और कैतिलिन ने उसके मुँह में से अपना पैर बाहर निकाल लिया। यद्यपि शार्क के दांतों की पकड़ के कारण उसके पैर पर अनेकों घाव थे, जिनके लिए उसे 100 से भी अधिक टाँके लगवाने पड़े, किन्तु वह शार्क उसे अपनी पकड़ में नहीं रखने पाई, कैतिलिन उससे स्वतंत्र हो सकी।

         यह कहानी मुझे इस तथ्य को स्मरण करवाती है कि प्रभु यीशु ने भी मृत्यु पर घातक प्रहार किया, और उसकी प्रभु के अनुयायियों को आतंकित तथा पराजित करने की शक्ति को निष्क्रिय कर दिया। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने कहा, परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्धनों से छुड़ाकर जिलाया: क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता” (प्रेरितों 2:24)।

         पतरस ने ये शब्द यरूशलेम में एकत्रित एक बड़ी भीड़ को कहे थे। संभव है कि उस भीड़ में उपस्थित लोगों में से बहुत से वो लोग भी होंगे जो प्रभु यीशु को दोषी ठहराकर उसे क्रूस पर चढ़ाने की माँग कर रहे थे (मत्ती 27:22)। उनके इस चिल्लाने के कारण रोमी सैनिकों ने प्रभु यीशु को क्रूस पर कीलों से ठोक दिया और वे वहाँ तब तक टंगे रहे जब तक कि यह निश्चित नहीं कर लिया गया कि वे मर गए हैं। प्रभु यीशु की मृत देह को ले जाकर कब्र में रखा गया, जहाँ वह तीन दिन तक रही, जब तक परमेश्वर ने उन्हें मृतकों में से जिला नहीं दिया। प्रभु के पुनरुत्थान के पश्चात पतरस तथा अन्य शिष्यों ने उनके साथ बातचीत की, भोजन किया, और पुनरुत्थान के चालीस दिन के बाद वे उन शिष्यों के देखते-देखते स्वर्ग पर उठा लिए गए (प्रेरितों 1:9)।

         प्रभु यीशु के पृथ्वी के जीवन का अन्त शारीरिक और मानसिक वेदना के साथ हुआ था, परन्तु परमेश्वर ने कब्र की शक्ति को पराजित कर दिया। इस के कारण, मृत्यु, या अन्य कोई भी संघर्ष अब हम मसीही विश्वासियों को सदा ही दबाए रखने की शक्ति नहीं नहीं रखता है। एक दिन सभी मसीही विश्वासी अनन्त जीवन तथा परमेश्वर की उपस्थिति में रहने से होने वाली परिपूर्णता का अनुभव करेंगे। अपने इस भविष्य पर ध्यान केन्द्रित करने के द्वारा हम आज शैतान के बंधनों से स्वतंत्र होने का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

कब्र का बंधन परमेश्वर की सामर्थ्य का मुकाबला नहीं कर सकता है।


इसलिये जब कि लड़के मांस और लहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:22-36

प्रेरितों के काम 2:22 हे इस्राएलियों, ये बातें सुनो: कि यीशु नासरी एक मनुष्य था जिस का परमेश्वर की ओर से होने का प्रमाण उन सामर्थ्य के कामों और आश्चर्य के कामों और चिह्नों से प्रगट है, जो परमेश्वर ने तुम्हारे बीच उसके द्वारा कर दिखलाए जिसे तुम आप ही जानते हो।

प्रेरितों के काम 2:23 उसी को, जब वह परमेश्वर की ठहराई हुई मनसा और होनहार के ज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया, तो तुम ने अधर्मियों के हाथ से उसे क्रूस पर चढ़वा कर मार डाला।

प्रेरितों के काम 2:24 परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्धनों से छुड़ाकर जिलाया: क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता।

प्रेरितों के काम 2:25 क्योंकि दाऊद उसके विषय में कहता है, कि मैं प्रभु को सर्वदा अपने सामने देखता रहा क्योंकि वह मेरी दाहिनी ओर है, ताकि मैं डिग न जाऊं।

प्रेरितों के काम 2:26 इसी कारण मेरा मन आनन्दित हुआ, और मेरी जीभ मगन हुई; वरन मेरा शरीर भी आशा में बसा रहेगा।

प्रेरितों के काम 2:27 क्योंकि तू मेरे प्राणों को अधोलोक में न छोड़ेगा; और न अपने पवित्र जन को सड़ने ही देगा!

प्रेरितों के काम 2:28 तू ने मुझे जीवन का मार्ग बताया है; तू मुझे अपने दर्शन के द्वारा आनन्द से भर देगा।

प्रेरितों के काम 2:29 हे भाइयों, मैं उस कुलपति दाऊद के विषय में तुम से साहस के साथ कह सकता हूं कि वह तो मर गया और गाड़ा भी गया और उस की कब्र आज तक हमारे यहां वर्तमान है।

प्रेरितों के काम 2:30 सो भविष्यद्वक्ता हो कर और यह जानकर कि परमेश्वर ने मुझ से शपथ खाई है, कि मैं तेरे वंश में से एक व्यक्ति को तेरे सिंहासन पर बैठाऊंगा।

प्रेरितों के काम 2:31 उसने होनहार को पहिले ही से देखकर मसीह के जी उठने के विषय में भविष्यवाणी की, कि न तो उसका प्राण अधोलोक में छोड़ा गया, और न उस की देह सड़ने पाई।

प्रेरितों के काम 2:32 इसी यीशु को परमेश्वर ने जिलाया, जिस के हम सब गवाह हैं।

प्रेरितों के काम 2:33 इस प्रकार परमेश्वर के दाहिने हाथ से सर्वोच्च पद पाकर, और पिता से वह पवित्र आत्मा प्राप्त कर के जिस की प्रतिज्ञा की गई थी, उसने यह उडेल दिया है जो तुम देखते और सुनते हो।

प्रेरितों के काम 2:34 क्योंकि दाऊद तो स्वर्ग पर नहीं चढ़ा; परन्तु वह आप कहता है, कि प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा;

प्रेरितों के काम 2:35 मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पांवों तले की चौकी न कर दूं।

प्रेरितों के काम 2:36 सो अब इस्राएल का सारा घराना निश्चय जान ले कि परमेश्वर ने उसी यीशु को जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया और मसीह भी।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4

शुक्रवार, 26 जून 2020

स्वतंत्र


     बचपन में जब मैं गाँव में रहता था, मुझे मुर्गियाँ पकड़ना बहुत रोमांचक लगता था। मैं जब भी कोई मुर्गी को पकड़ लेता, तो उसे कुछ देर तक नीचे धरती पर बैठाकर दबाए रखता, और फिर बहुत धीरे से उस पर से अपने हाथ उठाता। मेरे हाथ उठा लेने पर भी मुर्गी वहीं दबी बैठी रहती, उसे लगता था कि वह अभी भी मेरी पकड़ में है।

     हम जब प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाते हैं, वह अपने अनुग्रह में हमें पाप से और शैतान के पकड़ से छुड़ा लेता है। परन्तु क्योंकि हमारे पापी स्वभाव और आदतों में परिवर्तन आने में समय लगता है, इसलिए शैतान हमें ऐसा अनुभव करवा सकता है मानो हम अभी भी उसी की पकड़ में ही हैं। परन्तु परमेश्वर के आत्मा ने हमें स्वतंत्र कर दिया है; वह हमें दास नहीं बनाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में, रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस कहता है, “सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं। क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया” (रोमियों 8:1-2)।

     हमारे द्वारा बाइबल पढ़ने, प्रार्थना करने, और पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से, परमेश्वर हम में कार्य करता है, हमें स्वच्छ करता है, और हमें अपने लिए उपयोगी बनाता है, जिससे हम उसके लिए जी सकें, उसके कार्य कर सकें। बाइबल हमें प्रोत्साहित करती है कि हम अपने जीवन में मसीह यीशु के साथ चलते हुए अपने आप को बंधा हुआ नहीं वरन स्वतंत्र अनुभव करें; फिर से पाप में और शैतान के चँगुल में न फँसें।

     प्रभु यीशु ने कहा, “सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे” (यूहन्ना 8:36)। मसीह यीशु में लाए गए विश्वास से मिली पापों की क्षमा और स्वतंत्रता हमें उस से और अधिक प्रेम करने तथा उसकी सेवकाई में लगे रहने के लिए प्रोत्साहित करती रहे। - लॉरेंस दरमानी

 

मेरी जंजीरें टूट गईं, मेरा मन स्वतंत्र हो गया; 

मैं उठा, आगे बढ़ा, और आपके पीछे हो लिया। - चार्ल्स वेस्ली


मसीह ने स्‍वतंत्रता के लिये हमें स्‍वतंत्र किया है; सो इसी में स्थिर रहो, और दासत्‍व के जूए में फिर से न जुतो। - गलातियों 5:1

बाइबल पाठ: रोमियों 8:1-2, 15-17

रोमियों 8:1 सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।

रोमियों 8:2 क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया।

रोमियों 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं।

रोमियों 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।

रोमियों 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 5-7
  • प्रेरितों 8:1-25


शनिवार, 16 मई 2020

अनुसरण



     हाई-स्कूल के दिनों में लंबी दौड़ के मेरे प्रशिक्षक ने एक बार मुझे सलाह दी, “सबसे आगे रहने का प्रयास मत करो। जो सबसे आगे दौड़ते रहने का प्रयास करते हैं, वे शीघ्र ही थक कर पीछे छुट जाते हैं।” इसके स्थान पर, उनका सुझाव था कि सब से तेज़ दौड़ने वाले धावकों के निकट रहने का प्रयास करूं। उन धावकों द्वारा बनाई गई गति के अनुसार दौड़ते रहने से मैं अपने मानसिक और शारीरिक शक्ति उस समय के लिए बचाए रखूँगी, जब दौड़ को समाप्त करने के लिए मुझे सब से अधिक आवश्यकता होगी।

     आगे रहना, अगुवाई करना, थका देने वाला हो सकता है; किन्तु पीछे रह कर अनुसरण करना स्वतंत्र करता है। अपने प्रशिक्षक की इस बात का पालन करने से मैंने देखा की मेरे दौड़ने में सुधार आया; परन्तु इसी बात को अपने मसीही जीवन में लागू करने में मुझे बहुत समय लगा। मेरे अपने जीवन में मैं यह सोचा करती थी कि मसीही जीवन जीने का अर्थ है बहुत प्रयास करना। मैंने अपनी ही धारणाएं बना लीं थीं कि मसीही विश्वासी को क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए और उन्हीं को पूरा करने के थका देने वाले प्रयासों में मैं मसीह यीशु में पाए जाने वाले आनंद और स्वतंत्रता (यूहन्ना 8:32, 36) को खो दे रही थी।

     परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें यह नहीं सिखाती है कि हमें अपने जीवनों को स्वयं ही निर्देशित करना होगा; और न ही प्रभु यीशु  ने कोई ‘स्वयं-का-सुधार’ अभियान आरम्भ किया था। वरन उन्होंने यही प्रतिज्ञा दी थी कि उन का अनुसरण करने से हमें वह विश्राम मिलेगा जिसके हम खोजी हैं (मट्टी 11:25-28)। उस समय के अन्य अनेकों धर्म-शिक्षकों की शिक्षाओं के विपरीत कि पवित्र शास्त्र का अध्ययन और उन शिक्षकों के द्वारा प्रचलित किए गए अनेकों नियमों का पालन कठोर अनुशासन और प्रयास से करें, प्रभु यीशु ने एक बहुत सहज और सीधी से बात अपने शिष्यों को सिखाई – उन्हें जान लेने से ही परमेश्वर को जाना जा सकता है (पद 27)। जब हम सच्चे और समर्पित मन से प्रभु यीशु के खोजी होते हैं, तो हम पाते हैं कि वह हमारे बोझ उठा लेता है, और हमें विश्राम देता है, हमारे जीवन बदल देता है (पद 28-30)।

     हमारे विनम्र और दीन अगुवे का अनुसरण करना कभी बोझिल नहीं होता है (पद 29); क्योंकि वही अनंत आशा और पापों से चंगाई का मार्ग है। उस का अनुसरण करने से ही हम उसके प्रेम में विश्राम और शैतान की युक्तिओं से स्वतंत्रता पाते हैं। - मोनिका ब्रैंड्स

मसीह यीशु का अनुसरण करने में ही वास्तविक स्वतंत्रता है।

और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा। सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे। - यूहन्ना 8:32, 36

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
मत्ती 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
मत्ती 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
मत्ती 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
मत्ती 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
मत्ती 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
मत्ती 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजाओं 24-25
  • यूहन्ना 5:1-24



रविवार, 6 अक्टूबर 2019

स्वतंत्र



      अपने काम पर जाते समय मैं एक गीत “Dear Younger Me” सुन रही थी; इस गीत में बड़ी सुंदरता से पूछा गया है कि यदि आप अपने जीवन में वापस लौट सकते तो अपने अभी तक के अनुभवों के आधार पर अपने उस युवा व्यक्तित्व से क्या कहते, उसे क्या सिखाते? उस गीत को सुनते हुए मैं उन बुद्धिमत्ता की बातों और चेतावनियों के बारे में सोचने लगी जो मैं अपने उस युवा व्यक्तित्व को बताती, जो तब उतना बुद्धिमान नहीं था जितना मैं अब हो गई हूँ। कभी-न-कभी, हम सब ने अपने जीवनों में इस बात पर विचार किया है कि यदि हमें फिर से अवसर मिलता तो हम कैसे कुछ बातों को उससे भिन्न करते जैसा हम ने कर दिया है।

      परन्तु वह गीत यह भी सिखाता है कि चाहे अपने अतीत को लेकर हम कुछ बातों के लिए खेदित हो सकते हैं, फिर भी आज जो हम हैं वह अपनी उन अनुभवों के कारण ही हैं। हम पीछे लौट कर अपने  कार्यों, चुनावों और पापों को तो नहीं बदल सकते हैं, और न ही उनके कारण हमारे जीवन में आए परिणामों को बदल सकते हैं; परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो कि प्रभु यीशु मसीह ने जो हमारे लिए किया है उसके कारण हमें अपनी गलतियों और पापों के भारी बोझ को उठाए हुए चलते जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, “हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया” (1 पतरस 1:3)।

      यदि हम अपने पापों के लिए सच्चे पश्चाताप के साथ प्रभु यीशु की ओर, उसमें पूर्ण विश्वास तथा समर्पण के साथ मुड़ते हैं, तो वह हमारे पापों को क्षमा कर देता है। प्रभु से क्षमा प्राप्त करते ही हम तुरंत ही एक नई सृष्टि हो जाते हैं, और हमारे आत्मिक परिवर्तन की प्रक्रिया भी आरंभ हो जाती है (2 कुरिन्थियों 5:17)। फिर इसका कोई महत्व नहीं रहता है कि हमने क्या किया था या नहीं किया था; हमारी क्षमा और परिवर्तन प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए किए गए पर आधारित है, न कि हमारे अपने किसी काम पर। फिर हम निःसंकोच जीवन में आगे बढ़ सकते हैं, वर्तमान का पूरा लाभ उठाते हुए तथा, प्रभु के साथ अपने उज्जवल और अनन्त भविष्य के आश्वासन के साथ। मसीह यीशु में हम पापों तथा पापों के दुष्परिणामों से पूर्णतः स्वतंत्र किए गए हैं। - एलीसन कीडा

अपने सभी बोझ प्रभु परमेश्वर को सौंप दें।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया।
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये।
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो।
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे।
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 26-27
  • फिलिप्पियों 2



गुरुवार, 4 जुलाई 2019

स्वतंत्र



      न्यू ज़ीलैंड के एक समाचार कैमरामैन, ओलाफ विग ने अगुवा होकर तेरह दिन तक बन्धक रखे जाने और फिर स्वतंत्र होने पर चहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान के साथ कहा, “मैं आज उतना अधिक जीवित अनुभव कर रहा हूँ जितना अपने सारे जीवन भर कभी नहीं किया।”

      यह समझाने में कठिन होता है, किन्तु स्वतंत्र होते समय जो अत्याधिक हर्ष होता है वह स्वतंत्र होकर जीवित रहने में नहीं होता है।

      हम जो प्रतिदिन स्वतंत्रता का अनुभव करते हैं, हमारे लिए ओलाफ  का आनन्द करना एक अच्छा स्मरण करवाना था कि हम कितने आशीषित हैं। यही बात आत्मिक जीवन के लिए भी ऐसे ही लागू होती है। हम में से जो लंबे समय से मसीही विश्वासी रहे हैं, बहुधा भूल जाते हैं कि पाप का दासत्व कैसा अनुभव होता है। हम इसके प्रति लापरवाह और कृतघ्न भी हो सकते हैं। परन्तु फिर परमेश्वर हमें स्मरण करवाने को एक नए विश्वासी के रूप में किसी को भेजता है, और उसके जीवन की उल्लासपूर्ण गवाही कि परमेश्वर ने कैसे उसके जीवन में कार्य किया है, हमें याद दिलाती है कि जब हम “पाप और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र” (रोमियों 8:2) होते हैं तो कैसे आनन्द के हकदार होते हैं।

      यदि स्वतंत्रता आपके लिए उबाऊ हो गई है, या आप उन बातों पर ध्यान केंद्रित करते रहते हैं जिन्हें आप कर नहीं पा रहे हैं, तो इस बात पर ध्यान कीजिए: न केवल आप अब पाप के दास नहीं हैं, परन्तु आप पवित्र होने तथा प्रभु यीशु के साथ अनन्त जीवन का आनन्द लेने के लिए स्वतंत्र किए गए हैं! (6:22)।

      मसीह में विश्वास के द्वारा पापों से मिली स्वतंत्रता का आनन्द लें, उन बातों के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें जिन्हें आप उसकी सन्तान होकर करने के लिए अब स्वतंत्र हैं। - जूली एकेरमैन लिंक


मसीह के लिए जीवन जीने से वास्तविक स्वतंत्रता मिलती है।

हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो। - गलातियों 5:13

बाइबल पाठ: रोमियों 6:15-23
Romans 6:15 तो क्या हुआ क्या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं? कदापि नहीं।
Romans 6:16 क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों के समान सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धामिर्कता है
Romans 6:17 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के मानने वाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
Romans 6:18 और पाप से छुड़ाए जा कर धर्म के दास हो गए।
Romans 6:19 मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास कर के सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास कर के सौंप दो।
Romans 6:20 जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्वतंत्र थे।
Romans 6:21 सो जिन बातों से अब तुम लज्ज़ित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे?
Romans 6:22 क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्र हो कर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्रता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।
Romans 6:23 क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25



गुरुवार, 11 अप्रैल 2019

क्षमा



      जब मेरी एक सहेली ने मुझे धोखा दिया, तो मैं जानती थी कि मुझे उसे क्षमा करना होगा, परन्तु ऐसा कर पाना मुझे कठिन लग रहा था। उसके शब्द मेरे अन्दर एक गहरी चुभन उत्पन्न कर रहे थे, और मैं पीड़ा तथा क्रोध से क्षुब्ध थी। यद्यपि हमने साथ बैठकर इस बारे में बातचीत की और मैंने उससे कहा कि मैं उसे क्षमा करती हूँ, फिर भी बहुत लंबे समय तक, मैं जब भी उसे देखती थी, मेरे अन्दर टीस होती थी, इसलिए मैं जानती थी कि मेरे अन्दर उसके प्रति कुछ तो कड़ुवाहट है। किन्तु एक दिन परमेश्वर ने मेरी प्रार्थनाओं का उत्तर दिया और मुझे सामर्थ्य दी कि मैं इस भावना को पूर्णतः छोडकर उससे ऊपर उठ सकूँ। तब मैं पूरी रीति से स्वतंत्र हो सकी।

      क्षमा मसीही विश्वास का मर्म है। हमारे उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर ने क्रूस पर अपना बलिदान देते समय उन्हें भी क्षमा किया जो उन्हें क्रूस पर ठोक रहे थे, उनका उपहास कर रहे थे; प्रभु यीशु ने परमेश्वर से उन्हें क्षमा करने की प्रार्थना की। वे कड़ुवाहट और क्रोध को थामे ही नहीं रहे, वरन अपने प्रति अनुचित और गलत करने वालों के लिए अनुग्रह और प्रेम दिखाया।

      यह उपयुक्त समय है प्रभु के समान उन लोगों को क्षमा करने का जिन्होंने हमारे प्रति गलत किया है। हमें प्रभु यीशु का अनुसरण करते हुए उनके प्रति प्रेम का व्यवहार करना है जिनसे हमें दुःख मिला है। जब हम परमेश्वर से उसकी आत्मा के माध्यम से विनती करेंगे कि हमें क्षमा करना सिखाने में सहायक हों, तो वह हमारी सहायता करेगा – चाहे यह सीखने के लिए हमें प्रतीत हो कि हम एक “लंबा समय” ले रहे हैं। और जब हम क्षमा करेंगे, तो हम क्षमा न करने की कैद से स्वतंत्र हो जाएँगे। - एमी बाउचर पाई


क्रूस पर भी प्रभु यीशु ने उन्हें क्षमा किया जो उन्हें दुःख दे रहे थे।

और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। - कुलुस्सियों 3:13

बाइबल पाठ: लूका 23:32-34
Luke 23:32 वे और दो मनुष्यों को भी जो कुकर्मी थे उसके साथ घात करने को ले चले।
Luke 23:33 जब वे उस जगह जिसे खोपड़ी कहते हैं पहुंचे, तो उन्होंने वहां उसे और उन कुकिर्मयों को भी एक को दाहिनी और और दूसरे को बाईं और क्रूसों पर चढ़ाया।
Luke 23:34 तब यीशु ने कहा; हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं और उन्होंने चिट्ठियां डालकर उसके कपड़े बांट लिए।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 17-18; लूका 11:1-28



गुरुवार, 4 अक्टूबर 2018

स्वतंत्र



      मैं और मेरी पत्नि, जोर्जिया प्रांत के सवान्नाह शहर में स्थित सशक्त आठवीं वायुसेना दल के राष्ट्रीय युद्ध संग्रहालय घूमने के लिए गए। वहाँ लगी प्रदर्शनियों में से एक, जर्मनी के युद्ध-बन्दी शिविर के नमूने को देखकर हम बहुत द्रवित हुए। मेरी पत्नि के पिता, जिम, इसी आठवीं वायु सेना में कार्य करते थे, और दूसरे विश्व-युद्ध में इस वायु-सेना ने यूरोप की ऊपर बहुत उड़ानें भरीं थीं। युद्ध में इस वायु-सेना के 47,000 से अधिक कर्मी घायल हुए थे, और 26,000 से अधिक की मृत्यु हो गई थी।

      जिम उनमें से एक थे जिनका विमान मार गिराया गया था और जिम ने जर्मन युद्ध-बन्दी बनकर समय बिताया था। वहाँ लगी युद्ध-बन्दी शिविर की प्रदर्शनी को देखते समय हमें जिम द्वारा युद्ध-बन्दी होने की बताई गई बातें स्मरण हो आईं, और उनका कहना कि युद्ध समाप्ति पर जब उन्हें और अन्य युद्ध-बंदियों को स्वतंत्र किया गया, तब उन्होंने कैसे अवर्णनीय तथा अविस्मरणीय आनन्द का अनुभव किया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के भजन 146 में परमेश्वर द्वारा शोषित एवँ बन्दी बनाए गए लोगों की देखभाल को बताया गया है। भजनकार ने परमेश्वर को “वह पिसे हुओं का न्याय चुकाता है; और भूखों को रोटी देता है। यहोवा बन्धुओं को छुड़ाता है” कहा (पद 7)। निःसंदेह यह सब आनन्द एवं उत्सव मनाने का कारण है। परन्तु सब से महान स्वतंत्रता है प्रभु यीशु द्वारा दिए गए क्षमादान द्वारा पाप के दोष और लज्जा से मिलने वाली स्वतंत्रता। इसीलिए प्रभु यीशु ने कहा, “सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे” (यूहन्ना 8:36)।

      मसीह यीशु के बलिदान के द्वारा सँसार के सभी मनुष्यों के लिए पाप से स्वतंत्र होने का मार्ग उपलब्ध है। अब हम सभी प्रभु यीशु से मिलने वाली क्षमा और प्रेम, और परिणामस्वरूप होने वाले आनन्द का अनुभव कर सकते हैं। - बिल क्राउडर


मसीह यीशु से मिलने वाले क्षमा के सामर्थ्य के आगे पाप की कैद टिक नहीं सकती है।

प्रभु यीशु ने कहा: “कि प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिये कि उसने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिये भेजा है, कि बन्‍धुओं को छुटकारे का और अन्‍धों को दृष्टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूं और कुचले हुओं को छुड़ाऊं।” – लूका 4:18

बाइबल पाठ: भजन 146
Psalms 146:1 याह की स्तुति करो। हे मेरे मन यहोवा की स्तुति कर!
Psalms 146:2 मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।।
Psalms 146:3 तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं।
Psalms 146:4 उसका भी प्राण निकलेगा, वह भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।
Psalms 146:5 क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है।
Psalms 146:6 वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
Psalms 146:7 वह पिसे हुओं का न्याय चुकाता है; और भूखों को रोटी देता है। यहोवा बन्धुओं को छुड़ाता है;
Psalms 146:8 यहोवा अन्धों को आंखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है।
Psalms 146:9 यहोवा परदेशियों की रक्षा करता है; और अनाथों और विधवा को तो सम्भालता है; परन्तु दुष्टों के मार्ग को टेढ़ा मेढ़ा करता है।
Psalms 146:10 हे सिय्योन, यहोवा सदा के लिये, तेरा परमेश्वर पीढ़ी पीढ़ी राज्य करता रहेगा। याह की स्तुति करो!


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 20-22
  • इफिसियों 6